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काम की बात करोना

एक बार फिर बढ़ा कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा, एक दिन में तीन लाख के करीब पहुंचे आंकड़े

जाने कोरोना वायरस महामारी का लेटेस्ट अपडेट


एक बार फिर देश में बढ़ा कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा। कोरोना वायरस की दूसरी लहर दिन प्रतिदिन और घातक होती जा रही है। हर दिन मौत एक नया रिकॉर्ड बनता जा रहा है। अगर हम वर्ल्डोमीटर को देखे, तो वर्ल्डोमीटर के अनुसार पिछले 24 घटों में हमारे देश में 2020 कोरोना
मरीजों
की मौत हो गई। साल 2020 में कोरोना वायरस महामारी की शुरुआत से लेकर अभी तक एक दिन में कोरोना संक्रमितों की मौत की सर्वाधिक संख्या है। पहली बार हमारे देश में पिछले साल सितम्बर के महीने में एक दिन में दो हजार से अधिक लोगों की मौत हुई थी।


जाने देश में कोरोना वायरस महामारी का अपडेट

कोरोना महामारी की दूसरी लहर के तहत 2,94,115 नए संक्रमित मामले मिले। यह भी अभी तक के हमारे देश के एक दिन में मिलने वाले संक्रमितों की सर्वाधिक संख्या है। इसी के साथ हमारे देश में कोरोना वायरस महामारी की वजह से मरने वाले कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1,82,570 हो गई है। वही अगर हम कुल संक्रमितों की बात करें तो हमारे देश में अभी तक कुल संक्रमितों की संख्या 1,56,09,004 हो गयी है। इसके अलावा उपचाराधीन मरीजों की संख्या 21,50,119 पर तक पहुंच गई है। यह कुल कोरोना वायरस महामारी के संक्रमितों की
संख्या का 13.8 फीसदी है।

और पढ़ें: दिल्ली में लॉकडाउन लगते ही फिर शुरू हुआ प्रवासी मजदूरों का पलायन, आनंद विहार पर दिखा लोगों का जनसैलाब

जाने कोरोना वायरस महामारी का रिकवरी रेट

कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमित होने वाले लोगों का
रिकवरी रेट लगातार गिरता जा रहा है। यह रिकवरी रेट अभी 85 प्रतिशत हो गया है।  महामारी के आंकड़ों के अनुसार कोरोना संक्रमित से
स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 1,32,69,863 हो गई है। वही अगर हम मृत्यु दर की बात करें तो अभी देश में
कोरोना वायरस महामारी से राष्ट्रीय स्तर पर मृत्यु दर
गिरकर 1.20 प्रतिशत हो गया है। लेकिन अभी महाराष्ट्र में यह दर 1.5 फीसदी हो गयी है। वही अगर हम पश्चिम बंगाल के बात करें तो पश्चिम
बंगाल में यह 1.6 फीसदी हो गयी है।

6 राज्यों में 60 फीसदी कोरोना संक्रमित

अगर हम कोरोना वायरस महामारी की बात करें तो
कोरोना संक्रमण के 60 फीसदी मामले तो सिर्फ देश के छह राज्यों में ही है। इनमें महाराष्ट्र में सर्वाधिक 62,097 नए संक्रमित मामले मिले। इसके बाद दूसरे नंबर पर उत्तर प्रदेश में 29574 नए
संक्रमित मामले मिले। तीसरे नंबर पर दिल्ली में 28395 नए संक्रमित मामले मिले। चौथे नंबर पर कर्नाटक में 21794 नए संक्रमित मामले मिले। पांचवे नंबर पर केरल में 19577 नए संक्रमित मामले
मिले। और छटे नंबर पर छत्तीसगढ़ में 15625 नए कोरोना
मरीज मिले।

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आइये आपको बताते है देश के प्रमुख बीचों से जुडी कुछ ख़ास बाते

देश के प्रमुख बीचों से जुडी कुछ ख़ास बाते


भारत एक ऐसा देश जहां घूमने फिरने वाली जगहों की कमी नहीं है। उत्तर, दक्षिण, पूरब, पश्चिम चारों ओर से देश का कोना-कोना घूमने लायक है। आज हम आपको बताएंगे देश के प्रमुख बीचो से जुडी कुछ ख़ास बाते ।कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक पहाड़ नदी पर्वत और कई ऐसे जगहें है जहां हम छुट्टी के दिनों में अपने परिवार के साथ घूमने जा सकते हैं। तो चलिए आज आपको देश के कुछ राज्यों के बीच के बारे में बताते हैं जहां आप छुट्टी के दिनों में घूमने जा सकते हैं।

बीच

देश के कुछ प्रमुख बीच

गोवा

गोवा का नाम सुनते है दिमाग में सबसे पहले कोई बात आती है तो वह है बीच। गोवा के बीच के कारण ही टूरिस्ट हब बन चुका है। यहां के बीच बहुत ही प्राकृतिक और सौदर्य से भरे हैं। यहां के बीच के कारण ही यह देश के सबसे अच्छे बीचों वाली जगह बन चुकी है। इसके साथ ही आप यहां पर सन बाथ का भी मजा ले सकते हैं। यहां के प्रमुख बीच है बागा बीच, कालीकट्ट बीच, क्लोव बीच।

तमिलनाडू

तमिलनाडू के बीच साफ आकाश और समुद्र और आकाश की नीली चमक के कारण प्रसिद्ध है। यहां के प्रमुख बीच मरीना बीच, कन्याकुमारी बीच, महाबलीपुरम बली। मरीना बीच विश्व का दूसरा सबसे बड़ा बीच है।

आन्ध्रप्रदेश

बंगाल की खाड़ी के कारण यहां बहुत सारे बीच है। अन्ध्र के साफ सुथरे बीच छुट्टियां मनाने के लिए एक बहुत ही अच्छी जगह है। यहां के प्रमुख बीच भीमउनीपट्टनम बीच, मंगीनपुडी बीच।

महाराष्ट्र

महाराष्ट्र में देश के सबसे ज्यादा बीच है। महाराष्ट्र के बीच स्वर्ग है बीच प्रेमियों के लिए। इसके साथ ही एक अच्छा सॉप्ट भी है। इसके प्रमुख बीच जूहु बीच, गणपतिपुले बीच, जनजीरा बेसिन बीच, कोकण तट के बीच।

केरल

केरल के बीच देश के सबसे लॉक्जरी बीच है। यहां के बीच देश के सभी बीचों से सबसे अच्छे हैं। यहां का सबसे प्रमुख बीच कोवलम है। इसके अलावा पोवर बीच, वरकाला बीच।

कर्नाटक

कर्नाटक में सभी समुद्र तटों के हरे भरे और स्वाभाविक रुप से आकर्षक के साथ एक अद्वितीय निरंतरता है। यहां के प्रमुख बीच मंगलोर बीच, देवभाग बीचस गोकरना बीच, मल्लपा बीच।

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भारत

कावेरी जल विवाद- सुप्रीम कोर्ट का आदेश 6,000 क्यूसेक पानी देना होगा कर्नाटक को…

कावेरी जल विवाद- सुप्रीम कोर्ट का आदेश 6,000 क्यूसेक पानी देना होगा कर्नाटक को…


कावेरी जल विवाद- सुप्रीम कोर्ट का आदेश 6,000 क्यूसेक पानी देना होगा कर्नाटक को… :- कर्नाटक के बार-बार विरोध के बीच आज सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर तमिलनाडू को कावेरी का पानी देने का आदेश दिया है।

6,000 क्यूसेक पानी तमिलनाडू को रोजाना दे

शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक को आदेश दिया है कि वह 1 से 6 अक्टूबतर तक 6,000 क्यूसेक पानी तमिलनाडू को दे।

कोर्ट ने कहा है कि अगर कर्नाटक को पानी देने में परेशानी होती है और अगर वह पानी नहीं देता है तो इस तरह करके कानून की अवहेना कर रहा हैं।

कावेरी नदी

यहाँ पढ़ें : कावेरी जल विवाद को लेकर उमा भारती ने बुलाई बैठक

कर्नाटक पानी देने में सक्षम नहीं है

कोर्ट के आदेश के बाद कर्नाटक ने कहा है कि वह पानी देने के लिए सक्षम नहीं है। बुधवार को राज्य सरकार की बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि तमिलनाडू को पानी तब तक नहीं दिया जाएगा जबतक दोनों राज्यो के मुख्यमंत्रियों की दिल्ली में जलसंसाधन मंत्री के साथ बैठक न हो जाएं। लेकिन भूख हड़ताल में जाने कारण इस पर में भी कोई निर्णायक फैसला नहीं लिया गया।

यह दूसरा मौका है जब कर्नाटक ने तमिलनाडू को पानी देने से माना कर दिया है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक को 27 सितंबर तक 6,000 क्यूसेक पानी देने का आदेश दिया है।

राज्य को धारा 144 का पालन करना होगा

कोर्ट ने कर्नाटक को फटकार लगते हुए कहा है कि तमिलनाडू भारत का एक अंग है। राज्य को संविधान की धारा 144 की पालन करना होगा जिसके अनुसार प्रत्येक इंसान को सुप्रीम कोर्ट का आदेश मनाना जरुरी है।

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश का उल्लघंन करते हुए करते हुए इससे पहले मुख्यमंत्री सिद्धार्थमैय्या ने कहा था कि हम आदेश की अवहेलना नहीं कर रहे हैं।

राष्ट्रीय जल नीति के अनुसार भी प्राथमिकता के आधार पर लोगों को पहले पीने का पानी दिया जाए। उसके बाद ही कृषि या किसी अन्य काम में इसका प्रयोग किया जाए। मुख्ममंत्री सिद्धार्थमैय्या ने कह है कि यही हमारी मांग है जिसे कोई समझना नहीं चाह रहा है।

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पॉलिटिक्स

कावेरी जल विवाद को लेकर उमा भारती ने बुलाई बैठक

कावेरी जल विवाद को लेकर उमा भारती ने बुलाई बैठक


उम भारती ने मांगी एक बैठक

कावेरी जल विवाद को लेकर उमा भारती ने बुलाई बैठक :- केन्‍द्रीय जल संस्‍थान मंत्री उमा भारती आज राजधानी दिल्‍ली में कावेरी जल विवाद को लेकर कर्नाकट और तमिलनाडु के साथ बैठक करने वाली है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का कहना है, कि वह इस बैठक में शामिल होगों और अपना मुद्दे को उठेगों। साथ ही उन्‍होने कहा, कि देखते है, बैठक से क्‍या परिमाण निकलकर आता है।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश

कर्नाटक की सरकार ने इस हफ्ते दो बार तमिलनाडु को कावेरी नदी का जल दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक राज्‍य को आदेशा दिया है, कि बुधवार से राज्‍य को 6000 क्‍यूसेक पानी तीन दिन तक देने होगा। ख़बरों के अनुसार, मुख्‍यमंत्री सिध्‍दरामैया का कहना है, कि हम आदेशा का अपमान नहीं करने चाहते है, लेकिन हमारे पास पानी नहीं है। आज एक बैठक हो रही है, इसलिए आज के लिये हम ने सुप्रीम कोर्ट का ये आदेश टाल दिया है।

कावेरी नदी
यहाँ पढ़ें : कावेरी जल विवाद- सभी पार्टियों की कैबिनेट बैठक बुलाई गई

जयललिता अस्‍पताल में

तमिलनाडु की मुख्‍यमंत्री जयललिता का सात दिन से चुन्‍नई के अपोलो अस्‍पताल में इलाज चला रहा है। बुखार और शरीर में पानी की कमी के चलते अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था। बात दें, 60 घंटों से जयललिता की सेहत से जुडा कोई अपडेट नहीं आया है। इसलिए वो बैठक में नहीं आ सकती है। मगर उन्‍होनें पीडब्‍लूडी के मंत्री एडाप्पडी स पलानीसमय और उनकी टीम को बैठक में शामिल होने के लिए कहा है। वहीं डीएमके ने एतराज़ जातया है, कि ‘उमा भारती की जगह प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी को ये बैठक करनी चाहिए’।

कैबिनेट की बैठक

आप को बता दें, कावेरी जल विवाद को लेकर कर्नाटक सरकार ने बुधवार यानि कल  कैबिनेट की एक ऑल पार्टी मीटिंग इमरजेंसी में बुलाई गर्इ थी। इस कैबिनेट मीटिंग में सभी पार्टियों से यह सलाह ली गई थी, कर्नाटक द्वारा तमिलनाडू को कावेरी का पानी दिया जाना चाहिए कि नहीं?

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कावेरी जल विवाद- सभी पार्टियों की कैबिनेट बैठक बुलाई गई

कावेरी जल विवाद- सभी पार्टियों की कैबिनेट बैठक बुलाई गई


कावेरी जल विवाद- सभी पार्टियों की कैबिनेट बैठक बुलाई गई :- कावेरी जल विवाद को लेकर कर्नाटक सरकार ने बुधवार को  कैबिनेट  की एक ऑल पार्टी मीटिंग इमरजेंसी में बुलाई है। इस कैबिनेट मीटिंग में सभी पार्टियों द्वारा यह सलाह ली जाएंगी कि कर्नाटक द्वारा तमिलनाडू को कावेरी का पानी दिया जाना चाहिए कि नहीं?

कर्नाटक सरकार का  पूरा समर्थन करेंगी सभी पार्टियां

इससे  पहले मुख्यमंत्री सिद्धार्थमैय्या में ने बीदर जिले के दौरे के दौरान कहा कि हम कर्नाटक के लोगों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है। जिसके लिए एक कैबिनट मीटिंग बुलाई जा रही है। जिसमें सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले पर विचार  किया जाएगा। इसके साथ ही कावेरी बेसिन के सांसद, विधायकों, कानूनी सलाहकार की टीम और तकनीकी टीम से अंतिम फैसला लेने से पहले राय ली जाएगी। कर्नाटक की सभी बड़ी पार्टियों ने कहा है कि वह कर्नाटक सरकार के फैसले पर पूरी तरह से समर्थन करेंगी।

कावेरी नदी

यहाँ पढ़ें : कावेरी विवाद: दिसंबर तक पानी नहीं दे सकते- कर्नाटक

पार्टी की मीटिंग में भाग लेने बेंगलुरु गए कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी बुधवार को कर्नाटक द्वारा लिए जाए जाने वाले फैसले का समर्थन करेंगी।

वहीं दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट में कावेरी जल विवाद के लेकर दी गई दलील में कहा कि तमिलनाडू को पानी देने की बात कही है।

दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को दिल्ली बुलाया गया

जल विवाद को देखते हुए जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को बातचीत करने के लिए दिल्ली बुलाया है। इस मीटिंग का प्रतिनिधित्व कर्नाटक की तरफ से मुख्यमंत्री सिद्धार्थमैय्या और तमिलनाडू की तरफ से जयललिता करेंगी।

तमिलनाडू सरकार ने  बार-बार पानी नहीं दिए जाने के विरोध को देखते हुए कर्नाटक सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दोबारा अपील की। इसी अपील पर दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाई है।

अदालत के आदेश पर एटार्नी जरनल मुकुल रोहतगी ने कहा कि केंद्र सरकार दोनों राज्यों मुख्यमंत्रियों की बैठक 30 सितंबर से पहले बुलाई जाएगी और मामले को सुलझाने की कोशिश की जाएंगी।

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कावेरी विवाद: दिसंबर तक पानी नहीं दे सकते- कर्नाटक

कावेरी विवाद:  दिसंबर तक पानी नहीं दे सकते- कर्नाटक


कावेरी विवाद:  दिसंबर तक पानी नहीं दे सकते- कर्नाटक :- कर्नाटक ने सुप्रीम कोर्ट में आज कावेरी जल विवाद को लेकर अपना जवाब पेश किया। कर्नाटक का कहना है कि राज्य के जलाशयों में पानी की कमी है। बेंगलूरु शहर और कावेरी बेसिन के जिलों ने पीने के पानी की कमी है। इसी कमी को देखते हुए वह तमिलनाडू को दिसंबर तक कावेरी का पानी नहीं दे पाएंगा।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश 6,000 क्यूसेक पानी देना होगा रोजाना

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि कर्नाटक को 21 से 27 सितंबर तक तमिलनाडू को रोजाना 6,000 क्यूसेक पानी देना होगा।

तीन दिन पहले ही कर्नाटक विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान एक प्रस्ताव पारित किया था। जिसमें कहा गया है ‘पानी का उपयोग पेयजल की जरुरतों के लिए होगा और इसे दूसरे मकसद के लिए नहीं दिया जाएगा।’

सदन में मुख्यमंत्री ने अपने जवाब में कहा था “यह असंभव परिस्थिति पैदा हो गई है जहां अदालती आदेश का पालन संभव नहीं है।”

कावेरी नदी

यहाँ पढ़ें : कावेरी विवाद पर प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की

5 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने पानी छोड़ने का आदेश दिया था

तमिलानाडू में पानी के जरुरत को देखते हुए 5 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि कर्नाटक को लगातार दस दिन तक तमिलनाडू को 15,000 क्यूसेक पानी देना होगा।

कर्नाटक राज्य ने पानी की कमी को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर 10,000 क्यूसेक पानी देने की इजाजत मिली। जिस पर फैसला आया कि कर्नाटक को 12,000 क्यूसेक रोजाना पानी देना होगा।

राज्य में हुआ जबरदस्त विरोध प्रदर्शन

इस बीच कर्नाटक में आंदोलन और हिंसा की घटनाएं को देखते हुए कावेरी निगरानी कमिटी ने 19 सितंबर से कहा था कि वह 21 सितंबर से 30 सितंबर तक तमिलनाडू को 3,000 क्यूसेक पानी देगा। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस पर सुनवाई करते हुए कहा कि 6,000 क्यूसेक पानी देना होगा।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कर्नाटक राज्य में इसका जबरदस्त विरोध हुआ। हिंसक आंदोलन के दौरान राज्य की संपत्ति को बहुत सारा नुकसान पहुंचा। विरोध करते हुए लोगों ने बेंगलूरु बस अड्डे में तमिलनाडू नंबर की बसों को आग लगा दी।

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बेंगलुरु में हिंसा के बाद शांति कायम

कावेरी विवाद को लेकर हुई हिंसा के बाद से बेंगलुरु में अब तक शांति कायम है। हिंसा के रोकने के लिए बेंगलुरू के 16 थानों के इलाकों में कर्फ्यू लगा गया है, साथ ही 15000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।

अबतक करीब 500 लोगों को हिरासत में ले लिया गया है। दो दिन के बाद आज स्कूलों को खोला गया है। इस विवाद को ले‍कर तमिलों पर हो रहे हमले की वजह से कई तमिल परिवारों ने कर्नाटक छोड़ दिया है। दोनों राज्यों के बीच बसें नही चल रही है, जिसकी वजह से सूरत में लोग पैदल ही तमिलनाडु की ओर जा रहे हैं।

बेंगलुरु में शांति कायम है

ख़बरों के मुताबक हिंसा की वजह से अबतक 22 हजार करोड़ का नुकसान हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने दोनो राज्‍यों के लोगों से शांति की अपील करते हुए कहा, कि हिंसा से किसी समस्या का हल नहीं निकल सकता है। लोकतंत्र में बातचीत से ही किसी भी समस्या का हल निकाला जा सकता है और कानून को हाथ में लेना विकल्प नहीं हो सकता।

आप को बता दें, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया कावेरी विवाद के मुद्दे पर आज पीएम से मिल सकते हैं।

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कावेरी विवाद पर प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की

कावेरी विवाद के कारण कर्नाटक और तमिलनाडू की फैली हिंसा बीच प्रधानमंत्री ने लोगों के शांति बनाए रखने की अपील की है।

प्रधानमंत्री ने कहा “कर्नाटक में जिस तरह के माहौल बने हैं तो चिंताजनक है। किसी भी समस्या का समाधान हम लोकतांत्रिक तरीके से कर सकते हैं।“

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

मोदी ने लोगों से अनुरोध करते हुए कहा है “दोनों राज्यों के लोग राष्ट्रहित को ऊपर रखेंगे। कर्नाटक और तमिलनाडू को लोकतांत्रिक ढंग से मामले को सुलझाना होगा।“

इससे पहले फैली हिंसा के बीच बेंगलुरु में धारा 144 लगा दी गई है। हालात की समीक्षा के लिए कर्नाटक सरकार ने कैबिनेट की आपात बैठक बुलाई गई है।

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कावेरी विवाद से हिला कर्नाटक ,शहर में लगी 144, एक की मौत

कावेरी विवाद कर्नाटक और तमिलनाडू में थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। ताजा खबर के अनुसार बढ़ती हिंसा के बीच पुलिस फायरिंग के दौरान एक शख्स की मौत हो चुकी है।

कल आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से ही दोनों राज्य में हिंसा भड़की हुई है। हिंसा पर काबू पाने के लिए सोमवार को गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात की और हालात पर काबू  पाने का आश्वासन दिया है।

इससे पहले आज सुबह गृहमंत्री ने रैपिड फोर्स की तीन कंपनियां और महिला बटालियन की एक कंपनी कर्नाटक में तैनात की कर दी है।

बढ़ती हिंसा के बीच बेंगलूरु के बस अड्डे पर तमिलनाडू नंबर की 35 बसों को आग में फूंक दिया गया। वहीं दूसरी ओर तमिलनाडू राज्य में स्थित कन्नड लोगों को तंग किया जा रहा है।

बेंगलुरु में हिंसा को देखते हुए सभी 16 थानों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। शहर  में धारा 144 लगा दी गई है। लेकिन बकरीद के देखते  हुए मस्जिद में धारा 144 नहीं लगाई गई है।

इससे पहले कर्नाटक मुख्यमंत्री सिद्धारमैय्या ने तमिलनाडू की मुख्यमंत्री जयललिता के पत्र लिखकर दोनों राज्यों के बीच मैत्री संबंध अच्छे  बनाए रखने का अनुरोध नहीं किया है।

आपको बता दें कल आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले में कहा गया था कि अब कर्नाटक तमिलनाडू को प्रतिदिन 12,000 क्यूसेक पानी देगा। जबकि सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कर्नाटक 10,000 क्यूसेक पानी देने की मांग की थी।

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कावेरी विवाद- सुप्रीम कोर्ट का आदेश देना होगा 12,000 क्यूसेक पानी

कावेरी नदी के पानी को लेकर कर्नाटक सरकार द्वारा दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुना दिया है।

अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कर्नाटक को तमिलनाडू को प्रतिदिन 12,000 क्यूसेक पानी देना होगा। जबकि याचिका में 10,000 क्यूसेक पानी देने की अपील की  गई थी।

सुप्रीम कोर्ट

कोर्ट के इस फैसले के बाद तमिलनाडू में काफी प्रदर्शन चल रहा है। वहीं दूसरे ओर कर्नाटक सरकार का कहना है कि इतना पानी देने से उनके राज्य जलसंकट का खतरा आ सकता है।

फैसला सुनाते हुए जस्टिस दीपक मिश्र ने कहा कि देश के नागरिकों और उच्च आधिकारी सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मानना होगा जबतक कि उसमें कोई परिवर्तन नहीं हो जाता। इस तरह का प्रदर्शन कर लोग कानून को अपने हाथ में नहीं ले सकते हैं।

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