Categories
मनोरंजन

आखिर क्यों गायब कर दिए गए सुशांत राजपूत के डायरी के पन्ने? ED जोड़ रही है सारी तारे

सुशांत सिंह राजपूत केस में नया मोड़, सीबीआई के हाथ लगी सुशांत की पर्सनल डायरी


बॉलीवुड एक्‍टर सुशांत सिंह राजपूत आत्महत्या केस एक मिस्ट्री बनता जा रहा है। इसमें रोज कुछ न कुछ नए खुलासे होते रहते है। अब कई लोग सामने आकर कई अहम बातों का खुलासा भी कर रहे है। साथ ही पुलिस के हाथ भी कई अहम सबूत लग रहे है। जिसके कारण अब सुशांत सिंह राजपूत का केस एक अलग ही मोड़ पर जा रहा है। सुशांत सिंह राजपूत केस में अभी भी जांच पड़ताल चल रही है। वहीं इसी बीच सीबीआई के हाथ सुशांत सिंह राजपूत की पर्सनल डायरी लगी। पहले सुशांत सिंह राजपूत केस की जांच मुंबई पुलिस कर रही थी। इसके बाद जांच बिहार पुलिस को सौंपी दी गई। परन्तु उसके बाद सुशांत सिंह राजपूत के परिवार और उनके फैंस की मांग पर केस को सीबीआई को सौप दिया गया। अभी इस केस की जांच सीबीआई कर रही है।

क्या कुछ खास था सुशांत सिंह राजपूत की पर्सनल डायरी में?

सुशांत सिंह राजपूत केस की जांच के दौरान सीबीआई के हाथ सुशांत सिंह राजपूत की पर्सनल डायरी लगी। इस डायरी में सुशांत सिंह राजपूत अपनी पर्सनल लाईफ और आगे की प्लानिंग लिखा करते थे। लेकिन हैरान करने वाली बात ये है कि जब सुशांत सिंह राजपूत की ये डायरी सीबीआई के हाथ लगी तो इसमें पहले से ही कुछ पेज गायब थे। अभी इन गायब हुए पेजों को ले कर काफी हंगामा मचा हुआ है। अभी हाल ही में सुशांत सिंह राजपूत के दोस्त सिद्धार्थ पीठानी ने भी इस मामले को लेकर कुछ हैरान करने वाली बात बतायी है।

और पढ़ें: सुशांत सिंह राजपूत का सच्चा साथी आज भी देख रहा है उनकी राह, वीडियो देख कर आप हो जायेंगे इमोशनल

क्या कहा सिद्धार्थ पीठानी ने सुशांत सिंह राजपूत की पर्सनल डायरी को ले कर

सिद्धार्थ पीठानी ने सुशांत सिंह राजपूत की पर्सनल डायरी से गायब हुए पेजों को ले कर कहा कि उन्होंने सुशांत की पर्सनल डायरी से फटे हुए कोई पेज नहीं दिखे। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि सुशांत खुद ही कई बार अपनी डायरी से पेज फाड़ दिया करते थे। उन्होंने कहा जब सुशांत को डायरी में लिखी कोई बात अच्छी नहीं लगती थी तो वह खुद उस पेज को फाड़ दिया करते थे। साथ ही उन्होंने ये भी  कहा  कि आपको सुशांत की कई किताबों में पेज भी फटे मिलेंगे। शायद आपको याद हो की, सुशांत सिंह राजपूत के पिता केके सिंह ने भी इस डायरी बात की थी उन्होंने कहा था कि डायरी हाथ लगने के बाद कई राज से पर्दा उठ सकता है।

अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com

Categories
हॉट टॉपिक्स

26/11 Mumbai Attack को हुए 11 साल, आज भी ताज़ी है उस शाम की यादें

26/11 Mumbai Attack : 11 साल पहले दहली थी मुंबई


 

MORE THAN A DECADE TO 26/11

जब भी 26 नवंबर 2008 की बात होती है तो अपने आप लोगो को मुंबई के उस आतंकी हमले की याद आ जाती है जिसने पुरे देश को हिला कर रख दिया था। ये वो तारीख जिसने पुरे देश को दहला कर रख दिया था। इस दिन मुंबई शहर में हर तरफ दहशत और मौत दिखाई दे रही थी। आज  इस हमले को 11 साल हो चुके है, लेकिन इसकी डरावनी यादें आज भी हमारे ज़ेहन से गई नहीं है। 10 आतंकवादी के करीब 60 घंटे तक मुंबई डरा कर रहते हुए 164 निर्दोष लोगो की जान ली थी।

दिल दहलाने वाली शाम:

हमेशा की तरह 26 नवंबर 2008 की शाम  को भी मुंबई अपबने शबाब पर थी, यह शाम ख़त्म ही होने वाली थी की शहर  के एक कोने से गोलियों की आवाज़ आना शुरू होगी। इस हमले की शुरुवात  लियोपोल्ड कैफे और छत्रपति शिवाजी टर्मिनस से हुई थी। पहले तो ऐसा कोई अंदाज़ा नहीं था की  यह हमला इतना बड़ा होने वाला है, लेकिन धीरे-धीरे मुंबई की अलग – अलग जगह से हमले  की खबर आने लगी।  आधी रात तक मुंबई में आतंक का असर नज़र आने लगा।

ताज में चली सबसे लम्बी लड़ाई:

26 नवंबर की रात में ही आतंकियों ने अपना रुख पूरी तरह से ताज होटल की तरफ मोड़ लिया था। यहां आतंकियों ने कई लोगो को बंधक बना कर रखा हुआ था, जिनमें सात विदेशी नागरिक भी शामिल थे  और इसके साथ ही ताज होटल के हेरीटेज विंग में भी आग लगा दी गई थी।  27 नवंबर की सुबह एनएसजी के कमांडो आतंकवादियों का सामना करने पहुंच चुके थे।  सबसे पहले होटल ओबेरॉय में लोगो को मुक्त कराकर ऑपरेशन 28 नवंबर की दोपहर को खत्म हुआ था, और उसी दिन शाम तक नरीमन हाउस के आतंकवादी भी मारे गए थे।  लेकिन होटल ताज के ऑपरेशन को उसके अंजाम तक पहुंचाने में 29 नवंबर की सुबह तक का वक्त लग गया था।

Read morwe: दुनिया के वो 5 विचित्र घर,देख कर हो जायेंगे हैरान

शामिल थे 10 आतंकवादी

मुंबई हमले की पूरी राजनीती देख कर इस हमले के पीछे कितने आतंकवादी  थे  इसका अंदाज़ा लगना काफी मुश्किल था। लेकिन हमले के खत्म होने के बाद और कसाब के हिरासत में आने के बाद ये साफ़ होगया की इस हमले में 10 आतंकवादी शामिल थे ,उन्हें पाकिस्तान मे  ट्रेनिंग दी गई थी। उसके बाद वो आतंकी 26 नवंबर को एक बोट से समंदर के रास्ते भारत में घुसे थे।  पुलिस ने जली हुई बोट को भी बरामद कर लिया था।

शहीद हुए 11 जवान:

मुंबई के आतंकी हमले को नाकाम करने के अभियान में मुंबई पुलिस, एटीएस और एनएसजी के 11 जवान शहीद होंगे थे।  इनमें एटीएस के प्रमुख हेमंत करकरे, एसीपी अशोक कामटे, एसीपी सदानंद दाते, एनएसजी के कमांडो मेजर संदीप उन्नीकृष्णन, एनकाउंटर स्पेशलिस्ट एसआई विजय सालस्कर, इंसपेक्टर सुशांत शिंदे, एसआई प्रकाश मोरे, एसआई दुदगुड़े, एएसआई नानासाहब भोंसले, एएसआई तुकाराम ओंबले, कांस्टेबल विजय खांडेकर, जयवंत पाटिल, योगेश पाटिल, अंबादोस पवार और एम.सी. चौधरी शामिल थे। इसके अलावा इस हमले में 137 लोगों की मौत हो गई थी जबकि लगभग 300 लोग घायल हो गए थे।

Have a news story, an interesting write-up or simply a suggestion? Write to us at info@oneworldnews.in