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लॉकडाउन 4.0 के दौरान क्यों बिगड़ी दिल्ली की हवा, एक्यूआई 200 के पार

लॉकडाउन के ढाई महीने बाद क्या है दिल्ली का एक्यूआई?


लॉकडाउन 4.0 शुरू होने के साथ ही दिल्ली की हवा खराब होने लगी थी। धरती की सतह पर हवा की चाल धीमी होने से वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 के पार पहुंच गया। सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फॉर कास्टिंग एंड रिसर्च के मुताबिक आने वाले समय में हालात बेहतर होते नहीं दिख रहे है। 1 जून से हवा की चाल तेज होने से प्रदूषण स्तर में गिरावट हो सकती है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, लॉकडाउन 4.0 शुरू होने के बाद चीजों में मिली छूट से हवा बिगड़ने लगी थी। 17 मई को यह औसत दर्जे के शीर्ष 200 से कम थी। लेकिन लॉकडाउन 4.0 के पहले दिन यह 206 और दूसरे दिन यह 212 पर पहुंच गया।
अभी धरती पर चलने वाली हवा की चाल धीमी हो गई है। इसी के साथ पड़ोसी राज्यों में गेहूं का डंठल जलाना शुरू हो गया है। साथ ही राजस्थान से धूल भरी हवाएं भी दिल्ली पहुंचने लगी है। तीनों के मिले-जुले असर से दिल्ली की हवा की गुणवत्ता खराब हो गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक जून में सतह पर चलने वाली हवाओं की चाल तेज हो जाएगी। इससे प्रदूषण स्तर में गिरावट आ सकती है। इससे आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता खराब और औसत दर्जे की सीमा रेखा पर ही रहेगी।

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कल 48 डिग्री तक चढ़ सकता है पारा

आज दिल्ली का तापमान 40 डिग्री है मौसम विभाग के मुताबिक, कल हो सकता है लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिले। कल दिल्ली का तापमान 48 डिग्री तक जा सकता है। लेकिन आने वाले दिनों में दिल्ली-एनसीआर के लोगों को गर्मी परेशान कर सकती है। इसके साथ ही एक रिपोर्ट से ये साफ़ हुआ कि अगर लॉकडाउन नहीं होता तो इस समय गर्मी और प्रदूषण की स्थिति कहीं अधिक होती। गाजियाबाद में भी हवा खराब स्तर की रही। इसके अलावा गुड़गांव, ग्रेटर नोएडा, मानेसर आदि में हवा सामान्य स्तर पर ही दर्ज हुई है।

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Delhi Air Quality: राजधानी में सांस लेना हुआ फिर से मुश्किल, AQI पंहुचा 700 से पार

Delhi Air Quality: दिल्ली में जहरीली हवा का कहर, लोगों का हाल हुआ बेहाल


दिल्ली-एनसीआर की हवा मंगलवार की सुबह फिर से बेहद खराब की स्थिति पर पहुँच गयी है। कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स 700 के पार दर्ज जिया गया। दिल्ली के पटपड़गंज में एक्यूआई (AQI) 565, ओखला में 533, आरके पुरम में 426 और मंदिर मार्ग में 522 रिकॉर्ड किया गया। सबसे बुरा हाल दिल्ली से सटे शहरों का है। नोएडा सेक्टर 62 में एक्यूआई 714 और गाजियाबाद के वसुंधरा में 654 रिकॉर्ड किया गया, जो की सबसे खतरनाक क्ष्रेणी में आता है।

बारिश और तेज हवा के कारण कुछ दिन के राहत के बाद राजधानी की हवा फिर से जहरीली होने लगी है। सोमवार की तरह मंगलवार को भी कई इलाकों में एक्यूआई (AQI) सुबह से ही 500 के पार जा पहुंचा। दिल्ली एनसीआर में सुबह की धुंधली शुरुआत हुई। स्मॉग की चादर ने इंडिया गेट को तो मानों अपने आगोश में ही ले लिया। पिछले दिनों प्रदूषण कम होने पर जो लोग इंडिया गेट घूमने आए, उन्हें सोमवार और मंगलवार निराश होना पड़ा। सैलानियों को खुली हवा में सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन का सामना करना पड़ा।

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सुप्रीम कोर्ट की सख्ती का असर नहीं

सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद भी प्रदूषण कम होता नहीं दिख रहा है। बीते दिनों प्रदूषण पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश और हरियाणा सरकारों को कड़ी फटकार लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि राज्य सरकारों को चुनाव में ज्यादा दिलचस्पी है, लेकिन यहां पर लोग मर रहे हैं।

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जहरीली हवा का दिल्ली-एनसीआर में कहर जारी, कैसे करें खुद का बचाव?

दिल्ली की जहरीली हवा से दिल्ली के लोगों का हुआ हाल बेहाल, निर्माण-कार्य और स्कूल बंद


राजधानी दिल्ली और एनसीआर में लगातार हवा जहरीली होती ही जा रही है और नौबत अब ऐसी आ गई है कि दिल्ली सरकार को हेल्थ इमरजेंसी लागू करनी पड़ गई है। दिल्ली में सभी स्कूल 5 नवंबर तक बंद कर दिए गए हैं। अब यह सब देखते हुए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी एक आपात्कालीन बैठक बुलवाई है। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा सरकार को पराली पर सख्ती से रोक लगाने को कहा गया है।

क्या है दिल्ली का हाल:

अगर दिल्ली की हालत के बारे में बात करें तो यहाँ की हवा दम घोंट देने वाली हो गयी है। राजधानी में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 470 के पार पहुँच गया है, जो की खतरनाक स्तर से बेहद ऊपर है। दिल्ली की हालत कितनी ख़राब है यह तो इस बात से पता चल ही जाता है की सरकार को राजधानी में हेल्थ इमरजेंसी लगानी पड़ गई।

शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर में इमरजेंसी लागू की गई थी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को इस निर्णय की घोषणा करते हुए ट्वीट किया, ‘पराली के धुंए के कारण दिल्ली में प्रदूषण उच्च स्तर पर पहुंच गया है। इसलिए सरकार ने सभी स्कूलों को पांच नवंबर तक बंद रखने के का फैसला किया है।‘

ये हाल सिर्फ दिल्ली तक सिमित नहीं है, यूपी के भी कुछ हिस्से इस जहरीली हवा की चपेट में आ गए हैं। यूपी के कई हिस्सों में हवा काफी जहरीली हो गई है। बढ़ते वायु प्रदूषण के चलते उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार देर शाम संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। यूपी में मुख्य्मंत्री योगी के आदेश पर कई धूल भरी जगहों में पानी का छिड़काव किया गया।

क्यों बन रही है हवा जहरीली:

पंजाब और हरियाणा में प्रतिबंध के बावजूद लगातार पराली जलाए जाने के कारण दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता बहुत ज्यादा बिगड़ गई है। पडोसी राज्य में इस बार पराली जलाने का स्तर 46% तक बड़ा गया है, जो की इस साल सबसे ज़्यादा था, और यही कारण है की दिल्ली की हवा इतनी प्रदूषित हो गई है। सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च इंडिया के अनुसार, दिल्ली में एयर क्वालिटी इंडेक्स 400 के पार पहुंच गया है जो गंभीर श्रेणी में आता है।

कैसे बचे इस जहरीली हवा से:

ये हवा इतनी जहरीली है कि इससे बचना बहुत ज़रूरी है, इस जहरीली हवा से बचने के लिए आप जब भी घर से निकलें तो मास्क पहन कर ही निकले। खाने में जितना हो सके विटामिन-सी, ओमेगा-3 को प्रयोग में लाएं। शहद, लहसुन, अदरक का खाने में ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें। खांसी, जुकाम की स्थिति में शहद और अदरक के रस का सेवन करें। साथ ही अपने घर के आस-पास पेड़ भी जरुरी लगाए, ये हवा को प्यूरीफाई करने का काम करते हैं जिससे आप ताजी हवा में सांस ले पाएंगे।

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दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण से कैसे रखे आँखों ,फेफड़ो और स्किन को सुरक्षित

फेफड़ो के लिए हर्ब्स है बेस्ट


खुले आसमान में धूल भरे प्रदूषण ने पूरी तरह से अपना कब्जा जमा लिया है, जिसकी चपेट में पूरा उत्तर भारत आ गया है। दिवाली जैसे- जैसे पास आ रही है पॉल्यूशन का स्तर भी बढ़ता ही जा रहा है।प्रदूषण से लिपटी इन गहरी हवाओं के कारण साँस लेना भी मुश्किल हो गया है और इन हवाओं का असर सेहत पर पूरी तरह से पड़ रहा है। साँस लेने में, एलर्जी जैसी बिमारी देखनी पड़ती है तो अब ऐसे में बहुत ज़रूरी है की हम अपने स्वस्थ , अपनी स्किन का खास ख्याल रखे।

1. फेफड़ो के लिए हर्ब्स है बेस्ट:

धूल मिट्टी प्रदूषण से फेफड़ो पर काफी असर पड़ता है,जिससे साँस लेने में काफी परेशानी होती है इसलिए फेफड़ो को स्वस्थ रखना काफी ज़रूरी है। कुछ ऐसे ही हर्ब्स है जिसको खाने से हमारे फेफड़े काफी स्वस्थ रहते है। जैसे:

शहद–  शहद से फेफड़े मज़बूत होते है , इसे हर सुबह एक चमच खाने से आप अपने फेफड़ो को स्वस्थ रख सकते है।

अंगूर– अगर आपको खासी या अस्थमा की बीमारी है तो आपके लिए अंगूर परफेक्ट है, इससे फेफड़े साफ़ होते है।

अंजीर: सारा दिन धूल प्रदूषण में रहने से वो धूल फेफड़ो में चली जाती है अब उससे साफ़ करने के लिए अंजीर को रातभर भिगो कर रखे और उससे सुबह खा ले। इससे सारी गंदगी साफ़ हो जाती है।

2. आँखो की खास देखभाल करे :

वायु प्रदूषण की वजह से आँखो में ड्राइनेस, रेडनेस जैसी परेशानियां होने लगती हैं।  इन से बचने के लिए आपको अपनी आँखो की खास केयर करनी पड़ेगी। एयर पॉल्यूशन से आँखो को बचाने के लिए घर से बाहर निकलते समय आँखो पर सनग्लास लगाएं ऐसा करने से आँखो पर धूप और प्रदूषण का कम असर होता है। अगर आँखो में जलन होती है तो आप उससे गंदे हाथो से ना छुए, हमेशा साफ़ और मुलायम कपडे से ही आँखो को साफ करें। रात को सोने से पहले आँखो में शुद्ध गुलाब जल डालें, इससे आँखो फ्रैश हो जाती है और नींद भी अच्छी आती है।

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3. स्किन का रखे ध्यान:

धूल-मिट्टी भरे प्रदूषण का असर सेहत के साथ-साथ स्किन पर भी पड़ता है।इससे बचने के लिए फेसपैक का इस्तेमाल ज़रूर करे जो आपके फेस को ठंडक देता है  जैसे:

लौंग और पुदीने का फेस पैक: मुल्तानी मिट्टी में पुदीने की पत्तियों को मिला कर एक पेस्ट बन लीजिये और थोड़ा पानी मिलाकर करने के बाद आपका पेस्ट तैयार है उससे आप फेस पर 15-20  लागए। पुदीने और मुल्तानी मिटटी में ठंडा करने वाली प्रॉपर्टी होती है तो यह आपके चेहरे को ठंडा रखेगा।

चंदन, नीम और तुलसी का फेस पैक:चंदन पाउडर,नीम का पेस्ट,तुलसी का पेस्ट और चुटकी भर हल्दी का पैक बना कर इस चेहरे पर 15-20 मिनट के लिए लगाएं। इन तीनो में ही ठंडा करने वाली प्रॉपर्टी है जो चेहरे के लिए सही रहता है।

अंडे और कैस्टर ऑयल का मास्क: त्वचा पर प्रदूषण के असर को खत्म करने के लिए एक अंडे में एक चम्मच कैस्टर ऑयल मिलाएं और इस पैक को चेहरे पर लगा लें। अंडा आपके चेरे से डर्ट हो हटा देगा।

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हवा प्रदूषण से लोगों को हो रही है लाखों बीमारियां

आईएमए और एचसीएफआई ने परामर्श जारी किए


हवा प्रदूषण से बीमारी

दीवाली के त्‍योहार पर पटाखों के जलाने से राजधानी दिल्‍ली की हवा मे हुई प्रदूषण की  बहुत अधिक बढ़ोतरी ने लोगों को दुविधा में डाल दिया है। ये हवा प्रदूषण लाखों बीमारियों का कारण बन रहा है। हवा  प्रदूषण छोटे बच्चों से लेकर बड़ों को धीरे- धीरे अपनी चपेट में ले रहा है।

हवा प्रदूषण गंभीर स्‍तर पर

दीवाली के बाद से ये गंभीर स्तर तक पहुंच चुका है। सा‍थ ही मौसम भी तेजी से बदल रहा है। अगर हम दिल्‍ली सरकार के द्वारा जारी किए गए आकंडो की बात करें तो जिस PM 10 का स्तर एक क्यूबिक मीटर में 100 माइक्रो ग्राम से ज़्यादा नहीं होना चाहिए, वो इस दीवाली पर 448 से 939 तक पहूंच गया है। अब ठंड का मौसम भी शुरू हो रहा है, जिसकी वजह से जहरीली धुंध और धुएं का गुबार बन रहा है।

इस सब को देखते हुए आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन)और एचसीएफआई ने परामर्श जारी किए गए हैं। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष ‘डॉ. के.के. अग्रवाल’ कहते हैं, कि बारीक धूलकण बहुत  खतरनाक होते हैं जो हमारे फेफड़ों के तंतुओं को क्षति पहुंचाते हैं। इन्हें नंगी आंख से देखा भी नहीं जा सकता है। साथ ही उन्‍होनें कहा, कि राजधानी दिल्ली में इसका स्तर 1000 से ज्यादा हो सकता है जो हमारी सेहत के लिए बेहद खतरनाक है। सभी लोगों को ज्यादा घर से बाहर न निकलने की और खुले में कसरत न करने की सलाह दी गई है।

बारीक धूलकण से होने वाली बीमारी

बारीक धूलकण से आंखों में, नाक में, गले में जलन, खांसी, बलगम, सीने में जकड़न और सांस टूटने जैसी आदि बीमारी हो सकती है।  साथ ही  आस्थमा और पीओपीडी से पीड़ितों में प्रदुषण की वजह से लक्षण और भी गंभीर हो सकते हैं।

आइए जाने किन बातों का खास ध्‍यान रखेः-

  • फिल्टर हुई हवा वाले कमरे और इमारत में ही रहें।
  • कोशशि करें ज्‍यादा समय घर में ही रहे।
  • गैस चूल्हे, मोमबत्ती, अगरबत्ती और धूपबत्‍ती के पास न बैठैं।
  • घर साफ रखें। साथ ही वैक्यूम क्लीन तभी करें जब आपके वैक्यूम में हेपा फिल्टर हो। वैक्‍यूम क्‍लीनर  की  जगह गीला पोछा भी ठीक रहेगा।
  • धूम्रपान न करें।
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