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बैंगन  रखता है आपको  स्वस्थ, जाने इसे खाने के यह ख़ास फायदे

शरीर का मोटापा  करता है कम


आज की जनरेशन जंकफ़ूड पर निर्भर रहने  के कारण  सामान्य सब्जियों  को नजर अंदाज़ करती है. जिनमे से एक सब्जी बैंगन है. लोगो को  इसका भरता खाना  बहुत पसंद करते है लेकिन सब्जी नहीं, पर आपको बता दे कि  बैंगन  की सब्जी आपकी  सेहत के लिए काफी काफी  फायदेमंद होती है जो आपके मोटापे को भी जल्दी खत्म  करती है.
जी हाँ, बैंगन एक लो कैलॉरी सब्जी है. 100 ग्राम बैंगन में मात्र 25 कैलोरी होती है. जिसे आपका वजन भी जल्दी कम होता है इसलिए बैंगन खाना आपके शरीर के लिए बेहद ही फायदेमंद है.साथ ही आज हम आपको बताएँगे बैंगन से जुड़े कुछ फायदे ?

बैंगन  को खाने से आपके शरीर को होता है लाभ ?

1. बैंगन आपका वजन जल्दी कम करता है क्योंकि इसके अंदर फाइबर होता है जो पेट को  ज्यादा देर तक भरा रखता है जिससे आपको भूख भी कम लगती है.
2. इसे खाने से  आपका पाचन भी ठीक रहता है क्यूंकि बैंगन में डाइट्री फाइबर की मात्रा भरपूर होती है जो कि  आंतों में चिपकी गंदगी को साफ करता है और भोजन के पाचन को सही रखता है.
3.  इसके अलावा यह कोलेस्ट्रॉल  भी घटाता है. इसके अंदर पोटेशियम व मैग्नीशियम की जो मात्रा है वो भरपूर होती है जिसके चलते यह  कोलेस्ट्रॉल को कम करता है
4. आपकी हड्डियों को भी मजबूत रखता है  क्योंकि इसमें आयरन और कैल्शियम  दोनों पाए  जाते है जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद  करता है.
तो यह है बैंगन खाने के कुछ ख़ास फायदे जिनसे आपका मोटापा भी जल्दी कम होता है और आप हमेशा फिट एंड हेल्थी रहते है.

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एचआईवी और एड्स : इनके बीच के डिफरेंसेस और शुरूआती लक्षण

आखिर कौन-कौन से हैं एचआईवी के शुरूआती लक्षण?


एड्स, एक ऐसी बीमारी है जिसका नाम सुनकर ही लोग सहम जाते हैं। यह मनुष्य के शरीर में ह्यूमन इम्यूनोडिफिशंसी वाइरस (एचआईवी) की वजह से होता है। एचआईवी एक जानलेवा बीमारी है, लेकिन इसके लक्षण शुरुआत में बिलकुल समझ में नहीं आते हैं। इंफेक्शन होने के बाद मरीज तुंरत इसके लक्षणों को नहीं समझ पाता है। आमतौर पर इसके शुरुआत में इनफ्लुएंजा जैसे लक्षण दिखाई देते हैं और इसके बाद एक लंबे समय तक कोई भी लक्षण महसूस नहीं होता है।

एचआईवी और एड्स

हालांकि, जैसे-जैसे इन्फेक्शन पूरे शरीर में फैलता है, यह इम्यून सिस्टम पर प्रभाव डालना शुरू कर देता है। इसी की वजह से शरीर में ट्यूमर, टीबी आदि जैसे और भी खतरनाक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। एचआईवी से संक्रमित होने के बाद ऐसी बीमारियों के होने का खतरा भी बढ़ जाता है जो नार्मल इम्यून सिस्टम वाले व्यक्ति को नहीं होती हैं।

आइए बताते हैं कि एचआईवी के लक्षण और उसके कारण के बारे में: –

  • एचआईवी एड्स के अलग-अलग स्टेजज होते हैं, जिनमें लक्षण भी अलग-अलग होते हैं।
  1. ऐक्यूट इन्फेक्शन

इस फेज में इनफ्लुएंजा जैसे लक्षण होते हैं, जो इन्फेक्शन होने के 2 से 6 हफ्तों में सामने आते हैं। 

  • इसके लक्षण हैं :-

-बुखार
-ठंड लगना
-मांस-पेशियों में दर्द
-गले में दर्द
-हड्डियों में दर्द
-रात में पसीना
-कमजोरी, थकान और चक्कर आना
-वजन कम होना

  1. असिम्प्टोमटिक एचआईवी

पहले फेज के बाद दूसरा फेज आता है जिसमें लंबे समय तक कोई लक्षण नहीं दिखते हैं। मरीज भी इस स्टेज पे खुद को बिल्कुल स्वस्थ महसूस करता है। यह स्टेज कभी-कभी 20 साल तक का हो सकता है। हालांकि इस दौरान इन्फेक्शन का असर इम्यून सिस्टम पर पड़ता रहता है और वह धीरे-धीरे कमजोर होता जाता है।

एचआईवी और एड्स
  1. लास्ट स्टेज

यह एचआईवी का सबसे गंभीर स्टेज होता है। इसमें मरीज पर गंभीर बीमारियों का असर शुरू हो जाता है। इसमें CD4+T सेल्स की संख्या 200 से भी नीचे पहुंच जाता है।

  • इसके लक्षण हैं :-

-डायरिया
-आंखों में धुंधली रोशनी
-तेज बुखार
-सूखी खांसी
-मुंह और जीभ में सफेद धब्बे
-वजन का कम होना
-रात को पसीना आना
-सांस लेने में दिक्कत
-थकान

सबसे जरुरी बात यह है कि अगर एचआईवी इन्फेक्शन हो गया है तो जरुरी नहीं है कि एड्स भी हो ही जाएगा। यह सिर्फ इस बात पर निर्भर करता है कि आप अपना इलाज कितनी जल्दी शुरू कर रहे हैं और वो कितना प्रभावी है।

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तांबे के बर्तन में रखा पानी पीने के 10 स्वास्थ्य रिलेटेड बेनेफिट्स

तांबे के बर्तन में पानी पीने से होते हैं ये अमेजिंग फायदे


वैसे तो पानी पीना स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायक होता है इसलिए कहते हैं कि पूरे दिन भर में 8-10 ग्लास पानी पीना कई बीमारियों से निजात दिलाने में सहायक होता है। लेकिन आयुर्वेद में हमेशा से तांबे के बर्तन में रखा पानी पीने के कई फायदे होते हैं। आयुर्वेद का कहना है कि शरीर से जुड़ी सारी समस्याएं को दूर रख पाने में तांबे में रखा हुआ पानी हमारे हेल्थ के लिए काफी लाभदायक होता है।  इसीलिए आज आपको इसके कुछ ऐसे फायदे बता रहे हैं, जो हर किसी के हेल्थ के लिए लाभदायक है।

तांबे के बर्तन

आइए जानते हैं तांबे के बर्तन में रखे पानी पीने के फायदे

  1. हमेशा दिखेंगे युवा

तांबे के बर्तन में रखा हुआ पानी पीने से हमारी त्वचा हमेशा तंदुरुस्त रहती है। इससे त्वचा का ढीलापन दूर हो जाता है और झुर्रियां भी नहीं आती। जिससे हमारी त्वचा हर वक्त चमकदार और स्वस्थ बनी रहती है।

  1. थायराइड में फायदेमंद

तांबे के बर्तन में रखा हुआ पानी पीना थायराइड को नियंत्रित करने का काम करता है। इसलिए अगर कोई व्यक्ति थायराइड से ग्रसित हैं तो उन्हें हमेशा तांबे के बर्तन में रखा हुआ पानी हीं पीना चाहिए.

  1. जोड़ों के दर्द और गठिया में लाभदायक

तांबे के बर्तन का पानी शरीर में यूरिक एसिड को कम करता है, जिससे गठिया या जोड़ों के दर्द से राहत मिलता है। इसलिए जो व्यक्ति ऐसी परेशानी से ग्रसित हैं, उन्हें हमेशा तांबे के बर्तन में रखे हुए पानी का हीं सेवन करना चाहिए।

तांबे के बर्तन
  1. स्किन को स्वस्थ बनाता है

तांबे के बर्तन में रखा हुआ पानी हमेशा पीते रहने से त्वचा में निखार बना रहता है और प्राकृतिक रूप से त्चचा चमकदार और स्वस्थ बनी रहती है.

  1. दिल को रखे स्वस्थ

तांबे के बर्तन में रखा हुआ पानी पीने से रक्त संचार सुचारु रूप से चलता रहता है, जिस वजह से कॉलेस्ट्रोल नियंत्रित रहता है और जो दिल के लिए काफी लाभदायक है। इसीलिए हर रोज रात को तांबे के बर्तन में पानी भरकर रख लें और उसे सुबह पिएं।

  1. खून की कमी नहीं होती

तांबा हमारे शरीर के लिए बेहद आवश्यक पदार्थ है जो शरीर में आवश्यक पोषक तत्वों को अवशोषित करने का काम करता है। जिस वजह से शरीर में खून की कमी नहीं होती और खून से जुड़ी सभी बीमारियों से भी निजात मिलती है।

  1. कैंसर में लाभदायक

तांबे के बर्तन में रखा हुआ पानी पीने से शरीर में वात, पित्त और कफ जैसी समस्याओं से निजात मिलती है, इतना हीं नहीं इसमें एंटीआक्सीडेंट तत्व भी मौजूद होते हैं जो शरीर के रोग-प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने का काम करता है। ऐसे में कैंसर से पीड़ित व्यक्तियों के लिए तांबे में रखा पानी पीना काफी लाभदायक होता है।

  1. हानिकारक बैक्टीरिया को नष्ट करता है

तांबे के बर्तन में रखा हुआ पानी शरीर में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को नष्ट करने का काम करता है। साथ हीं दस्त, डायरिया और पीलिया जैसे रोगों के कीटाणु को भी नष्ट करता है।

  1. वजन घटाने में मददगार

इस पानी को पीने से शरीर में मौजूद चर्बी कम होता है और शरीर से कमजोरी भी दूर होता है।

  1. पाचन क्रिया में सहायक

नियमित रूप से तांबे के बर्तन में रखा हुआ पानी पीने से पाचन क्रिया ठीक बनी रहती है। एसिडिटी और गैस जैसी पेट से संबंधित बीमारियां भी दूर रहती है।

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सुझाव

जानिये स्वप्न फल के प्रभाव !

आखिर क्यों दिखते हैं मृत परिजन सपने में ?


आज हम बात करेंगे उन सपनों के बारे में जिसकी वजह से हम अपने सपनों में अपने मृत परिजनों को देख लेते हैं। कभी न कभी सबने ऐसी परिस्थिति का सामना जरुर किया होगा। बहुत सारे लोग इसे अपने मन का भ्रम मानते हैं। लेकिन जो लोग ऐसे स्वप्न देखते हैं खास कर ऐसे लोगों को इस बात को जानने की बड़ी उत्सुकता होगी कि इन सपनों का मतलब क्या है? आखिर क्यों उन्हें अपने मृत परिजनों के सपने दिखते हैं? आज हम इसी बारे में बात करेंगे की आखिर मरे हुए स्वजनों के सपने में दिखने का क्या तात्पर्य है।

सपने या मन का भ्रम

आइए जानें मृत परिजनों के सपने में दिखने के कुछ असामान्य प्रभाव:-

मृत परिजन और उनका साथ
  1. जब भी कोई मृत व्यक्ति सपने में दिखता है, वो हमेशा स्वस्थ दिखेगा चाहे वो अपने जीते जी कितना ही ज्यादा बीमार रहे हो।
  2. कभी-कभी मृत परिजन आने वाले मुसीबतों से आगाह करने के लिए भी हमारे सपनों में आ जाते हैं।
  3. कई बार मौत के बाद भी लोगों से अपनों का मोह नहीं जाता है। इन आत्माओं को मोक्ष नहीं मिल पाता जिसकी वजह से उनकी आत्माएं अपनों की चिंता में उनके आस-पास ही भटकती रहती है।
  4. स्वप्न में दिखने वाले मृत परिजनों की आवाज नहीं होती। ऐसे में वह सिर्फ इशारों से और हाव-भाव से अपना उद्देश्य बयान करते हैं।
  5. मृत स्वजनों का सपनों में दिखना सकारात्मक होता है क्यूंकि सपनों में दिखने वाला इंसान एक अलग ही ऊर्जा का एहसास कराता है। इससे सुबह जागने के बाद आंतरिक सुकून का एहसास कराता है।
  6. सपनों में हमारे मृत परिजनों का दिखना हिम्मत और प्रेरणा प्रदान करता है क्यूंकि उनका अचानक से गायब हो जाता है तो कोई भी मजबूत व्यक्ति टूट सकता है, ऐसे में उसी स्वजन का दिखना हमारा भरोसा देता है कि वो परिजन हमारे आस-पास ही है और हमें देख रहा है।
  7. कुछ लोगों को उनके मृत परिजन लाइफ में अच्छा करने के लिए एक तरह से प्रेरित भी करते हैं। अपने मृत परिजनों के दिखाए हुए मार्ग पर चल कर भी लोग अपना जीवन सफल बनाते हैं।
  8. वहीँ कभी-कभी कुछ लोग अपने मृत परिजनों को सपने में देख कर बुरी तरह से डर जाते हैं, और तो और बीमार भी पद जाते हैं।

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सेहत

जानिये क्यों जरूरी होता है नाश्ते में सेब खाना ?

फल सेब से जुडी कुछ ख़ास बाते


यू तों हर तरह के फल फायदेमंद होते हैं पर सेब के फायेदे अपनी ही एक बात है. हम बचपन से ही ये बात सुनते आ रहे हैं कि हर रोज एक सेब खाने से डॉक्टर के पास नहीं जाना पड़ता है. ये बात वाकई सच है. अगर आप रोज सुबह उठकर एक सेब खाएं को कई तरह की बीमारियों से बच सकते हैं. सेब दुनियाभर में सबसे अधिक खाया जाने वाला फल है. इसमें पर्याप्त मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट और बीमारियों से लड़ने वाले तत्व पाए जाते हैं. सेब में कुछ ऐसे भी तत्व पाए जाते हैं जो शरीर में नई कोशिकाओं के निर्माण को प्रोत्साहित करते हैं. सेब खाने के ये नौ ऐसे फायदे हैं जिनके बारे में बहुत कम लोगों को पता होगा.

सेब

और पढ़े : सेब का हलवा

सेब के कुछ फायदे

  1. स्वस्थ और सफेद दांतों के लिए.
  2. बढ़ती उम्र की वजह से मस्ति‍ष्क पर पड़ने वाले प्रभाव को दूर करने के लिए.
  3.  सेब में भरपूर मात्रा में डाइट्री फाइबर्स पाए जाते हैं जो पाचन क्रिया को सही रखने में मददगार होते हैं.
  4. सेब का सेवन करने से कैंसर का खतरा कम होता है.
  5. सेब के नियमित सेवन से टाइप-2 मधुमेह होने का खतरा कम हो जाता है.
  6. सेब का सेवन करना दिल के लिए बहुत अच्छा होता है.
  7. सेब के नियमित सेवन से कब्ज की समस्या नहीं होती है.
  8. वजन को नियंत्रित करने के लिए भी सेब का नियमित इस्तेमाल फायदेमंद होता है.
  9. सेब के नियमित इस्तेमाल से शरीर के भीतर मौजूद कई विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं.
  10. सेब में पेक्टिन जैसे फायदेमंद फाइबर्स पाए जाते हैं. हर रोज एक सेब खाने से कैंसर, हाइपरटेंशन, मधुमेह और दिल से जुड़ी बीमारियां नहीं होती…..

और पढ़े : सेब का जूस पीने से होते हैं यह फायदे!

यहाँ पढ़े : क्या सच में जीवन का आधार है संतुलित आहार

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सेहत

क्यों आवश्यक हैं विटामिन

विटामिन


वैसे तो हम आज ऐसे युग में जी रहे हैं जहाँ सभी अपनी सेहत के प्रति जागरूक है हैं लेकिन व्यस्त जीवन शैली के कारण शायद हम पता होते हुए भी ख़ुद का ध्यान रखने में असमर्थ हैं। महिला और पुरुष चाहे वे किसी भी उम्र के हों उनके लिए सभी प्राकार के विटामिन का सेवन करना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि यह भिन्न प्राकार की बीमारियों से रक्षा कर हमें स्वस्थ बनाते हैं।

विटामिन वे ऑर्गैनिक कम्पाउंड होते हैं जो शरीर के भिन्न अंगों की बहत्तर कार्य करने में सहायता करते हैं। जितने भी प्रकार के विटामिन है उन सभी के कार्य अलग होते हैं। इस की कमी से कई प्रकार की बीमारियाँ होती हैं। हमारे शरीर को प्रतिदिन इस की आवश्यकता होती है ताकि वह स्वस्थ रह सके। यदि यह ज़रूरत पूरी नही होती तो इसका परिणाम गम्भीर बीमारियों के रूप में सामने आता है।

उदाहरण के तौर पर जो लोग खाने में A, B1 और B2  नहीं लेते हैं उन्हें लगातार थकान महसूस होती है, उन्हें भूख नही लगती और उन्हें मानसिक बीमारियों का भी सामना करना पड़ता है।

जैसे की हमने शुरू में बताया हर इस की कमी से अलग बीमारी होती है इसे ऐसे समझना ज़्यादा आसान होगा:-

यहाँ पढ़ें : नारियल पानी पीने के फ़ायदे

  • विटामिन A की कमी से दृष्टि कमज़ोर हो जाती है। उम्र से होने वाली बीमारियाँ जल्दी होने लगती हैं।
  • विटामिन B2 की कमी के कारण आँख और जीभ पीले पड़ने पड़ने लाते है, मुँह में छालें, शुष्क बाल, झुर्रियाँ, होनेलगती है। इसका प्रभाव राज प्रतिरोधक शक्ति पर भी पड़ता है।
  •  विटामिन D की कमी से रिकेट्स जैसी ख़तरनाक बीमारी हो जाती है। यह बीमारी छोटे बच्चों को अधिक होती है।
  •  विटामिन K की कमी से यह होता है कि यदि खो चोट लग जाए तो वहाँ से ख़ून बहना बन्द भी हो पाता।

इसी प्रकार कंजंक्टिवायटिस, अनीमीआ, बेरी-बेरी, पेलैग्रा, फ़ोटोफ़ोबीया, स्कर्वी जैसी बीमारी भी इसी की कमी से ही होती हैं।

अपने शरीर की और जागरूक होने का अर्थ है अपने शरीर की ज़रूरतों को समझना और समय रहते उन्हें पूरा करना। अधिकतर इस की वजह से होने वाली बीमारियों के लक्षण तब दिखते हैं जब उनका इलाज करना मुश्किल हो जाता है इसलिए आवश्यक यह है कि हम पहले ही अपने भोजन को इस से भर लें।

भोजन वह खाएँ जो विटामिन से भरपूर हो। हरी सब्ज़ी, फल में यह प्रचूर मात्रा में होते हैं। यदि आप नशे करते हैं तो छोड़ दें क्योंकि इससे शरीर विटामिन को सोख नही पाता। यदि भोजन आपको विटामिन पूरी मात्रा में नही दे रहा तो आप इसके सप्लीमेंट भी ले सकते हैं परंतु इंगा लेने से पहले डॉक्टर से सलाह ज़रूर ले लें।

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स्वादिष्ट पकवान

आसानी से कैसे बनायें सैंडविच?

सिर्फ़ 5 मिनट और सैंडविच तैयार


नाश्ते में सैंडविच खाना किसे नहीं पसंद होता। बच्चे तो सैंडविच को इतना पसंद करते है की वे पूरे दिन खाने की जगह इसे खा सकते है और क्यों ना हो पसंद सैंडविच होते ही इतने स्वादिष्ट हैं। सबसे अच्छी बात तो यह है की ये स्वादिष्ट होने के साथ साथ हमारी सेहत का भी ख़याल रखते हैं। और क्योंकि हम इसे अपने घर पर ही बना के खाएँगे तो स्वच्छता की चिंता भूल जाओ।

तो आओ सीखें आसान सा सैंडविच बनाना:

इसके लिए हमें ज़रूरत होगी निम्नलिखित सामान की:-

  • प्याज़
  • टमाटर
  • शिमलामिर्च
  • धनिया पत्ती
  • हरी मिर्च
  • ¼ चम्मच चीनी
  • 2 चम्मच ताज़ा मलाई या क्रीम
  • नमक स्वादानुसार
  • चीज़ स्लाइस
  • ब्रेड
सैंडविच

यहाँ पढ़ें : सेब का हलवा

विधि-

  • सबसे पहले प्याज़, टमाटर, शिमलामिर्च, धनिया और हरी मिर्च को बारीक काट लें।
  • इन सभी को एक बर्तन में डाल लें अब इस बर्तन में मलाई या क्रीम डालकर नमक और चीनी डाले। इस मिक्स्चर को अब अच्छे से मिक्स कर लें।
  • आप चाहे तो इस मिक्स्चर को मंदी आँच पर भून सकते हैं।
  • इस मिक्स्चर को ब्रेड पर फैलाकर चीज़ स्लाइस लगायें।
  • अब ब्रेड को ग्रिल करने के लिए रख दें।
  • इसे केचप के साथ गरम गरम खिलायें और खायें।

यह रेसिपी बहुत ही आसान और जल्दी बनने वाली है। आप इसे कभी भी बना सकते है। चाहे वह नाश्ता हो, बच्चों के लिए लंच हो या फिर ईव्निंग स्नैक्स हों। यह हर जगह उपयोगी है। इसे बनाने में कोई ख़ास मेहनत नही लगती और यह स्वास्थ्य को भी नुक़सान नही पहुँचाता।

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सेहत

जंक फ़ूड : दोस्त या दुश्मन

मत पूछिए कि स्वस्थ भोजन महंगा क्यों है, यह पूछिए जंक फ़ूड सस्ता क्यों है


आज के इस पश्चिमी संस्कृति से प्रभावित संसार में ऐसा कोई व्यक्ति नही होगा जिसे जंक फ़ूड या फ़ास्ट फ़ूड पसन्द न हो या वो सामने आने पर उसे खाने से इंकार के दे। ये हमारे स्वाद के अनुकूल तो  होते है और जेब पर भी भारी चोट नही पहुँचाते तो क्या हम इसे अपना दोस्त समझना शुरू के दें? यदि हम ऐसा करें तो यह ख़ुद को ही भ्रम में रखने के समान होगा। हम हमेशा सलाद की जगह बर्गर खाना पसन्द करते हैं। क्या यह उचित है की हम सिर्फ़ कुछ क्षण के जीभ के स्वाद के लिए अपने पूरे शरीर को ही दाव पर लगा दें? जंक फ़ूड में कैलोरी, फ़ैट, शुगर इत्यादि बहुत अधिक मात्रा में होते हैं परंतु इसमें कोई पोषक तत्व मोजूद नही होते। जहाँ तक बात कैलोरी, शुगर व फ़ैट की है वे अत्यधिक मात्रा में होने के कारण इसे और अस्वस्थ बनाते हैं। जंक फ़ूड के कुछ उदाहरण हैं- बर्गर, पिज़्ज़ा, सैंड्विच, हॉट-डॉग, फ़्रेंच-फ़्राइज़ इत्यादि। इन्हें खाने के बाद आपको ये तो महसूस होगा की आपका पेट भर गया है परंतु इससे आपके शरीर की पोषक तत्वों की माँग पूरी भी होती।

जंक फ़ूड : दोस्त या दुश्मन

यहाँ पढ़ें : आइए जाने बादाम खाने के कुछ फायदे

जंक फ़ूड खाने के बाद नींद आनी शुरू हो जाती है। विशेषज्ञों की माने तो नींद तब आनी शुरू होती है जब रक्त परिसंचण धीमा हो जाता है। जंक फ़ूड से होने वाली सबसे बड़ी परेशानी मोटापा है। एक अनुसंधान के अनुसार दिल्ली के स्कूल जाने वाले बच्चों में से 25% बच्चों का वज़न ज़्यादा है अर्थात् उतना जितनी उनकी उम्र की माँग नहीं है। जंक फ़ूड में परिरक्षकों(preservatives) की मात्रा बहुत अधिक होती है जिसके कारण बच्चों की एकाग्रता की शक्ति कम होती है। इसे खाने के बाद यदि आपको पाचन से सम्बंधित परेशनियाँ होती हैं तो चोंकिएगा मत क्योंकि इस खाने में तेल की भी मात्रा ज़रूरत से अधिक होती है जिससे पेट की परेशानियाँ जन्म लेती हैं। इससे हमारे शरीर में कलेस्टरॉल का स्तर भी बढ़ जाता है जो दिल की बीमारियों का एक मुख्य कारण होता है। शुगर व फ़ैट से युक्त फ़ास्ट फ़ूड से कैन्सर की संभावना भी बढ़ जाती है।

दूसरी ओर फल, सब्ज़ी व दाल से युक्त भोजन में पोषक तत्वों का भंडार होता है। स्वस्थ खाना खाने से आपका तन व मन दोनों स्वस्थ रहते हैं। स्वस्थ व अच्छे भोजन से दिमाग़ के काम करने की शक्ति भी बढ़ायी जा सकती है। यह रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाकर बीमारियों का ख़तरा भी कम करता है। बच्चों को हरी सब्ज़ियाँ और फल ज़रूर खाने चाहिए। तो अब हम जान गये है की जंक फ़ूड चाहे सस्ता व स्वादिष्ट क्यों ना हो परंतु है तो हमारा दुश्मन ही। और इसके सस्ते होने का कारण हमारे सामने ही है। हम जो खाना खाते हैं वो हमारे स्वास्थ्य, व्यवहार और मन सब पर असर करता है इसलिए हमें अपने खाने के लिए सोच समझकर भोजन चुनना चाहिए।

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