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एक बार फिर बढ़ा कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा, एक दिन में तीन लाख के करीब पहुंचे आंकड़े

जाने कोरोना वायरस महामारी का लेटेस्ट अपडेट


एक बार फिर देश में बढ़ा कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा। कोरोना वायरस की दूसरी लहर दिन प्रतिदिन और घातक होती जा रही है। हर दिन मौत एक नया रिकॉर्ड बनता जा रहा है। अगर हम वर्ल्डोमीटर को देखे, तो वर्ल्डोमीटर के अनुसार पिछले 24 घटों में हमारे देश में 2020 कोरोना
मरीजों
की मौत हो गई। साल 2020 में कोरोना वायरस महामारी की शुरुआत से लेकर अभी तक एक दिन में कोरोना संक्रमितों की मौत की सर्वाधिक संख्या है। पहली बार हमारे देश में पिछले साल सितम्बर के महीने में एक दिन में दो हजार से अधिक लोगों की मौत हुई थी।


जाने देश में कोरोना वायरस महामारी का अपडेट

कोरोना महामारी की दूसरी लहर के तहत 2,94,115 नए संक्रमित मामले मिले। यह भी अभी तक के हमारे देश के एक दिन में मिलने वाले संक्रमितों की सर्वाधिक संख्या है। इसी के साथ हमारे देश में कोरोना वायरस महामारी की वजह से मरने वाले कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1,82,570 हो गई है। वही अगर हम कुल संक्रमितों की बात करें तो हमारे देश में अभी तक कुल संक्रमितों की संख्या 1,56,09,004 हो गयी है। इसके अलावा उपचाराधीन मरीजों की संख्या 21,50,119 पर तक पहुंच गई है। यह कुल कोरोना वायरस महामारी के संक्रमितों की
संख्या का 13.8 फीसदी है।

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जाने कोरोना वायरस महामारी का रिकवरी रेट

कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमित होने वाले लोगों का
रिकवरी रेट लगातार गिरता जा रहा है। यह रिकवरी रेट अभी 85 प्रतिशत हो गया है।  महामारी के आंकड़ों के अनुसार कोरोना संक्रमित से
स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 1,32,69,863 हो गई है। वही अगर हम मृत्यु दर की बात करें तो अभी देश में
कोरोना वायरस महामारी से राष्ट्रीय स्तर पर मृत्यु दर
गिरकर 1.20 प्रतिशत हो गया है। लेकिन अभी महाराष्ट्र में यह दर 1.5 फीसदी हो गयी है। वही अगर हम पश्चिम बंगाल के बात करें तो पश्चिम
बंगाल में यह 1.6 फीसदी हो गयी है।

6 राज्यों में 60 फीसदी कोरोना संक्रमित

अगर हम कोरोना वायरस महामारी की बात करें तो
कोरोना संक्रमण के 60 फीसदी मामले तो सिर्फ देश के छह राज्यों में ही है। इनमें महाराष्ट्र में सर्वाधिक 62,097 नए संक्रमित मामले मिले। इसके बाद दूसरे नंबर पर उत्तर प्रदेश में 29574 नए
संक्रमित मामले मिले। तीसरे नंबर पर दिल्ली में 28395 नए संक्रमित मामले मिले। चौथे नंबर पर कर्नाटक में 21794 नए संक्रमित मामले मिले। पांचवे नंबर पर केरल में 19577 नए संक्रमित मामले
मिले। और छटे नंबर पर छत्तीसगढ़ में 15625 नए कोरोना
मरीज मिले।

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Best Bollywood classic movies: जाने बेस्ट बॉलीवुड क्लासिक फिल्मों के बारे में, जो आपको हमेशा करेंगी इंटरटेन

जाने बॉलीवुड की बेस्ट क्लासिक फिल्मों के बारे में


Best Bollywood classic movies: शायद आपको भी पता होगा कि बॉलीवुड का नाम बॉम्बे और हॉलीवुड को मिला कर बना है। बॉम्बे जिसे आज हम मुंबई के नाम से जानते है एक समय था जब  लोग इसे बॉम्बे के नाम से जानते थे। हमेशा से ही लोग मुंबई को फिल्म और सेलेब्स के हब के रूप में जानते आ रहे हैं। बॉलीवुड के ज्यादातर सितारें मुंबई में ही रहते हैं।अमिताभ बच्चन से लेकर शाहरुख और सलमान खान तक सभी इसी शहर में रहते है। जैसा की हम लोग जानते है इस समय बॉलीवुड में फिल्मों के रीमेक बनाने और गाने रीमिक्स करने का दौर चल रहा है। लेकिन इस बात में कोई दोराय नहीं की बॉलीवुड ने  हमेशा से ही इंटरटेन करने की जिम्मेदारी बखूबी निभाई है। तो चलिए आज हम आपको बॉलीवुड की उन फिल्मों के बारे में बताएंगे जो आपको हमेशा इंटरटेन करेंगी।

 

3 इडियट्स: 3 इडियट्स यह बॉलीवुड फिल्म इंडियन के एजुकेशन सिस्टम पर बनी है। इस फिल्म में तीन दोस्तों की किशोरावस्था से उनके एडल्टहुड तक की कहानी दिखाई है। यह एक फन-टू-वॉच फिल्म है जिसे लोगों ने खूब पसंद किया था।

रॉकस्टार: बॉलीवुड इंडस्ट्री में रोमांटिक और ड्रामा फिल्में अधिकतर बनाई जाती हैं। यह इम्तियाज अली की इस हार्टब्रेक टेल ने भी सभी के दिलों में जगह बनाई। साथ ही साथ यह रणबीर कपूर की अब तक की सबसे अमेजिंग परफॉर्मेंस भी थी। इतना ही नहीं इस फिल्म का म्यूजिक भी शानदार था।

बर्फी: अगर हम कला की बात करें तो इसमें सुधार के लिए हमेशा जगह होती है। लेकिन अगर बात बर्फी की करें तो यह परफेक्शन के बिल्कुल करीब है। ऑरिजिनल कहानी, शानदार परफॉर्मेंस, एक मनोहर साउंडट्रैक, और निश्चित रूप से, आकर्षक सिनेमैटोग्राफी जिसने कोलकाता को बेहद अच्छे से दिखाया है। यह बॉलीवुड की एक ऐसी फिल्म है जो एक पल में तो आपको रुलाएगी दूसरे ही पल में हंसा देगी।

 

और पढ़ें: जाने बॉलीवुड के 5 बेस्ट भाई-बहन जोड़ी के बारे में, जो पर्दे पर कभी नहीं दिखे साथ

उड़ान: अगर हम बात करें उड़ान की तो यह फिल्म कलात्मक रूप से एक टीएनजर के डर और चाइल्ड अब्यूस को दिखाती है। यह एक शानदार साउंडट्रैक, शानदार सिनेमैटोग्राफी और दिल को छू लेने वाले डायलॉग के साथ एक बहुत ही बेहतरीन फिल्म है।

बधाई हो: ‘बधाई हो’ यह फिल्म एक मीडियम-एज्ड कपल की कहानी बताती है। जो अपनी उम्मीद से परे एक बच्चे के माता-पिता बनने जा रहे होते हैं। यह एक ऐसी फिल्म है जो सेक्सुएलिटी के मुद्दे को ह्यूमर के साथ दिखाती है।

जिंदगी ना मिलेगी दोबारा: आज के समय में अगर कोई ऐसी फिल्म है जो मिलेनियल्स के लिए दोस्ती और वंडरलस्ट को अच्छे से डिफाइन करती है तो वो है ‘जिंदगी ना मिलेगी दोबारा।’ यह एक बेहतरीन फिल्म है। जिसमें यह बताने की कोशिश की गई है कि मानव के बाकी अंगों की तरह दिमाग भी बीमार पड़ सकता है। इसे भी रेस्ट की जरूरत होती है।

 

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आज आजाद मैदान में जुटेंगे हजारों किसान, जाने आंदोलन से जुडी महत्वपूर्ण बाते

जाने किसान आंदोलन के लेटेस्ट उपदटेस


26 नंबर से शुरू हुए किसान आंदोलन को कल पूरे दो महीने हो जायेगे. दिल्ली में चल रहे किसानों और केंद्र सरकार के बीच का आंदोलन रुकने का नाम नहीं ले रहा है. अभी दिल्ली में हो रहे किसान आंदोलन को समर्थन देने के लिए और केंद्र सरकार को विरोध जताने के लिए आज महाराष्ट्र के किसान भी मुंबई के आजाद मैदान में इकट्ठा होने वाले हैं.  महाराष्ट्र राज्य के कोने-कोने से किसानों का जत्था मुंबई के आजाद मैदान में इकट्ठा होगा.  कल शाम यानि कि रविवार की शाम को ही हज़ारों की तदाद में किसान मुंबई के आजाद मैदान में पहुंच चुके हैं और अभी भी किसानों के आने का सिलसिला जारी है. इतना ही नहीं कड़कड़ाती ठंड में तंबू के नीचे बैठे किसानों का हौसला बढ़ाने के लिए किसान महिलाओं और पुरुषों ने पारंपरिक नृत्य भी किया.  तो चलिए आज हम आपको किसान आंदोलन से जुडी कुछ ऐसी ही महत्वपूर्ण बातें बतायेगे.

 

जाने किसान आंदोलन से जुडी कुछ महत्वपूर्ण बाते

1. अब तक दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन की लहर दिल्ली से मुंबई पहुंची चुकी है. नए कृषि कानूनों के खिलाफ मुंबई के आजाद मैदान में सैकड़ों की संख्या में किसान जमा हो गए हैं.

 

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2. नए कृषि कानूनों के खिलाफ महाराष्ट्र राज्य के कोने-कोने से किसानों का जत्था मुंबई के आजाद मैदान में इकट्ठा हुआ और आंदोलनकारी किसानों का कहना है कि जब तक कानून वापस नहीं होंगे किसानों का आंदोलन नहीं रूकेगा.  इतना ही नहीं आंदोलनकारी किसानों का कहना है कि आज की रैली करने के बाद राज्यपाल को ज्ञापन देने जाएंगे.

 

3. किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब के नेता सुखविंदर सिंह ने सभरा में कहा कि शर्तों के साथ रैली निकालने की बात को हम नामंजूर करते है और फिर उन्होंने बताया कि सुबह 10 बजे वो पुलिस के साथ बैठक करेंगे. जिसके बाद तय किया जाएगा कि कौन से रूट पर रैली निकालनी है और कितने बजे रैली निकलनी है.  सुखविंदर सिंह ने कहा कि 12 बजे रैली निकालने का कोई तुक नहीं बनता.

 

4. आज सुबह 11 बजे नए कृषि कानूनों के खिलाफ मुंबई के आजाद मैदान में किसानों की रैली हुई. इस रैली को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार और महा विकास अघाडी के कुछ प्रमुख नेताओं ने संबोधित किया. शरद पवार के अलावा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री बालासाहेब थोराट, पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे भी रैली को संबोधित किया.

 

5. आंदोलनकारी किसानों को दिल्ली पुलिस ने गणतंत्र दिवस समारोह के बाद ट्रैक्टर परेड की सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में एक परिपत्र जारी किया है.  इसमें उन्होंने कहा पुलिस कर्मियों के लिए दोपहर के भोजन की व्यवस्था की जानी चाहिए और उनके जोनल अधिकारियों के तहत ड्यूटी के उनके बिंदुओं पर तैयार रहना चाहिए.

 

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Ganesh Utsav 2020: जाने क्यों मनाया जाता है गणेशोत्सव और कैसे हुई शुरुआत

इस साल 22 अगस्त को मनाया जाएगा गणेशोत्सव


हमारे देश में गणेशोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है. लेकिन खासतौर पर इसकी धूम  महाराष्ट्र और तेलगांना में रहती है. गणेशोत्सव पर महाराष्ट्र का नजारा देखने लायक होता है. इस साल गणेशोत्सव 22 अगस्त, यानि की शनिवार को मनाया जाएगा. इसी के साथ 10 दिवसीय गणेशोत्सव की शुरुआत हो जाएगी. इसके बाद 1 सितंबर को चतुर्दशी पर गणपति बप्पा की मूर्ति का विसर्जन किया जाएगा.  हर साल महाराष्ट्र में गणेशोत्सव का त्योहार पूरे धूमधाम के साथ मनाया जाता है, लेकिन इस साल महाराष्ट्र में कोरोना महामारी के कारण सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं होगें. जिसके कारण आपको महाराष्ट्र की सड़कों पर श्रद्धालुओं की भीड़ भी कम नजर आएगी.

कब मनाया जाता है गणेशोत्सव

गणेशोत्सव को 10 दिवसीय उत्सव भी कहा जाता है. यह भादो महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से शुरू होकर 10 दिन तक चलता है. गणेशोत्सव के दिन गणपति बप्पा घर-घर विराजते है. और उसके बाद अनंत चतुर्दशी को बप्पा की मूर्ति को विसर्जित किया जाता है. लेकिन आज लोगों की जिंदगी इतनी भागदौड़ भरी हो गयी है कि लोग अपनी क्षमता के अनुसार बप्पा को 2 या 3 दिनों की पूजा के बाद भी विदा करते है.

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Image Source – Pixabay

जाने कैसे शुरू हुई गणेशोत्सव की परंपरा

अगर हम पौराणिक कथाओं की माने तो गणेशोत्सव को उत्सव के रूप में मनाना छत्रपति शिवाजी महाराज के कार्यकाल में शुरू हुआ था. छत्रपति शिवाजी महाराज ने लोगों के दिलों में देशभक्ति और संस्कृति को जीवित रखने के लिए गणेशोत्सव के त्यौहार की शुरुआत की थी. साथ ही आपको ये भी बता दें कि स्वतंत्रता आंदोलन के समय  बाल गंगाधर तिलक ने लोगों को एकजुट करने के लिए गणेशोत्सव को बड़े स्तर पर मनाना शुरू किया था.

गणेशोत्सव की पूजा के लिए जरूरी सामग्री

गणेशोत्सव के दिन गणपति बप्पा की मूर्ति को घर पर पूरे विधि विधान के साथ स्थापित किया जाता है. इस विधि विधान को पूरा करने के लिए हमें इन चीजों की जरूरत पड़ती है. जैसे शुद्ध जल, दूध, दही, शहद, घी, चीनी, सुगंई, कपूर चन्दन, रोली सिन्दूर, अक्षत, पंचामृत, वस्त्र, जनेऊ, मधुपर्क, आभूषण, सुगन्धित तेल, धूपबत्ती, दीपक, प्रसाद, फल, गंगाजल, पान, सुपारी, रू, फूल माला, बेलपत्र दूब, शमीपत्र, गुलाल आदि.

गणेशोत्सव की पूजा विधि

गणेशोत्सव की पूजा शुरू करने से पहले आपको गणपति बप्पा की नई मूर्ति घर पर लानी होती है. उसके बाद उनको शुद्ध जल और दूध से नहलाकर अपने मंदिर में स्थापित करनी पड़ती है. साथ ही आपको एक कोरे कलश को जल भरकर उसमें सुपारी डाल कर उसे कोरे कपड़े से बांध कर गणपति बप्पा की मूर्ति के साथ मंदिर में स्थापित करना चाहिए. उसके बाद जितने दिन भी आप गणपति बप्पा को रख सके उतने दिन सुबह शाम उनकी पूजा करें और उसके बाद गणपति बप्पा को विदा कर दे.

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दो लड़कियों ने इंजीनियर का सपना छोड़ शुरू किया अपना स्टार्टअप, अब गरीब महिलाओं को देंगे सस्ते पैड

सुहानी मोहन और कार्तिक मेहता ने नौकरी छोड़ शुरू किया अपना स्टार्ट-अप

सुहानी मोहन मुंबई की मूल निवासी है। आईआईटी से इंजीनियर करने के बाद सुहानी मोहन ने एक अच्छी कंपनी में नौकरी करनी शुरू कर दी थी। अचानक सुहानी ने नौकरी छोड़ने का फैसला लिया और अपना नया स्टार्ट-अप शुरू किया। मुंबई में रहने वाली सुहानी ने कोरोना महामारी के बिच स्वच्छता के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए अपनी कंपनी शुरू कर दी। उन्होंने ग्रामीण लड़कियों और महिलाओं को सस्ते पैड्स बाटने शुरू कर दिए। सुहानी मोहन के इस काम में उनका साथ कार्तिक मेहता दे रही है। कार्तिक मेहता सीधे महिलाओं और लड़कियों से संपर्क कर जागरुकता फैलाने का काम कर रही है। तो चलिए हम आपको बताते है कैसे शुरू किया सुहानी मोहन और कार्तिक मेहता ने अपना स्टार्ट-अप।

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कैसे हुई सुहानी मोहन के स्टार्ट-अप की शुरुआत

सुहानी मोहन ने मुंबई के आईआईटी से इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने डचेज बैंक में वांलटियर के तौर पर काम करना शुरू कर दिया था। वहा पर काम करते हुए सुहानी को पता चला कि भारत में पीरियड्स के दौरान स्वच्छता की क्या स्थिति है। काम करते हुए सुहानी को पता चला की भारत में 70 फीसदी महिलाओँ को प्रजनन से जुड़ी संक्रमण की बीमारियां है। जिसका कारण ज्यादातर पीरियड्स के समय साफ सफाई न रखना है। यही से सुहानी के मन में अपना स्टार्ट-अप शुरू करने का विचार आया। उन्होंने सोचा क्यों न गरीब और ग्रामीण महिलाओं को सस्ते पैड बाटे जाये। सुहानी ने सरल स्टार्ट-अप शुरू किया।

कितने का पड़ता है एक पैड

सुहानी मोहन का कहना है कि सरल स्टार्ट-अप के तहत उनको एक पैड करीब सात रुपये का पड़ता है। जिसे वो गरीब और ग्रामीण महिलाओं को बेचती है। सुहानी कहती है कि उन्होंने इस पर काफी रिसर्च की। रिसर्च के बाद ही उन्होने डिस्ट्रिब्यूशन की लागत को कम किया है। क्योंकि वो सस्ते के चक्कर में कभी भी क्वालिटी से समझौता नहीं करना चाहती। पैड बेचने के साथ ही सुहानी महिलाओं में जागरुकता भी फैलाती है।

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