सक्सेस स्टोरी- परेशानियां का सामना कर आगे बढ़ने का हौसला ही है विराट की सफलता का राज


टीम इंडिया के विस्पोटक बल्लेबाज विराट कोहली ने काफी कम समय में और काफी कम उम्र में अपनी मेहनत और आक्रामक व्यवहार से विराट सफलता हासिल की है। कोहली के विराट प्रदर्शन हर कोई वाकिफ है। आज के समय में बहुत लोगों की प्रेरणा और खासकर युवाओं के आर्दश मान जाते हैं विराट कोहली। उनकी इस सफलता व लोकप्रियता को सभी जानते हैं, लेकिन उनकी इस सफलता के पीछे की कहानी बहुत कम लोग ही जानते हैं।

विराट कोहली का जन्म 5 नवम्बर 1988 को दिल्ली की एक पंजाबी फैमली में हुआ था। उनकी मां का नाम सरोज कोहली और पिता का प्रेम कोहली था। इसके अलावा उनकी एक बड़ी बहन और एक बड़ा भाई भी है। कोहली के पिता एक वकील थे, जिनकी मौत दिसम्बर 2008 मे हो गई थी।

विराट कोहली को तब गहरा धक्का लगा था, जब वो कर्नाटक के खिलाफ दिल्ली की और से एक रणजी मैच खेल रहे थे। टीम को उनकी बहुत जरूरत थी। उसी दौरान उनको पता चला की उनके पिता अब इस दुनिया में नही रहे।

01 (7)

विराट कोहली

इतना बड़ा सदमा लगने के बावजूद विराट ने अपना आपा नही खोया, भावनाओं को अपने काम के बीच नही आने दिया। उन्होने हिम्मत दिखते हुवे अपने टीम के लिए एक अच्छी पारी खेलकर टीम को मुश्किल से बाहर निकाला। जिसके लिए उनकी काफी सरहाना की गई।

टीम के लिए खेलने के बाद विराट ने अपने पिता का अंतिम संस्कार किया। उस समय उनकी उम्र महज 18 साल ही थी।

इस घटना के बाद उन्होने ऐसी विराट ने अपने खेल के प्रति लगाव व दृड निश्चय दिखाया औक सफलता की सीढ़ी चढ़ते गए। विराट कोहली ने भारतीय टीम के लिए कई बड़ी – बड़ी पारियां खेलकर जीत दिलाई है।

विराट कोहली 2008 विश्व कप विजयी अंडर 19 टीम के कप्तान भी रह चुके है। विराट कोहली का एकदिवसीय अंतर्रास्त्रीय मैचो मे पदार्पण 18 अगस्त 2008 को श्रीलंका के खिलाफ हुआ था। इसके अलावा वो IPL मैचो मे बंगलौर टीम की और से खेलते है।

विराट का मानना है कि परेशानियां हर किसी की जिंदगी में आती है, यह हम पर होता है कि हम उस परिस्थिति का सामना किस प्रकार करते हैं।

Have a news story, an interesting write-up or simply a suggestion? Write to us at
info@oneworldnews.in
Story By : AvatarManisha Rajor
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments
%d bloggers like this: