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महिलाओं को सबरीमाला मंदिर प्रवेश कराके थाइलैंड नहीं बनाना है

सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं को अंदर जाने की अनुमति दी


केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर मामला दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने एक ओर जहां यह मामला संविधान पीठ को सौंप दिया है। वहीं मंदिर का प्रबंधन संभालने वाले त्रावणकोर देवस्वामी बोर्ड(टीडीबी) के अध्यक्ष पी.गोपालकृष्ण ने एक बेहद ही विवादित बयान दिया है।

सबरीमाला मंदिर

टूरिस्ट स्थल नहीं बनाना है

गोपालकृष्ण ने कहा कि मंदिरो मे महिलाओं को अनिर्वाय करके इसे थाइलैंड बनाने की कोशिश न करें। अगर महिलाओं को प्रवेश दिया गया तो यह एक टूरिस्ट सेंटर बनकर रह जाएगा। उन्होंने साथ ही कहा-क्या होगा जब 10 साल से 50 साल की महिलाएं कठिन मौसम में बिना किसी सुरक्षा के पहाड़ी पर चढ़ेंगी? क्या साबरीमाल को थाइलैंड बना दें?

साथ ही कहा कि महिलाओ के साथ हमारी कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं, बस इन्हीं कारणों से हम मंदिर से महिलों के प्रवेश के खिलाफ हैं। सुप्रीम कोर्ट भले अनुमति दे दे, लेकिन हमें पूरा विश्वार है कि कोई सम्मानित परिवार ऐसा नही चाहेगा।

इंडिया यंग लायर्स ने याचिका दायर की थी

इससे पहले शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर दायर केस पर सुनवाई के बाद यह मामला संविधान पीठ को भेज दिया। इसके साथ ही सर्वोच्च न्यायलय ने संविधान पीठ ने ध्यानार्थ 6 सवाल भी उठाए। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले मे अपना फैसला इसी साल फरवरी के महीने में सुरक्षित रखा लिया था। सुनवाई के दौरान पिछले साल अप्रैल मे केरल सरकार ने कहा था कि वो मंदिर मे महिलाओं के प्रवेश के समर्थन में हैं। इंडिया यंग लायर्स एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर तक सबरीमाला मंदिर मे महिलाओं के प्रवेश पर रोक को लिंग आधारित भेदभाव बताते हुए निरस्त करने की मांग की है।

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पर्यटन

प्राकृति का असली नजारा देखना चाहते है तो कोल्लम की सैर करें

झील और समुद्र यहां के आकर्षण का केंद्र है


देश का लगभग हर कोना घूमने लायक है। लेकिन केरल की प्राकृति में जो सौदंर्य का खुशबू घुली हुई है न उसका मजा तो कहीं और मिल पाना संभव नहीं है। केरल एक छोटा सा राज्य जो देश के आखिरी में तीन ओर से समुद्र से घिरा हुआ है। इस राज्य में एक शहर है कोल्लम जिसकी प्राकृतिक खूबसूरती आपको वहां एक बार घूमने के लिए जरुर मजबूर कर देगी।

कोल्लम

कोल्लम अरब सागर के तट पर स्थित है। समुद्र का किनारा होने के कारण इसकी खुबसूरती का अंदाजा आप खुद लगा सकते हैं।

कोल्लम की खुबसूरती देखते बनती है अगर आप भी दक्षिण भारत की सैर करना चाहते है तो एक कोल्लम जरुर घूमकर आएं।

कोल्लम के दार्शनिक स्थल

पालरुवी जलप्रपात

यह जलप्रपात कोल्लम की खुबसूरती को चार चांद लगाता है। पालारुपी का अर्थ दूधिया धारा होता है। दूधिया धारा की तरह 300 फीट ऊंचे चट्टान से गिरती धारा आपका मन मोह लेंगी। यहां का पालारुवी वुड्स लोकप्रिय पिकनिक स्थल है।

थंगसेरी

यह कोल्लम का प्रसिद्ध गांव है। गांव अपने ऐतिहासिक महत्व के लिए पहचाना जाता है। अठारहवीं शताब्दी में बने पुर्तगाली और डच किले के अवशेष यहां देखे जा सकते हैं। यहां का लाइटहाउस भी काफी चर्चित है।

अंचेनकोइल

अंचेनकोइल के घने जंगलों के बीच सास्था मंदिर बना हुआ है। मंदिर में स्थापित सास्था की मूर्ति ईसा युग से कुछ शताब्दी पूर्व की मानी जाती है। मांडला पूजा और रेवती नामक दो पर्व यहां बड़े धूमधाम से मनाए जाते हैं।

अलुमकडावू

अलुमकडावू कोल्लम शहर से 26 किलोमीटर की दूरी पर कोल्लम-अलप्पुजा राष्ट्रीय जलमार्ग पर स्थित है। यहां का ग्रीन चैनल बेकवाटर रिजॉर्ट देशी विदेशी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहता है। यहां दूर-दूर तक नीला हरा पानी इसकी सुदंरता में चार चांद लगाता है। सैंकडों की तादाद में लगे नारियल के पेड़ ग्रीन चैनल रिजॉर्ट को एक अलग ही पहचान देते हैं।

अष्टमुदी झील

यह देश की पहली झील है जहां से देश की पहली समुद्री विमान सेवा की शुरुआत की गई थी। अष्टमुडी झील केरल की अनूप झील है। इसका आकार आठ भुजाओं वाला है। जिसके कारण इसका नाम अष्टमुदी पड़ा। यह पर्यटकों मे सबसे ज्यादा लोकप्रिय है। केरल घूमने आने वाले लोगो में यह झील सबसे प्रमुख बिंदु के तौर पर है।

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बिना श्रेणी

कोच्चि में मेट्रो का शुभारंभ, पीएम ने दिखाई हरी झंडी और की पहली यात्रा

वैंकेया नायडू भी साथ में


मेट्रो रेल की कड़ी में एक और शहर जुड़ गया है। आज से केरल के कोच्चि शहर में मेट्रो ट्रेन दौड़ेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरी झंडी दिखाकर मेट्रो का उद्धाटन किया। यह देश का पहला एकीकृत मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट का दावा किए जानेवाले करने वाली मेट्रो है।

कोच्चि में मेट्रो

ट्रैफिक में आएंगी कमी

कोच्चि केरल का व्यावसायिक केंद्र है। इस मेट्रो को चालू होने से शहर के ट्रैफिक में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

मेट्रो का पहला चरण अलुवा और पलारीवोम के बीच 113 किलोमीटर लंबा मार्ग हैं। कोच्चि मेट्रो का उद्धाटन सुबह 11 बजे जवाहरलाल नेहरु अंतराष्ट्रीय स्टेडियम से हुआ।

केरल में मुख्यमंत्री भी आएं पहली यात्रा में

मेट्रो का उद्धाटन करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने इसमें सफऱ भी किया। मेट्रो को पहले सफर मे मोदी के साथ केंद्रीय शहरी व विकास मंत्री वेंकैया नायडू भी मौजूद थे।

वहीं उद्धाटन के दौरान केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वैंकेया नायडू के अलावा, केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन, केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथला, एरनाकुलम के सांसद के वी थॉमस और मेट्रो मैन ई श्रीधरन प्रधानमंत्री के साथ मंच पर रहे।

कोच्चि मेट्रो को अधिकारियों ने बताया कि कोच्चि में विश्व स्तरीय मेट्रो प्रणाली से ग्रेटर कोच्चि मे क्षेत्रीय संपर्क में सुधार होने से जीवन की गुणवत्ता में सुधार आएगा और इससे भीड़भाड़, यातायात अव्यवस्था, आने-जाने में लगने वाले समय, वायु और ध्वनि प्रदूषण में कमी आएगी।

2013 में शुरु हुआ था निर्माण कार्य

आपको बता दें यह कोच्चि मेट्रो का पहला फेज है। जो 13.2 किलोमीटर तक फैली है। आगे इस 25 किलोमीटर तक बढ़ाया जाना है। इसका निर्माण कार्य साल 2103 में शुरु हुआ था। इस परियोजना के लिए कुल 5,180 करोड़ रुपए खर्च का अनुमाना लगाया गया है।

अभी फिलहाल 13 किलोमीटर के दायरे में 11 स्टेशन है। आगे 25 किलोमीटर में दायरे में 22 स्टेशन होंगे।

इससे पहले देश में कोलकाता, मुंबई, दिल्ली, जयपुर, बेंगलूरु में मेट्रो की चलती है। मेट्रो देश में साल 1984 में प्रारम्भ हुई थी। पहली मेट्रो कोलकाता में चली थी।

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एजुकेशन

नीट इग्जाम के दौरान छात्राओं को ब्रा और जींस खोलने का कहा गया

जींस और ब्रा दोनों में धातु है जिसके कारण बीप की आवाज होती है


 

मेडिकल की प्रवेश परीक्षा के दौरान स्टूडेंस किसी तरह की चोरी न कर सकें। इसके लिए सीबीएससी ने कड़े प्रावधान बनाएं है। क्योंकि नए नियम बनाएं जाने से पहले स्टूडेंस द्वारा कई बार चोरी की खबरें आती रही है।

नियम बनाना तो सही है। लेकिन नियम ऐसे की किसी को कपड़े उतरवाने के लिए मजबूर कर दें तो? इस साल मेडिकल की प्रवेश परीक्षा नीट(नेशनल एलजिबिलिटी कम एंट्रेस टेस्ट) के दौरान ऐसी ही घटना क्रम में आई है।

केरल के कन्नूर की है घटना

घटना केरल राज्य के कन्नूर जिले की है। जहां छात्राओं द्वारा आरोप लगाया है कि उन्हें जींस और ब्रा खोलने को कहा गया। क्योकि दोनों में धातु होने के कारण चेकिंग के दौरान बीप की आवाज होती है। छात्राओं से कहा गया कि वह जिंस को बदलकर आएं। वह वैसे कपड़े पहने जैसे सीबीएसई के निर्देश में दिए गए है।

एग्जाम से पहले ही चेकिंग


 

रेणुका नाम की एक महिला ने बताया कि मेरी बेटी से कहा गया कि वह अपनी इनर को खोलकर अंदर इग्जान देने जाएं। मेरी बेटी के पास और कोई विकल्प नहीं था और उसने वैसा ही किया जैसा उससे कहा गया था। यह सब उसके लिए बहुत ही बुरा समय था।

रेणुका ने साथ ही कहा कि वह एक टीचर है। टीनऐज के बच्चों पर यह सब बहुत ज्यादा प्रभाव डालता है। मुझे मालूम है मेरी बेटी ने इन सबके बीच पूरी तरह से अपना आत्मविश्वास खो दिया था।

चार किलोमीटर जाकर बेटी के लिए लाएं दूसरे कपड़े

राजेश, एक स्टूडेंस के पिता ने बताया कि उनकी बेटी जींस पहनकर गई थी। पहले तो उसे टॉप ऊपर करके जींस का बटन दिखाने को कहा गया और बाद में जिंस का बटन तोड़ने को कहा गया। इसके बाद चेकर का कहना था कि जींस की पॉकेट में धातु के बटन लगा है जिसके कारण बीप की आवाज आ रही है। आखिरकार राजेश चार किलोमीटर दूर जाकर बेटी के लिए लैगिंस लेकर आएं।

इस घटना को लेकर लोगों में उबाल है। कई माता-पिता का कहना है कि शिकायत करने के लिए कोई बेव साइट न पता नहीं लग पा रही है। तो कईयों का कहना था वह किसी पचड़े में नहीं पड़ना चाहते इसलिए वह कोई कंप्लेन नहीं करना चाहते हैं।