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नमक के उपयोग: नहाने वाले पानी में नमक मिलाने के कुछ अमेजिंग फायदे

नहाने के पानी में एक चम्मच नमक डालिए फिर देखे चमत्कार


नमक का उपयोग वैसे तो हम खाना बनाना और खाने को स्वादिष्ट बनाने के लिए करते है लेकिन नमक, खाने के  स्वाद बढ़ने के साथ-साथ हमारी सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है। अगर नहाने के पानी में एक चम्मच नमक मिला दें तो इसके और भी काफी फायदे हो सकते है। नमक में उपस्थित तत्व हमारे शरीर के कई तरह के इंफेक्शन को बढ़ने से रोकते हैं। नमक में उपस्थित कैल्शियम, मैग्नीशियम, सोडियम जैसे मिनरल्स हमारे शरीर को कई तरह की बीमारियों से भी बचाते हैं।

नमक का उपयोग

आइए आपको बताते है कि नहाने के पानी में नमक मिलाने से होने वाले कुछ फायदों के बारे में: –

  • शरीर पर मौजूद किसी भी तरह का फंगल इंफेक्शन होने पर नमक वाले पानी से रोजाना नहाने से वह जल्दी ही ठीक हो जाता है।
  • सर्दियां आते ही कुछ लोगों के शरीर पर खुजली की समस्या पैदा हो जाती है जिसकी वजह से शरीर के कई हिस्सों पर लाल-लाल निशान से हो जाते हैं। ऐसे में अगर आप गर्म पानी में नमक डालकर नहाते हो, तो वह भी जल्दी ही ठीक हो जाती है।
  • प्रतिदिन नमक डालकर नहाने से आपकी हड्डियों में होने वाले दर्द से आपको आराम मिलता है, क्योंकि इसके उपयोग से शरीर में कैल्शियम की कमी दूर होती है।
  • नमक का उपयोग कर उस पानी से नहाने से हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है और शरीर काफी बीमारियों से बचाता है।
नमक का उपयोग
  • जहरीला जानवर काटने पर भी इससे फायदा होता है, क्योंकि अगर आप नमक उपयोग कर उस पानी से नहाते हो तो उस जहरीले जानवर का जहर यह पानी खत्म कर देता है।
  • नमक वाले पानी से नहाने पर शरीर के जोड़ों में होने वाले दर्द से भी राहत मिलती है, क्योंकि यह शरीर की मांसपेशियों के खिंचाव और दर्द को दूर कर देता है।

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सामाजिक

अनामिका ऊँगली को दबाये और देखे 13 अद्भुत चमत्कार

रिंग फिंगर को 15 मिनट प्रेस करें और पाएं चमत्कारिक बदलाव


योगासन को शरीर के लिए बहुत अधिक लाभदायक माना गया है। योगासन की तरह ही योगमुद्रा लगाकर बैठना भी शरीर के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। योगमुद्राएं कई तरह की होती हैं, लेकिन सूर्य मुद्रा लगाने के अनेक फायदे हैं। शरीर की उंगली यानी अनामिका जिसे रिंग फिंगर भी कहते हैं। इसका समंदर सूर्य और यूरेनस ग्रह से होता है। सूर्य उर्जा स्वास्थ्य का प्रतिनिधित्व करता है और यूरेनस कामुकता और बदलाव का प्रतीक है।

रिंग फिंगर

सिर्फ 15 मिनट करने से ऐसे 13 अद्भुत चमत्कार दिखते हैं जिसके पने कल्पना भी नहीं की होगी:-

1. इस मुद्रा से वजन कम होता है और शरीर संतुलित रहता है। मोटापा कम करने के लिए आप इस प्रकार के नृत्य का भी प्रयोग कर सकते हैं जो आपको हेल्दी बनाएगा वो भी बिना कोई पैसे खर्च किये हुए।

2. इस मुद्रा का हर रोज दिन में दो बार 5-15 मिनट तक अभ्यास करने से शरीर का कोलेस्ट्रॉल कम होता है।

3. वजन कम करने के लिए आसान क्रिया चमत्कारी रूप से कारगर पाई गई है। सूर्य मुद्रा के अभ्यास से शरीर की सूजन दूर होता है और शरीर में जमी हुई चर्बी को भी दूर करने के लिए यह मुद्रा लाभकारी है।

4. जिन स्त्रियों को बच्चे के बाद मोटापा बढ़ जाता है, वो अगर इस मुद्रा का नियमित रूप से अभ्यास करें तो उनका शरीर बिल्कुल पहले जैसा हो जाता है।

5. सूर्य मुद्रा का अभ्यास रोजाना करने से पूरे शरीर में उर्जा बढ़ती है और गर्मी पैदा होती है तथा शरीर में ताकत पैदा होती है।

6. कमजोर शरीर वाले व्यक्तियों को यह मुद्रा का अभ्यास नहीं करना चाहिए वरना कमजोरी उत्पन्न हो सकती है।

7. यह भूख को संतुलित करके पाचन संबंधी से जुड़े तमाम समस्याओं से छुटकारा दिलाती है।

8. यह शरीर मुद्रा से सूजन मिटाकर उसे हल्का-फुल्का और चुस्त बनाती है।

रिंग फिंगर

9. इस मुद्रा को नियमित करने से बेचैनी और चिंता कम होती है और दिमाग भी शांत बना रहता है।

10. सूर्य मुद्रा करने से शरीर में गर्मी बढ़ती है तो गर्मियों में मुद्रा करने से पहले एक गिलास पानी पी लेना चाहिए।

11. प्रातः सूर्योदय के समय स्नान आदि से निवृत होकर इस मुद्रा को करना अधिक लाभदायक होता है और सायं कालीन सूर्यास्त से पूर्व कर सकते हैं।

12. अनामिका उंगली पृथ्वी एवं अंगूठा अग्नि तत्व का प्रतिनिधित्व करता है। इन तत्वों से मिलकर शरीर में तुरंत ऊर्जा उत्पन्न हो जाती है।

13. सूर्य मुद्रा के अभ्यास से व्यक्ति में अंतर्ज्ञान जागृत होता है।

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सामाजिक

मानसिक स्वास्थ्य के लिए खराब है ये आदतें

मानसिक स्वास्थ्य के लिए खराब है ये आदतें


कई लोग इस बात से अंजान होते है कि उनकी साधारण सी लगने वाली आदते उनके मानसिक स्वास्थय को नाकारात्मक रुप से प्रभावित कर रही है। आज हम आपको उन आदतों के बारे मे बताएंगे जो आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए ख़राब है |

मानसिक स्वास्थय

· दिमाग की दुश्मन आदते-

आपके शरीर के फिटनेस के स्तर से लेकर आपकी शोशल मीडिया में सहभागिता, सभी आपके मूड, सकारात्मकता, और आपके मानसिक स्वास्थ्य को नकारात्मकक ढ़ंग से प्रभावित कर सकते हैं। तो चलिये जानते हैं ऐसी ही कुछ आदतों के बारे में जो आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकती हैं।

· शाम स्क्रीन के साथ बिताना-

हफ्ते मे एक दो बार काम के बाद थियेटर मे फिल्म देखना या कुछ देर नियमित टीवी देखना शायद फायदे मंद हो सकता है। लेकिन हर रोज देर रात स्क्रीन के सामने समय बिताना बहुत बुरी आदत है। इसलिए इससे शरीर और दिमाग दोनो थकते है। इससे दूर होने के लिए टीवी देखते समय कुछ काम करते रहे।

टॉक्सिक रिलेशन

· टॉक्सिक रिलेशन-

टॉक्सिक रिलेशन से निकलना कई बार मुश्किल हो जाता है। तो बेहतर होगा कि थोड़ा समय खुद को दें और ये जानने की कोशिश करें कि आप एक टॉक्सिक रिलेशन में हैं। किसी वैज्ञानिक के अनुसार दीर्घकालिक, नकारात्मक सामाजिक संबंधों सूजन से जुड़े होते हैं, जो कि हृदय रोग, कैंसर, उच्च रक्तचाप आदि का कारण भी बन सकते हैं। हानिकारक संबंध, जैसे साथी के साथ संबंध, सहकर्मी के साथ संबंध, परिवार और दोस्तों के साथ संबंध भी कम आत्मसम्मान, चिंता और अवसाद का कारण बन सकते हैं।

· सुस्त जीवन जीना

शारीरिक श्रम के अभाव और अवसाद की उच्च दर के बीच गहरे संबंध की बात को साबित किया गया है। यहां तक कि हफ्ते में तीन बार एक्सरसाइज कर अवसादग्रस्त भावनाओं और नकारात्मकता को बीस प्रति शत तक कम कर सकते हैं।

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सामाजिक सेहत

शरीर पर तिल से जानिए अपना भविष्य

जाने शरीर पर तिल के पिछे का राज़


लोग अपने भविष्य के बारे में सोचकर अक्सर परेशान रहते हैं और सोचते हैं कि पता नहीं उनके किस्मत में क्या लिखा है। अपने बेहतर भविष्य की चिंता हर किसी की होती है चाहे वह लड़का हो या लड़की। आपकी इसी चिंता को हम थोड़ा दूर करने के लिए हम आपको कुछ ऐसी जानकारी देगें जिससे आपकी चिंता कम हो जाएगी। शास्त्रों में बताया गया है कि हमारे शरीर पर पाए जाने वाले निशान जिसको हम तिल या मस्सा कहते हैं। तिल सिर्फ सुंदरता का प्रतीक नहीं है बल्कि यह व्यक्ति के भविष्य में घटने वाली घटनाओं का भी संकेत देता है। लगभग हर व्यक्ति के किसी न किसी अंग पर तिल जरुर पाया जाता है। उस तिल का महत्व क्या है? शरीर के अलग-अलग अंगों पर तिल होने से आप अपने भविष्य का अनुमान लगा सकते हैं। आइये जाने शरीर पर तिल से अपना भविष्य

शरीर पर तिल

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हम आपको बता दे कि शरीर के किस अंग पर तिल होने के क्‍या प्रभाव होते हैं:

∙ गालो पर तिल- दाहिने गाल पर तिल हो तो धन से परिपूर्ण रहेगें और अगर बायें गाल पर तिल हो तो धन की कमी के कारण परेशान रहेंगे।
∙ माथे पर तिल- माथे के दायें हिस्से पर तिल हो तो धन हमेशा बना रहता है और अगर बायें हिस्से पर तिल हो तो जीवन भर कोई न कोई परेशानी बनी रहती है।
∙ ललाट पर तिल- ललाट पर तिल होने से धन सम्पदा व ऐश्वर्य का भोग मिलता है।
∙ आँख पर तिल- दांयी आंख के ऊपर तिल हो तो जीवन साथी से हमेशा और बहुत ज्‍यादा प्रेम मिलता है और अगर बायीं आंख पर तिल हो तो जीवन में संघर्ष व चिन्ता बनी रहेगी।
∙ होटों पर तिल- होंठ पर तिल होने से काम चेतना की अधिकता रहेगी और होंठ के नीचे तिल हो तो धन की कमी रहेगी, होंठ के उपर तिल हो तो व्यक्ति धनी होता है,लेकिन जिद्दी स्वभाव का भी होता है।
∙ कान पर तिल- बायें कान पर तिल हो तो दुर्घटना से हमेशा बच कर रहना चाहिये और दाहिने कान पर तिल होने से अल्पायु योग किन्तु उपाय से लाभ होगा।
∙ नाक पर तिल – नाक पर तिल हो तो आप जीवन भर यात्रा करते रहेंगे।
∙ हाथ पर तिल – दायीं हथेली पर तिल हो तो धन लाभ अधिक होगा और बायीं हथेली पर पर तिल हो तो धन की हानि होगी।
∙ पैर पर तिल- पांव पर तिल होने से यात्रायें अधिक करता है।
∙ गर्दन पर तिल- गर्दन पर पर तिल हो तो जीवन आराम से व्यतीत होगा, यक्ति दीर्घायु, सुविधा सम्पन्न तथा अधिकारयुक्त होता है।

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सेहत

क्या आप जानते है प्रोबियोटिक्स के ये फायदे ?

प्रोबियोटिक्स के 6 अद्भुत फायदे


आपने यह शब्द “प्रोबियोटिक्स” ज़रूर कही न कही सुना होगा आपके मस्तिष्क में इसके बारे में कोई एक हल्की सी परिभाषा भी होगी। आप जानते हैं कि इसका सम्बन्ध आपके पेट से होता है शायद । इसमें कोई शक नही की प्रोबियोटिक्स आपके पाचन तंत्र के लिए अच्छे होते हैं परंतु वैज्ञानिकों ने इसके अद्भुत फायदे पता कर लिए हैं ये कई तरह की एलर्जी ठीक कर सकते हैं और यहां तक की आपको पतली कमर भी दे सकते हैं।

आखिर प्रोबियोटिक्स हैं क्या? ये ऐसे जीवित बैक्टीरिया और यीस्ट होते हैं जो आपकी सेहत के लिए काफी अच्छे हिट हैं। हम बैक्टीरिया शब्द सुनकर एक धारणा बना लेते हैं कि यदि वो हमारे शरीर में प्रवेश कर गए तो बीमार होना तय है । हमारी देह अच्छे और बुरे दोनों तरह के बैक्टीरिया ये भरी है। और प्रोबियोटिक्स अच्छे और सहायक बैक्टीरिया होते है जो ख़ास तौर पर आपके पेट को स्वस्थ रखते हैं।

इसके और फायदों के बारे में जानने से पहले आपको ऐसे कुछ खानों के बारे में पता होना चाहिए जिनमें यह अच्छी मात्रा में होता है। ऐसे खाद्य पदार्थो के उदाहरण हैं दही, लस्सी, पनीर, केफिर, नाटो, मीसो। अगर आप प्रोबियोटिक्स के लिए पिल्स या कैप्सूल लेना पसंद नही करते तो आप इन्हें ट्राई कर सकते हैं ये स्वादिष्ट भी हैं और पेट ठीक करने के साथ साथ निम्नलिखित फायदे भी आपको देंगे।

  1. वज़न कम करने में सहायक : शोधकर्ताओं ने पाया कि प्रोबियोटिक्स का प्रतिदिन सेवक आपके शरीर में मौजूद एक्स्ट्रा फैट को जल्दी जल्दी बर्न करता है। उन्होंने पाया कि जैसे ही आप अपने खाने में इन बैक्टीरिया की मात्रा बढाते हैं उतना ही ज़्यादा आपका शरीर वज़न कम कर पाता है। इसका सेवन पेरिफेरल सेरोटोनिन की उत्पादकता को घटाता है और आप यह जानते ही है कि सेरोटोनिन ही वह अद्भुत केमिकल है जो भूक कम कर ज़्यादा खाने की आदत को कम करता है।
  2. एलर्जी को कम करता है : आप माने या माने प्रोबियोटिक्स शरीर में होने वाली जेनेटिक एलर्जी को भी कम करते हैं। शोधकर्ताओं ने पाया की जिन बच्चो को अधिक एलर्जी होती है उनमें लैक्टोबसिल्ली और बीफीडोबैक्टीरिया की कमी होती है। लैक्टोबसिल्ली प्रोबियोटिक्स में काटी अछि मात्रा में पाया जाता है और यदि आप इसका अछि मात्रा में सेवन करते है यो भिन्न प्रकार की एलर्जी से खुद की रक्षा कर सकते हैं।
  3. एंटीबायोटिक्स से होने वाली आँखों में जलन को यह ठीक करते हैं : अगर आपका डॉक्टर आपको एंटीबायोटिक देता है तो वो आपको उसके साइड इफेक्ट्स के बारे में भी ज़रूर सावधान करेगा। ये दुष्प्रभाव कुछ भी हो सकते है और ऐसा ही दुष्प्रभाव होता है आँखों में जलन गले में सूखापन इत्यादि। वैज्ञानिकों का मानना है कि प्रोबियोटिक्स इन दुष्प्रभावों को भी खत्म कर सकते हैं। अगर आप भी एंटीबायोटिक्स ले रहे हैं तो उनके साथ प्रोबियोटिक फ़ूड भी लें।
  4. एंटीबायोटिक्स के प्रभाव को और बढाते हैं : प्रोबियोटिक्स का सेवन न केवल आपके एंटीबायोटिक्स के दुष्प्रभावों को कम करता है बल्कि ये उसके प्रभाव को और शक्तिशाली बनाकर और असरदार बना देते हैं। प्रोबियोटिक्स मई मौजूद अच्छे बैक्टीरिया ऐसे मॉलिक्यूल म्यूकस लिंनिग में सेक्रेट करते हैं जिससे बुरे जर्म्स हट जाते हैं और एंटीबायोटिक्स और भी जल्दी असर करने लगती हैं।
  5. यह आटिज्म के प्रभाव को मैनेज करने में सहायक होते हैं : जो बच्चे इस बीमारी से पीड़ित होते हैं उनका बर्ताव काफी अलग होता है और उन्हें अधिकतर पेट से सम्बंधित समस्या रहती हैं जैसे डायरिया, कॉन्स्टिपेशन आदि । ऐसी समस्या उनके बर्ताव को और ज़्यादा खराब करती है। प्रोबियोटिक्स इन समस्या को खत्म कर उनकी थोड़ी समस्या हल कर देते हैं।
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सेहत

नींबू पानी के फ़ायदे

नींबू पानी, स्वाद के साथ रखता है सेहत का ख़याल


हम कई बार लोगों को कहते हुए सुनते हैं की यदि सुबह उठ कर गरम पानी में नींबू डालकर पिया जाए तो यह हमारे स्वास्थ्य के लिए काफ़ी लाभदायी होता है। पानी और नींबू दोनो ही अत्यधिक गुणों से भरे होते हैं। पानी हमारे शरीर को हायड्रेट करता है और नींबू में कैलशियम, पोटैशियम, विटामिन जैसे पोषक तत्वों की भरमार होती है।

इसका लाभ उठाने के लिए आपको करना यह होगा की एक ग्लास गुनगुने पानी में आधे नींबू को निचोड़ लें। आप चाहे तो आप इसमें शहद भी डाल सकते हैं। उठने के बाद सबसे पहले इसे पिएँ और नाश्ते और इसमें आधे घंटे का अंतराल ज़रूर रखें।

नींबू पानी के फ़ायदे

यहाँ पढ़ें : क्या आप को पता है शहद के फायदे के बारे में

आइऐ जाने इसके फ़ायदे:-

  1. यह पाचनक्रिया को सुधारता है। इसके कुछ तत्व बाइल को बनाने में सहायक होते है जिसका परिणाम अच्छी पाचनकरिया में दिखता है।
  2. यह वज़न घटाने में सहायक होता है। अगर आप भी बहुत समय से वज़न कम करने के बारे में सोच रहे हैं तो प्रतिदिन नींबू पानी पीयें इसमें मोजूद पेक्टिन फ़ाइबर आपकी पतला होने में सहायता करते हैं।
  3. यह त्वचा को साफ़ और सुंदर बनाता है। यह रक्त की सफ़ाई कर नई रक्त कोशिकाओं के निर्माण में सहायता करता है। नींबू मे मोजूद विटामिन c त्वचा पर झुर्रियाँ पड़ने से बचाव करता है। इसका प्रतिदिन सेवन आपकी त्वचा को आसानी से सुंदर और आकर्षक बना सकता है।
  4. यह रोग-प्रतिरोधक शक्ति भी बढ़ाता है। इससे ज़ुकाम और फलू की सम्भावना कम होती है क्योंकि विटामिन c रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाता है। यह शरीर की आयरन सोखने की क्षमता को भी बढ़ाता है जो एक स्वस्थ प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए अत्यंत आवश्यक है।
  5. यह मुँह से आने वाली दुर्गन्ध की समस्या को हल करता है। यह मुँह की सफ़ाई कर सलाइवा बनाने में सहायता करता है जो दुर्गन्ध बनाने वाले बैक्टीरीआ को ख़त्म करता है। यह जीभ पर जमी सफ़ेद परत को भी हटाता है जो खाने और बैक्टीरीआ से बनती है और मग से आने वाली दुर्गन्ध का कारण बनती है।
  6. यह रक्तचाप  को नियंत्रण में रखता है। जो लोग उच्च रक्तचाप की बीमारी से जुँझ रहे है उनके लिए यह बहुत लाभदायी है। इसमें मोजूद पोटैशियम अच्छे से सोने में सहायता करता है और तनाव भी कम करता है जिससे उच्च रक्तचाप सामान्य स्तर पर आ जाता है।

क्या आप साधारण से दिखने वाले नींबू पानी के इतने फ़ायदे के बारे में जानते थे? नींबू और पानी मिलकर एक ऐसी ड्रिंक बनाती है जो स्वादिष्ट तो होती ही है और सेहत का भी ख़याल रखती है। इसके पोषक तत्व हमारे शरीर को ऊर्जा से भर के हमारे दिन को एक बेहतरीन शुरुआत प्रदान करते हैं।

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