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अनुष्का शर्मा के जन्मदिन पर जाने आखिर क्यों मानते है विराट कोहली उन्हें अपना ‘लकी-चार्म’

जाने किस बात पर अनुष्का के सामने रो पड़े थे विराट कोहली


Anushka Sharma Birthday Special: बॉलीवुड एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा को आज के समय में ऐसा कोई नहीं है जो जानता ना हो। अनुष्का आज  किसी पहचान की मोहताज नहीं है और न ही उनको किसी इंट्रोडक्शन की जरूरत है। अनुष्का का जन्म 1 मई 1988 को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में हुआ था। बैंगलुरु में पली बढ़ी अनुष्का ने आर्मी स्कूल और माउंट कार्मेल से पढ़ाई की है। क्या आपको पता है अनुष्का के दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से भी नवाजे जा चुके है। अगर हम अनुष्का की पर्सनल लाइफ की बात करें तो अनुष्का विराट कोहली के साथ साल  2017 में शादी के बंधन में बंध गयी थी। अगर हम दोनों की लव स्टोरी की बात करें तो दोनों की स्टोरी काफी दिलचस्प है। दोनों ने पहले तो मीडिया से अपना रिलेशन को छुपाया और उसके बाद अचानक शादी कर के सबको चौंका दिया। तो चलिए आज अनुष्का शर्मा के जन्मदिन पर हम आपको दोनों की लव स्टोरी का एक खास और दिलचस्प किस्सा बताएंगे।

जाने अनुष्का शर्मा के सामने क्यों रो पड़े थे विराट कोहली

अनुष्का शर्मा और विराट कोहली ने एक दूसरे को साल 2015 में डेट करना शुरू किया था लेकिन अनुष्का ने अपनी लव लाइफ को मीडिया से छुपाना ही बेहतर समझा था। दोनों ने एक दूसरे को दो साल डेट किया और उसके बाद दोनों 2017 में शादी के बंधन में बंध गए। आज हम आपको अनुष्का शर्मा के जन्मदिन पर दोनों की लव स्टोरी का एक खास और दिलचस्प किस्सा बता रहे है। दरअसर विराट कोहली ने एक स्पोर्ट्स चैनल को इंटरव्यू देते हुए एक मोमेंट में अपने मन की बात रखी थी। विराट ने बताया कि जब उन्हें टीम इंडिया का टेस्ट कप्तान बनने की खबर मिली थी तब वो और अनुष्का साथ थे। और ये सुन कर वो अनुष्का के सामने फूट-फूटकर रोने लगे थे। आपको बता दे कि विराट अनुष्का को अपना लकी-चार्म मानते हैं। विराट कोहली आगे कहते है कि ‘मुझे याद है कि मैं उस समय मोहाली में था, जहां टेस्ट सीरीज चल रही थी, और उस दौरान अनुष्का भी मेरे साथ थी, जब मेलबर्न में मुझे टेस्ट कप्तान बनाया गया तब भी वह मेरे साथ थी।’

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जाने अनुष्का शर्मा ने कैसे शुरू किया अपना करियर

आपको बता दे कि अनुष्का शर्मा ने फिल्मों में नहीं बल्कि मॉडलिंग में अपना करियर बनाना था। अनुष्का शर्मा साल 2007 में अपना मॉडलिंग करियर बनाने के लिए मुंबई में आई थी। और उन्हें साल 2007 में ही फैशन डिजाइनर वेंडेल रॉड्रिक्स के लिए बतौर मॉडल पहला ब्रेक मिला था। जिसके बाद अनुष्का शर्मा ने मॉडलिंग के बाद फिल्मी दुनिया में अपने कदम बढ़ाए और उन्होंने यशराज फिल्म के लिए ऑडिशन दिया।  ये बात तो हम सभी लोग जानते है कि उनकी पहली फिल्म बॉलीवुड के किंग खान यानि शाहरुख खान के साथ कास्ट हुई थी। और यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर भी हिट हुई और अनुष्का के रोल को भी लोगों द्वारा काफी ज्यादा सराहा गया था। उसके बाद उनकी दूसरी फिल्म ‘बदमाश कंपनी’ आयी थी जो बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह से पीट गई थी। लेकिन जब अनुष्का शर्मा की अगली फिल्म ‘बैंड बाजा बरात’ आयी तो उसने उनके करियर पर चार चांद लगा दिए थे।

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पढ़ाई न करने के कारण मार खाने वाले सिद्धार्थ मल्होत्रा आज बॉलीवुड के चर्चित चेहरा है

आज सिद्धार्थ मल्होत्रा मना रहे है अपना 36वां जन्मदिन


बॉलीवुड के हैंडसम एक्टर्स की लिस्ट में एक नाम सिद्धार्थ मल्होत्रा का भी आता है.  आज सिद्धार्थ मल्होत्रा अपना 36वां जन्मदिन मना रहे है.  सिद्धार्थ का जन्म 16 जनवरी, 1985 में दिल्ली के एक पंजाबी मध्यवर्गीय परिवार में
हुआ था. मॉडलिंग से अपना करियर शुरू करने वाले सिद्धार्थ मल्होत्रा आज के समय में बॉलीवुड का एक पॉप्युलर चेहरा बन चुके हैं.  करण जौहर की फिल्म ‘स्टूडेंट ऑफ द इयर’ से बॉलीवुड में कदम रखने वाले सिद्धार्थ मल्होत्रा के लिए बॉलीवुड का सफर आसान नहीं था. एक सम्पन्न परिवार से ताल्लुक रखने के बावजूद  सिद्धार्थ मल्होत्रा को एक्टर बनने के लिए कई पापड़ बेलने पड़े हैं.

 

जाने सिद्धार्थ मल्होत्रा से जुड़ी कुछ खास बातें

1. सिद्धार्थ मल्होत्रा ने अपनी पिछले साल रिलीज हुई फिल्म ‘बार बार देखो’ के प्रमोशनल इंटरव्यू में बताया था कि वो बचपन से ही पढ़ने में फिसड्डी थे.  लेकिन मध्यम वर्गीय परिवार से होने के कारण उनके घर में भी  पढ़ाई को काफी ज्यादा तवज्जो दिया जाता था.  सिद्धार्थ ने बताया कि जब मैं नौवीं कक्षा में फेल हुआ तो मेरी मम्मी ने मुझे चप्पल से पीटा था.

 

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2. सिद्धार्थ मल्होत्रा ने स्कूल और कॉलेज के दिनों में मॉडलिंग में अपना हाथ आजमाया था. सिद्धार्थ ने अपने करियर में ‘हंसी तो फंसी’, ‘एक विलेन’, ‘कपूर एंड संस’, ‘ब्रदर्स’, ‘ए जेंटलमेन’, ‘इत्तेफाक’ जैसी फिल्मे की है.  ‘एक विलेन’ में सिद्धार्थ की एक्टिंग के लिए सलमान खान ने उन्हें एक डिजाइनर घड़ी तोहफे में दी थी.

 

3. फिल्मों में काम करने के अलावा सिद्धार्थ मल्होत्रा कई ब्रांडों का एंडोर्स करते हैं.  जिनमें ‘कोका कोला’, ‘कॉरनेटो’, ‘अमेरिकन स्वान’ और ओप्पो आदि शामिल है.

 

4. सिद्धार्थ मल्होत्रा ने करण जौहर की फिल्म ‘स्टूडेंट ऑफ द इयर’ से बॉलिवुड में कदम रखा था जिसके लिए उन्हें बेस्ट डेब्यू एक्टर के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था. इतना ही नहीं सिद्धार्थ मल्होत्रा को सर्वश्रेष्ठ डेब्यू एक्टर के लिए साउथ अफ्रीका इंडिया फिल्म एंड टेलीविजन अवॉर्ड भी मिल चुका है.

 

5. क्या आपको पता है सिद्धार्थ मल्होत्रा रग्बी के शानदार खिलाड़ी है. इतना ही नहीं प्रकृति के प्रति उनका लगाव काबिलेतारीफ है. शायद इसी लिए सिद्धार्थ मल्होत्रा को  ‘टूरिज्म न्यूजीलैंड’ का पहला भारतीय एंबेसेडर बनाया गया है.

 

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Birthday Special: मॉडलिंग से अपने करियर की शुरुआत करने वाली बिपाशा बासु आज बॉलीवुड में हॉरर और थ्रिलर रोल करने के लिए जानी जाती है

आज बिपाशा बासु मना रही है अपना 42वां जन्मदिन


बॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस बिपाशा बासु ने अपने करियर की शुरुआत बतौर मॉडल की थी.  आज बिपाशा की गिनती बॉलीवुड  की बोल्ड और सेक्सी एक्ट्रेसेस में की जाती हैं.  बिपाशा बासु का जन्म 7 जनवरी 1979 को दिल्ली में हुआ था आज बिपाशा अपना 42वां जन्मदिन मना रही है. बिपाशा का जन्म दिल्ली के एक बंगाली परिवार में हुआ था और उनका बचपन कलकत्ता में बीता है..बिपाशा ने अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत फिल्म ‘अजनबी’ से की थी. इतना ही नहीं बिपाशा ने एक इंटरव्यू में बताया था कि बचपन में वह काली और मोटी थी.  जिसके कारण उस समय कोई उन्हें खूबसूरत नहीं समझता था. लेकिन स्कूल में उनकी कमांडिंग पर्सनैलिटी के कारण हर कोई उनसे डरता थे और उन्हें लेडी गुंडा के नाम से बुलाया जाता था.

 

जाने बिपाशा बासु की ज़िन्दगी से जुडी कुछ महत्वपूर्ण बाते

 

1. 1996 में कलकत्ता के एक होटल में बिपाशा की मुलाकात मॉडल जीसीया रामपाल से हुई थी..मॉडल ने ही बिपाशा को मॉडलिंग करने की एडवाइस दी। जिसके बाद बिपाशा बसू ने ‘गोदरेज सिंथोल सुपरमॉडल कॉन्टेस्ट’ में पार्टिसिपेट किया और साथ ही इस कॉन्टेस्ट की विनर भी बनीं.

 

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2. ‘गोदरेज सिंथोल सुपरमॉडल कॉन्टेस्ट’ जीतने के बाद बिपाशा को फिल्मों के ऑफर भी मिलने लगे. इतना ही नहीं बॉलीवुड के सुपरस्टार विनोद खन्ना बिपाशा को अपने बेटे अक्षय खन्ना के साथ फिल्म ‘हिमालय पुत्र’ में लॉन्च करना चाहते थे. लेकिन बिपाशा ने इसके लिए मना कर दिया.  जिसके बाद जया बच्चन ने बिपाशा को अपने बेटे अभिषेक बच्चन के साथ लॉन्च करने के लिए राजी कर लिया लेकिन बाद में वह फिल्म नहीं बनी.

3. बिपाशा बसू ने 2001 में अक्षय कुमार की फिल्म ‘अजनबी’ से बॉलीवुड में कदम रखा.  इस फिल्म में बिपाशा नेगेटिव रोल में नजर आईं थी. बिपाशा  की पहली फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही साथ ही साथ इस फिल्म से बिपाशा को अच्छे रिव्यू भी मिले.

4. बिपाशा  को उनकी पहली फिल्म के लिए ‘फिल्म फेयर’ के बेस्ट फीमेल डेब्यू के अवॉर्ड मिला था. जिसके बाद बिपाशा 2002 में फिल्म ‘राज’ में नजर आई थी.  इस फिल्म के बाद बिपाशा ज्यादातर हॉरर और थ्रिलर फिल्मों में ही नजर आईं.

5. बिपाशा  ने अपने करियर में बहुत सारी फिल्मों में काम किया.  उन्होंने  ‘ऑल द बेस्ट’, ‘नो एंट्री’, ‘फिर हेरा फेरी’, ‘बचना ए हसीनों’ जैसी फिल्मों में काम किया. बिपाशा ने अपनी आखिरी फिल्म 2015 में अपने पति करण सिंह ग्रोवर के साथ ‘अलोन’ की थी.

 

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दिलजीत दोसांझ के जन्मदिन पर जाने कैसे वो ‘पेंडू जट्ट’ से बने बॉलीवुड के ‘सरदार जी’

आज दिलजीत दोसांझ मना रहे है अपना 37वां जन्मदिन


आज बॉलीवुड और पंजाबी फिल्मों के एक्टर और सिंगर दिलजीत दोसांझ अपना 37वां जन्मदिन मना रहे हैं. अभी दिलजीत दोसांझ ने न सिर्फ पंजाबी सिनेमा में बल्कि बॉलीवुड में भी अपनी एक अलग पकड़ बना ली है. दिलजीत दोसांझ अपनी एक्टिंग के अलावा अपने बेहतरीन गानों के लिए भी जाने जाते है. दिलजीत  ने न सिर्फ पंजाबी कई बॉलीवुड में भी हिट गाने गए हैं.  आज  पूरा देश इन्हें काफी ज्यादा पसंद करता है. आज दिलजीत दोझांस के जन्मदिन पर हम आपको बताएंगे कि कैसे ‘पेंडू जट्ट’ से बने बॉलीवुड के ‘सरदार जी’  दिलजीत दोसांझ.

 

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साल 2016 में दिलजीत दोसांझ ने बॉलीवुड में कदम रखा

अपने धमाकेदार गानों  के बल पर सभी के दिलों पर राज करने वाले चुलबुले से दिलजीत दोसांझ गानों के ठीक उलट असल जीवन में एक बेहद शर्मीले और शांत किस्म के व्यक्ति है दिलजीत दोसांझ ने बॉलीवुड में साल 2016 में फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ से कदम रखा था. इस फिल्म में वो एक पंजाब के पुलिस अफसर का किरदार निभाते नजर आये. इस फिल्म ने दिलजीत दोसांझ को न सिर्फ पंजाब से बल्कि पूरे देश से लोकप्रियता दिलाई. अनुराग कश्यप की इस फिल्म ने पर्दे पर खूब सुर्खियां बटोरी थी. ये फिल्म रिलीज होने से पहले काफी ज्यादा विवादों में घिरी. लेकिन रिलीज होने के बाद फिल्म सभी लोगों द्वारा सराही गई.

 

पंजाब के सुपरस्टार है दिलजीत दोसांझ

बॉलीवुड में कदम रखने से पहले दिलजीत दोसांझ पंजाबी सिनेमा और सिंगिंग में अपनी एक अलग पहचान बना चुके थे. अगर हम दिलजीत दोसांझ के फ़िल्मी करियर की बात करें.  तो दिलजीत दोसांझ ने साल 2011 में फिल्म ”द लॉयन ऑफ पंजाब” से पंजाबी फिल्मों में कदम रखा था. इस फिल्म के कई गाने खुद दिलजीत दोसांझ ने गाए थे और रैप के लिए दिलजीत ने हनी सिंह से हाथ मिलाया था. उनकी पहली पंजाबी फिल्म का सबसे फेमस ‘लक 28 कुड़ी दा ‘ हुआ था. अभी तक दिलजीत 12 से ज्यादा पंजाबी फिल्मों में काम कर चुके हैं. लेकिन बतौर एक्टर दिलजीत दोसांझ को साल 2014 में आई फिल्म ‘पंजाब 1984′ ने पहचान दिलाई.

 

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जानें एशिया के पहले नोबेल जीतने वाले वैज्ञानिक सी वी रमन के बारे में

Birthday Special: जाने कौन है सी वी रमन


7 नवंबर की तारीख हमारे देश के इतिहास के पन्नों में एक महान वैज्ञानिक के जन्मदिन के तौर पर दर्ज है. आज ही के दिन विज्ञान के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार जीतने वाले एशिया के पहले वैज्ञानिक सर चंद्रशेखर वेंकट रमन का जन्म साल 1888 को तमिलनाडु के तिरूचिरापल्ली में हुआ था. सर चंद्रशेखर वेंकट रमन को प्रकाश परावर्तन के क्षेत्र में उनकी खोज के लिए उन्हें 1930 में भौतिक शास्त्र के नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया था. उन्होंने अपनी ये खोज आजादी से पहले के कठिनाइयों से भरे दौर में की थी. तो चलिए आज सर चंद्रशेखर वेंकट रमन के जन्मदिन पर जानते है. इस दिन से जुड़े इतिहास की कई और महत्वपूर्ण घटनाएं.

दुनिया के इतिहास में 7 नवंबर की तारीख का ब्यौरा

1. 1858: सात नवंबर को अंग्रेजों के खिलाफ लोहा लेने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी बिपिन चंद्र पाल का जन्म हुआ था. इतना ही नहीं, आज ही के दिन लाला लाजपत राय और बाल गंगाधर तिलक के साथ उनकी तिकड़ी को ‘लाल बाल पाल’ के नाम से पुकारा गया था.

2. 1862: सात नवंबर के दिन अंतिम मुगल बादशाह बहादुरशाह जफर का निधन हुआ था. ब्रिटिश हुकूमत ने मुगल बादशाह बहादुरशाह जफर को स्वतंत्रता सेनानियों का साथ देने पर रंगून निर्वासित कर दिया था, मुगल बादशाह बहादुरशाह जफर ने ब्रिटिश हुकूमत की हिरासत में ही अंतिम सांस ली.

और पढ़ें: जाने भारत की पहली महिला डॉक्टर रखमाबाई राउत के बारे में, जिन्होंने बचपन में हुई शादी के खिलाफ किया था संघर्ष

3. 1867: सात नवंबर के दिन ही रेडियोधर्मिता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण खोज के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित मैरी क्यूरी का जन्म हुआ था. मैरी क्यूरी नोबेल पुरस्कार से सम्मानित पहली महिला हैं. मैरी क्यूरी ऐसी पहली शख्सियत और एकमात्र महिला हैं. जिन्हें दो बार नोबेल पुरस्कार मिला है. रसायन विज्ञान के क्षेत्र में भी उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया था.

4. 1888: सात नवंबर के दिन ही भारत के महान भौतिक शास्त्री सर चंद्रशेखर वेंकट रमन का जन्म. उन्हें 1930 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

5. 1888: सात नवंबर के दिन ही भारत के महान भौतिक शास्त्री सर चंद्रशेखर वेंकट रमन का जन्म. उन्हें 1930 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया. इतना ही नहीं इसदिन नासा ने मंगल ग्रह का लंबे समय तक अध्ययन करने के लिए रोबोटिक अंतरिक्ष यान मार्स ग्लोबल सर्वेयर को अंतरिक्ष में भेजा.

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जाने क्यों अब्दुल कलाम के जन्मदन पर   मनाया जाता है विश्व  छात्र  दिवस,  साथ  ही  जाने  उनका ऐतिहासिक योगदान

जाने विश्व छात्र दिवस और अब्दल कलाम के जन्मदिन के बीच संबंध


हर साल 15 अक्टूबर को विश्व छात्र दिवस मनाया जाता है. इससे मनाने की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र ने 2010 में की थी. इससे मनाने का मुख्य उद्देश्य बच्चों के बीच शिक्षा के महत्व और जीवन में उपयोगिता के प्रति बच्चों में जगरूकता फैलाना है. क्या आपको पता है विश्व छात्र दिवस और अब्दुल कलाम के जन्मदिन के बीच क्या संबंध है. अगर नहीं, तो कोई बात नहीं, आज हम आपको बतायेगे. हमारे देश में मिसाइलमैन के नाम से मशहूर व हमारे पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक डॉ. अब्दुल  कलाम के जन्मदिन पर 2010 में पहली बार संयुक्त राष्ट्र ने विश्व छात्र दिवस मनाया था. संयुक्त राष्ट्र ने अब्दुल कलाम के जन्मदिन पर विश्व छात्र दिवस उनको सम्मानित करने के लिए मनाया था.

जाने कौन थे डा. अब्दुल कलाम

भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को रामेश्वरम में हुआ था. मिसाइलमैन के नाम से मशहूर अब्दुल कलाम हमारे देश के 11वें राष्ट्रपति थे. अब्दुल कलाम को बच्चों से खास लगाव था. उन्होंने अपना पूरा जीवन शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र को समर्पित कर दिया था. 1962 में ISRO से जुड़ने के बाद मिसाइलमैन यानि की अब्दुल कलाम ने सफलतापूर्वक कई उपग्रह प्रक्षेपण परियोजनाओं में अपनी एक विशेष भूमिका निभाई. इतना ही नहीं अब्दुल कलाम ने हमारे देश में पहले सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल को विकसित करने वाले प्रोजेक्ट में मुख्य डायरेक्टर के रूप में काम किया था.

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जाने डॉअब्दुल कलाम की उपलब्धियों के बारे में

1. अगर हम अपने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. अब्दुल कलाम की उपलब्धियों की बात करें तो उनकी सबसे बड़ी  उपबलब्धि है कि उनके जन्मदिन के दिन संयुक्त राष्ट्र ने विश्व छात्र दिवस मनाने की घोषणा की थी.

2. डॉ. अब्दुल कलाम को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन में एक वैज्ञानिक के रूप में सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न, नागरिक पुरस्कार, पद्म भूषण और पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया.

3. डॉ. अब्दुल कलाम को भारत में मिसाइलमैन की उपाधि के साथ ही साथ एक सफल वैज्ञानिक और शिक्षक के रूप में भी जाना जाता है. अब्दुल कलाम बच्चों को प्रेरित करने वाला जीवंत और कर्मठ व्यक्ति थे.

डॉअब्दुल कलाम का सपना

डॉ. अब्दुल कलाम हमेशा से भारत को एक विश्व शक्ति के रुप में स्थापित देखना चाहते थे. भारत को विश्व शक्ति के रुप में स्थापित करने की शुरुआत उन्होंने 1998 में हुए परमाणु परीक्षण के साथ की. उसके बाद उनके नेतृत्व में दो और अग्नि और पृथ्वी नामक स्वदेशी मिसाइल का सफल परीक्षण हुआ. इतना ही नहीं अब्दुल कलाम भारत को प्राचीन काल की विरासत, ज्ञान और वैचारिक उन्नति के साथ वैज्ञानिकता का मेल करते हुए एक नए भारत की स्थापना करना चाहते थे.

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अमिताभ बच्चन के जन्मदिन पर जाने उनके सक्सेस्फुल बॉलीवुड करियर से ले कर पॉलिटिक्स तक का सफर 

इस बार बॉलीवुड के शहंशाह मना रहे है अपना 78वां जन्मदिन


Amitabh Bachchan birthday special: अमिताभ बच्चन ने बॉलीवुड में अपनी दमदार आवाज और अभिनय के दम पर लोगों को अपना दीवाना बना लिया था. हिन्दी फिल्म इंडस्ट्री में शहंशाह के नाम से अपनी पहचान बनाने वाले अमिताभ बच्चन का जन्म 11 अक्टूबर 1942 को हुआ था. इस बार अमिताभ अपना 78वां जन्मदिन मना रहे है. बॉलीवुड के शहंशाह कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन ने अपनी ज़िन्दगी में बहुत ज्यादा कड़ी मेहनत की. उनकी उसी मेहनत का फल है कि आज वो उस मुकाम पर खड़े है. जो शायद कभी उन्होंने भी न सोचा हो. आज अमिताभ बच्चन के जन्मदिन पर हम आपको उसने जुडी कुछ खास बातें बतायेगे.

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अमिताभ बच्चन के करियर की शुरुआत 

अमिताभ बच्चन ने अपने करियर के शुरुआती दिनों में वह दिन भी देखे जब लोगों ने उनको उनकी आवाज के लिए नकार दिया था. अमिताभ बच्चन ने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ‘आकाशवाणी’ में भी अनाउंसर पद के लिए ट्राई किया लेकिन वहां भी उनको काम करने का अवसर नहीं मिला. अमिताभ बच्चन को 1969 में पहली बार ख्वाजा अहमद अब्बास की फिल्म ‘सात हिन्दुस्तानी’ में काम करने का मौका मिला. लेकिन फिल्म के असफल होने के कारण वो लोगों के दिलों में अपनी कोई खास जगह नहीं बना सके. यह फिल्म जरूर असफल रही, पर अमिताभ ने हिम्मत नहीं हारी और एक के बाद एक फिल्में की, जिसका नतीजा आज हम सबके सामने है.

अमिताभ बच्चन का राजनीति करियर 

अमिताभ बच्चन ने साल 1984 में राजनीति में प्रवेश किया. अमिताभ ने सबसे पहले इलाहाबाद से सांसद का चुनाव लड़े और चुनाव जीत भी गए. लेकिन अमिताभ बच्चन को अधिक समय तक राजनीति रास नहीं आई और उन्होंने तीन वर्ष तक काम करने के बाद सांसद के पद से इस्तीफा दे दिया. अमिताभ बच्चन की राजनीति छोड़ने की मुख्य वजह यह थी कि उस समय अमिताभ का नाम बोफोर्स घोटाले में खींचा जा रहा था. और वापस बॉलीवुड में ही आ गये.

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जाने कौन है रानी दुर्गावती, जिन्होंने आखिरी सांस तक मुगलों से लड़ी लड़ाई

कौन है रानी दुर्गावती


हमारा देश हमेशा से ही एक पुरुष प्रधान देश रहा है. जहां महिलाओं को हमेशा ही पुरुषों की तुलना में कम आका जाता है. इतना ही नहीं महिलाओं को कोमल और कमजोर समझा जाता है. जबकि पुरुषों को फौलाद की संज्ञा दी जाती है. माना की प्रकृति ने महिलाओं को सुकोमल बनाया है. लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि महिलाएं कमजोर है. अगर हम अपना इतिहास उठा कर देखे तो रानी लक्ष्मी बाई, चांद सुल्ताना, रानी अवंतीबाई, रानी चेनम्मा ये कुछ ऐसी महिलाएं है जिन्हे इतिहास घूंघट की ओट में नहीं बल्कि तलवार की चोट के लिए आज भी याद करता है. आज हम आपको ऐसी ही एक रानी के बारे में बताने जा रहे है. जिन्होंने अपनी आखिरी सांस तक मुगलों से लड़ी लड़ाई थी.

रानी दुर्गावती ने मुगलों से आखरी सांस तक लड़ी लड़ाई

रानी दुर्गावती का जन्म 5 अक्टूबर 1524 को हुआ था. इनका नाम ‘दुर्गावती’ रखने के पीछे भी एक विशेष कारण है. दुर्गाष्टमी के दिन बुंदेलखंड के कालिंजर में कीर्तिसिंह चंदेल के घर एक बेटी का जन्म हुआ. दुर्गाष्टमी के दिन बेटी का जन्म होने के कारण उन्होंने अपनी बेटी का नाम दुर्गावती रख दिया था. अगर हम बात करें दुर्गावती की वीरता की, तो उन्होंने अपना हुनर दिखने के लिए बड़ी उम्र का इंतजार नहीं किया. दुर्गावती ने अपने पिता के संरक्षण में जल्द ही तलवारबाजी, भाला फेंकना और घुड़सवारी सीख ली थी. जब भी दुर्गावती के पिता शिकार पर जाते तो वो भी साथ जाती थी. जिसके कारण उन्होंने छोटी सी उम्र में ही शिकार की बारीकियां सीख ली थी.

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छोटी सी उम्र में ही रानी दुर्गावती की वीरता के चर्चे उनके राज्य में तथा राज्य के बाहर भी होने लगे थे. दुर्गावती की इस बढती हुई ख्याति ने गढ़ा मंडला जिले के शासक संग्राम सिंह को उसकी तरफ आकर्षित किया था. ये बात तो सभी लोग जानते थे कि दुर्गावती जितनी सुन्दर है उससे कई गुना तेज उसके तलवार की धार है. दुर्गावती के बारे में ये सारी चीजें संग्राम सिंह पहले ही सुन चुके थे और उन्होंने मन ही मन दुर्गावती को अपनी पुत्रवधू मान लिया था. संग्राम सिंह अपने पुत्र दलपत शाह के लिए ऐसी ही कन्या चाहते थे जो राज्य के विस्तार और कुशल शासन में उनके पुत्र का हाथ बंटा सके. इसलिए संग्राम सिंह ने कीर्ति सिंह के पास अपने पुत्र के विवाह का प्रस्ताव भेजा. लेकिन कीर्ति सिंह ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया. इस बात से नाराज हो कर संग्राम सिंह ने कीर्ति सिंह को युद्ध के लिए चुनौती दी, और कहा अगर तुम पराजित हुए तो तुम्हारी पुत्री हमारी पुत्रवधू बनेगी. जिसे कीर्ति सिंह ने स्वीकार कर लिया.

मुगलों से लड़ते-लड़ते वीरगति प्राप्त की

अगर आप भारत का इतिहास उठा कर देखे, तो रानी दुर्गावती की वीरता और साहस के किस्से स्वर्णिम अक्षरों में लिखे हुए है. उन्होंने अपनी वीरता का उदाहरण  मुगल शासकों से डटकर सामना करके दिया. इतना ही नहीं रानी दुर्गावती का शौर्य, पराक्रम और जौहर को देखकर अकबर ने भी हार मान ली थी. रानी दुर्गावती एक ऐसी वीरांगना थीं, जिन्होंने अपने जीवन में काफी ज्यादा संघर्ष किये और पति की मौत के बाद न सिर्फ अपने राज्य की शासक बनी, बल्कि एक साहसी शासक की तरह अपने राज्य की रक्षा भी की और मुगलों से युद्ध करते करते वीरगति को प्राप्त हुईं।

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जानें उस महिला के बारे में जिन्होंने ब्रिटिश शासन को मानवता पर कलंक कहा…

पहली बार राष्ट्रीय ध्वज फहराने वाली महिला


श्रीमती भीखाजी जी रूस्तम कामा यानि की मैडम कामा भारत की पारसी नागरिक थी. जब-जब भारत की आजादी की गाथाएं गाई जाएंगी तब-तब भीखाजी जी कामा का नाम याद किया जाएगा है. भीखाजी जी कामा ने लंदन, जर्मनी और अमेरिका की यात्रा कर भारत की आजादी के पक्ष में अहम माहौल बनाने का काम किया था. इतना ही नहीं भीखाजी जी कामा ने जर्मनी के स्टटगार्ट में 22 अगस्त 1907 को हुई 7वीं अंतरराष्ट्रीय कांग्रेस में भारत का प्रथम तिरंगा राष्ट्रध्वज फहराया था. हालांकि जो तिरंगा 1907 में भीखाजी जी कामा ने फहराया था वो वैसा नहीं था जैसा आज दिखाई देता है. लेकिन मौजूदा राष्ट्रीय ध्वज भी भीखाजी जी कामा के झंडे से काफी मेल खाता है. 

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क्या खास था भीखाजी जी कामा के द्वारा फहराये राष्ट्रध्वज में 

भीखाजी जी कामा द्वारा फहराया गया भारत का प्रथम तिरंगा राष्ट्रध्वज आज भी गुजरात के भावनगर स्थित सरदारसिंह राणा के पौत्र और भाजपा नेता राजुभाई राणा के घर सुरक्षित रखा गया है. भीखाजी जी कामा ने इस राष्ट्रध्वज में विभिन्न धर्मों की भावनाओं और संस्कृति को समेटने की कोशिश की थी. इस राष्ट्रध्वज में हिंदुत्व, इस्लाम,और बौद्ध मत को प्रदर्शित करने के लिए हरा, पीला और लाल रंग इस्तेमाल किया गया था. साथ ही इस राष्ट्रध्वज में बीच में देवनागरी लिपि में वंदे मातरम लिखा हुआ था.

जाने क्यों भीखाजी जी कामा ने ब्रिटिश शासन को मानवता पर कलंक कहा

अधिवेशन में भीखाजी जी कामा ने कहा ब्रिटिश शासन का भारत में जारी रहना मानवता के नाम पर एक कलंक है. साथ ही उन्होंने कहा ब्रिटिश शासन द्वारा किये जा रहे कामों से भारत के हितों को भारी क्षति पहुंच रही है. साथ ही भीखाजी जी कामा ने सभी भारतीयों से आजादी के लिए आगे बढ़ने और अपनी आवाज़ उठाने की अपील की थी. उन्होंने कहा हिंदुस्तान हिंदुस्तानियों का है. उस समय भीखाजी जी कामा द्वारा फहराए गए तिरंगे का सीधा असर ब्रिटिश शासन पर भी दिखाई दिया था. भीखाजी जी कामा द्वारा फहराए गए तिरंगे को ब्रिटिश शासन ने अपने लिए एक चुनौती समझा था.

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‘जमाई राजा’ की फेम एक्ट्रेस निया शर्मा का ड्रेसिंग स्टाइल किसी बॉलीवुड एक्ट्रेस से कम नहीं 

इस बार निया शर्मा मना रही है अपना 30 वां जन्मदिन


छोटे परदे की बेहद हॉट और खूबसूरत हीरोइनों में से एक हैं निया शर्मा. एशिया की तीसरी सबसे सेक्सी महिला का खिताब जीतने वाली निया शर्मा आज अपना 30 वां जन्मदिन मना रही है. नियाने ये खिताब एक नहीं बल्कि दो बार जीताहै. वह सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहती है. इंस्टाग्राम पर उनके लाखो फॉलोवर्स हैं. निया अपने फैन्स को कभी नाराज भी नहीं करती हैं. वह सोशल मीडिया पर आए दिन अपने फैन्स के लिए अपनी हॉट ऐंड सेक्सी फोटो और विडियो डालती रहती हैं. जो उनके फैन्स को बेहद पसंद आती है. आज निया शर्मा के जन्मदिन पर हम उनके बेहद हॉट ऐंड सेक्सी लुक पर बात करेंगे.

वाइट शर्ट विथ लॉन्ग बूट्स: निया शर्मा जितना अपनी एक्टिंग को लेकर चर्चा में बनी रहती हैं, उससे कहीं ज्यादा वो अपनी बोल्ड ड्रेसेस को लेकर सुर्खियों में रहती है. अभी हम बात कर रहे है निया की वाइट शर्ट के साथ ब्लैक डेनिम शॉर्ट्स और उस पर लॉन्ग बूट्स की. इस फोटो में  निया बेहद खूबसूरत लग रही है.

रेड बो टॉप विथ फ्रिल स्कर्ट: टीवी शो की बेहद हॉट और सेक्सी एक्टर निया शर्मा किसी भी कैजुअल पार्टी या अवॉर्ड नाइट पर अपने फैन्स को निराश नहीं करतीं. निया की इस फोटो में रेड ट्यूब टॉप पर लगा बो और फ्रिल स्कर्ट उनके इस लुक को कंप्लीट कर रहा है. टाइट बन के साथ रेड लिपस्टिक में निया बेहद खूबसूरत लग रही है.

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वाइट रफल ड्रेस: अपने ड्रेसिंग स्टाइल के लिए जानी जाने वाली एक्टर निया शर्मा जब भी किसी अवार्ड शो या पार्टी में जाती है. तो अपने सेक्सी अंदाज से सुर्खियों में छा जाती हैं. इस वाइट रफल ड्रेस में निया का बोल्ड लुक साफ झलक रहा है. ओवल शेप और हाई स्लिट ड्रेस के साथ निया ने पिंक पेंसिल हील्स पहनी हुई है 

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