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Holi Detox – होली के बाद बॉडी डेटॉक्स करने के लिए 5 टिप्स

 Holi Detox – इन 5 टिप्स से होगा बॉडी डिटॉक्सिफिकेशन


Holi Detox टिप्स

होली रंगों, मस्ती, ख़ाने और खेल का त्योहार है। दोस्तों और परिवार के साथ होली का जश्न मनाने और नए-नए पकवान खाने के लिए हर कोई तत्पर रहता है। जब होली पर कोई गुजिया, ठंडाई, चाट, मिठाइयां और कई अन्य स्वादिष्ट व्यंजन पेश करता है, हममे से कोई भी मना नहीं कर पाता है, और इसी के साथ हमारा वजन बढ़ जाता है। त्योहार मनाने का मज़ा अपनी जगह है और त्यौहार खत्म होने के बाद बॉडी डेटॉक्स करने और वजन घटाने का मज़ा अलग। होली पर खाये जाने वाले सभी खाद्य पदार्थ में वसा और कैलोरी उच्च होती है। आइये हम आपको होली के बाद बॉडी डिटॉक्स करने और वजन घटने के लिए कुछ सुझाव दे रहे हैं।

होली टिप्स – शरीर को डेटॉक्स करने और वजन घटाने के लिए

नींबू पानी

यदि आपको भूख लगती है या आपके द्वारा होली पर खाएं सभी खाद्य पदार्थों के मिश्रण के कारण बेचैनी महसूस होती तो नींबू पानी पियें। नींबू पानी पाचन में सहायता करता है और आपके शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में भी मदद करता है। नींबू पानी वजन घटाने में मदद भी करता है और आपको बेहतर महसूस करावाता है। यदि आप बेचैनी महसूस कर रहे हैं तो यह टॉनिक राहत पाने में आपकी मदद करता है।

हल्का भोजन

जब आप होली पर हैवी लंच खा चुके हो तो अगले दो दिन तक हल्का खाना खाएं। आपके पेट और शरीर को आराम की जरुरत होती हैं, एक हल्का भोजन जैसे सलाद या दलिया या जई वास्तव में आपके शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं और पाचन में भी सुधार करते हैं।

और पढ़ें: एसिडिटी की समस्या से राहत पाने के घरेलू नुस्खे

वॉकिंग

होली खेलने के बाद आप बहुत थके हुए हो सकते हैं और आपको बहुत नींद भी आती है। लेकिन अगले एक सप्ताह तक आप सुबह – शाम टहलने के लिए थोड़ा बाहर निकलें। चलने से हमारा सिस्टम सामान्य महसूस करेगा और वापिस शेप में लाने में भी। ये हमारे शरीर और दिमाग को भी सक्रिय बनायेगा। वॉक पाचन में भी सहायता करेगा और कैलोरी बर्न करने में भी मदद करेगा।

रात की नींद लें

सुनिश्चित करें कि आप होली खेलने के बाद अगल कुछ रातों को अच्छी नींद लें क्योंकि यदि आप पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं तो थकान रहती हैं। कम नींद भी हमारे शरीर का वजन बढ़ाती हैं। कम नींद हमारे पाचन और वजन घटाने को भी प्रभावित करती हैं।

स्वस्थ नाश्ता

अगर आप बेहतर महसूस कर रहे हैं और आपको लगता है कि आपका शरीर डेटॉक्स हो गया है, तो अगले सप्ताह से एक स्वस्थ नाश्ता करें और दिन की शुरुआत अच्छे से करें। संपूर्ण आहार और नट्स, बीज और फलों के रस से बना एक पौष्टिक नाश्ता डिटॉक्स के लिए सही होता है।

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Holi 2020 – मिलावटी व केमिकल वाले रंग और मिठाइयों से करें बचाव

Holi 2020 – देहरादून में होली पर रंगों और मिठाईयों की जांच के नतीजे हैं बेहद चौंकाने वाले


कोरोनोवायरस से फीकी हुई होली –

कोरोनोवायरस को देखते हुए इस बार होली फीकी पड़ने का अनुमान है लेकिन फिर भी लोगों द्वारा बरती
जाने वाली सावधानियों के बावजूद, होली का त्योहार मनाने का उत्साह अभी भी बहुतों में है। हालांकि, इस
बार, खासतौर पर बाजार में बिकने वाले रंगों, मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट के स्तर को
देखते हुए पूरी जांच परख कर खरीददारी करें।

नमूनों में मिली मिलावट –

प्रदूषण और पर्यावरण संरक्षण वैज्ञानिकों (स्पेश) की सोसायटी ने धामावाला, पल्टन बाजार, हनुमान चौक,
मोती बाजार, कर्णपुर, डकरा, कंवाली रोड, पटेलनगर, माजरा, पंडितवाड़ी, प्रेमनगर, सहस्त्रधारा रोड, रायपुर,
देहरादून के जाखन, राजपुर और कृष्णानगर इलाके से विभिन्न होली रंगों के 100 नमूने एकत्र किए।
विशेष सचिव बृजमोहन शर्मा के अनुसार, प्रयोगशाला परीक्षणों से पता चलता है कि इन रंगों में लाल धातु
में पारा सल्फाइट, हरे रंग में तांबा सल्फेट, बैंगनी रंग में क्रोमियम आयोडाइड, चांदी के रंग में
एल्यूमीनियम क्रोमाइड और काले रंग में लीड ऑक्साइड में जैसी कई हानिकारक धातुएं मिली हैं।

मिलावटी रंगों से हो सकते हैं ये नुकसान –

ये रंग विषैले होते हैं और त्वचा के कैंसर, आंखों की एलर्जी, अस्थाई अंधापन, ब्रोन्कियल अस्थमा, एलर्जी,
किडनी की विफलता और सीखने की अक्षमता का कारण बन सकते हैं। शर्मा ने कहा कि बाजार में
बिकने वाले अधिकांश रंग धातु ऑक्साइड या औद्योगिक रंग हैं।

जब इन्हें धोया जाता है तो ये रंग मिट्टी और पानी की प्रणालियों को प्रदूषित कर सकते हैं। ये नदियों
और मिट्टी में प्रवेश करते हैं और प्रदूषण बढ़ाते हैं। स्पेक ने बाजार में उपलब्ध प्राकृतिक हर्बल रंगों की
भी जांच की और पता लगाया कि इनमें से 52 प्रतिशत रंगों में मिलावट है।

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मिठाईयों में भी मिली खूब मिलावट –

जब मिठाइयों की बात आती है तो बाजार में उपलब्ध वस्तुओं में भी मिलावट की जाती है। स्पेक ने दूध,
मावा, पनीर, मिल्क केक, बर्फी, गुजिया, बताशा, गुलाब जामुन, सरसों का तेल और रिफाइंड तेल सहित खाद्य
सामग्री के 240 नमूने एकत्र किए। मावा के 40 नमूनों में से 38 नमूनों में हानिकारक पदार्थों की मिलावट
पाई गई। 38 मिलावटी नमूनों में से 17 पूरी तरह से सिंथेटिक थे जिनमें यूरिया, डिटर्जेंट, अरारोट पाउडर
और रिफाइंड तेल जैसे रसायन थे। रिफाइंड आटा (मैदा) जो कि गुझिया बनाने के लिए उपयोग किया
जाता है, को भी मिलावटी पाया गया।

शर्मा ने कहा कि होली पर एक सुखद अनुभव के लिए, घर पर पकाए गए खाद्य पदार्थों और वास्तव में
पारंपरिक रूप से आसानी से उपलब्ध वस्तुओं से बने जैविक रंगों का उपयोग बाजार में बिकने वाले
उत्पादों के बजाय किया जाना चाहिए।

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होली खेलने के समय पर रखे इन बातो का रखे ख़ास ध्यान?

होली पर केमिकल रंगों से रहे दूर


आज होली है आप सभी होली को रंगों के साथ खेलने में बेहद ही उत्साहित होंगे लेकिन इसके नुक्सान भी है , जैसे त्वचा से लेकर बाल तक को बेजान बना देते है। दो -दो बार नहाने से अच्छा है कि इसका बचाव कैसे करे आइये जानते है कि इसके बचाव करते हुए कैसे खेले होली एंवम इसकी क्या-क्या सावधानियां हो.

holi
  1. जब आप बाहर होली खेलने के लिए जायंगे उससे पहले त्वचा पर मोश्चचुराइजर लगाना न भुले साथ ही रात में सोते समय नाइट क्रीम लगाना ना भुले, जो फेस को सुरक्षा कवच का काम करे
  2. बाल बेजान ना हो इसके लिए बालों को अच्छी तरह से तेल लगा सकते साथ ही अच्छी  कंपनी का  सीरम लगा सकते है, जिससे बालों को बेजान होने से बचाया जा सकता है
  3. होली में स्प्रे जैसे रंग से भी दूर रहे इनसे आपकी स्कीन पर इन्फेक्शन होने का भी डर रहता है
  4. आप होली खेलने से पहले अपने शरीर पर नारियल का तेल लागले जिससे आपको इन कलर्स से ज्यादा नुकशान नहीं होगा
  5. होली पर गुब्बारों से भी बचे इनसे भी आपकी आँखों को नुकशान पहुंच सकता है

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इन बातो का ध्यान रखना इसलिए भी ज़रूरी है क्यूंकि इस त्यौहार में गुलाल और गिले रंगों में ऐसी केमिकल मिक्स होते है जो आपकी तव्चा और बालो के लिए नुक्सान दायक होते है, क्यूंकि होली में जिन रंगों का आप  इस्तेमाल करते है वो सूखे गुलाल और गीले रंगों को प्राकर्तिक उत्पादों से नहीं बनाते है. इनमे माईका , लैड जैसे रसायनिक पदार्थ पाए जाते है. जिससे तव्चा में जलन पैदा होती है और बाल में सर में रंग जम जाता है .

रंगों से खेलते समय इन बात पर गौर देना बेहद ज़रूरी होता है ताकि रंग से आपको कोई नुक्सान ना हो और अपनी आँखों पर भी ध्यान दे कि खेलते समय आपकी आँखों में रंग ना जाए . इसलिए इस होली को अच्छे से खेले लेकिन सावधानी के साथ.

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हो जाओ मस्त मगन रगों के सग इस होली

कैसे बनाये होली को यादगार


होली का  त्योहार यू तो लोगो के लिए काफी हर्ष और उल्लास से भरा हुआ होता है। बच्चों को बहुत समय से होली का इंतज़ार होता है। होली आते ही बच्चे पानी के गुब्बारे, पिचकारियों से एक दूसरे पर रंग डालते है और आने जाने वाले लोगो पर भी बुरा ना मानो होली है कह कर रंगो की बरसात कर देते है। भारत में अनेको प्रदेश है जहां अलग-अलग तरीको से होली खेली जाती है कही गुलाल से तो कही फूलों से और कई राज्यो में तो लठ-मार होली भी खेली जाती है। प्राचीन काल से मनाये जा रहे इस त्योहार में लोग एक ही रंग में रंग कर दुश्मन को भी दोस्त बना लेते है और हम सब एक है का संदेश देते है।

होली है

होली में हर साल की तरह पानी और गुलाल से ही बस खेल कर रुखी-सुखी होली मनाने से बेहतर है इस साल कुछ नया करिइये जिससे आपकी होली मज़ेदार और यादगार बन जाए। जी हा तो क्यो ना इस बार होली में थीम पार्टी करिइये जैसे अपने मेहमानों को सफेद पोशाक में बुलाइये या “रैट्रो इन वाइट कॉस्टयूम” जैसी थीम साथ में लाइव म्युज़िक और फूलो की होली। कुछ लोग को रंगो की होली खेलने में आनंनद आता है तो वे लोग अपनी त्वचा का ध्यान रखते हुए ऑरगनिक रंगो का इस्तेमाल करिए और बिना किसी परेशानियों के होली का आंनद लीजीए। और साथ ही खाने के स्टाल्स और रिटर्न गिफ्ट से तो आपकी होली में चार चांद लग जाएंगे।

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यू तो होली रंगो का त्योहार है मगर होली में ठंडाई ना हो तो होली अधूरी ही रह जाती है। तो फूलो, रंगो, म्युजिक और ठंडाई इन सबके साथ दिल्ली में अनेको इवेन्ट्स भी रखे गये जैसे “ “टमैटीनो”(जिसमें टमाटरों से होली खेली जाती है) “बृज की होली दिल्ली में”( जिसमें फूलो से होली खेली जाएगी), “पूल पार्टी”, “रेन डांस इन होली  विथ नॉनस्टॉप लाइव म्यूज़िक” जहां आप अपने दोस्तो, अपने परीवार वालो के साथ जा कर हर बार से हट कर कुछ नये तरीको से होली मना सकते है और उसे अपने यादो के पिटारे में इसे संजो के रख सकते है।

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होली है ख़ास क्यूंकि ये है रंगों का त्यौहार

रंगों से खेले क्यूंकि बूरा ना मानो होली है


होली का त्यौहार है एक दम ख़ास क्यूंकि इस त्यौहार में सभी एक दूसरे को रंग लगा कर इसे त्यौहार को मनाते है. होली के त्यौहार को बुराई पर सच्चाई कि जीत का प्रतिक माना जाता है . इन दिनों आप हवा में गुलाल की महक को महसूस कर सकते हैं, रंगों के इस त्योहार में तरह-तरह के पकवान भी बनाएं जाते हैं. भारत में होली को व्यापक स्तर पर मनाया जाता है. वहीं कुछ क्षेत्रों में होली को अलग-अलग ढंग से भी मनाया जाता है जैसे मथुरा की लट्ठमार होली बहुत ही प्रसिद्ध है.

बुरा ना मानो होली है

होलीं को मनाने कि एहम वजह ये थी कि कंस को जब आकाशवाणी द्वारा पता चला कि वसुदेव और देवकी का आठवां पुत्र उसका विनाशक है तो कंस ने वसुदेव तथा देवकी को जेल में डाल दिया। जेल में कंस ने देवकी सात पुत्रो को मार दिया जब देवकी कि आठवी संतान हुई, वसुदेव ने रात में ही श्रीकृष्ण को गोकुल में नंद और यशोदा के यहां पहुंचा दिया और उनके यहाँ जन्मी कन्या को अपने साथ ले आए। कंस उस कन्या को मार नहीं सका और आकाशवाणी हुई कि कंस को मारने वाले ने तो गोकुल में जन्म ले लिया है। तब कंस ने उस दिन गोकुल में जन्मे सभी शिशुओं की हत्या करने का काम राक्षसी पूतना को सौंपा। वह सुंदर नारी का रूप बनाकर शिशुओं को विष का स्तनपान कराने गई लेकिन श्रीकृष्ण ने राक्षसी पूतना का वध कर दिया। यह फाल्गुन पूर्णिमा का दिन था. उसी दिन गुलाल से खले कर होली का त्यौहार मनाया जाने लगा.

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होली के त्यौहार को पर बनाए घर पर बनाए ये पकवान:

  1. होली है और गुजिया ना बने ऐसा कैसे हो सकता है घर पर आप ड्राई फ्रूट्स और खोये को मिलाकर बनाए गुजिया.और घर में सभी को खिलाये
  2. पूरन पोली डिश के बारे में तो आप जानते होगे ये मुंबई कि सबसे स्पेशल डिश है .यह मीठा पकवान होली के समय में सबसे ज्‍यादा बनता है. इसलिए आप इस होली पर इससे अपने मेन्‍यू में इस डिश को जोड़ ले.
  3. आप होली पर मालपुआ भी बना कर खा सकते है
  4. होली में बादाम कुल्‍फी से बेहतरीन रेसेपी भला और क्‍या हो सकती है। गर्मियों भी शुरू हो चुकी है और आप इसे अपने डेजर्ट में जोड़ सकते है.

इस होली को बनाए और भी स्पेशल गुलाल से खेले सेफ्टी पर भी ध्यान दे और घर पर ये पकवान बनाए होली के त्यौहार को अच्छे से एन्जॉय करे .

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स्वादिष्ट पकवान

होली में घर पर बनाएं झटपट ठंडाई

झटपट बनाएं ठंडाई


होली, रंगों का त्यौहार। प्रत्येक की जिदंगी में रंग खुशियां लेकर आता है। रंग के अलावा होली में खाना पकावन भी बहुत प्रमुखता से बनाए जाते है। गूजिया, मालपूवे, दही बड़े ये सभी ही होली की पहचान है। इसके अलावा भी एक ऐसी चीज है तो होली के रंग और गुलाल घोल देती है। यह है ठंडाई। जिसके बिना तो होली अधूरी है। तो अगर इस होली मे आप ठंडाई बनाने में लेट हो जाएं तो घबराएं न। हम आपको बताते है झटपट कैसे तैयार ठंडाई और आनंद ले इस त्यौहार का।


आवश्यक सामग्री

चीनी- 350 ग्राम
बादाम- 60 ग्राम
दूध- ½ लीटर
पिस्ता- 30 ग्राम
खरबूजे के बीज- 30 ग्राम
सौंप – 30 ग्राम
इलायची- 10 ग्राम
काली मिर्च- 5 ग्राम

विधि

-मिक्सर जार मे सौंफ, काली मिर्च और 100 ग्राम चीनी डालकर बारीक पीस लीजिए। पिसे हुए मिश्रण को छलनी में डालकर छान लीजिए। छलनी में बचे हुए मोटे मिश्रण को एक बार फिर से मिक्सर में डालकर चीनी के साथ पीस लीजिए। फिर से इसे छानकर प्याले में निकाल लीजिए।
– इसके बाद मिक्सर जार में बादाम, पिस्ते, खरबूजे के बीज, इलाइची पाउडर और बची हुई चीनी भी साथ डालकर बारीक पीस लीजिए। इस मिश्रण को सौफ और काली मिर्च के मिश्रण में ही डालकर अच्छे से मिक्स कर लीजिए। इस सारे मिश्रण को एकबार फिर से छानकर कर ले लीजिए ताकि मिश्रण एकसार हो जाए। ठंडाई पाउडर बनकर तैयार है।

पाउडर से ठंडाई बनाने के लिए

एक गिलास में थोड़ा से दूध डाल लीजिए और इसमें 9 चम्मच ठंडाई पाउडर डालकर अच्छे से मिक्स कर दीजिए। इस मिश्रण को आधे घंटे के लिए रख दीजिए।

आधे घंटे के ठंडाई वाला दूध, बाकी दूध और बर्फ के टुकड़े मिक्सर जार मे डाल दीजिए और बर्फ के टुकड़े घुलने तक मिक्स कर लीजिए।
ठंडाई को गर्निश करने के लिए थोड़े से पिस्ते ठंडाई के ऊपर डाल दीजिए, ठंडी-ठंडी ठंडाई का ऐसे ही सर्व कीजिए। ठंडाई पाउडर को किसी भी एअर-टाइट कंटेनर में भरकर रख दीजिए और 2 मास तक इसका उपयोग कीजिए।

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भारत में आया त्‍योहारों का मौसम

भारत में आया त्‍योहारों का मौसम


भारत में आया त्‍योहारों का मौसम :- त्‍योहारों की बात हो और भारत का नाम ना आए ऐसा हो नहीं सकता। भारत एक ऐसा देश है, जहां कई प्रकार के त्‍योहार बहुत ही धूम – धाम से मनाए जाते है। ईद हो या होली, दिवाली हो या रक्षा बंधंन हर त्‍योहार को हर भारतीय मानता है।

गुजरात में नवरात्रें की धूम

नवरात्रें आज से शुरू

सभी जानते है, भारत एक ऐसा देश है, जहां हर धर्म के लोग साथ में रहते है और हर त्‍योहार को एक साथ मानते है। एक अक्‍टूबर यानि आज से मां दुर्गा की आराधना का महापर्व मतलब नवरात्रें शुरू हो गए है। इस बार नवरात्र नौ दिन की बजाय दस दिन के होगों। इस बार ऐसा महासंयोग 18 साल बाद बना है। मतलब कि इस बार नौ नहीं दस दिनों तक बाजार में धूम रहने वाली है। नवरात्र के दिनों में बाजार बहुत ही खूबसूरती से सजाए जाते है। घरों में बहुत सारे पकवान भी बनाए जाते है। नवरात्रों में बहुत से लोग उपवास करते है और इन नौ दिनों तक मासांहारी खाना भी नहीं खाया जाता है। नौ दिनों तक नौ देवियों की पूजा की जाती है और देश भर में रामलीला का आयोजन किया जाता है।

गुजरात में भी नवरात्रें बहुत धूम-धाम से मनाई जाती है, वहां लगातार नौ दिन तक डांस होता है और इस डांस को ‘गरबा’ करते है।

यहाँ पढ़ें : नवरात्रें स्पेशल : मां देवी को करना है प्रसन्न, तो भूलकर भी न करें यह काम

दुर्गा पूजा

दुर्गा पूजा

नवरात्रों के साथ दुर्गा पूजा का भी अगमान होता है। दुर्गा पूजा खासकर बंगाल में मनाई जाती है, मगर दिल्‍ली में यह चित्‍तरंजन पार्क भी बहुत धूम – धाम से बनाई जाती है। चित्‍तरंजन पार्क को छोटा कोलकाता भी कहा जाता है। दुर्गा पूजा के आने से महीनों पहले ही कलाकारों की कला बाजार में दिखना शुरू हो जाती है। दुर्गा पूजा के पंडाल कई दिन पहले ही सजने शुरू हो जाते है। हर पंडाल को एक नये विषयों के साथ सजाया जाता है। नौ दिनों तक दुर्गा मां की पूजा की जाती है और फिर उनका विर्सजन किया जाता है।

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