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नमक के उपयोग: नहाने वाले पानी में नमक मिलाने के कुछ अमेजिंग फायदे

नहाने के पानी में एक चम्मच नमक डालिए फिर देखे चमत्कार


नमक का उपयोग वैसे तो हम खाना बनाना और खाने को स्वादिष्ट बनाने के लिए करते है लेकिन नमक, खाने के  स्वाद बढ़ने के साथ-साथ हमारी सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है। अगर नहाने के पानी में एक चम्मच नमक मिला दें तो इसके और भी काफी फायदे हो सकते है। नमक में उपस्थित तत्व हमारे शरीर के कई तरह के इंफेक्शन को बढ़ने से रोकते हैं। नमक में उपस्थित कैल्शियम, मैग्नीशियम, सोडियम जैसे मिनरल्स हमारे शरीर को कई तरह की बीमारियों से भी बचाते हैं।

नमक का उपयोग

आइए आपको बताते है कि नहाने के पानी में नमक मिलाने से होने वाले कुछ फायदों के बारे में: –

  • शरीर पर मौजूद किसी भी तरह का फंगल इंफेक्शन होने पर नमक वाले पानी से रोजाना नहाने से वह जल्दी ही ठीक हो जाता है।
  • सर्दियां आते ही कुछ लोगों के शरीर पर खुजली की समस्या पैदा हो जाती है जिसकी वजह से शरीर के कई हिस्सों पर लाल-लाल निशान से हो जाते हैं। ऐसे में अगर आप गर्म पानी में नमक डालकर नहाते हो, तो वह भी जल्दी ही ठीक हो जाती है।
  • प्रतिदिन नमक डालकर नहाने से आपकी हड्डियों में होने वाले दर्द से आपको आराम मिलता है, क्योंकि इसके उपयोग से शरीर में कैल्शियम की कमी दूर होती है।
  • नमक का उपयोग कर उस पानी से नहाने से हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है और शरीर काफी बीमारियों से बचाता है।
नमक का उपयोग
  • जहरीला जानवर काटने पर भी इससे फायदा होता है, क्योंकि अगर आप नमक उपयोग कर उस पानी से नहाते हो तो उस जहरीले जानवर का जहर यह पानी खत्म कर देता है।
  • नमक वाले पानी से नहाने पर शरीर के जोड़ों में होने वाले दर्द से भी राहत मिलती है, क्योंकि यह शरीर की मांसपेशियों के खिंचाव और दर्द को दूर कर देता है।

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ब्रेकअप के बाद करना चाहते है पैचअप तो इन बातों पर करे गौर

ब्रेकअप के बाद दोबारा रिश्ता जोड़ना चाहते है तो इन बातो का रखे ध्यान


आज के समय में लड़के-लड़कियों के लिए एक रिलेशनशिप में रहना बहुत ही आम बात हो गई है और उसमे भी आम बात यह हो गई है कि वो एक रिलेशनशिप में ब्रेकअप के बाद जल्द ही दूसरे रिलेशन को शुरू कर देते है। हालांकि, कुछ लोग ऐसे भी होते है जिन्हें ब्रेकअप का बहुत ज्यादा दुख होता है और वह चाहते है कि वह अपने एक्स मतलब जिनके साथ उनका रिश्ता टूटा है वो उनकी जिंदगी में वापस आ जाए।

अगर आप भी ऐसे ही किसी इमोशनल दौर से गुजर रहे हैं और अपने एक्स के पास लौटने की सोच रहे है तो जरा इन बातों पर जरुर गौर करे…..

रिश्ता टूटने की वजह

क्या थी रिश्ता टूटने की वजह

हो सकता है कि आप दोनों ने एक साथ बहुत अच्छा समय बिताया हो, पर रिश्ता टूटने की वजह कभी भूले नही। जिनकी वजह से आप उस रिश्ते से बाहर निकले थे। हो सकता है इस बार आपको उससे बड़ा झटका लगे या दर्द मिले।

जब आप डिप्रेशन में थे

ब्रेकअप के बाद एक ऐसा समय भी आता है जब आप पूरी तरह टूट जाते है, तो पैचअप करने से पहले इस बात का ध्यान रखे की जो दर्द या डिप्रेशन आपको इस रिलेशन में मिला है वो दोबारा हुआ तो आप क्या करेंगे।

पहले जैसा विशवास नहीं कर पाएंगे

जिस रिश्ते से आपका एक बार विशवास टूट चुका है, उसी टूटे हुए विश्वास के साथ दोबारा उस रिश्ते में जाने का कोई मतलब नहीं बनता. विश्वास और भरोसे के दम पर ही रिश्ता मजबूत बनता है। अगर आप दोनों के बिच भरोसा नहीं है तो किसी रिश्ते को घसीटने से कोई फायदा नहीं है। उसमें दर्द ही मिलेगा।

मुश्किल समय में कौन था साथ

आप ये समझें कि आपके लिए दुनिया में और भी बेहतर लोग हैं और आप एक अच्छी जिंदगी और अच्छा जीवनसाथी डिजर्व करते है। इसलिए किसी ऐसे का साथ चुनें जो आपसे प्यार करता हो और आपको किसी भी हाल में छोड़ेगा नहीं।

बेहतर होगा जीवनसाथी

एक्स के पास वापस जाने से पहले खुद से ये सवाल करें कि क्या आपका एक्स पार्टनर भी आप जितना ही रिश्ते को लेकर सीरियस है? अगर आपका जवाब नहीं है, तो फिर उस रिश्ते के बारे में दोबारा न सोचें। आपके लिए कोई न कोई बेहतर बना होगा, जो हर मामले में आपको एक्स से अच्छा होगा। इसलिए जल्दबाजी न दिखाएं और पुराने रिश्ते में लौटने से पहले दस बार सोच समझ लें।

सामने वाले से बाते करे

रिलेशनशिप को कामयाब बनाने के कुछ टिप्स

नकारात्मक चीजें टाले

आपको चाइये की आप अपनी सकारात्मक चीजों को पहचाने और नकारात्मक चीजों को कम करने की कोशिश करे जैसे-जैसे आपकी नकारात्मक सोच कम होती जाएगी वैसे-वैसे आपका आपके पति या अपनी पत्नी के साथ अच्छा रिलेशन बनता जायेगा और आप एक बेस्ट वाइफ या हस्बैंड बन सकते है।

सामने वाले से बाते करे

रिलेशनशिप में सामने वाले से बाते करने का भी अलग ही महत्व रहता है और बाते करना भी चाहिए बाते करने से सामने वाले की पसंद ना पसंद पता चलता है क्योकि जब आप सामने वाले की पसंद के बारे में नहीं जानते है तो आपका रिश्ता आगे नहीं बढ़ पता है जिसके कारण रिलेशनशिप में प्यार कम हो जाता है और मनमुटाव बढ़ने लगता है।

सामने वाले को जज ना करे

किसी को भी अच्छा नहीं लगता की उन्हें कोई जज करे इसलिए यदि आपको सामने वाले को जज करने की आदत हो तो ऐसा करना छोड़ दे इससे आपके रिश्ते में नेगेटिव फीलिंग्स भी आ सकती हैं।

ज्यादा उम्मीद ना करे

रिलेशनशिप में रहने के बाद कुछ लोग अपने पार्टनर्स के लिए बहुत कुछ करते है जैसे उन्हें समय देना, उनके लिए कुछ भी कर गुजरना। ऐसे लोग सामने वालो से भी यही उम्मीद करते है की सामने वाला भी उन्हें उतना ही महत्व दे, उतनी ही केयर करे, लेकिन ऐसा नहीं होता। दो अलग-अलग व्यक्तियों की प्यार करने की आदते अलग अलग होती है। कुछ लोग प्यार को सबसे ऊपर मानते है वही कुछ लोग प्यार को जिंदगी के अन्य हिस्सों की तरह ही मानते है।

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क्या आप को बार-बार मोबाइल चेक करने की लत लग गई है तो हो जाए सावधान!

क्या आप को मोबाइल चेक करने की लत लग गई है?


आज के समय में हर इंसान के जीवन में फोन मुख्य भूमिका निभाता है। लोग फोन लिए बिना घर से बाहर तक नहीं निकलते है। हम अक्सर देखते हैं कि कई लोगो को बेवजह अपने फोन को बार-बार चेक करने की आदत होती है।

ऐसे लोग अगर कुछ समय तक अपना फोन ना चेक करे तो उन्हे बेचैनी सी होने लगती है। पर क्या आपने कभी सोचा कि ऐसा क्यों है, अगर आप एक्सपर्टस के नजरिए से देखे तो ऐसे लोग डिप्रेशन के शिकार हो सकते है। तो क्या आप को बार-बार मोबाइल चेक करने की लत लग गई है?

मोबाइल चेक करने की लत

रिसर्च में सामने आया की 96% लोग करते है मोबाइल चेक। उठने के बाद पांच मिनट के अंदर अपना मोबाइल यूज करने वालों की संख्या 61% और सुबह उठने के बाद 30 मिनट के भीतर मोबाइल चेक करने वालो की संख्या 88% तो वहीं एक घंटे के भीतर संख्या बढ़कर 96% तक हो जाती है।

अगर देखा जाये तो मोबाइल हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गया है। सुबह और शाम के साथ-साथ आदमी दिन में भी ज्यादा से ज्यादा वक्त अपने मोबाइल फोन की तरफ देखकर ही बिता रहा है।

अगर कोई इंसान बार-बार अपना फोन चेक करता है तो उसे तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। क्योंकि यही आदत आगे चलकर बीमारी का रूप ले सकती है।

डिप्रेशन के अलावा बार-बार फोन चेक करने के और भी नुकसान

• मोबाइल का ज्यादा उपयोग करने से आंखो व दिमाग पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इससे आंखो में कमजोरी होती है और दिमाग पर असर होने की वजह से निर्णय लेने की श्रमता पर भी प्रभाव पड़ता है।

• सुबह उठते साथ ही और रात को देर तक मोबाइल का उपयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि इस समय आपको आराम की जरूरत होती है।

• आपको बता दे कि बार-बार फोन को देखने से आप तनावग्रस्त हो सकते है।

• जरूरी काम करने के बाद ही अपने मोबाइल को चेक करना चाहिए नहीं तो आपके जरूरी काम रह जाते है।

• देर रात तक मोबाइल का उपयोग करने से नींद पूरी नहीं हो पाती है इसलिए तनाव बढ़ता है।

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हमें जमीन पर बैठकर खाना क्यों खाना चाहिए…..

जमीन पर बैठकर खाने के फायदे


कहा जाता हैं कि वक्‍त के साथ-साथ खुद को बदलने में ही समझदारी है, लेकिन जमाने के साथ कई चीजें यूं ही नहीं चली आ रही हैं। उनके पीछे कुछ वजहें छिपी हैं, जैसे कि जमीन पर बैठकर खाने की भारतीय परंपरा को ही ले लीजिए। जमीन पर बैठकर खाने के पीछे कई फायदे भी छिपे थे जो शायद आपको नहीं पता….

आपने सुखासन योग के बारे में तो सुना ही होगा, जिसमें पालथी मारकर बैठते हैं। नीचे बैठकर खाते समय भी हम पालथी मारकर बैठते हैं जिससे हमारा शरीर लचीला बनता है और मन शांत रहता है। इसके अलावा जमीन पर बैठने से तनाव भी खत्‍म होता है।

जमीन पर बैठकर खाना

∙         जमीन पर बैठकर खाते समय हमारा शरीर आगे की तरफ झुकता है और फिर सीधी मुद्रा में आता है। ऐसे में हमारे शरीर में पाचन क्रिया भी सही रहती है और आप अपच की परेशानी से बच जाते हैं। इसलिए अगर मोटापे की समस्‍या से परेशान हैं तो फिर से जमीन पर बैठकर खाना शुरू कर दीजिए।

∙         मौजूदा जीवनशैली को देखते हुए लोगों में मोटापे की समस्‍या आम हो गई है, मगर आप यह जानकर जरूर हैरान रह जाएंगे कि जमीन पर बैठकर खाने से हमारा वजन भी नियंत्रित रहता है। पालथी मारकर बैठने से आपका दिमाग शांत रहता है और पूरा ध्‍यान खाने पर होता है। ऐसे में आप जरूरत से ज्‍यादा खाने से भी बचते हैं।

∙         जमीन पर बैठकर खाने से हमारे शरीर में खून का बहाव भी सही होता है और इस तरह दिल बड़ी आसानी से पाचन में मदद करने वाले सभी अंगों तक खून पहुंचाता है, लेकिन जब आप कुर्सी पर बैठ कर खाना खाते हैं तो यहां ब्लड सर्कुलेशन विपरीत होता है। इसमें सर्कुलेशन पैरों तक होता है, जो कि खाना खाते समय जरूरी नहीं होता है।

∙         एक और फायदा जो जमीन पर बैठकर खाने से होता है, वो हमारे शरीर से नहीं बल्कि हमारे पारिवारिक प्रेम से जुड़ा हुआ है। जमीन पर अपने परिवार के साथ बैठकर खाने से आपसी प्रेम व सामंजस्‍य बढ़ता है। यह एक पारिवारिक गतिविधि का हिस्‍सा होता है जब सभी लोग एक साथ बैठकर हंसी- खुशी खाना खाते हैं।

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जानिए क्या होते है एक सुस्त व्यक्ति के लक्षण

सुस्त व्यक्ति के लक्षण


सुस्त लोगो की ज़िन्दगी बहुत ही अजीब किस्म की होती है। उनका काम बिखरा हुआ रहता है और उनकी ज़िन्दगी जितनी सुलझी हुई लगती है उयनी असल में होती है। कहते है कि आलस्य सबसे बुरी बला है। अब ये बला कितने लोगो की आदत बन चुकी है इसका अनुमान लगाना भी मुश्किल है। यही नही लोगो की बदलती जीवनशैली शैली के कारण आजकल लोगो में आलस ज़्यादा ही बढ़ गया है। लोग पहले के ज़्यादा सुस्त होने लग गए है। एक सुस्त व्यक्ति की निशानी यही होती है कि वो हर काम को टालता रहता है।

एक सुस्त व्यक्ति को पहचान ने के लिए आप उसको कुछ दो-चार काम बताए, तब आपको पता चलेगा कि वो व्यक्ति सुस्त है या फिर चुस्त है। सुस्त व्यक्ति के लक्षण होते है। अगर आप किसी में या फिर खुद में भी ये लक्षण देखें तो समझ जायेगा की आप भी सुस्त लोगो की श्रेणी में आते है।

सुस्त व्यक्ति
  1. आप आमतौर पर सुस्त लोग काम करने से बचते है। कोई भी सुस्त व्यक्ति या तो काम को टाल देगा या फिर उस कसम को जल्दी से करने के लिए कोई शॉर्ट कट ढूंढ लेगा। और अगर इनका बस चले तो ये हर काम किसी और व्यक्ति को सौंप दें।
  2. जबभी कोई प्लान कैंसिल होता है तो आपको सबसे ज़्यादा ख़ुशी होती है। आप जब खुद भी बहाना बनाते है तब आप कुछ ज़रूरी काम का बहाना बनाते है और असल में आप पूरा समय घर में ही रहते है।
  3. यहाँ पढ़ें : 6 तरीके जो बना देंगे वृद्धावस्था को खुशहाल

  4. आपको हर काम के बीच में और उसके बाद ब्रेक लेना होता। आपको काम से कोई फर्क ही नही पड़ता। सुस्त लोग अक्सर इस बात की परवाह नही करते की काम कितमे ज़रूरी है। अगर उन्हें आराम करने के लाइट ब्रेक चाहिए तो उन्हें कोई नही रोक सकता।
  5. सुस्त लोग कभी भी, कहीं भी सो सकते है। उन्हें फर्क नही पड़ता की वो किस स्तिथि या अवस्था में है या कहाँ है या फिर वो जगह या अवस्था आरामदायक है या नही। उन्हें आराम से कोई लेना देना नही होता। उन्हें सिर्फ नींद से मतलब होता है।
  6. सुस्त लोग अक्सर इतने निकम्मे होते है कि वो एक ही घर के दूसरे कमरे में बैठे व्यक्ति से कुछ बात करने या कुछ माँगने के ये उन्हें फोन या मैसेज करते है। क्योंकि वह खुद उठकर नही जाते तो इसलिए वो खुद आवाज़ लगाने का कष्ट भी नही उठाते।
  7. सुस्त व्यक्ति कहीं भी सो सकते है
  8. अक्सर किसी भी आम व्यक्ति में बहुत सी चीज़ो पर काबू करने की क्षमता होती है। वो अपने गुस्से पर या अपनी भावनाओं पर काबू पा लेते हैं। पर एक सुस्त व्यक्ति तब तक पेशाब रोकता है जब तक वो रोक सकता है।सुस्त व्यक्ति इस कार्य को तब तक टालता रहता है जब तक वो टाल सकता है, फिर चाहे वो जितना भी समय हो।
  9. सुस्त लोगो की एक ख़ास बात ये होती है कि वो बहुत ही लचीले होते है। दूर गिरी हुई चीज़े वो अपने पैरों से उठाते है, वो भी लेटे लेटे। और अगर वो उस चीज़ तक नही पहुँच पाते तो वो यही समझते है कि उन्हें उसकी ज़रूरत नही है।
  10. खाना जैसा भी हो वो खा लेते है। सुस्त लोग अक्सर खाना गर्म नही करते और उसे ऐसे ही खा लेते है। उन्हें खाने के लिए जो मिल जाए वो खा लेते है। कपड़ो पर गिरे चिप्स या खाने को वो झाड़ के गिराते नही पर उसे खा लेते है।
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क्यों लोगों के लिए ज़रूरी है सकारात्मक सोच

सकारात्मक सोच की ज़रूरत


लोगो के लिए सकारात्मक सोच रखना बहुत ही ज़रूरी है। हर किसी को बुरे या कठिन समय से निकलने के लिए सकारात्मक होना आवश्यक है। आप सकारात्मक सोच के साथ फैसले बेहतर ढंग से ले सकते है। सही गलत में फर्क करना ज़्यादा आसान होता है। एक व्यक्ति जो नकारात्मक ढंग से सोचता है उसके लिए कठिनाइयां बढ़ती रहती है। इस बात ये ध्यान देना ज़रूरी है कि जो व्यक्ति नकारात्मक ढंग से नहीं सोचता, उसे हम सकारात्मक सोच वाला व्यक्ति नहीं बुला सकते। सकारात्मक सोच वाले व्यक्ति की पहचान ही अलग होती है।

सकारात्मक बने, आप ज़्यादा खुश रहेंगे

जानते है कि सकारात्मक सोच क्यों जरूरी है:-

  • आप हर मोड़ पर जीत की उम्मीद करते है। अपनी हार से भी आप सीखते है।
  • आप खुद से प्रेरित होते है। आप खुद में और खुद की काबिलियत में भरोसा रखते है।
  • नए अवसरों का आप बेहतर ढंग से प्रयोग करते है।
  • चुनौतियां और परेशानियों से आप हारते नहीं है। आप सबका सामना कर पाते है।
  • आप ज़्यादा खुश रहने लगते है। आप में उत्साह ज़्यादा होता है।
  • आप लोगो के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन जाते है और लोग आपकी इज़्ज़त भी करते है।
  • आपका काम बेहतर ढंग से होगा।
  • आपको हार में भी सफलता मिलेगी। या तो आप जीतेंगे या आप सीखेंगे।
आप ज़्यादा शाँत रहेंगे

यहाँ पढ़ें : कैसे रहें ख़ुश, स्थिर, और सकारात्मक

कैसे बदले अपनी सोच और बने सकारात्मक:-

  • खुश रहना सीखे। ज़िन्दगी में परेशानियो को नहीं पर अच्छी बातो को गिने।
  • हर चीज़ का दूसरा पहलु भी देखे। एक तरफा देख कर दुखी ना होए और ना ही उम्मीद खोए।
  • सकारात्मक लोगो की संगति में रहने का फैसला ले।
  • जो आप चाहते है उसी की कामना करे। अच्छा सोचेंगे तो अच्छा होगा।
  • खुद को नकारात्मक लोगो से दूर रखें।
  • अच्छी किताबे पढ़े। सकारात्मक लोगो के बारे में पढ़े और उनकी जीवनशैली के बारे में जाने।
  • खुद पर भरोसा रखेंगे तो ये पूरी सृष्टि की ताकतें आप पर भरोसा करेंगी।
  • शाँत रहे और खुद के साथ समय बिताने की कोशिश करे।
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जानिए के क्यों मल्टीटास्किंग हो सकती आपके लिए गलत

मल्टीटास्किंग : सही या गलत


मल्टीटास्किंग एक ऐसी चीज़ है जो हमारी दिनचर्या और जीवनशैली का हिस्सा बन चूका है। वो इसलिए क्योंकि हमारे पास समय कम होता है और काम ज़्यादा। और समय बचाने के लिए भी लोग बहुकार्य करते हैं। उदाहरण तहत – खाना बनाते या खाते हुए फोन का प्रयोग करना या ऑफिस का काम करना, कहीं चलते हुए मैसेज करना या ऑफिस में मीटिंग के दौरान ईमेल चेक करना, यह सभी उदाहरण बहुकार्य दर्शाते हैं।

अचंभे की बात नहीं होगी अगर आप कुछ और काम करते हुए यह आर्टिकल पढ़ रहे हो तो। यह अब आपके और हमारे व्यवहार में आ चुका है। जानते है कि क्या मल्टीटास्किंग हमारे लिए सही है या गलत है :-

मल्टीटास्किंग सही या गलत?
यहाँ पढ़ें : जानिए क्या होते है ज़िन्दगी के नियम
  1. मल्टीटास्किंग करने से हम थोड़े समय में ज्यादा काम कर सकते हैं। हम इस क्रिया से सीखते हैं कि कैसे अपने समय का प्रयोग किया जाए।
  2. मल्टीटास्किंग करने से हम ज्यादा बोर नहीं होते और बचे हुए समय को सही ढंग से प्रयोग में ला सकते हैं।
  3. एक समय में ज्यादा काम करने से, हम सभी कामों पर सही ढंग से ध्यान नहीं लगा पाते, जिसकी वजह से हम कुछ न कुछ गलती कर देते हैं।
  4. आपका जितना समय मल्टीटास्किंग करने से बचता है, उतनी ही संभावना समय बेकार जाने की भी होती है।
  5. आप एक समय में ज्यादा काम तो कर लेते हैं पर, हर काम में कुछ न कुछ गलती हो जाती है और वह काम बहुत ही बढ़िया ढंग से नहीं हुआ होता।
मल्टीटास्किंग से बढ़ता है तनाव

देखा जाए तो हर चीज की तरह मल्टीटास्किंग के भी फायदे और नुकसान है, पर जितने के फायदे हैं उतने ही इसके नुकसान है। गौर से देखा जाए तो नुकसान थोड़े ज्यादा है। इसका असर हमारे काम और हम पर पड़ता है। मल्टीटास्किंग करने से लोगों में तनाव बढ़ जाता है और वह ज्यादा व्याकुल रहते है। वह थोड़े समय में ज्यादा काम तो कर लेते हैं, पर उस काम में अपना पूरा नहीं दे पाते। उनको एक काम के बाद दूसरा काम होता है जिसके कारण उनके पास अपने लिए समय नहीं बचता और सारा समय काम में ही निकल जाता है। और जब काम में कोई गलती हो जाए तब तनाव और परेशानी बढ़ जाती है।

हर काम को करने के लिए एक व्यक्ति को शांत दिमाग से सोचना पड़ता है। बहुकर्य करने में दिमाग शांत नहीं होता। इसलिए हम ना तो ढंग से सोच पाते है और ना ही अपना काम अपनी पूरी क्षमता से कर पाते है। तभी, मल्टीटास्किंग हमारे लिए गलत है।

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सेहत

जानिए क्या होते है चॉकलेट के स्वास्थ्य संबंधित फायदे

चॉकलेट के स्वास्थ्य संबंधित फ़ायदे


चॉकलेट एक ऐसी चीज है जो बच्चों से लेकर बड़े तक हर किसी को बहुत पसंद होती है। पर हम चॉकलेट के कुछ फायदों से अनजान हैं। माना जाता है कि ज्यादा चॉकलेट खाने से दांत खराब हो सकते हैं और सेहत पर भी बुरा असर पड़ता है। यह बात गलत नहीं है। किसी भी चीज का अत्यधिक सेवन करना हानिकारक होता है। पर अगर नियमित रूप से चॉकलेट का सेवन किया जाए तो वह हमारी सेहत के लिए लाभकारी होता है।

नियमित मात्रा में करे सेवन

जानते हैं कि क्या होते हैं चॉकलेट के स्वास्थ्य संबंधित फायदे:-

  1. दिल के दौरे से बचाता है

माना जाता है कि डॉर्क चॉकलेट खाने से दिल का दौरा होने के संभावना 20% तक कम होती है। चॉकलेट खाने से शरीर को ऐसे तत्व मिलते है, जो ना सिर्फ दिल की रक्षा करते हैं पर दिल का दौरा होने से भी बचाते हैं।

  1. खांसी और बलगम नहीं होने देते

चॉकलेट में कुछ ऐसे तत्व होते हैं, जो खांसी नहीं होने देता। यह तत्व ऐसे होते हैं जो आपके गले को किसी भी प्रकार के संक्रमण से बचाते है। यही नहीं, डार्क चॉकलेट बलगम भी नहीं बनने देता।

यहाँ पढ़ें : चॉकलेट चिप्स कुकीज

  1. त्वचा साफ रहती है

कुछ अनुसंधान के मुताबिक चॉकलेट खाने से आपकी त्वचा साफ होती है और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया धीरे हो जाती है। यह इसलिए होता है क्योंकि चॉकलेट खाने से शरीर में रक्त संचार बढ़ जाता है और वह ज्यादा आसानी से हर जगह तक पहुंच जाता है।

चॉकलेट के फायदे
  1. रक्तचाप को नियंत्रित करता है

डार्क चॉकलेट में कुछ ऐसे तत्व होते हैं जो आप के बढ़े हुए रक्तचाप को नियंत्रित करता है। चॉकलेट खाने से रक्तचाप अक्सर कम हो जाता है। अगर किसी व्यक्ति को उच्च रक्तचाप की तकलीफ है तो वह डार्क चॉकलेट का थोड़ा सा सेवन कर सकता है।

  1. स्ट्रेस कम करने में मदद करता है

यह एक बहुत ही आम फायदा है। यह एक ऐसी चीज है जो हम सभी द्वारा जानी गई है। हम अक्सर स्ट्रेस में चॉकलेट खाते हैं जिसके बाद हमें बहुत ही अच्छा महसूस होता है। वो इसलिए क्योंकि चॉकलेट में कुछ ऐसे तत्व होते हैं जो हमारे दिमाग को स्ट्रेस और परेशानी से शांत करता है।

यह सभी फायदे तभी लागू होते हैं जब हम सिर्फ डॉर्क चॉकलेट का सेवन करते है। और वह भी एक नियमित मात्रा में। अगर डार्क चॉकलेट का भी अत्यधिक सेवन किया जाए तो वह भी हमारी सेहत के लिए हानिकारक हो सकती है।

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क्या ये आदतें बदलने की ज़रूरत आपको बदलने की ज़रूरत हैं

आदतें बदलने की ज़रूरत


हम अक्सर कुछ ऐसी हरकतें करते है जो लोगो को और कुछ समय बाद हमे खुद को पसंद नहीं आती। हमारे कुछ ऐसी आदतें होती है जो हम सभी को पता होती है कि गलत है पर उनको बदलना हमारे लिए थोड़ा मुश्किल से हो जाता है। और तो और कुछ आदतें ऐसी भी होती है जिनके बारे में हमे पता भी नहीं होता है और वो हमारी जीवनशैली का हिस्सा बन जाती है। इसलिए हमें ऐसी आदतें बदलने की ज़रूरत है।

फ़ोन का प्रयोग न करें

जानते है कि वो कौन सी आदतें है:-

  • लोगो के साथ होते हुए भी फ़ोन का प्रयोग करना

अक्सर ऐसी स्तिथि होती है जहाँ हम काम के कारण फ़ोन के प्रयोग करना पड़ता हैं। और उस स्तिथि में आपके पास उसके अलावा कोई और चारा नहीं होता। पर अधिकतर समय आप दोस्तों के साथ होते हुए भी अपना फ़ोन इस्तेमाल करते रहते है जो बहुत गलत होता है।

  • लाइट्स बंद ना करना

हम कमरे से निकलते है और सभी स्विच बंद किए बिना ही आ जाते है। इससे ना जाने कितनी बिजली का नुक्सान होता है। ये हमारा फ़र्ज़ है कि हम कमरे से निकलते ही सब बिजली के स्विच को बंद करे

यहाँ पढ़ें : जानिए क्यों एकांत में रहना होता है अच्छा

  • लोगो की बात काटना

ये बहुत ही बदतमीज़ी और बुरी बात होती है कि जब लोग बात कर रहे हों और हम उनको बीच में टोक दे। ये बताता है कि आप उनकी इज़्ज़त नहीं करते है। ये बहुत ही अशिष्ट और अस्वीकृत व्यव्हार होता है।

शिकायत न करे
  • हर जगह देरी से पहुँचना

हर चीज़ का एक तय समय होता है। और हर काम के लिए देरी से पहुँचने का मतलब है कि आपका काम अव्यवस्थित ढंग से होता है। ये बता है कि आपको समय का कोई ध्यान नहीं रहता। ये दूसरे लोगो पर आपकी छवि गलत बनाता है।

  • हर बात की शिकायत करना

हम बहुत ही भाग्यशाली है कि हमारे पास हर वो चीज़ है जो किसी दूसरे के पास नहीं है। फिर भी हम हर समय किसी न किसी चीज़ के बारे में शिकायत करते रहते है। ये बात हम समझते ही नहीं की हम कितने खुशकिस्मत है कि हमारी ज़िन्दगी काफी बेहतर है।

हमारी ज़िन्दगी में ये कुछ ऐसी आदतें है जिन पर हम ध्यान नहीं देते। इसलिए अपनी हरकतों और आदतों पर ध्यान दे। आपकी इन्ही आदतों से किसी को बुरा लग सकता है।

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कैसे जाने की कब आपके शरीर को पानी की ज़रूरत होती है

कब पड़ती है शरीर को पानी की ज़रूरत


हमारा शरीर 70 प्रतिशत पानी का बना है। ज़ाहिर सी बात है कि इसी कारण से हमारे शरीर को बाकी पोशाक तत्वों  से थोड़ी अधिक ज़रूरत पड़ती है। पर हम अकसर इस इतनी ज़रूरी चीज़ को नजरंदाज कर देते है। अब चाहे वो हमारी भूलने की आदत की वजह से हो या फिर हमारे व्यस्त दिनचर्या की वजह से, पर हम अकसर अपेक्षित मात्रा से भी कम पानी पीते है। जब की हम सभी को ज्ञान है कि पानी एक स्वस्थ जीवनशैली के लिए कितना ज़रूरी है। इसलिए जब हमारे शरीर को पानी की ज़रूरत होती है तब वो कुछ संकेत देती है।

ज़्यादा से ज़्यादा पानी पिए

यहाँ पढ़ें : जानिए फ़ायदे लौकी के जूस के

जानते है कि वो संकेत क्या होते है जिससे आप जान सकते है कि आपके शरीर को है पानी की ज़रूरत:-

  1. आपके सिर में बहुत ज़्यादा दर्द होगा। सिर के निचले हिस्से में खासतौर से आपको दर्द महसूस होगा।
  2. आपकी त्वचा और आपके होंठ बहुत ही ज़्यादा रूखे हो जाएंगे। और आप चाहे जितनी भी क्रीम लगा ले, वो वैसे ही रहते है।
  3. आपको बहुत ज़्यादा भूख लगती है। आप चाहे जितना भी खा ले आपको फिर भी भूख लगती रहती है।
  4. अकसर जो लोग पानी कम पीते है उन्हें पेशाब करने में भी दिक्कत आती है। और जब पेशाब होता है तो वो गाढ़ा पीले रंग का होता है।
  5. आप बहुत थका हुआ महसूस करते है। आप बहुत ही परेशान और विचलित रहते है। इसी कारण से आपको चक्कर भी आते है।
  6. वज़न काम करना आपके लिए बहुत ही मुश्किल हो जाता है। आप जितनी मेहनत कर ले आपके लिए वज़न कम करना मुश्किल होता है।
  7. अगर आप बहुत मेहनत करते है और फिर भी आपको पसीना नहीं आता है तो ये इशारा है कि आपके शरीर को पानी की ज़रूरत है।
शरीर में पानी की कमी से आप हो सकते है बीमार।

ध्यान रखे की आप दिन में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी । आपकी अंग प्रणाली को काम करने के लिए भी पानी की ज़रूरत होती है। अगर आप ज़रूरत से कम पानी पीएंगे तो उसका असर आपके लिवर और किडनी पर भी पड़ता है। अपनी सेहत का ध्यान रखे और ज़्यादा से ज़्यादा पानी पिएं।

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