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जानें क्यों मनाया जाता है छठ पर्व, क्या है इसका पैराणिक कारण

सूर्य की पूजा की जाती है


श्रद्धा और आस्था का महापर्व छठ की शुरुआत हो गई है। यह हिंदूओं का साल का आखिरी पर्व है। यह मुख्य रुप से बिहार और पूर्वी यूपी में मनाया जाता है। यह पर्व बहुत कठिन और आस्था का पर्व है। इसके नियम बहुत कड़े हैं। कहते है कि इस पर्व मे अगर कोई गलती हो जाएं तो उसका परिणाम बहुत बुरा होता है।

छठ पूजा करते श्रद्धालु

नहाने खाने से इसकी शुरुआत हो जाती है

चार दिन तक चलने वाले इस पर्व का आगाज नहाने के साथ शुरु हो जाता है। क्योंकि इस पर्व में साफ और सफाई का बहुत पालन होता है तो इसकी शुरुआत भी नहाने खाने से होती है। इसके बाद दूसरे दिन खरना होता है। तीसरे दिन डूबते सूर्य को अर्घ दिया जाता है। चौथे और अंतिम दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ दिया जाता है। इसके साथ ही छठ का महापर्व का समापन हो जाता है।

छठ पूजा समृद्ध की कामना और दूसरे मनोरथों की पूर्ति के लिए छठ पूजा की जाती है। कई दिनों तक चलने वाला यह पर्व पवित्रता और प्राकृति से मानव के जुड़ाव का उत्सव है। इसमें उर्जा के अक्षय स्त्रोत सूर्य की अराधना की जाती है और वह भी सरोवरों, नदियों या पानी के अन्य स्त्रोतों के किनारे।

पुराण के अनुसार क्यों मनाया जाता छठ पर्व

पुराण में छठ पूजा के बारे में बताते है कि राजा प्रियंवद की कोई संतान नहीं थी, तब महर्षि कश्यप ने पुत्र प्राप्ति के लिए यज्ञ कराकर प्रियंवद की पत्नी मालिनी को यज्ञाहुति के लिए बनाई गई दी। इससे उन्हें पुत्र हआ। लेकिन वह मरा हुआ पैदा हुआ था। प्रियवंद पुत्र को लेकर शमशान गए और पुत्र वियोग में प्राण त्यागने लगे।। उसी वक्त भगवान की मानस पुत्री देवसेना प्रकट हुई और उन्होंने कहा- सृष्टि की मूल प्रवृत्ति के छठे अंश से उत्पन्न होने के कारण मैं षष्ठी कहलाती है। राजन तुम मेरी पूजा करो और इसके लिए दूसरों को भी प्रेरित करो। राजा ने पुत्र इच्छा से देवी षष्ठी का व्रत किया और उन्हें पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई। यह पूजा कार्तिक शुक्ल षष्ठी को हुई थी।

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ट्रिपल तलाक के कारण महिला की 12 साल जिदंगी बर्बाद

12 साल में तीन बार हुई तलाक


 

ट्रिपल तलाक, आजकल यह मुद्दा एक धर्म और जाति का ही नहीं ब्लकि पूरा देश के मुद्दा बन गया है। मुस्लिम समुदाय के महिलाओं को तीन तलाक के कारण कई तरह की परेशानियों को देखना पड़ता है। मात्र भर तीन बार तलाक, तलाक, तलाक बोलने से ही शादी जैसा पवित्र बंधन टूट जाता है।

केंद्र में बीजेपी की सरकार बनने के बाद से ही ट्रिपल तलाक का मामला महिलाओं में जोरों शोरों से उठाया है। यह मुद्दा उठने के बाद से ही घर के अंदर आवाज को दबाकर बैठी कई महिलाओं ने पीएम को इस कुरीति को खत्म करने की अपील की है। कई महिलाओं ने आगे आकर मीडिया को अपनी आपबीती भी बताई है।

सिर्फ बच्चे न होने पर मिला पहला तलाक

इस अंग्रेजी बेवसाइट की खबर के अनुसार एक मुस्लिम महिला को 12 साल में ट्रिपल तलाक के नाम पर तीन तलाक मिला है।

तीन तलाक के नाम पर यूपी की 35 वर्षीय तारा खान को तीन बार तलाक मिल चुका है। उसकी जिदंगी की परेशानी यही ही नहीं रुकी उसका चौथा पति भी उसे छोड़कर चला गया  है।

तारा खान का कहना है “बीते 12 साल मेरे लिए बहुत ही भयावह रहे हैं, अब मैं इसी जगह जाना चाहती हूं जहां यह सब न हो।“

तारा ने अपनी आपबीती बताती हुई कहा कि उसकी पहली शादी बरेली के ही जाहिद खान से हुई। सात साल की शादी में तारा का बच्चा नहीं हुआ, तो उसके पति ने एक छोटी महिला से शादी कर ली और मुझे  तलाक दे दिया।

ट्रिपल तलाक


 
रिश्तेदारों ने करवाई दूसरी शादी

पहली शादी टूट जाने के बाद वह अपने किसी रिश्तेदार के घर रहने लगी। इसी दौरान उसके रिश्तेदारों ने उसकी दूसरी शादी पप्पू खान करवा दी। पप्पू उसे बुरी तरीके से तंग किया करता था। जब तारा ने उसका विरोध किया तो उसने उसे छोड़ दिया।

दूसरे तलाक के बाद तारा अपने मामा के घर रहने लगी। यहां भी उसके मामा और भाई ने इतने लंबी जिदंगी अकेले कैसे काटेगी कहकर फिर से शादी करने को कहा। उन्हीं के कहने पर तारा की तीसरी शादी सोनू से हो गई। लेकिन इस  बार भी तारा की किस्मस साथ नहीं दी और सोनू और भी निकम्मा निकला। सोनू उसे मारता पीटता था। अचानक एकदिन वह तारा को उसके घर के बाहर छोड़कर चला गया। वहां छोड़कर जाने से पहले सोनू उसे तलाक दे चुका था।

तारा के  पांच भाई है

पिछले साल जुलाई में तारा की एक बार फिर शमशाद से शादी हुई। लेकिन शमशाद ने भी उसे छोड़ दिया।

तारा की जिदंगी बद से बत्तर हो गई है। तारा के पांच भाई है लेकिन कोई भी उस अपने साथ नहीं रखना चाहता है। उन्हें लगता है कि तारा उनके घर की बेइज्जती करती है इसलिए वह उसे अपने साथ नहीं रखते हैं।

तारा इन सब से परेशान हो चुकी है। वह कहती है कि मुस्लिम महिलाएं कहां जाएं क्या करें? अब मैं इन सब के साथ और नहीं लड़ सकती हूं।

अब तारा और शमशाद एक कॉउसलिंग के लिए जा रहे हैं ताकि अपने पारिवारिक जीवन को बचा सकें।

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महज चार दिनों में योगी ने किए कई बड़े ऐलान

आइये जाने योगी ने किये कौन – कौन से बड़े ऐलान


हाल ही में देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए थे। इन पांच राज्यों में से चार राज्यों में बीजेपी की सरकार बनी है। सिर्फ पंजाब में ही कांग्रेस अपनी साख बचा पाई है। चुनाव पांच राज्यों मे हुए है लेकिन चर्चा सिर्फ एक की है। सिर्फ एक ही राज्य के कामकाज का ब्योरा सबसे ज्यादा मीडिया में छाया हुआ है। हो भी क्यों न यूपी में बीजेपी ने बहुमत की सरकार बनााई है और एक योगी को वहां का मुख्यमंत्री बनाया गया है। अब तो आप समझ ही गए होंगे हम किसकी बात कर रहे हैं- जी हाँ, हम बात कर रहे है योगी आदित्यनाथ। योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बने महज़ वहार दिन हुए है पर इन चार दिनों मे उन्होंने ने कई बड़े ऐलान किये है।

योगी आदित्यनाथ

अजय बिष्ट यानि की योगी आदित्यनाथ यूपी के 21वें मुख्यमंत्री बने हैं। इनके मुख्यमंत्री बनने से पहले केशव मौर्य और मनोज सिंहा का नाम भी सुर्खियों में आया था। लेकिन ताज योगी आदित्यनाथ के सिर पर ही सजा। योगी ने 19 मार्च को मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की। पदभार संभालते ही योगी ने कई सारे काम किए हैं।

अभी योगी को अपना पदभार संभाले एक सप्ताह भी नहीं हुआ है। लेकिन इन कुछ दिनों में ही प्रदेश में कई बदलाव और जरुरी ऐलान किए हैं। चलिए जरा उन पर नजर डालते हैं

रोड साइड रोमियो की खैर नहीं

योगी ने मुख्यमंत्री बनते है महिलाओं की सुरक्षा को तव्वजो दिया है। बीजेपी के चुनावी वायदे के हिसाब से राज्य के हर शहर में एंटी रोमियो स्कवॉड बनाने का आदेश दिया गया है। ताकि महिलाओं को घर से बाहर निकलने मे किसी तरह की परेशानी न हो। लोगों का कहना था कि पिछली सरकार इसको लेकर जरा भी ध्यान नहीं देती थी । जिसके कारण कॉलेज की लड़कियों और महिलाओं को कई तरह की परेशानी होती थाी।

अफसरों को पुराना रवैया सुधारने की दी सलाह

योगी अपने सख्त रवैया और सीधी बात करने के लिए जाने जाते है। इसलिए अपना सख्त रवैया दिखाते हुए सरकारी अफसरों को कहा है कि वह सरकारी कामकाज का पुराना रवैया बर्दाश्त नहीं करेंगे। अब यूपी के अफसरों की खैर नहीं है क्योंकि योगी यूपी के मुख्यमंत्री है। योगी का कहना है कि जनता ने बदलाव के लिए हमें चुना है इसलिए उनको यह सबकुछ करके दिखाना होगा ताकि जनता का विश्वास सरकार पर बना रहे।

हूटरों के प्रयोग पर रोक

तीसरे दिन यूपी के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने यूपी मंत्रिमंडल के विभागों का बंटवारा किया। सभी मंत्रियों को उनके विभाग बांटे गए। इसके साथ ही सीएम ऑफिस ‘लोक भवन’ में बैठक की गई। बैठक के दौरान योगी ने मंत्रियों से उनके कामों के सुझाव मांगे। साथ ही मंत्रियों को सख्त निर्देश दिया है कि वह हूटर का प्रयोग न करें।

वेबसाइट द्वारा जनमत संग्रह

यूपी में गायों की बढ़ती तस्करी और अवैध बूचडखानों को लेकर योगी सख्त हो गए है। गौहत्या को लेकर मुख्यमंत्री ने एक वेबसाइट बनाई है। जिसके द्वारा गौहत्या को लेकर जनमत संग्रह इकट्ठा किया जा रहा है।
योगी की वेबसाइट है http://www.yogiadityanath.in/ है। इस वेबसाइट पर आप अपने सुझाव भी दे सकते हैं।

बूचड़खानों को बंद करने के निर्देश

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना काम संभालते ही अपने चुनावी वायदों को पूरा करना शुरू कर दिया । अपने चुनावी वायदे के अनुसार योगी ने यूपी के पुलिस आधिकारियों से बूचड़खाने बंद करने के लिए एक्शन प्लान तैयार करने को कहा। उन्होंने कहा कि पशुओं की तस्करी पूरी तरह बंद होनी चाहिए । साथ ही कहा है कि ऐसे मामलों में कतई ढिलाई न की जाए, नहीं तो ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएं।

पान और प्लास्टिक पर प्रतिबंध

योगी ने सरकारी कार्यलयों, चिकित्सालयों तथा शिक्षण संस्थानों मे पान,गुटखा,तंबाकू, पान मसाले पर तत्काल रोक लगाने को कहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह है सरकारी कार्यलयों मे जगह-जगह पान की पीक का दिखाई देना। इसके साथ ही पॉलिथीन के प्रयोग को प्रतिबंधित करने का निर्देश दिया है। ताकि इसके द्वारा स्वच्छ भारत अभियान को बढ़ावा दिया जाएं।

थाने का किया मुआयना

अपने कामकाज के चौथे दिन यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अचानक लखनऊ के हजरतगंज पुलिस स्टेशन पहुंचे। यहां पहुंच कर उन्होंने कामकाज का जायजा लिया। पुलिस स्टेशन की स्वच्छता का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान योगी ने कहा कि अफसरों की तैनाती, उनकी संख्या, काम और सफाई पर यूपी पुलिस को चुस्त दुरस्त करेंगे। साथ ही कहा है कि यूपी में अब कानून का राज होगा।

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यूपी में बीजेपी और पंजाब में कांग्रेस है आगे- एग्जिट पोल

यूपी में बीजेपी है आगे- एग्जिट पोल


पांच राज्यों में हुए चुनाव को लेकर एग्जिट पोल आना शुरु हो गए। एग्जिट पोल की माने तो यूपी में बीजेपी की सरकार बना रही है। पंजाब विधानसभा चुनाव के नतीजे 11 मार्च को आएंगे। लेकिन नतीजे आने पहले ही एग्जिट पोल के अनुसार तो पंजाब में कांग्रेस की सरकार बन रही।

वहीं दूसरी ओर आम आदमी पार्टी भी बहुमत की सरकार का दावा कर सकती है। उत्तराखंड और मणिपुर में भी चुनाव नतीजे में कुछ अंतर कम ही लग रहा है। यहां भी बीजेपी ही बड़ी पार्टी के रुप मे उभरकर बाहर आएगी।

बिहार में एग्जिट पोल गलत साबित हुआ

यूपी के एग्जिट पोल के अनुसार बीजेपी यहां सरकार बनाती नजर आ रही है। वहीं सपा और कांग्रेस का गठबंधन दूसरे नंबर पर है। मायावती का पार्टी बीएससपी तीसरे नंबर पर है। बीजेपी और सपा और कांग्रेस के गठबंधन में 161 से 265 सीटों का अंतर होगा।

आज चाणक्य के अनुमान के अनुसार बीजेपी को यूपी में 285 सीटों की बढ़त मिल रही है। वहीं राहुल गांधी ने यूपी में अपनी जीत का दावा किया है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा “यूपी में हम जीतेंगे और 11 मार्च को बात करेंगे। बिहार मे भी एग्जिट पोल गलत साबित हुए थे।“ हालांकि उन्होंने एग्जिट पोल पर बोलने से इंकार कर दिया है।

पंजाब में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच टक्कर

वहीं पंजाब की बात करें तो एग्जिट पोल के अनुसार पंजाब की सत्ता पर काबिज अकाली दल को 117 सीटों मे से ईकाई की संख्या में सीट नहीं मिलेंगी। वहीं सीवोटर की मानें तो पंजाब को आम आदमी को पूर्ण बहुमत के साथ 63 सीटें मिल रही है। वहीं एक्सिस के अनुसार कांग्रेस पूर्ण बहुमत के साथ प्रदेश में अपनी सरकार बनाएंगी। अन्य की मानें तो पंजाब के मुकाबला कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच है।

उत्तराखंड में बीजेपी की सरकार बनती दिख रही है। वहीं मणिपुर में राज कर रही कांग्रेस का सफाया होगा और बीजेपी के पैर वहं पड़ेगे।

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यूपी और मणिपुर में आज आखिरी चरण का चुनाव, 11 को फैसला

यूपी और मणिपुर में आज आखिरी चरण का चुनाव


यूपी और मणिपुर में आखिरी चरण का चुनाव हो रहा है। यूपी में 7 जिलों में 40 सीटों पर वोट डालें जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर मणिपुर में 6 जिलों में 22 सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं।

वोट डालने आए लोग

नक्सल प्रभावित इलाकों शाम चार बजे वोट डाला जाएंगा

यूपी में चुनाव सुबह 7 बजे से लेकर शाम पांच बजे तक होगें। लेकिन नक्सल प्रभावित सोनभद्र की राबर्टसगंजव दुद्धी और चकिया सीटों पर मतदान सुबह सात बजे से लेकर शाम चार तक डाले जाएंगे।

प्रधानमंत्री की संसदीय क्षेत्र वाराणसी में सबकी निगाहें टिकी हुई है। यहां पर सभी पार्टियों ने प्रचार के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी थी। निर्वाचन आयोग के सूत्रों के अनुसार वाराणसी,गाजीपुर, जौनपुर,चंदौली, मिर्जापुर, भदोही और सोनभद्र की 40 सीटों पर दोपहर 12 बजे तक शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव हुआ है।

मणिपुर में लोगों ने चुनाव में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया है। दोपहर 1 बजे तक मणिपुर में 67 मतदान हुआ है। वहीं दूसरी ओर यूपी में 11 बजे तक 24 फीसदी मतदान हुआ।

535 उम्मीदवारो की किस्मत का फैसला

यूपी में अंतिम चरण के मतदान के लिए 535 उम्मीदवार मैदान पर है। इसके साथ ही 1.41 मतदाता इन उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। जिसमें से 64.76 लाख महिला मतदाता है। आज हो रहे चुनाव के लिए 14,458 मतदान बूथ बनाये गये हैं। भाजपा 32 सीटों पर चुनाव लड़ रही है जबकि चार-चार सीटें इसने अपने सहयोगी अपना दल और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी को दी हैं।

बसपा ने सभी सीटों पर प्रत्याशी उतरे हैं, सपा 31 सीटों पर है तो उसकी गठबंधन सहयोग कांग्रेस शेष 9 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।

मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र पर सबकी नजर

वहीं मणिपुर में 22 सीटों के लिए चुनाव लड़ा जा रहा है। इसमें मुख्यमंत्री इबोबी सिंह के विधानसभा क्षेत्र थौबल पर सबकी नजर रहेंगी।
राज्य में कुल 19,02,562 मतदाता है। जिसमें से 9,28,573 पुरुष और 9,73,989 महिलाएं है। इनमें करीब 45, 642 लोग पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

आज हो रहे चुनाव के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं। राज्य में कुल 1,151 मतदान केंद्र है। सुरक्षा के लिहाज से सुरक्षा बलों की 280 कंपनियां को यहां तैनात किया गया है।

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यूपी विधानसभा चुनाव- पांचवें चरण में रानियों के बीच है मुकाबला

पांचवें चरण में रानियों के बीच है मुकाबला


यूपी में आज पांचवें चरण के चुनाव के लिए वोटिंग की जा रही है। पांचवें चरण में रानियों के बीच है मुकाबला. पांचवें चरण में रानियों के बीच है मुकाबला वोटिंग सुबह सात बजे से शुरु हो गई है। पांचवे चरण के लिए 11 जिलों के 51 विधानसभा सीटें पर मतदान किया जा रहा है। दोपहर तीन बजे तक 49.43फीसदी मतदान हुआ था। बहराइज, गोडा, बस्ती, सुल्तानपुर, फैजाबाद, अंबेडकरनगर और कांग्रेस के गढ़ माने जाने वाले अमेठी में चुनाव हो रहा है। इस चरण के चुनाव के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने गोंडा, बस्ती और बहराइज में जनसभा भी की। अंबेडकरनगर जिले के आलापुर सीट से सपा प्रत्याशी की मृत्यु हो जाने स चुनाव निरस्त कर दिया गया है। अब यहां चुनाव आगामी 9 मार्च को होगा।

नतदान देने के लिए मतदाताओं की लंबी लाइऩ

किसने कहां डाला वोट

बीजेपी के स्टार प्रचारक विनय कटियार ने कटरा के पोलिंग बूथ पर वोट डाला। वोट डालने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि विकास के साथ-साथ राम मंदिर भी जरुरी है। अमेठी के राजघराने के राजा संजय सिंह समेत दोनों रानियों अमिता और गरिमा सिंह ने भी मतदान किया। यूपी सरकार के गायत्री प्रजापति भी सुबह-सुबह पोलिंग बूथ पर वोटिं करने के लिए पहुंचे।

पांचवे चरण में सीटों का मामला

इस चरण में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन का खासतौर पर लिटमस टेस्ट होगा क्योंकि इस चरण में जिन सीटों पर मतदान होना है उनमें करीब 80 प्रतिशत पर इन्हीं दलों का कब्जा है। साथ ही सपा और कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी अमेठी और गौरीगंज विधानसभा सीटों पर आमने-सामने होने से दोनों पार्टियां दुविधा में है। कांग्रेस ने 11 जिलों में से सात जिलों में कोई प्रत्याशी चुनाव मैदान में नहीं उतारा है। जिसमें फैजाबाद, अंबेडकरनगर, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, बस्ती और बहराइज शामिल है।

अमेठी में रानियों के बीच मुकाबला

अमेठी में त्रिकोणियां मुकाबला है यहां कांग्रेस नेता संजय सिंह की पहली पत्नी गरिमा सिंह, बीजेपी से और दूसरी पत्नी अमिता सिंह कांग्रेस की टिकट पर मैदान में है। वहीं तीसरी ओर सपा के बहुचर्चित नेता गायत्री प्रजापति की पत्नी मैदान में है।

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हर जगह मन की बात लेकिन बीजेपी की मन की बात कोई नहीं समझ पाया- अखिलेश यादव

बीजेपी की मन की बात कोई नहीं समझ पाया


यूपी मे पांचवे चरण के चुनाव के लिए चुनाव प्रचार जोरों से हो रहे हैं। यूपी के सीएम अखिलेश सिंह यादव आज सिद्धार्थनगर में एक रैली को संबोधित कर रहे हैं। कल पीएम मोदी ने गोंडा में चुनाव प्रचार किया था। हर जगह मन की बात लेकिन बीजेपी की मन की बात कोई नहीं समझ पाया- अखिलेश यादव।

अखिलेश सिंह यादव

नकल वाली बात पर दिया करारा जबाव

अखिलेश सिंह ने आज पीएम मोदी की नकल करने वाले बात पर जवाब दिया है। रैली को दौरान उन्होंने कहा कि हर किसी ने थोड़ी बहुत नकल की है। कैसा कोई नहीं है जिसने बचपन में पढ़ाई के दौरान नकल न की हो।

पीएम मोदी पर वार करते हुए अखिलेश ने कहा कि भाजपा ने तो हमारे वायदों की भी नकल है। पीएम न तो कपड़ो तक की नकल की है।
साथ ही कहा कि इतना झूठ बोलने वाला प्रधानमंत्री कहीं देखा, किसी ने देखा हो तो बताओ। ऐसा सपने दिखाने वाला प्रधानमंत्री नहीं देखा। अखिलेश यादव ने कहा कि आप कह रहे हैं कि गरीबों को लाभ मिल। हम पूछना चाहते है कि नोटबंदी का क्या फायदा हुआ जनता को इसका क्या लाभ मिला है। हम तो कहते हैं प्रधानमंत्री जी समाजवादियों से बहस कर लो, जो जगह तय करनी है कर लो।

हर जगह मन की बात

प्रधानमंत्री की मन की बात की चर्चा करते हुए अखिलेश ने कहा कि टीवी पर मन की बात, रेडियो पर मन की बात हर जगह मन की बात लेकिन आज तक कोई नहीं समझ पाया बीजेपी के मन की बात।
सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि मोदी जी ने कल तीन पन्नों का भाषण दिया। लेकिन इतने लंबे भाषण ने कहीं भी किसान और गरीबों का जिक्र नहीं था।
कब्रस्तान और श्माशान को उठाते हुए अखिलेश ने कहा कि प्रधानमंत्री कब्रिस्तान और श्मासान की बात कर रहे हैं। हमे उनके डिजिटल इंडिया के सपने को बढ़ा रहे हैँ। इसके लिए हम लैपटॉप और स्मार्टफोन की बात कर हैं। प्रधानमंत्री जी को पता भी नहीं है कि यूपी मे डायल 100 भी है।