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सार्वजनिक परिवहन या निजी परिवहन- क्या है ज़्यादा बेहतर?

सार्वजनिक परिवहन बनाम निजी परिवहन


वैसे तो हम सभी जानते हैं की सार्वजनिक परिवहन पर्यावरण के लिए अच्छे होते है और यह निजी परिवहन से सस्ते भी पड़ते हैं। पर असल में आज के ज़माने में लोग बस या ट्रेन में सफ़र करने से कतराते हैं। तो प्रश्न यह है कि ऐसा क्या है जो लोगों को सार्वजनिक परिवहन में सफ़र करने से रोकता है। क्यों सड़कों पर गाड़ियों की संख्या बढ़ती जा रही है? आइए जाने इन प्रश्नो के उत्तर।

अगर आप पर्यावरण के संरक्षण में योगदान देना चाहते हैं तो आपको अपनी गाड़ियों को घर पर ही छोड़कर बस,मेट्रो या ट्रेन से अपने कार्यस्थलों पर जाना चाहिए। यह आपका योगदान का पहला क़दम होगा। एक कार से निकलने वाला प्रदूषण कुछ नही है परंतु जब एक एक कर के बहुत सारी गाड़ियों से प्रदूषण निकलता है वह हमारे पर्यावरण के लिए अवश्य ही हानिकारक होता है।

सड़कों पर जितनी गाड़ियाँ बढ़ रही हैं उतना ही प्रदूषण भी बढ़ रहा है। लोग अपने पैसे को दिखाने के लिए महंगी महंगी कार लेते है और किसी किसी घर में तो 3-4 कार भी आसानी से देखने को मिल जाती हैं और ऐसे लोग अधिकतर सार्वजनिक परिवहन को सफ़र करने के लिए नही चुनते क्योंकि उन्हें अपने निजी परिवहन ज़्यादा सुविधाजनक लगते हैं। और ऐसे ही लोगों के कारण प्रदूषण दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।

सार्वजनिक परिवहन या निजी परिवहन- क्या है ज़्यादा बेहतर?
सार्वजनिक या निजी परिवहन

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कार, मोटर्सायकल ये सुविधाजनक तो अवश्य होते हैं और ये हमें आसानी से एक जगह से दूसरी जगह भी पहुँचा देते हैं लेकिन ये उतना ही नुक़सान पर्यावरण को भी पहुँचाते हैं। जब आप कही जाते हैं तब आपको अपने निजी परिवहन की पार्किंग की समस्या का सामना करना पड़ता है। इनमें डलने वाले पेट्रोल की क़ीमत इतनी ज़्यादा है की इनका दिन प्रतिदिन का प्रयोग आपकी जेब पर भारी चोट पहुँचाता है। निजी परिवहन में आपको स्वयं गाड़ी चलानी पड़ती है जिससे कई बार बहुत अधिक थकान हो जाती है।

दूसरी ओर सार्वजनिक परिवहन बहुत सस्ते होते हैं। आपको इसमें गाड़ी ख़ुद नही चलानी पड़ती और आप अपनी सीट पर बैठकर आराम se बाहर के नज़ारे देख सकते हैं या अख़बार पढ़ सकते हैं। निजी परिवहन की तुलना में आप निजी परिवहन से जल्दी सार्वजनिक परिवहन से पहुँच सकते हैं। और क्योंकि इसमें एक बार में काफ़ी लोग सफ़र के सकते हैं तो इससे पर्यावरण को नुक़सान नही पहुँचता।

सार्वजनिक परिवहन की तरह कारपूल भी पर्यावरण की देखभाल की ओर एक अच्छा क़दम हो सकता है, इसमें एक जगह काम करने वाले लोग एक ही कार में अपने ऑफ़िस जाते हैं जो की उनके लिए भी सस्ता पड़ता है और पर्यावरण के लिए भी अच्छा हो सकता है। साइकल भी एक अच्छा विकल्प है, यह सोचना बेवक़ूफ़ी है की साइकल चलाने से आपकी प्रतिष्ठा कम होगी क्योंकि यह पर्यावरण के बहुत ही अनुकूल है। और इस तरह आप पर्यावरण के संरक्षण में अपना योगदान दे सकते हैं।

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