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केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो का बयान तृणमूल कार्यकर्ताओं से निपटने के लिए संविधान में प्रवधान मौजूद है

डर का माहौल पैदा किया जा रहा है


बंगाल में अगले साल होने वाले चुनाव से पहले ही आरोप प्रत्यारोपों का सिलसिला शुरु हो गया है. केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने सत्तारुढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के कार्यकर्ताओं को मतदाताओं को डराना-धमकाना बंद करना चाहिए, अन्यथा संविधान में इससे निपटने के प्रावधान मौजूद है.

130 बीजेपी कार्यकर्ताओं की हुई हत्या

एक न्यूज चैनल से बात करते हुए बाबुल सुप्रियो ने कहा कि  प्रदेश में 130 बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई है. प्रदेश में डर का माहौल पैदा किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि अगर तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों को लगता है कि वह मतदाताओं को डरा धमकाकर राजनीतिक हिंसा को फैला सकते हैं. तो ऐसा नहीं हैं. इन सबसे निपटने के लिए संविधान में प्रावधान दिए गए है. जिसके द्वारा प्रदेश में शांति बनाई जा सकती है.

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जनता ने बीजेपी को वोट देने की ठान ली है

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता ने बीजेपी को वोट देने का ठान लिया है. उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि तृणमूल कांग्रेस को सत्ता में लाने वाले लोग अब लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से ही वर्तमान सरकार को गिराएं. गौरतलब है कि आऩे वाले साल में अप्रैल-मई के महीने में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. जिसमें बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस एक दूसरे की प्रतिद्वंदी पार्टी है.

दो दिन पहले ही हुई थी कार्यकर्ता की मौत

आपको बता दें बंगाल में आए दिन बीजेपी कार्यकर्ताओं की मौत की खबरें आती रहती है.  अभी दो दिन पहले ही बीजेपी कार्यकर्ता की उत्तरी बंगाल के कूच बिहार जिले के तुफानगंज अस्पताल में मौत हो गई. कार्यकर्ता कालाचंद कर्मकार पोलिथ स्तर के सचिव थे. उनकी मौत के पीछे का कारण दो समुदाय के बीच की झड़प है. इसी झड़प में ही कालाचंद घायल हो गए थे. जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां उनकी मौत हो गई. बीजेपी के कार्यकर्तांओं का आरोप है कि मौत के पीछे तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का हाथ है.

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मनोरंजन

Movie Review- बाल और बेमेल विवाह की पीड़ा है बुलबुल, जो उसे उल्टे पैर वाली बना देती है

बड़े महल के बड़े राज को बताती है बुलबुल की कहानी


कलाकार – तृप्ति डिमरी, राहुल बोस, अश्वनी तिवारी, परमब्रत  चटर्जी, पाउली दाम

निर्देशक – अन्विता दत्त

निर्माता – अनुष्का शर्मा, कर्णेश शर्मा

स्टार – 3.5

प्लेटफॉर्म – नेटफिलक्स

अवधि – 1 घंटा 33 मिनट

अभिनेत्री अनुष्का शर्मा ने पाताल लोक के बाद बुलबुल में एक अलग तरह की कहानी पेश की है। फिल्म बंगाल की 19वीं सदीं की कहानी को बता रही है। सुपर नेचुरल चीजों को लेकर लोगों में फैले भ्रम से लेकर उनके सच को बायं कर रही है। बंगाल से संबंधित फिल्मों की कहानी ज्यादातर कवि गुरु रविंद्रनाथ टैगोर से ली गई होती है। यह कहानी भी कुछ ऐसी ही लगती है।

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कहानी

फिल्म की कहानी बाल और बेमेल विवाह से लेकर क्रिमिनल तक एक महिला की पीड़ा को बता रही है। जिसमें चुडैल का भ्रम एक तड़के की तरह काम कर रहा है। फिल्म के अंत में चुडैल की गुथी सुलझती है। जहां दिखाया गया कि कैसे एक बाल और बेमेल विवाह प्यार की पीड़ा एक औरत को क्रिमिनल बनने पर मजबूर करती है। महिला को प्रताड़ित करने के पीछे भी महिला का ही हाथ है। इसके साथ ही पुरुषों के डोमिनेंट करैक्टर को दर्शाया गया है। जहा सत्या अपनी भाभी को प्यार तो करता है लेकिन कहता नहीं है उसे छोड़कर लंदन चला जाता है। बड़े ठाकुर बड़ी बहू  को प्यार की सजा देते हैं और अंत में महिंद्र ठाकुर रेप कर उसे उल्टे पैर वाली चुडैल बना देता है। इन सबके पीछे बिनोदनी का कितना हाथ है यह जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी।

डायरेक्शन

फिल्म की शुरुआत एक सुपर नैचुरल थ्रिलर से होती है। शुरुआत में कहानी बहुत धीमी है। उसके बाद धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ती है। लेकिन फिर भी जिस हिसाब से चुडैल की चर्चा की गई है वैसे पेश नहीं किया गया है। अंत के कुछ हिस्से में चुडैल को दिखाया गया है जहां उसके उल्टे पैर होने का राज भी खोला गया है।इसके साथ ही डॉयलॉग की कमी है।

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बंगाल के तट से टकराया तूफ़ान, चक्रवात बुलबुल ने ली 3 लोगो की जान

बंगाल के तट पर लगाया गया हाई अलर्ट, 3 लोगो की हुई मौत


शनिवार की आधी रात को चक्रवाती तूफान ‘बुलबुल’ ने  पश्चिम बंगाल के सागर आइलैंड और बांग्लादेश के खेपुपारा इलाके में दस्तक दी। हालांकि दक्षिण परगना और कोलकाता में बारिश रुक गई है लेकिन तेज हवाओं से खतरा बना हुआ है। इन इलाकों में 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। तेज हवाओं की चपेट में आने से अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है।सरकार ने इन सात जिलों के स्कूलों में अवकाश की घोषणा की है। साथ ही निजी स्कूलों से भी ऐसा करने के लिए कहा गया है। वहीं आपदा प्रतिक्रिया बल भी राहत और बचाव सामग्रियों के साथ परिस्थिति से निपटने के लिए सतर्क है।

 चक्रवाती तूफान का असर:

इस चक्रवाती तूफान का असर ओडिशा में भी देखने को मिला है , जहां सैकड़ों पेड़ उखड़ गए थे। सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटाने के लिए एनडीआरएफ, ओडीआरएएफ और दमकल के कर्मचारी लगाए गए है। ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में 1070 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। बालासोर और जगतसिंहपुर जिले में भी 1500 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजा गया। वहीं केंद्रपाड़ा जिले के राजकनिका पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत गजराजपुर गांव में एस्बेस्टस गिरने से 70 वर्षीय एक शख्स की मौत हो गई है। मृतक की पहचान गणेश्वर मलिक के रूप में हुई है। हादसा उस समय हुआ जब बुजुर्ग अपने घर में सो रहा था।

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 मछवारों को समुन्दर के पास न जाने की सलाह:

उत्तरी ओडिशा और बंगाल के तटीय इलाकों में मछुआरों को समुद्र में न जाने का निर्देश दिया गया है। अगले 18 घंटे तक बंगाल की खाड़ी में न जाने की हिदायत दी गई है। तूफान के कारण दक्षिण असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम के कुछ इलाकों में अगले 36 घंटे में मध्यम या भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

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