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जाने योग कोरोना के माइल्ड इंफेक्शन को दूर करने में कैसे है बेहद फायदेमंद

कोरोना के माइल्ड इंफेक्शन को दूर करने के लिए ये 3 योगासन है बेहद फायदेमंद


हर साल हमारे देश में 21 जून को अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर हर कोई सुबह उठकर योग करता है। योग को और उसके महत्व को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए साल 2015 में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत की गई थी। इस साल सातवां अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। आज के समय में हम में से ज्यादातर लोगों की जिंदगी में योग एक अहम हिस्सा बन चुका है। जैसा की हम सभी लोग जानते है कि आज के समय में हमारा लाइफस्टाइल काफी ज्यादा भागदौड़ भरा हो गया है। इस भागदौड़ भरी जिंदगी में हमे खुद को स्वस्थ बनाए रखने के लिए हम सभी लोगों को योग की आवश्कता पड़ती है। अभी चल रहे कोरोना काल में तो योग का महत्व पहले से और भी ज्यादा बढ़ गया है। कोरोना से ठीक होने के बाद भी योग ने लोगों को मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

कोरोना के माइल्ड इंफेक्शन को दूर करने में योग है बेहद फायदेमंद

क्या आपको पता है कोरोना के माइल्ड इंफेक्शन को दूर करने में योग बेहद फायदेमंद है सिर्फ हमने ही नहीं बल्कि मेडिकल एक्सपर्ट्स ने भी इस बात को माना है कि योग के द्वारा माइल्ड इनफेक्शन कॉम्प्लिकेशंस और पोस्ट इनफेक्शन कॉम्पेक्सिटी को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। इतना ही नहीं इसके साथ ही साथ नार्मल डे में भी योग इम्युनिटी बढ़ाने के साथ ही कोरोना से बचाव में भी हमारी मदद करता है। इसलिए उन योग व एक्सरसाइज टेक्नीक्स के बारे में जाने जो इंफेक्शन फेज, पोस्ट इंफेक्शन कॉम्प्लीकेशन फेज में शरीर को क्योर करने में हमारी मदद करते है।

अनुलोम-विलोम: आपको बता दे कि अनुलोम विलोम करते हुए नाक के एक नथुने से सांस छोड़ते हैं और फिर जिससे सांस छोड़ी है उसी से वापस सांस लेते है। अगर आप अनुलोम विलोम करना चाहते है तो इसके लिए सबसे पहले आपको अपनी सुविधानुसार पद्मासन, सिद्धासन, स्वस्तिकासन अथवा सुखासन में बैठना होगा। उसके बाद आपको अपने हाथ के अंगूठे से नासिका के दाएं छिद्र को बंद करना होगा। उसके बाद नासिका के बाएं छिद्र से 4 तक की गिनती में सांस भरें और उसके बाद दूसरे नासिका के छिद्र से छोड़ दे। आपको लगातार कुछ समय तक यह करते रहना है।

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कपालभाति: अगर आप रोजाना कपालभाति करते है तो इससे आपके फेफड़ों की क्षमता में सुधार आएगा। साथ ही साथ यह आपके सांस लेने के रास्ते से बलगम को साफ करता है और आपको राहत देता है। इसके लिए आपको सबसे पहले आराम से बैठना होगा उसके बाद अपनी कमर को सीधा और आँखे बंद करनी होगा। उसके बाद आपको अपनी हथेलियों को अपने घुटनों पर रखना होगा और नाक के द्वारा तेजी से सांस लेनी और छोड़नी होगी।

साई से आपको मिलती है राहत: आपको बता दे कि यह प्राणायाम का ही हिस्सा है। इसलिए यह ब्रीदिंग टेक्नीक कई मामलों में कारगर है। यह आपके शरीर में ऑक्सीजन के फ्लो को बढ़ाता है साथ ही साथ आपके शरीर को हल्का महसूस करने में मदद करता है। इस योगासन को करने के लिए सबसे पहले आपको नाक के अंदर सांस भरनी है। उसके बाद आपको ज्यादा से ज्यादा सांस को अंदर लेने के बाद सांस छोड़ते हुए पाउट बनाना होगा। उसके बाद आपको अपने लिप्स को सिकोड़ कर एक चोंच जैसा बनाना होगा। उसके बाद आपको थोड़ी सी हा की आवाज के साथ सांस को बाहर छोड़ना होगा।

अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.comगुड टच और बैड टच

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जाने क्या होता है गुड टच और बैड टच, क्यों जरूरी होता है इसके बारे में बच्चों को बताना

जाने बच्चों को क्यों समझना जरूरी है गुड टच और बैड टच के बारे में


जैसा की हम सभी लोग जानते हैं कि हमारा समाज धीरे धीरे विकसित हो रहा है समाज के विकास के साथ-साथ मनुष्य की आपराधिक भावना का भी विकास हो रहा है। अगर हम पहले और अभी के समय को देखें तो हमें इसमें काफी ज्यादा अंतर दिखता है। पहले के समय पर आपराधिक दिमाग वाले लोग समाज की वस्तुओं को अपना निशाना बनाते थे लेकिन आज के समय पर ऐसे लोग समाज की वस्तुओं को नहीं बल्कि छोटे बच्चों और शिशुओं को अपना निशाना बनाते है। आज के समय पर ऐसे लोगों को देख कर लगता है कि मानवता पशुता में ढ़लती जा रही है। ऐसे लोग छोटे बच्चों को अपना निशाना बनाते है और अपनी यौन आकर्षण के लिए इनका गलत इस्तेमाल करते हैं क्योंकि ऐसे लोग जानते है कि छोटे बच्चे कमजोर व नासमझ होते है। और किसी से भी जल्दी घुल मिल जाते हैं। और जल्दी विश्वास कर लेते है। इस तरह के ज्यादातर अपराधी घर के लोग या फिर आस पड़ोस के लोग होते है। तो चलिए आज जानते है बच्चों को क्यों समझना जरूरी है गुड टच और बैड टच के बारे में।

जाने बच्चों के प्रति बढ़ते अपराध का मुख्य कारण

आज के समय पर बच्चों के प्रति बढ़ रहे अपराध का मुख्य कारण बच्चों में जागरूकता की कमी होती है। आज के समय पर हम सभी लोगों का लाइफस्टाइल इतना ज्यादा भाग दौड भरा हुआ है कि आज हमारे पास खुद के लिए समय नहीं होता है। आज के समय पर माता पिता अपना कर्तव्य केवल अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देना, खाना पीना देना, कपड़े पहनना, अच्छे संस्कार और बड़ों का सम्मान करने तक ही समझते है। लेकिन आज समय बदल चुका है आज के समय पर माता पिता के कर्तव्य भी बढ़ चुके है। आज के समय पर माता पिता को अपने बच्चे को यौन शिक्षा देने के साथ उन्हें गुड टच और बैड टच के बारे में भी बताना चाहिए। कुछ माता पिता अपने बच्चों को संकोच के कारण चीजे नहीं बता पाते। जिसके कारण उनके बच्चे यौन शोषण के शिकार हो जाते है।

बच्चों को अपने साथ सब-कुछ शेयर करना सिखाएं

एक बार जब आप माता पिता बन जाते है तो अपने कर्तव्य और ज्यादा बढ़ जाते हैं ऐसे में आपको अपने बच्चे के बदलते व्यवहार के बारे में जानकारी रखनी चाहिए। अपने छोटे बच्चे के साथ आपको विश्वास का रिश्ता कायम करना चाहिए। बच्चों का अपने माता पिता पर विश्वास होना बेहद जरूरी होता है। जिसे वो बिना डरे आपको अपनी सारी बारे बता पाए। अपने बच्चों के साथ ऐसा रिश्ता रखें की वो आपके साथ सब कुछ शेयर करें।

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अपने बच्चों को उनकी शारीरिक संरचना के बारे में बताएं

आपको अपने बच्चों को समय रहते सीखना चाहिए कि हमारे शरीर में कुछ पार्ट्स ऐसे होते हैं जो सब को दिखते हैं लेकिन वही कुछ पार्ट्स ऐसे होते हैं जिन्हें सिर्फ और सिर्फ हम देख या छू सकते हैं। जिन्हे हम प्राइवेट पार्ट्स कहते हैं। बच्चों को समझाना चाहिए उनके प्राइवेट पार्ट्स कौन से है। बच्चों को समझाएं शरीर के इन पार्ट्स को किसी को न छूने दें।

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अगर आप भी कराते रहे है अपने बेबी को फीड, तो रोजाना इतना पानी जरूर पीएं

स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना है बेहद जरूर


किसी भी महिला के लिए माँ बना बेहद खुशी की बात होती है. लेकिन गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में बहुत सारे बदलाव आते है. जिनको वो खुशी से अपना लेती है. इतना ही नहीं डिलीवरी के बाद भी महिलाओं में होने वाले बदलावों के कारण भी महिलाओं को दो चार होना पड़ता है. इसलिए महिलाओं को गर्भावस्था और उसके बाद भी अपने खानपान और सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए. इसी स्वास्थ्य की देखभाल में पानी पीना भी शामिल होता है. जिसे अक्सर महिलाएं अनदेखा कर देती है. लेकिन क्या आपको पता है स्तनपान कराने वाली महिलाओं को पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद जरूर होता है. तो चलिए आज हम आपको बतायेगे की आपको कितना पानी पीना चाहिए.

एक दिन में कितना पानी पीना चाहिए

अगर आप अपने बच्चे को फीड कराते है. तो आपको फीड करने से पहले और फीड करने के बाद एक गिलास पानी जरूर पीना चाहिए. लेकिन अगर आपके शरीर में पानी की कमी हो रही है. तो आप उसे कैसे पहचानेगे? शरीर में पानी की कमी है या नहीं. इस बात को जानने के लिए सबसे पहले आपको अपने यूरिन के कलर की जांच करनी चाहिए. क्योंकि अगर शरीर में डिहाइड्रेटेड होगा, तो यूरिन का रंग गहरा पीला हो जाएगा. ऐसी स्थिति में आपको कई तरफ की परेशानिया हो सकती है. इसलिए आपको इन परेशानी से बचने के लिए दिनभर में कम से कम ग्यारह से बारह कप पानी पीना चाहिए.

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में पानी की कमी के लक्षण

1. यूरिन का रंग गहरा होना

2. थकान

3. त्वचा में रूखापन और फटना

4. चिड़चिड़ापन

5. कब्ज

6. तनाव और सिरदर्द

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ये बात तो हम सभी लोगों को पता है कि एक बच्चों के

लिए सबसे अधिक पोषक माँ का दूध ही होता है. माँ के दूध में 90 प्रतिशत पानी होता है. इसलिए फीड करने वाली महिलाओं को पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद जरूरी है. साथ ही साथ फीड करने वाली महिलाओं को चाय, कॉफी, सोडा और शराब जैसी चीजों से भी दूर रहना चाहिए. क्योंकि ये सारी चीजें आपके शरीर में पानी की कमी पैदा कर सकते हैं.

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हर्बल चाय को पाचन के लिए माना जाता है बेहद फायदेमंद, आप भी एक करें ट्राई

जाने हर्बल चाय के फायदों के बारे में


ये बात तो शायद हमें आपको बताने की जरूरत नहीं है कि स्वस्थ रहने के लिए पाचन तंत्र का स्वस्थ रहना कितना जरूरी है। जैसा की हम सभी लोग जानते है कि आज के समय में हमारा लाइफस्टाइल काफी ज्यादा भाग दौड़ भरा हो गया है जिसमे हमें खुद के लिए समय नहीं मिला पाता। जिसके कारण हम जंक फूड और तैलीय फूड ज्यादातर अपनी डाइट में शामिल करने लगते है।

एक समय के बाद इन चीज़ों से  धीरे धीरे पाचन से जुड़ी कई समस्याएं होने लगती है। एक सही डाइट फॉलो न करने से आपके पेट में कीटाणु और बुरे बैक्टीरिया पैदा होने लगते है। जिसके कारण हमे कब्ज, दस्त और पेट में दर्द जैसी कई तरह की दिक्कतें होने लगती है। तो चलिए आज आपको बताते है कैसे हर्बल चाय आपके पाचन के लिए बेहद फायदेमंद होती है।

अगर आप इन समस्याओं से छुटकारा पाना चाहते है तो आप अपनी डाइट में कुछ बदलाव कर सकते हैं। जैसे आप अपनी डाइट हर्बल चाय को शामिल कर सकते है। हर्बल चाय आपके पाचन के लिए बेहद फायदेमंद होती है। इस चाय में कई पोषक तत्व होते हैं। जो न केवल आपके पाचन बल्कि शरीर के अन्य अंगों के लिए भी लाभकारी होते है। तो चलिए जानते है किन हर्बल चाय से आपका डाइजेशन बेहतर हो सकता है और उनका सेवन आपको कैसे करना चाहिए।

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अदरक की चाय: ये बात तो हम सभी लोग जानते है कि अदरक की चाय में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते है जो हमारे शरीर से बैक्टीरिया और कीटाणुओं को नष्ट करते हैं। और आपके पाचन तंत्र को स्वस्थ और मजबूत रखते हैं। इतना ही नहीं अदरक की चाय पेट से जुड़ी अन्य सदस्यों को भी खत्म करती है

सौंफ की चाय:  आपको बता दे कि सौंफ की चाय में विटामिन-सी, पोटैशियम, जिंक और सेलेनियम बहुत अधिक मात्रा में मौजूद होते है। जो हमारे पाचन तंत्र को स्वस्थ रखती है। और हमारी पाचन शक्ति को भी बढ़ाती है।

नींबू की चाय: ये बात तो हम सभी लोग जानते है नींबू में विटामिन C होता है। जो हमारे शरीर के टॉक्सिन्स को नष्ट करने में मदद करता है। और हमारे पाचन तंत्र को स्वस्थ और मजबूत बनाता है।

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अगर आप भी कर रहे है घर शिफ्ट करने का प्लान, तो शिफ्टिंग के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

नए घर में शिफ्ट होने के दौरान आपको इन बातों का रखना चाहिए खास ध्यान


किराए के घर से अपने घर में जाने की खुशी क्या होती है ये बात सिर्फ वाली लोग समझ सकते है जो किराए पर रहते है या फिर कभी किराए पर रहे हो। किराए के घर से अपने घर में शिफ्ट होने की खुशी ही कुछ और ही होती है यह खुशी अन्य खुशी से बढ़कर होती है। जब आप किराए के घर से पहली बार अपने घर पर कदम रखते है तो जो सुकून मिलता है, वह और कहीं नहीं मिलता।

लेकिन जब आप अपने घर के मालिक हो जाते है तो आपको कुछ चीजों का ध्यान रखना चाहिए। क्योकि कई बार खुशी में हम काफी कुछ भूल जाते है। इसलिए आपको अपना घर होने पर कुछ जरूरी सेफ्टी मेज़र्स होते हैं उन्हें भूलना नहीं चाहिए। तो चलिए आज हम आपको बताएंगे अगर आप घर शिफ्ट करने का प्लान, तो शिफ्टिंग के दौरान आपको इन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

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सुरक्षा सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण: ये बात तो हम सभी लोग जानते है कि इस कोरोना महामारी में कोई भी व्यक्ति कही पर भी सुरक्षित नहीं है। ऐसे में आपको अपना ध्यान खुद रखना चाहिए। अपने हाथों को धोना, साफ रखना, मास्क पहना इस समय पर सबसे ज्यादा जरूरी है। इस लिए इस समय पर आपको अपने घर में कॉन्टैक्ट फ्री हैंड सैनिटाइज़र रखना चाहिए। इसके साथ ही आपको एक फुलप्रूफ सेफ्टी सिस्टम में इंवेस्ट करना चाहिए। जिसमे सीसीटीवी कैमरा या फिर फिंगरप्रिंट ऑटोमेटेड लॉक शामिल करना चाहिए। अगर ये चीजे आपके बजट से बाहर है तो एक अच्छा पैडलॉक आपके लिए सही विकल्प है।

मरम्मत का ध्यान रखें: नए घर में शिफ्ट होने के बाद जिसे पहले आप अपने घर के फर्नीचर को अरेंज करें उससे पहले आपको अपने घर के फर्नीचर को एक बार अच्छे से चेक कर लेना चाहिए कि सब कुछ सही है या नहीं। अगर आपको लगता है कि कही पर भी किसी भी चीज की मरम्मत करने की आवश्यकता है तो आपको सबसे पहले वही करनी चाहिए। क्योकि अगर शुरू में आप वो नहीं करते तो बाद में वो आपको बहुत मेहगा पड़ सकता है।

बजट बनाएं: ये बात तो हम सभी लोग जानते है कि कुछ भी करने से पहले बजट बनाना बेहद जरूरी होता है। इस लिए आपको अपने नए घर में शिफ्ट होने से पहले अपने खर्चों के लिए सही बजट बनाने की आवश्यकता है। इस लिए आपको अपना बजट ऐसे बनाना चाहिए कि लिमिट से अधिक खर्चा न हों और आपकी दैनिक जरूरतें भी पूरी हो जाएं।

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जाने कोरोना की तीसरी लहर से कैसे निपटने के लिए तैयार है सरकार

कोरोना की तीसरी लहर से कुछ इस तरह निपटेगी सरकार


पिछले साल से फैला कोरोना अभी भी रुकने का नाम नहीं ले रहा है अभी हमारे देश में कोरोना की दूसरी लहर की तबाही थमी भी नहीं है कि वैज्ञानिकों ने कोरोना की तीसरी लहर के आने का ऐलान कर दियाऔर सभी लोगों को एक नए संकट की चेतावनी दे डाली है। ऐसे में सभी लोगों के मन में ये सवाल उठने लगा है कि एक तरफ तो कोरोना की पहली और दूसरी लहर ने हमारे पूरे स्वास्थ्य सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है ऐसे में अगर कोरोना की तीसरी लहर आती है तो हमारी सरकार इससे कैसे निपटेंगी। जहां वैज्ञानिकों ने कोरोना की तीसरी लहर के आने का ऐलान कर रखा है तो वही सभी लोग डर भी रही है कि कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए सरकार ने कोई ठोस तैयारी अभी से की है या नहीं। तो चलिए विस्तार से जानते है कि कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए सरकार ने क्या तैयारियां की है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की मुलाकात

आज मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। उनकी यह मुलाकात लगभग दो घंटे की थी। इस मुलाकात में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना की तीसरी लहर के बारे में बात की। साथ ही साथ उन्होंने राज्य सरकार के एक साल के कार्यकाल समेत तमाम मुद्दों पर चर्चा की। इस बैठक की जानकारी खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर दी। शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर बताया कि आज नई दिल्ली में उनकी भेट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई। इस बैठक में उन्होंने मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। इसके साथ ही साथ उन्होंने कोरोना नियंत्रण को लेकर राज्य के द्वारा अब तक किए गए प्रयासों की जानकारी दी। इतना ही नहीं उन्होंने तीसरी लहर से निपटने के लिए तैयारियों पर भी बात की।

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कोरोना की अगली लहर की तैयारी’

कोरोना की तीसरी लहर के लिए देश कितना तैयार है ये तो समय के साथ ही पता चलेगा। अगर हम दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल की बात करें तो दिल्ली में कोरोना मरीजों की देखभाल करने के लिए 5000 युवाओं को उनके द्वारा 2-2 हफ़्ते की ट्रेनिंग दी जाएगी। कोरोना की तीसरी लहर से बचने के लिए युवाओं को ये ट्रेनिंग आईपी यूनिवर्सिटी दिलवाएगी। सभी युवाओं को दिल्ली के 9 बड़े मेडिकल इंस्टीट्यूट में बेसिक ट्रेनिंग की सुविधा मिलेगी। दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल के अनुसार युवाओं की ट्रेनिंग होने के बाद स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ेंगी। उनके अनुसार इन लोगों को कोरोना मरीजों को मास्क लगवाने, उन्हें ऑक्सीजन लगवाने और सैनेटाइज करने जैसे बेसिक कामों की ट्रेनिंग दी जाएगी।

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कोरोना महामारी के बाद भी भारतीय शादियों में आ सकते है ये बदलाव

महामारी के कारण भारतीय शादियों में आए ये बदलाव


पिछले साल से फैला हुआ कोरोना वायरस आज भी रुकने का नाम नहीं ले रहा है। इसके कारण हम सभी लोगों  के जीवन में काफी ज्यादा बदलाव देखने को मिले है। इस कठिन समय ने हमें बहुत कुछ सिखाया है। इस पैनडेमिक में हम सभी लोगों ने छोटी छोटी चीजों में खुशियों के साथ रहना और ताम-झाम और भीड़-भाड़ से दूर रहना सीख लिया है।

इस पैनडेमिक में जिन भी लोगों ने शादी हुई है सभी लोगों ने अपने सारे बड़े-बडे़ अरमानों को भूलकर, जो उनसे संभव हुआ उसी में शादी की या फिर ये कहें बस शादी निपटाई। पिछले एक साल से हम सभी लोग कोरोना वायरस के साथ जी रहे है और आगे भी अभी इससे पूरी तरह निजात की गुंजाइश नज़र नहीं आ रही है, महामारी के कारण हमारे देश में शादियों में काफी ज्यादा बदलाव आए है। जिन्हें देखकर ऐसा लगता है कि इनमें से कुछ अब हमेशा रहेगा। तो चलिए जानते है कैसे महामारी के कारण भारतीय शादियों में बदलाव आए है।

बहुत कम लोगों के बीच शादी: ये बात तो हम सभी लोग जानते है कि महामारी के कारण अभी आम लोग हो या बॉलीवुड सितारे, सभी लोग बहुत कम लोगों के बीच शादी कर रहे है। अभी कुछ समय पहले ही बॉलीवुड अभिनेत्री यामी गौतम ने अपने परिवार वालों और करीबी रिस्तेदारों के बीच शादी की थी। वही अगर हम टीवी एक्टर अंकित गेरा की बात करें तो उनकी शादी में भी सिर्फ दस लोग  ही मौजूद थे।

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मास्क और सैनिटाइजर: शादियों में बहुत मुश्किल होता है कि पहले गेस्ट से मिलने से पहले उन्हें हैंड सैनिटाइज दिया जाए उसके बाद ही उन्हें आगे बढ़ने दिया जाए। पहले लोग अपने गेस्ट का मुस्कुराते चेहरे के साथ स्वागत करते थे लेकिन अब मास्क के कारण मुस्कुराते चेहरे के साथ लोगों के स्वागत वाली बात भी नहीं रहेगी।

लोगों को ग्रीट करने का तरीका: अब समय पहले जैसा नहीं रहा। पहले लोग दूल्हे के परिवार वालों को गले लगाकर उनका स्वागत करते थे लेकिन अब चीजे बदल गई है। अब आपको दूल्हे के परिवार वालों को नमस्ते, खम्मा घणी, आदाब के साथ उनका स्वागत करना होगा। हमारे देश में पहले कई जगहों पर संबंधी मिलन का चलन था जिसमे दरवाजे पर बारात लगने के बाद दूल्हा और दुल्हन दोनों के पिता, ताऊ, मामा, मौसा आपस में गले मिलते थे। लेकिन अब इस महामारी के कारण ये सब नहीं हो पायेगा।

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अगर आप एसिडिटी से पाना चाहते है छुटकारा, तो ये योगासन करेंगे आपकी मदद

एसिडिटी के लिए बेहद फायदेमंद है ये योगासन


ऐसे तो हम सभी लोगों के पास खाने के बहुत सारे विकल्प होते है जैसे हेल्दी फूड, फास्ट फूड आदि। लेकिन अक्सर हमारे खाने में स्वादिष्ट भोजन ही शामिल होता हैं। जो हमारे सिस्टम में पोषण मूल्य नहीं जोड़ने देते। इन्हें खाने से हमें कई बार पेट और पाचन संबंधी समस्याएं हो जाती है। जिनमें से एसिडिटी होना एक आम बात है। एसिडिटी एक ऐसी समस्या है जिसका हम में से ज्यादातर लोग नियमित रूप से सामना करते रहते है।

आपने देखा होगा कि जिन लोगों को अक्सर एसिडिटी की समस्या होती है उनके पेट में अक्सर दर्द या फिर जलन होती रहती है। एसिडिटी भोजन को ठीक से न चबाने, अच्छी मात्रा में पानी न पीने, गलत खान पान और धूम्रपान के कारण हो सकती है। अगर आप उन लोगों में से है जो एसिडिटी से राहत पाने के उपाय तलाश रहे हैं तो चलिए आज हम आपको कुछ योगासन के बारे में बतायेगे जो आपको एसिडिटी से राहत पाने में आपकी मदद करेंगे।

प्रपादासन: प्रपादासन एक ऐसा योगासन है जो आपको एसिडिटी से छुटकारा पाने में बेहद फायदेमंद होता है। इस योगासन में आपको अपने दोनों पैरों को समानांतर रखना है उसके बाद धीरे धीरे अपनी एड़ी को फर्श से ऊपर उठाना होगा है। उसके बाद आपको अपने शरीर को अपने पैर की उंगलियों पर संतुलित करना होगा। उसके बाद आपको अपनी पीठ को सीधा करना होगा। और अपनी बाहों को घुटनों पर फैलाना होगा। उसके बाद आपको अपने दिमाग को अपनी भौहों के बीच केंद्रित करना होगा। यह आपको रोजाना 3 सेट के लिए दोहराना होगा।

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पश्चिमोत्तानासन: पश्चिमोत्तानासन योगासन भी एसिडिटी की समस्या में बेहद फायदेमंद मानी जाती है। इस योगासन में आपको अपने पैरों को अपने सामने और हाथों को बगल में फैलाकर फर्श पर बैठकर शुरु करना चाहिए। इस योगासन को करते हुए ध्यान रखें आपका कोर लगा हुआ हो और आपकी रीढ़ सीधी हो। उसके बाद आपको अपने हाथ को आगे बढ़ाना होगा और अपने पैर की उंगलियों को छूने की कोशिश करनी चाहिए। आपको लगभग 5 मिनट तक इस स्थिति में रहना होगा उसके बाद आपको अपनी मूल स्थिति में लौटना होगा।

भेकासना: यह योगासन भी एसिडिटी की समस्या में बेहद फायदेमंद होता है। इस योगासन को करने के लिए आपको अपनी हथेलियों और घुटनों को टेबलटॉप स्थिति में लाना होगा। उसके बाद आपको अपने घुटनों को फैलाना होगा और अपनी एड़ी को अपने घुटनों के पीछे संरेखित करना होगा। उसके बाद आपको अपने पैरों को मोड़कर अपने पैर की उंगलियों को बाहर की ओर इंगित करना होगा। उसके बाद आपको अपने हाथों को आगे बढ़ाना होगा और अपने अग्रभागों को जमीन पर टिकाना होगा। उसके बाद आपको अपने पेट को जमीन से दूर उठाने की कोशिश करनी चाहिए।

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अगर फिट रहने के लिए आप घर पर कर रहे है ट्रेडमिल वर्कआउट, तो इन बातों का रखें ध्यान

ट्रेडमिल वर्कआउट के दौरान इन बातों का ध्यान रखें


 

पिछले साल से फैला हुआ कोरोना वायरस आज भी रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है इस कोरोना वायरस ने लाखों लोगों की जान ले ली है। अभी इस कोरोना महामारी की दूसरी लहर चल रही है जो की पहली वाली से भी ज्यादा खतरनाक है। इस कोरोना महामारी के कारण ही लम्बे समय से जिम, स्कूल, कॉलेज सभी चीजे बंद हैं। जिसके कारण सभी लोगों को काफी ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय से जिम बंद होने के कारण कई लोगों ने अपने घरों पर ही वर्कआउट करना शुरू कर दिया है। कई लोग तो ऐसे भी है जिन्होंने इस कोरोना काल में अपने घर पर ही एक छोटा जिम तैयार कर लिया है ताकि उनके वर्कआउट सेशन्स में कोई दिक्कत न आए। जो भी लोगों ने अपने घर पर नया नया जिम तैयार करते है वो अपने घर पर ही कसरत करना शुरू करते है। वो लोग अक्सर ट्रेडमिल वर्कआउट को ज्यादा तवज्जो देते हैं क्योंकि उसके अपने अलग फायदे भी हैं। तो चलिए आज जानते है अगर आप ट्रेडमिल वर्कआउट शुरू करने जा रहे है तो आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

1. घर पर जिम तैयार करने के लिए जरूरी नहीं है कि हर व्यक्ति नया ही ट्रेडमिल खरीदे। कई लोग सेकंड हैंड यानी की पुराना ट्रेडमिल भी खरीदते हैं। ऐसे लोगों के लिए बहुत जरूरी है कि वो ये सेकंड हैंड ट्रेडमिल खरीदने से पहले इसके मोटर और शॉकर को अच्छे से एक बार देख लें। ताकि आगे चलकर उनको कोई परेशानी न हो।

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2. जो भी लोग घर पर नया जिम तैयार करते है उन्हें कभी भी कसरत करने के लिए सीधा ट्रेडमिल पर नहीं चढ़ना चाहिए। क्योंकि ये आपको परेशानी में डाल सकता है। कसरत के दौरान हमारे घुटनों पर जोर पड़ता है। इसलिए अगर आप ट्रेडमील एक्सरसाइज करने जा रहे हैं तो कोशिश करें कम से कम 10 मिनट का वर्कआउट सेशन तो पहले ही कर ही लें

3. आपको एक्सरसाइज करते हुए ट्रेडमिल से डरना नहीं चाहिए। ऐसा करने से आपका पोश्चर प्रभावित होगा साथ ही साथ आपके घुटने, पैरों या शरीर के किसी भी अन्य अंग पर चोट लग सकती है। इसलिए आपको सेफ्टी बार को पूरी तरह और पूरे समय पकड़ कर कसरत नहीं करना चाहिए।

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कोरोना से जंग के लिए इन देशों ने शुरू किया बच्चों का टीकाकरण, जाने भारत में कब से शुरू होगा

जाने क्यों बच्चों को टीकाकरण से बाहर रखा गया है


पिछले साल से फैला हुआ कोरोना वायरस आज भी रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है पहले कोरोना की पहली लहर आई जिसमे लाखों लोगों की जान चली गयी। उसके बाद लोगों को लगा साल 2021 में उन्हें इस कोरोना वायरस से छुटकारा मिलेगा लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। इस साल भी कोरोना वायरस ने अपना कहर बरकरार रखा। इस बार हम सभी लोगों को कोरोना की दूसरी लहर का सामना करना पड़ा है कोरोना महामारी की दूसरी लहर पहली वाली से भी ज्यादा खतरनाक है। इस कोरोना वायरस की दूसरी लहर के दौरान लोगों को वायरस में म्यूटेशन के कारण कोविड-19 से संबंधित कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ा था। कोरोना की इस दूसरी लहर में सभी उम्र के लोगों में इसके लक्षण देखने को मिले थे। लेकिन इन सबके बीच अच्छी बात यह है कि अभी कोरोना की दूसरी लहर का असर लगभग थमता सा दिख रहा है। अब लोगों के मन में कोरोना की तीसरी लहर को लेकर कई तरह के सवाल आ रहे है। कई रिपोर्ट्स ये दावा कर रही है कि तीसरी लहर का असर बच्चों में अधिक देखने को मिल सकता है। अगर हम विशेषज्ञों की माने तो उनके अनुसार वैक्सीनेशन ही इसका एकमात्र उपाय है जो लोगों को संभावित तीसरी लहर से सुरक्षित कर सकता है तो चलिए जानते है क्यों अभी देश में बच्चों को टीकाकरण से बाहर रखा गया है।

जाने किन देशों में बच्चों को दी जा रही है वैक्सीन

आपको बता दे कि अमेरिका में सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन की अनुमति मिलने के बाद मई के मध्य से ही 12 साल से अधिक उम्र के बच्चों को फाइजर वैक्सीन देने की शुरुआत की जा चुकी है। सिर्फ अमेरिका ही नहीं बल्कि कनाडा, जापान, चिली और इटली ने भी 12 साल से अधिक उम्र के बच्चों को फाइजर वैक्सीन लगाने की मंजूरी दे दी है। जबकि अभी दुबई और फिलीपींस ने सिर्फ आपातकालीन उपयोग के लिए इस वैक्सीन को मंजूरी दे दी है।

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जाने फाइजर वैक्सीन बच्चों के लिए कितनी असरदार है

आपको बता दे कि हाल ही में न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक नए अध्ययन के अनुसार ‘वैज्ञानिकों ने फाइजर वैक्सीन के टीकाकरण वाले बच्चों में काफी असरदार प्रभाव देखे हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार फाइजर वैक्सीन के दोनों डोस लेने के बाद बच्चों में वैक्सीन की प्रभाविकता 100 फीसदी के करीब देखी गई है। वैज्ञानिकों द्वारा 2,260 बच्चों पर किए गए अध्ययन में पाया कि फाइजर वैक्सीन लेने के बाद बच्चों में इसके अच्छे परिणाम देखने को मिले हैं।

जाने भारत में कब से शुरू होगा बच्चों का टीकाकरण

आपको बता दे कि भारत में वैक्सीन डे से ही बायोटेक ने बच्चों पर परीक्षण करना शुरू किया है। वही दूसरी तरफ कुछ मीडिया रिपोर्टस में दावा किया है कि जाइडस कैडिला कंपनी को भी बच्चों के वैक्सीन निर्माण करने का काम मिल सकता है। वही कुछ रिपोर्टस का दावा है कि फाइजर ने हमारे देश में अपनी वैक्सीन लाने के लिए भारतीय सरकार के साथ बातचीत की।  जिससे की अन्य देशों की तरह हमारे देश में भी बच्चों का टीकाकरण हो सकें। अभी भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया का कहना है कि हमारे देश में भी बच्चों की वैक्सीन सितंबर-अक्टूबर तक उपलब्ध कराने का प्रयास जारी है।

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