Qassem Soleimani – बगदाद में अमेरिकी हवाई हमले में शीर्ष ईरानी सैन्य कमांडर कासेम सोलेमानी की मौत

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Qassem Soleimani – बगदाद में अमेरिकी हवाई हमले में शीर्ष ईरानी सैन्य कमांडर कासेम सोलेमानी की मौत


इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के कुलीन क्वैड बल के प्रमुख और इराकी मिलिशिया अबू महदी अल-मुहांडिस के
कमांडर इरानी मेजर-जनरल क़सीम सोलेमानी (Qassem Soleimani) को बगदाद हवाई अड्डे पर गुरुवार को अमेरिकी हवाई हमले में मार गिराया गया।

कासेम सोलेमानी (Qassem Soleimani) कौन थे

सोलेमानी ईरान के सबसे सम्मानित सैन्य नेता उभरे थे। कासेम सोलेमानी मध्य पूर्व के सबसे शक्तिशाली और
रहस्यमय पुरुषों में से एक थे जो बाहर से ईरान का संचालन करते थे। 2003 में सद्दाम हुसैन को उखाड़
फेंकने के बाद कासेम सोलेमानी पिक्चर में आये थे। आयतुल्लाह अली खामेनी द्वारा एक ‘जीवित शहीद’ के रूप में सम्मानित करने के बाद वो इराक में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में उभरे थे। इराक में उन्होंने अपने कनेक्शन का अमेरिकी सेना की उपस्थिति के दौरान अमेरिकियों, सुन्नी आतंकवादियों और शिया छद्म आतंकवादियों को एक
दूसरे के खिलाफ लड़वाने के लिए इस्तेमाल किया।

‘जीवित शहीद’ के रूप में सम्मानित

कासेम सोलेमानी को कई बार मृत घोषित कर दिया गया था। 2006 के हवाई जहाज दुर्घटना में उत्तर-पश्चिमी ईरान
में अन्य सैन्य अधिकारियों की हत्या और 2012 में दमिश्क में बमबारी के बाद असद के शीर्ष सहयोगियों की मौत
हो गई थी। हाल ही में, नवंबर 2015 में अफवाहें फैलीं कि सोलीमनी के वफादार प्रमुख बलों को मार डाला गया हैं।
लेकिन असल में कासेम सोलेमानी का अंत अब हुआ हैं।

कासेम सोलेमानी युद्ध

सोलीमनी अपने 20 साल की उम्र में 1980 में देश और सद्दाम के खिलाफ शुरू किए गए युद्ध में ईरान की सेना
में शामिल हुआ थे। इस युद्ध ने आठ वर्षों में दोनों पक्षों की तरफ से 1 मिलियन से ज्यादा को मौत दी थी। बाद
में सोलीमनी को ईरान की पूर्वी सीमा पर तैनात किया गया जहाँ वो अफगानिस्तान से आने वाले ड्रग तस्करों से
लड़ते थे। 1998 में, उन्हें क्वैड बल का कमांडर नियुक्त किया गया था। क्वैड बल अत्यधिक संवेदनशील कार्यों को पूरा करता है जैसे खुफिया काम, विशेष अभियान, हथियारों की तस्करी और राजनीतिक कार्रवाई आदि जिसमे क्रांति की रक्षा करना और अपने दुश्मनों पर हमला करना शामिल हैं। इसमें इजरायल सबसे आगे है।

तेल की कीमतों में उछाल

बगदाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास अमेरिकी हमले के बाद ईरान के जनरल की मौत के बाद मध्य पूर्व में
तनाव बढ़ गया हैं। अमेरिका और ईरान के बीच पहले से ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के तेहरान और संदिग्ध ईरानी
पुनर्विचार के बाद से आर्थिक तनाव चल रहा था। सऊदी अरब की ऊर्जा सुविधाओं के साथ-साथ फारस की खाड़ी में
और उसके आस-पास विदेशी टैंकर पिछले एक साल में कई हमलों का निशाना बने हुए हैं। ये एक ऐसा क्षेत्र हैं
जिसमें ओपेक के पांच सबसे बड़े उत्पादक शामिल हैं। हाल ही मिली ख़बरों के अनुसार, अमेरिकी हवाई हमले के बाद
इराक में शीर्ष ईरानी कमांडर की हत्या के बाद तेल की कीमतों में $1 से बढ़ गयी हैं।

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