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जाने क्या होती है हेलिकॉप्टर पैरेंटिंग और कैसे होती है यह बच्चों के लिए नुकसानदेह

जाने क्या होती है हेलिकॉप्टर पैरेंटिंग


पैरेंटिंग ये शब्द जितना सुनने में अच्छा लगता है उससे कई गुना ज्यादा इसमें ज़िम्मेदारियां होती है। हर माता पिता चाहते हैं कि वो अपने बच्चे को एक अच्छी परवरिश दे। उससे उंगली पकड़ कर उससे चलना सिखाएं। उसकी हर चीज में उसका साथ दे, उसके साथ खड़े रहे। लेकिन कई बार ये प्यार और केयर एक अलग लेवल पर चली जाती है जिसे हेलिकॉप्टर पैरेंटिंग है। जब कोई भी माता पिता अपने बच्चे की जिंदगी में जरूरत से ज्यादा दखल देने लगते हैं अपने बच्चे के साथ हेलिकॉप्टर की तरह हरदम मंडराते रहते है जिसे वो खुद अपने फैसले नहीं ले पाता है। उससे ही हेलिकॉप्टर पैरेंटिंग कहा जाता है।

 

जाने क्या करें, क्या न करें

जब बच्चा छोटा होता है तो उससे हर पल माता पिता के साथ की ज़रूरत होती है लेकिन जैसे जैसे वो बड़ा होता है। उसकी ये जरूरत कम होने लगती है। हां ये बात सही है कि बच्चे को आपके साथ की ज़रूरत होती है, आपके मोटिवेशन की जरूरत होती है, उससे पढ़ाई में भी आपकी मदद चाहिए होती है। एक माता पिता होने के नाते आपको पता होना चाहिए कि आपके बच्चे के दोस्त कौन कौन है उनके बीच किस तरह की बातें होती है लेकिन दिक्कत तब आने लगती है जब आप हर बात पर उनकी जिंदगी में इंटरफेयर करने लगते है। तो चलिए आज हम आपको बताएंगे बच्चों के साथ कब क्या किया जाना चाहिए जिससे की आपके और आपके बच्चे के बीच प्रॉब्लम न आये।

आज़ादी: आपको अपने बच्चे को थोड़ी आज़ादी देनी चाहिए। माना की आपको अपने बच्चे की चिंता होती है लेकिन आप खुद सोचिये, क्या आप चाहेंगे है कि आपके बच्चे को जिंदगी भर आपकी जरूरत पड़े। वो खुद इंडिपेंडेंट होकर अपनी प्रॉब्लम्स खुद सुलझा न सकें। नहीं न तो इसलिए आपको अपने बच्चे को थोड़ी आज़ादी देनी चाहिए जिसे वो इंडिपेंडेंट होकर अपनी प्रॉब्लम्स खुद सुलझा सकें।

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बच्चे अपना काम खुद करें: आपको अपने बच्चे को बचपन से ही सीखना चाहिए कि उससे अपने काम खुद करने चाहिए। क्योकि ये उसके आने वाले कल के लिए ठीक है। बच्चे को लाड़-प्यार करना चाहिए लेकिन उससे कभी भीं लाड़-प्यार में बिगाड़ना नहीं चाहिए।

लड़ाई: आपको अपने बच्चे को हर सिचुएशन को हैंडल करना सीखना चाहिए। अगर आपके बच्चे की स्कूल में लड़ाई हो जाएं, तो आपको उससे घर पर ही समझाना चाहिए कि उससे सिचुएशन को कैसे हैंडल करना है न की उसके स्कूल खुद चले जाएं टीचर से शिकायत लगाने या दूसरे बच्चों को डांटने।

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ये कुछ सवाल जो आज के समय में किसी भी महिला से नहीं पूछे जाने चाहिए

ये सवाल सिर्फ महिलाओं से ही क्यों पूछे जाते है?


Questions only asked to women: आज भले ही हमारे देश की महिलाएं घर की चार दीवारी से बाहर निकल कर काम करने लगी हो, अपने पैरों पर खड़ी हो गयी हो। लेकिन आज भी हमारे समाज में लड़के और लड़कियों के बीच कितना भेदभाव किया जाता है ये शायद हमें आपको बताने की जरूरत नहीं है। क्योंकि अगर हम आपको ये बताने बैठे गए तो पूरा आर्टिकल इसी में निकल जायेगा। अगर आपको लड़के और लड़कियों के बीच भेदभाव देखना है तो ये कोई बड़ी चीज नहीं है ये तो आपको अपने घर पर और हर कदम देखने को मिल जाएगी। क्योंकि ये भेदभाव कहीं और से नहीं बल्कि हमारे घरों से ही शुरू होता है और पूरी ज़िंदगी भर चलता है। ये भेदभाव आपको तब भी नजर आता है जब हमारा समाज औरतों से या लड़कियों से कुछ अजीबो-गरीब सवाल पूछता है। ये सवाल अजीबो-गरीब नहीं होते, इनको ऐसा इसलिए कहा जाता है क्योंकि हमारे समाज में ये सवाल सिर्फ लड़कियों से ही पूछे जाते है। जो अब नहीं पूछे जाने चाहिए। तो चलिए आज जानते है लड़कियों से पूछे जाने वाले अजीबो-गरीब सवालों के बारे में।

शादी: आज के समय में लड़कियों को सबसे ज्यादा परेशान करना वाला सवाल है शादी। कोई पूछता है शादी कब कर रही हो, तो कोई बोलता है शादी के बारे में क्या ख्याल है, और अगर अपने 27, 28 साल तक शादी नहीं कि तो लोग पूछने लगते है शादी क्यों नहीं कर रही हो। ऐसी ही न जाने कितने ओर शादी से जुड़े सवाल हैं। लेकिन एक बात समझ नहीं आती आखिर किसी भी लड़की की शादी नैशनल इंट्रेस्ट का टॉपिक क्यों है। जिस लड़की को जब शादी करनी होगी वो कर लेगी, नहीं करनी होगी तोआ नहीं करेगी। लेकिन लोगों का समझ नहीं आता पता नहीं इसको क्यों उनको बिचौलिया बना होता है।

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बच्चे: ‘बच्चा’ ये एक ऐसा सवाल है जो हमारे समाज में सिर्फ महिलाओं से ही पूछा जाता है। जैसे ही शादी हुई नहीं कि लोग अगले ही दिन से पूछना शुरू कर देते हैं ‘गुड न्यूज़ कब दोगी’, ‘हमें दादा-दादी बना दो’, शादी को एक साल हो गया ‘बच्चों के बारे में क्या सोचा है’ ये सभी सवाल हमारे समाज से सिर्फ महिलाओं से ही पूछे जाते है। ये सवाल सुन कर तो कभी ऐसा लगता है कि सामने वाले तो समझाएं कि हो सकता है दोनों बहुत दिनों से कोशिश कर रहा हो लेकिन उन्हें बच्चा ना हो रहा हो, या फिर दोनों अभी बच्चे के लिए रेडी ही न हो, तो कृपया करके आप अपना मुंह बंद रखें और उनको उनकी ज़िन्दगी जीने दें।

खाना बनाना: ऐसे तो आज के समय में सभी लोगों को खाना बनाना आना चाहिए फिर चाहे वो लड़का हो या लकड़ी। अगर कोई ये सवाल करता है कि आपको खाना बनाना आता है तो इसमें कुछ बुरा नहीं है लेकिन अगर ये सवाल सिर्फ लड़कियों से पूछा जाए खासकर शादी से पहले तो ये गलत है क्योंकि शादी के बाद घर संभालने की जिम्मेदारी सिर्फ लड़कियों की नहीं होती तो फिर आप सिर्फ लड़कियों से क्यों पूछ रहे हैं कि खाना बनाना आता है या नहीं। आप दोनों से पूछे।

रिलेशनशिप स्टेटस: आज के समय में रिलेशनशिप स्टेटस ये एक महत्वपूर्ण सवाल है लेकिन ये सिर्फ लड़कियों के लिए नहीं बल्कि लड़कों के लिए भी है। अगर किसी को अपना रिलेशनशिप स्टेटस बताना होगा तो वो खुद बताएगा और अगर उसका ब्रेकअप हुआ होगा या फिर उसकी डेटिंग हिस्ट्री की डीटेल्स वो खुद शेयर करेगा। जब उसका मन होगा कृपया करके आप कुरेद-कुरेद कर उनसे पूछने की कोशिश न करें।

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बॉलीवुड सितारें जो सरोगेसी की सहायता से बने माता पिता

इन सितारों ने माता पिता बने के लिए किराए पर ली कोख


Bollywood stars who became parents with the help of surrogacy

इस दुनिया में हर व्यक्ति माता पिता बनने का सपना देखता है। फिर चाहे वो गरीब हो या आमीर। हर व्यक्ति माता पिता बनने का आनंद उठाना पसंद करता है। हालांकि कुछ निजी कारणों की वजह से हर महिला 9 महीने तक अपने पेट में बच्चा नहीं पाल सकती है। जिसके कारण उनको लगता है कि शायद अब वो माता पिता बनने का सुख नहीं उठा पाएंगे।लेकिन आज के समय में ऐसे महिलाओं के लिए जो किसी निजी कारण से 9 महीने तक अपने पेट में बच्चा नहीं रख सकती है। उनके लिए सरोगेसी का ऑप्शन काम आता है। सरोगेसी के द्वारा माता पिता के अंडाणु और शुक्राणु को एक टेस्ट ट्यूब में मिलाकार फ़र्टिलाइज किया जाता हैं और उसके बाद किराए की कोख देने वाली एक महिला के गर्भाशय में ट्रांसफर कर दिया जाता हैं। इस तरह से बच्चे का डीएनए माता पिता का ही होता हैं। बस 9 महीने उस बच्चे की परवरिश एक दूसरी महिला करती है। तो चलिए आज हम आपको कुछ ऐसे बॉलीवुड सितारों के बारे में बतायेगे जिन्होंने माता पिता बनने के लिए सरोगेसी की सहायता ली।

शिल्पा शेट्टी: साल 2020 में 15 फरवरी को शिल्पा शेट्टी ने 7 साल बाद सरोगेसी के माध्यम से एक प्यारी सी बच्ची ‘समीषा’ को जन्म दिया। जब शिल्पा शेट्टी और उनके पति राज कुंद्रा ने यह जानकारी अपने फैंस को सोशल मीडिया पर दी तो सभी लोग हैरान हो गए थे।

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आमिर खान: आमिर खान और उनकी दूसरी पत्नी किरण राव ने भी सरोगेसी के माध्यम से एक प्यारे से बेटे आजाद’ को जन्म दिया। इससे पहले भी आमिर खान दो बार पिता बन चुके है उनके दो बच्चे उनकी पहली पत्नी रीना दत्ता से है रीना दत्ता ने दोनों बच्चों को सामान्य तरीके से ही जन्म दिया था।

सनी लियॉन: सनी लियॉन और उनके पति डेनियल वेबर ने साल 2017 में दो जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था। उन्होंने अपने जुड़वा बच्चों का नाम अशर और नोहा रखा है। सनी लियॉन के ये दोनों बच्चे सरोगेसी के माध्यम से ही हुए थे। साथ ही आपको ये भी बता दें कि सनी लियॉन ने इन दो जुड़वा बच्चों को जन्म देने से पहले एक बेटी ‘निशा’ को भी गोद लिया था

सोहेल खान: सलमान खान के भाई सोहेल खान और उनकी पत्नी सीमा ने भी सरोगेसी के माध्यम से एक बच्चे को जन्म दिया था। जिसका नाम उन्होंने ‘योहान’ रखा था। साथ ही आपको ये भी बता दे कि योहान से पहले भी सोहेल खान और सीमा एक बच्चे को जन्म दे चुके है।

शाहरुख़ खान: किंग ऑफ़ बॉलीवुड यानि की शाहरुख़ खान और उनकी पत्नी गौरी खान ने भी अपने सबसे छोटे बच्चे ‘अब्राहम’ को सरोगेसी के माध्यम से ही जन्म दिया था। आपको बता दे कि शाहरुख़ खान और गौरी खान के तीन बच्चे आर्यन, सुहाना और अब्राहम हैं।

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Can pregnant women get covid vaccine: जाने क्या गर्भवती महिलाओं को भी कोरोना वैक्सीन लगवानी चाहिए

जाने गर्भवती महिलाओं के लिए कोरोना वैक्सीन को लेकर क्या कहता है विश्व स्वास्थ्य संगठन


Can pregnant women get covid vaccine: विश्व स्वास्थ्य संगठन के अब फ़ाइज़र-बायोटेक और मॉडर्ना की कोरोना वैक्सीन लगाने के लिए सलाह दे दी है। लेकिन अभी भी विश्व स्वास्थ्य संगठन ने गर्भवती महिलाओं को वैक्सीन लगाने की सलाह नहीं दी है। इसका कारण विश्व स्वास्थ्य संगठन ने आंकड़ों की कमी को बताया है साथ ही उन्होंने कहा कोरोना वैक्सीन का गर्भवती महिलाओं के लिए हानिकारक होने का कोई सबूत नहीं मिला है। इसके बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा अगर गर्भवती महिलाएं चाहे तो हेल्थकेयर प्रोवाइडर से बातचीत करके वैक्सीन लगवा सकती है। साथ ही साथ विश्व स्वास्थ्य संगठन ने गर्भावस्था के दौरान कोरोना वायरस संक्रमण के जोख़िम को लेकर भी आगाह किया है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन की सलाह

1. विश्व स्वास्थ्य संगठन की सलाह के अनुसार आम महिलाओं की तुलना में गर्भवती महिलाओं में कोरोना वायरस के संक्रमित होने की संभावना ज्यादा होती है।  कोरोना वायरस के संक्रमित के चलते प्री-मैच्योर बच्चे के जन्म का ख़तरा भी बढ़ जाता है।

2. डॉ. मैथ्यू ने फ़ाइजर-बायोटेक की वैक्सीन की पहली डोस जनवरी में ली और उसके बाद उन्होंने दूसरी डोस फरवरी में ली। हालांकि वैक्सीन को लेकर कई महिलाएं इससे उलट फ़ैसले ले रही हैं।

3. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को कोरोना वैक्सीन का टीका नहीं लगेगा क्योंकि दोनों वैक्सीन के  विभिन्न चरणों में गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को शामिल नहीं किया गया था। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अतिरिक्त सचिव मनोहर अगनानी की ओर से राज्यों को लिखे गए पत्र में कोरोना वैक्सीन में बदलाव न करने की सख्त हिदायत दी गई है।

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Image source – vcuhealth.org

जाने विश्व स्वास्थ्य संगठन के अतिरिक्त सचिव मनोहर अगनानी ने क्या कहा है

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अतिरिक्त सचिव मनोहर अगनानी ने राज्यों को लिखे गए पत्र में कहा जिसे पहला टीका जिस कोरोना वैक्सीन का लगा है उसे उसी कोरोना वैक्सीन का दूसरा टीका भी लगाना चाहिए और दोनों टीकों में कम से कम 14 दिन का अंतराल रखना होगा। साथ ही आपको ये भी बता दें कि पत्र में दोनों वैक्सीन की विशेषताओं के बारे में पूरी जानकारी की गयी है साथ ही साथ टीका लगवाने के बाद होने वाली छोटी-मोटी दिक्कतों के बारे में भी बताया गया है। मनोहर अगनानी ने पत्र में दी जानकारी को प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाने को कहा गया है ताकि टीकाकरण के काम में लगे कर्मचारी हर तरह की स्थिति से निपटने में सक्षम हो सकें।

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5 फल जिनका प्रेग्नेंसी के दौरान बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए सेवन

जाने प्रेग्नेंसी के दौरान किन फलों का सेवन हो सकता है नुकसानदायक


किसी भी महिला के लिए गर्भावस्था उसके जीवन का एक सबसे अच्छा और महत्वपूर्ण उपहार है. लेकिन ये बात भी है कि यह उपहार अपने साथ कई चुनौतियों और बदलावों को लेकर आता है. प्रेग्नेंसी के दौरान एक महिला का शरीर इस समय शारीरिक, भावनात्मक परिवर्तनों और उसके खानपान में आने वाले विभिन्न संक्रमणों से गुजरता है. आपने अपने आस-पास  अक्सर लोगों को पूछते हुए सुना होगा कि प्रेग्नेंसी में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं? आपने देखा होगा कि डॉक्टर्स की तरफ से भी प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को पोषक तत्वों से भरपूर डाइट फॉलो करने की सलाह दी जाती है. जिसे माँ और बच्चा दोनों स्वच्छ रहे.  एक हेल्दी प्रेग्नेंसी डाइट में बहुत तरफ के फल, सब्जियां और अनाज शामिल होते है लेकिन क्या आपको पता है
ऐसे बहुत से फल और सब्जियां होती है जिन्हें आपको प्रेग्नेंसी के दौरान नहीं खाना चाहिए. तो चलिए जानते है कुछ ऐसे फलों के बारे में.

 

अनानास: आपने सुना होगा की प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को अनानास का सेवन नहीं करना चाहिए. लेकिन क्या आपको पता है ऐसा क्यों कहा जाता है क्योंकि अनानास में एक उच्च ब्रोमेलैन सामग्री होती है जो एक एंजाइम है जो गर्भाशय ग्रीवा को नरम करती है और  गर्भाशय के संकुचन को भी ट्रिगर कर सकती है.  ये शुरुआती श्रम को प्रेरित कर सकता है इससे माँ और बच्चे दोनों को नुकसान हो सकता है.

 

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Image source – cdnparenting

 

पपीता: प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को पपीता का सेवन नहीं करना चाहिए  क्योंकि कच्चे पपीते को गर्भपात के लिए जाना जाता है.  पपीता में लेटेक्स होता है जो गर्भाशय के संकुचन को ट्रिगर करता है. ये प्रेग्नेंसी के दौरान खतरनाक हो सकता है. वैसे तो नॉर्मल दिनों में कब्ज जैसी समस्याओं से राहत पाने के लिए इनका सेवन किया जाता है और ये पेट के लिए बेहद फायदेमंद भी होता है.

 

अंगूर: अंगूर को सबसे अधिक पौष्टिक फलों में से एक माना जाता है. लेकिन प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं पर उनके प्रभाव पर सवाल उठाया है. अंगूर में बहुत सारे रेस्वेराट्रोल यौगिक होते हैं जो प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं की त्वचा में मौजूद होते हैं. यह यौगिक जहरीला और विषैला होता है यह महिलाओं की अपेक्षा के लिए हानिकारक हो सकता है.

 

आडू: आडू एक ऐसा फल है जिसे प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को खाने से बचना चाहिए क्योंकि आडू को एक गर्म फल माना जाता है. आड़ू का अधिक मात्रा में सेवन करने से शरीर में गर्मी पैदा हो सकती है जिससे आंतरिक रक्तस्राव हो सकता है और गर्भपात होने की संभावना भी हो जाती है.

 

तरबूज: ये बात तो आपने सभी से सुनी होगी की तरबूज में पानी की बहुत ज्यादा मात्रा होती है. ये हमारे शरीर को हाइड्रेट रखता है और ये हमारे शरीर से हानिकारक विषाक्त पदार्थों को भी बाहर निकालता है लेकिन क्या आपको पता है प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के लिए तरबूज का सेवन अच्छा नहीं होता है. साथ ही ये  प्रेग्नेंसी के दौरान डायबिटीज वाली महिलाओं में ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है.

 

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जाने उन प्रोडक्ट्स के बारे में जो स्ट्रेच मार्क्स को कम करने में करेंगे आपकी मदद।

जानें स्ट्रेच मार्क्स को दूर करने वाले प्रोडक्ट्स के बारे में

स्ट्रेच मार्क्स ये एक ऐसी प्रॉब्लम है जो हम में से ज्यादातर लोगों को होती है. ज्यादातर स्ट्रेच मार्क्स की प्रॉब्लम तब ही होती है जब हमारे वजन में बदलाव होता है या फिर जब हमारी स्किन को पर्याप्त पोषण नहीं मिलता है.  जिसके परिणामस्वरूप हमारी त्वचा फट जाती है. इतना ही नहीं इसके अलावा भी स्ट्रेच मार्क्स के कई ओर फिजियोलॉजिकल और मेडिकल कारक भी होते हैं. जो हमारी बॉडी में स्ट्रेच मार्क्स का कारण बन सकते हैं जैसे कुछ दवाईयां, या फिर प्रेगनेंसी. हमारी बॉडी में स्ट्रेच मार्क्स होना एक नार्मल बात है लेकिन इससे पूरी तरह छुटकारा पाने का कोई तरीका नहीं है.  आप चाहे तो इन्हें हल्का कर सकते है लेकिन इन्हें पूरी तरह हटा नहीं सकते. आप अपनी बॉडी के उस पार्ट पर टॉपिकल क्रीम को अप्लाई करे जहाँ आपको स्ट्रेच मार्क्स दिख रहे है तो ये टॉपिकल क्रीम इसमें आपको काफी ज्यादा फायदा देगी.  तो चलिए आज हम आपको कुछ ऐसे प्रोडक्ट्स के बारे में बताएंगे जो आपको स्ट्रेच मार्क्स को कम करने में मदद करेंगे.

Bio Oil Skin Care: बायो ऑयल स्किन केयर की तारीफ तो प्रियंका चोपड़ा और किम कार्देशियन तक कर चुकी है. बायो  ऑयल स्किन केयर उन प्रोडक्ट में से एक है जो कम समय में स्ट्रेच मार्क्स को खत्म करने में हमारी मदद करता है और हमारी बॉडी को हाइड्रेटेड और मुलायम बनता हैं.

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The Mom’s Co Stretch Oil: अगर आप अपनी प्रेगनेंसी के दौर से गुजर रही है और आप उन प्रोडक्ट्स को लेकर अधिक केयरफुल
रहती है जिन्हे अप्लाई कर के आपको या बच्चे को कोई नुकसान न हो तो ये The Mom’s Co एक क्लीन ब्यूटी ब्रांड है जो आपके और आपके बच्चे के लिए एकदम परफेक्ट है.

Bare Body Essentials Stretch Marks Cream: इस क्रीम में ग्लाइकोलिक एसिड होते है जो आपकी त्वचा को एक्सफोलिएट करता है और उससे स्मूथ, बेदाग और एंटी-स्कार बनाता है. इस क्रीम में शिया बटर होता है जो आपकी स्किन को रिपेयर करता है.

WOW Science Stretch Care Oil: क्या आपको पता है ये ऑयल छह तरह के ऑयल मिश्रण से बना है.  जिसमें लैवेंडर, गुलाब और कैलेंडुला शामिल हैं. यह ऑयल आपकी त्वचा के कसाव और लोच में सुधार करने में मदद करता है और स्ट्रेच मार्क्स को कम करता है.

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यूनिसेफ  की एक रिपोर्ट के अनुसार साल के पहले दिन भारत  60 हजार बच्चे ने लिया जन्म

जाने नए साल पर किस देश में कितने बच्चों ने लिया जन्म


 

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष यानी यूनिसेफ ने कहा है कि नए साल के दिन दुनिया में करीब 3,71,504 बच्चों का जन्म हुआ और सबसे अधिक 60,000 बच्चे भारत में जन्मे हैं. यूनिसेफ के अनुसार, नए साल में दुनिया में करीब 3 लाख 71 हजार 504 बच्चों ने जन्म लिया और इनमें से करीब 60,000 बच्चे भारत में पैदा हुए हैं. इस साल 2021 में करीब 14 करोड़ बच्चे पैदा होंगे. जिनकी औसत प्रत्याशा 84 साल होने की उम्मीद की जा रही है. इस बात की जानकारी संयुक्त राष्ट्र बाल कोष ने शुक्रवार को देर रात दी थी. संयुक्त राष्ट्र बाल कोष के अनुसार साल के पहले दिन दुनियाभर के आधे से अधिक बच्चों का जन्म 10 देशों में हुआ है.

 

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आधे बच्चे 10 देशों में जन्मे

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष की रिपोर्ट के अनुसार नए साल पर आधे से अधिक बच्चे 10 देशों में पैदा होने का अनुमान है. संयुक्त राष्ट्र बाल कोष के अनुसार भारत में 59,995, चीन में 35,615, नाइजीरिया में 21,439, पाकिस्तान में 14,161, इंडोनेशिया में 12,336, इथियोपिया में 12,006, अमेरिका में 10,312, मिस्र में 9,455, बांग्लादेश में 9,236 और रिपब्लिक ऑफ द कांगो में 8,640 बच्चे के जन्म का अनुमान है.

 

इस साल के मुकाबले पिछले साल ज्यादा बच्चे पैदा हुए थे

पिछले साल यानि की साल 2020 में नए साल के दिन दुनिया भर में 3,92,078 बच्चे पैदा हुए थे.

जबकि इस साल 2021 के पहले दिन करीब 3,71,504 बच्चों का जन्म हुआ है. भारत में एक

जनवरी 2020 को 67,385 बच्चे पैदा हुए थे. जबकि इस बार भारत में एक जनवरी को 60,000

बच्चे पैदा हुए है. पिछली साल चीन में एक जनवरी को 46,299 बच्चे पैदा हुए थे जबकि इस बार 35,615 बच्चे पैदा हुए है. संयुक्त राष्ट्र बाल कोष की रिपोर्ट के अनुसार भारत में हर साल एक जनवरी को लगभग 60 से 70 हजार बच्चे जन्म लेते हैं.

 

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जाने बॉलीवुड की उन हसीनाओं के बारे में, जिन्होंने अपनी प्रेगनेंसी के दौरान भी नहीं छोड़ा योगासन करना

जाने प्रेगनेंसी के दौरान योग करने के फायदे


योगा हमारे स्वास्थ्य के लिए कितना फायदेमंद होता है ये बात शायद हमे आपको बताने की जरूरत नहीं है. आपने देखा कि अक्सर हमारे बॉलीवुड सितारें भी योगा के जरिए अपनी फिटनेस और फ्लैक्सिबिलिटी बढ़ाते रहते हैं साथ ही साथ वो योग से अपना स्ट्रेस भी घटाते रहते हैं. अनुष्का शर्मा से लेकर करीना कपूर खान तक हर बॉलीवुड सेलिब्रिटी योगा को अपना बेस्ट फ्रेंड मानते हैं. आज हम आपको उन बॉलीवुड सेलिब्रिटीज के बारे में बतायेगे, जिन्होंने अपनी प्रेगनेंसी के दौरान भी योगा करना नहीं छोड़ा क्योकि प्रेगनेंसी के दौरान भी योगा बेहद फायदेमंद माना जाता है. इन योगासन को प्रीनेटल योगा कहा जाता है. प्रेगनेंसी के दौरान योगा करने से आपका शरीर फ्लैक्सिबिलिटी होने के साथ साथ आपकी मसल्स को रिलैक्स भी करता है।

करीना कपूर खान: करीना कपूर ने अपनी पहली प्रेगनेंसी के दौरान योगा करना नहीं छोड़ा था. करीना कपूर ने अपनी प्रेगनेंसी के दौरान जिम की जगह योगा को चुना क्योंकि यह आपके पूरे शरीर के स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है. अभी करीना कपूर दोबारा प्रेगनेंट है और इस बार भी वो योग के सहारे ही अपनी फिटनेस और फ्लैक्सिबिलिटी बनाए रखने में जुटी हैं.

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अनुष्का शर्मा: अभी अनुष्का शर्मा प्रेगनेंट हैं और इन दिनों भी उन्होंने योग करना नहीं छोड़ा। शायद आपने देखा भी होगा कि कुछ समय पहले अनुष्का शर्मा ने शीर्षासन करते हुए अपनी एक फोटो शेयर की थी. जिसमे वह अपने हाथों के बल जमीन पर हैं और उनके पैर आसमान की तरफ है. अनुष्का के डॉक्टर ने उन्हें आश्वासन दिया कि यह एक्सरसाइज उनके और उनके बच्चे दोनों के लिए सुरक्षित है.

एमी जैक्सन: एमी जैक्सन अभी प्रेगनेंट नहीं है लेकिन जब उनका पहला बेबी हुआ था तो उन्होंने भी अपने  शरीर और दिमाग को एक्टिव और शांत रखने के लिए योग का सहारा लिया था। अपनी प्रेगनेंसी के दौरान एमी जैक्सन ने इंस्टाग्राम पर अपनी एक फोटो शेयर करते हुए लिखा था कि वह अपने शरीर, दिमाग और आत्मा को योगा के जरिए एक्टिवेट कर रही हैं। इतना ही नहीं बच्चा होने के बाद भी एमी जैक्सन ने जिम के बजाए योग को ही चुना.

सोहा अली खान: सोहा अली खान हमेशा से ही योगा प्रैक्टिस करती रहती है सोहा अली खान अपनी प्रेगनेंसी से पहले भी अपने योगासनों की फोटो अपने सोशल एकाउंट्स पर शेयर करती रहती थी. सोहा अली खान ने प्रेगनेंसी के दौरान भी योग का साथ नहीं छोड़ा था.उनका कहना है कि योगा करने से उन्हें लेबर और हार्मोनल उतारचढ़ाव की समस्या में काफी  ज्यादा फायदा महसूस हुआ है।

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Navratri Special: नवरात्रि के फ़ास्ट के दौरान प्रेग्नेंट महिलाओं को रखना होगा इन बातों का विशेष ध्यान

प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए नवरात्रि फ़ास्ट टिप्स


हमारे देश में माँ दुर्गा के प्रति अपनी भक्ति और आस्था प्रकट करने के लिए कुछ लोग नवरात्रि के दौरान के दौरान फ़ास्ट रखते है. हमारे देश में नवरात्रि के दौरान नौ दिनों का फ़ास्ट रखने की मान्‍यता है. लेकिन ऐसा नहीं है कि सभी लोग नौ दिन का ही फ़ास्ट रखते है. कुछ लोग सिर्फ नवरात्रि के पहले और आखिरी दिन का फ़ास्ट रखते है. ऐसे में हमारे देश में हमेशा से ही प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए फ़ास्ट रखना सही नहीं माना जाता, क्योंकि इससे न सिर्फ उनके स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ता है बल्कि उनके बच्‍चे कोई भी नुकसान हो सकता है. ऐसे में प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि जब उनके गर्भ में एक शिशु पल रहा है. तो ऐसे में उनके लिए फ़ास्ट रखना कितना सही है.

जाने नवरात्रि में फ़ास्ट रखना कितना सही है

प्रेग्नेंसी के दौरान एक शिशु को उसकी माँ के आहार से ही पोषण मिलता है. प्रेग्नेंसी के नौ महीनों के दौरान ही बच्‍चे के विकास के लिए सबसे ज्यादा पोषण की जरूरत होती है. इसलिए ही कुछ लोगों का मानना है कि प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को फ़ास्ट नहीं रखना चाहिए. वही दूसरी तरफ कुछ लोगों का कहना है कि प्रेगनेंसी के दौरान फ़ास्ट रखना इतना भी नुकसानदायक नहीं होता. उनका कहना है कि फ़ास्ट का मतलब ये नहीं होता कि आप फ़ास्ट के दौरान कम मात्रा में पोषण लें. आप अच्छी मात्रा में पोषण ले सकते है.

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इन बातों का रखें विशेष ध्यान

1. अगर आप प्रेगनेंसी के दौरान नवरात्रि का फ़ास्ट रखना चाहते है. तो आपको गलती से भी लौंग के जोड़े या निर्जला फ़ास्ट नहीं रखना चाहिए. आपको फ़ास्ट के दौरान बहुत सारा पानी पीना चाहिए.

2. सिर्फ नवरात्रि के फ़ास्ट के दौरान ही नहीं बल्कि हर फ़ास्ट के दौरान हम लोग बहुत सारा मीठे का सेवन करते है. तो आपको उस मीठे खाने से बचना चाहिए.

3. अगर आप प्रेगनेंसी के दौरान फ़ास्ट रखते है तो आपको कोई भी ऐसा काम नहीं करना चाहिए. जिसे आपको थकावट महसूस हो या फिर पसीना आए.

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अगर आप भी 40 के बाद माँ बनना चाहती हैं तो इन बातों का रखें ध्यान… 

जाने कितना सुरक्षित है 40 की उम्र में गर्भ धारण करना


पहले के समय में ज्यादातर महिलाएं 30 से 35 की उम्र में बच्चे को जन्म दे देती थी. उस समय लोग भी 35 की उम्र से पहले गर्भवती होने की सलाह देते थे. लेकिन आज समय बदल चुका है. आज  ज्यादातर महिलाएं अपने करियर के चलते लेट प्रेगनेंसी की ओर रुख कर रही हैं. क्योंकि वो महिलाएं उससे पहले प्रेग्नेंसी के लिए तैयार नहीं होती हैं. और ये उनकी अपनी पर्सनल चॉव्इस है. उम्र आपकी प्रजनन क्षमता में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. अपने देखा होगा की बहुत से महिलाएं 40 की उम्र में भी बिल्कुल स्वस्थ गर्भधारण कर लेती है. और एक हेल्दी बच्चे को जन्म देती है. तो अगर आप भी 40 साल की उम्र प्रेग्नेंसी की प्लानिंग कर रही हैं तो आपको इन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए.

हेल्थ चेकअप: अगर आप भी 40 की उम्र में कंसीव करने की सोच रहे है. तो इसे पहले आपको कुछ हेल्थ चेकअप्स करा लेने चाहिए, जैसे ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, थाइरॉइड आदि. और अगर आपको पहले से किसी भी तरह की कोई प्रॉब्लम है या आपका उपचार चल रहा है. तो इसके बारे में आपको अपनी गाइनेकोलॉजिट्स को जरूर बताना चाहिए.

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जेनेटिक काउंसलिंग: कंसीव करने से पहले ये बेहद जरूरी है कि आप अपने पति के साथ जेनेटिक काउंसलिंग सेशन करा ले. इससे डॉक्टर को ये जाने में आसानी होती है कि आपके पति को या परिवार के किसी सदस्य को ऐसी बीमारी तो नहीं, जिसका जेनेटिक तौर पर बच्चे को होने का खतरा हो सकता है.

STI की जांच कराएं: बेबी कंसीव करने से पहले आपको अपनी और अपने पति की सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज का टेस्ट जरूर करना चाहिए. ये बीमारी यौन संबंध बनाते वक्त एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकती है. इसलिए आपको कंसीव करने से पहले STI टेस्ट जरूरी करना चाहिए.

PAP टेस्ट: बेबी कंसीव करने से पहले PAP स्मीयर टेस्ट कराएं. महिलाओं में ये टेस्ट सर्वाइकल कैंसर की जांच करने के लिए कराया जाता है. इसके साथ ही महिलाओं में गांठ या असामान्यता का पता लगाने के लिए डॉक्टर ब्रेस्ट एग्जामिनेशन भी करने की सलाह देते है.

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