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जाने भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी नेहा गोयल और उनकी माँ की सक्सेस स्टोरी

नेहा गोयल के पिता की मौत के बाद उनकी मां ने किया फ़ैक्ट्रियों में काम


नेहा गोयल ये नाम तो अपने सुना ही होगा। नेहा गोयल 23 साल की एक भारतीय महिला हॉकी टीम की मिड फील्डर है। आज हम आपको नेहा गोयल और उनकी माँ की सक्सेस स्टोरी बताने जा रहे है नेहा गोयल की कहानी शब्दों के बांध को तोड़ देती है। नेहा गोयल को आप इस साल जुलाई में 2020 टोक्यो ओलंपिक में भारतीय महिला हॉकी टीम के साथ खेलती नज़र आएंगीं। नेहा गोयल ने 2019 में अमेरिका  की टीम को एफ़आईएच क्वालीफ़ायर में 6-5 से हरा कर भारतीय महिला हॉकी टीम को ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया था।

नेहा गोयल ने पहली बात छठी कक्षा में उठाई थी हॉकी स्टिक

क्या आपको पता है आज भारतीय महिला हॉकी टीम की जानी मानी खिलाड़ी नेहा गोयल ने छठी कक्षा से ही हॉकी खेलना शुरू कर दिया था? नेहा ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि वो तीन बहने है और जिनमे से नेहा सबसे छोटी है। उनके पिता को शराब की बहुत गंदी लत थी। जिसके कारण उनके घर का माहौल ठीक नहीं रहता था। उनके पिता घर पर कोई खास आर्थिक मदद भी नहीं देते थे। उन्होंने बताया कि जब वो छठी कक्षा में थी तो उनकी एक दोस्त ने उनको बताया  था कि हॉकी खेलने से उन्हें अच्छे कपड़े और अच्छे जूते पहनने को मिलेंगे। वो वक़्त नेहा सिर्फ अच्छे कपड़ों और अच्छे जूतों के लिए हॉकी खेलना शुरू किया। नेहा ने जब पहली बार जिला स्तर पर एक मुकाबला जीता और उनको ईनाम के तोर पर दो हज़ार रुपए मिले तो उस दिन नेहा को ऐसा महसूस हुआ की वो हॉकी खेल कर अपने घर की आर्थिक हालत सुधार सकती है। नेहा के पिता ने तो उनको इसके लिए बढ़ावा नहीं दिया। लेकिन उनकी माँ ने समाज के तानों से ऊपर अपनी बेटी और उसके सपनों को रखा। और हर तरीके से अपनी बेटी को सपोर्ट किया।

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पिता की मौत के बाद नेहा की मां ने फ़ैक्ट्रियों में किया काम 

नेहा गोयल जिला स्तर पर खेलते- खेलते नेशनल टीम में अपनी जगह बना ली थी। साल 2015 में नेहा को हॉकी के ज़रिए रेलवे में नौकरी मिली। नौकरी मिलने के बाद नेहा घर संभालने की स्थिति में आई ही थी कि उनके पिता की 2017 में लंबी समय से बीमारी के चलते के कारण निधन हो गया। अब घर और परिवार की सारी जिम्मेदारी नेहा के ऊपर आ गयी। नेहा नौकरी करते हुए हॉकी भी खेलती थी इसलिए उन्हें हॉकी किट से लेकर खेल से जुड़ी हुई कई जरूरते भी पूरी करनी पड़ती थी। जिसके कारण फिर से उनके घर की आर्थिक हालत बिगड़ने लगी थी इसी लिए नेहा की माँ ने फैसला किया कि अब वो नौकरी करेगी और अपनी बेटी को उसके सपने पूरा करने का मौका देगी। आज हम सब देख सकते है नेहा और उनकी माँ की मेहनत कितना रंग लायी हैं।

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