डॉक्टरों ने कहा, कोरोना के दौर में कड़कनाथ चिकन खाइए, इम्यूनिटी बढ़ाइए

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अब दिल्ली-एनसीआर में मिल रहा है कड़कनाथ मुर्गें का चिकन


#कड़कनाथ मुर्गे में फैट और कोलेस्ट्रॉल सामान्य मुर्गे की तुलना में कम होता है। यह प्रोटीन और आयरन का स्टोरहाउस है। इसमें 25 से 27 फीसदी प्रोटीन होता है

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच इस बीमारी की चपेट में आने से बचने के लिए दुनिया भर के तमाम डॉक्टर लोगों को अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की सलाह दे रहे है। डॉक्टरों का कहना है कि नॉन वेजिटेरियन खाने के शौकीन लोग कड़कनाथ मुर्गे के मीट को अपनी डाइट में शामिल कर अपनी इम्यूनिटी पावर बढ़ा सकते हैं।

मध्यप्रदेश के झाबुआ और धार इलाके में पाए जाने वाले इस नस्ल के मुर्गे में 25 से 27 फीसदी प्रोटीन पाया जाता है। इसमें फैट कम होता है। कोलेस्ट्रॉल और आयरन अधिक मात्रा में पाया जाता है। कड़कनाथ को यौनशक्ति वर्धक भी माना जाता है। वैज्ञानिकों और डॉक्टरों के अनुसार आज जब कोरोना की कोई वैक्सीन नहीं है तो कड़कनाथ मुर्गे का चिकन अपने भोजन में शामिल कर आप अपने शरीर की बीमारी से लड़ने की ताकत को बढ़ा सकते हैं। इसके लिए आपको कहीं दूर जाने की जरूरत नहीं है। दिल्ली और एनसीआर में कड़कनाथ मुर्गे का चिकन उपलब्ध है।

कड़कनाथ मुर्गे का पालन पारंपरिक रूप से झाबुआ का आदिवासी समुदाय करता है। इसका मांस, चोंच, जुबान, टांगें, चमड़ी आदि सब कुछ काला होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार टीबी की बीमारी, दिल के रोग, डायबिटीज और नसों की कमजोरी से पीड़ित रोगियों के लिए कड़कनाथ चिकन बेहतरीन दवा है।

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डॉक्टरों का कहना है कि इस मुर्गे का मीट विटामिन-बी-1, बी-2, बी-6, बी-12, सी, ई, नियासिन, कैल्शियम, फास्फोरस आयरन और नाइकोटिनिक एसिड से भरपूर होता है। इसके रोजाना इस्तेमाल से रक्त की लाल कोशिकाओं और हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ने में मदद मिलती है। अस्थमा के गंभीर रोगी इसे अपने रोजाना के भोजन में शामिल कर बीमारी से छुटकारा पा सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कड़कनाथ चिकन की एंटी ऑक्सिडेंट विशेषताएं आंखों को सुरक्षित रखती है। इसके सेवन से त्वचा लंबे समय तक चमकदार रहती है।

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डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना वायरस लगातार ऐसे लोगों को अपना शिकार बना रहा है, जिसको सांस लेने में दिक्कत है। न्यूट्रिशिनिस्ट लोगों को अपने भोजन में ऐसे फूड आइटम्स शामिल करने की सलाह दे रहे हैं, जिससे सांस लेने की प्रणाली में सुधार में मदद मिले। कड़कनाथ मुर्गे के 1 किलो के मीट में कोलेस्ट्रोल लेवल 184 मिलीग्राम है। इसमें 1 फीसदी फैट होता है। दूसरी नस्ल के मुर्गों के 1 किलो के मीट में कोलेस्ट्रोल लेवल 214 मिलीग्राम होता है। उनमें 16-17 फीसदी प्रोटीन होता है।

कड़कनाथ मुर्गे के पालन में विशेषज्ञ चाचा-भतीजे की जोड़ी दिल्ली-एनसीआर में यह चिकन नई दिल्ली स्थित निजामुद्दीन में अपने पोल्ट्री फॉर्म से सप्लाई कर रही है। नई दिल्ली में आरबी आर्गेनिक फार्म के मालिक संजय सिंह (चाचा) और राजा सिंह (भतीजे) दिल्ली-एनसीआर में नॉनवेज के शौकीनों को कड़कनाथ मुर्गे का चिकन मुहैया करा रहे हैं। राजा सिंह ने दावा किया , ”  यह जोश और उत्साह बढ़ाता है और सांस की बीमारी को दूर करता है। पिछले साल भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली को झाबुआ के कड़कनाथ रिसर्च सेंटर (कृषि विज्ञान केंद्र) के विशेषज्ञों ने कड़कनाथ चिकन खाने की सलाह दी है। कड़कनाथ चिकन को 21वें आइफा अवाडर्स में मेहमानों के लिए बनाए गए पकवानों और भारतीय क्रिकेट टीम की डाइट में भी शामिल करने का आग्रह किया गया था।”

कड़कनाथ के अंडों में काफी मात्रा में विटामिन ए और विटामिन डी होता है। यह सिरदर्द, प्रसव के बाद की परेशानी, अस्थमा और गुर्दों की सूजन को खत्म करते हैं। कोरोना काल में अंडे खाने के शौकीन लोग कड़कनाथ के दो अंडे रोज खाकर अपने ‘ इम्यून सिस्टम’  को मजबूत बनाकर वायरस और इंफेक्शन से जंग लड़ सकते हैं।

क्रीडफिट और केटो क्लब इंडिया के नीरज सिंह ने कहा, “कड़कनाथ मुर्गे के 100 ग्राम मीट में सूक्ष्म पोषक तत्वों की संख्या किसी भी तरह के 100 ग्राम शाकाहारी खाने से कई गुना ज्यादा होती है। मैं लोगों को अपने भोजन में कड़कनाथ मीट और अंडे शामिल करने की सलाह दूंगा क्योंकि इससे वजन बढ़ाए बिना मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद मिलती है।“

दिल्ली में रहने वाली जिम ट्रेनर नीतू ने बताया, “मैं फिटनेस पर काफी ध्यान देती हूं। मैंने दिन में कड़कनाथ मुर्गे के दो अंडे खाने के बाद अपने शरीर के एनर्जी लेवल में काफी बदलाव देखा। इन अंडों का टेस्ट दूसरे अंडों से अलग है और यह मुझे सारा दिन एक्टिव रखते हैं।

नोएडा में रहने वाली और अच्छे खाने-पीने की शौकीन रिचा श्रीवास्तव कहती हैं, “मैं कड़कनाथ चिकन की ओर शुरू से आकर्षित थी, लेकिन अब तक मुझे इसे टेस्ट करने का मौका नहीं मिला था। अब दिल्ली और एनसीआर में यह उपलब्ध है तो मैं इसको टेस्ट कर सकूंगी। मैं इसे घर पर भी पकाना चाहूंगी और अपने पूरे परिवार के साथ इसके स्वाद का आनंद लेना चाहूंगी।“

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