सेहत

जंक फ़ूड : दोस्त या दुश्मन

मत पूछिए कि स्वस्थ भोजन महंगा क्यों है, यह पूछिए जंक फ़ूड सस्ता क्यों है


आज के इस पश्चिमी संस्कृति से प्रभावित संसार में ऐसा कोई व्यक्ति नही होगा जिसे जंक फ़ूड या फ़ास्ट फ़ूड पसन्द न हो या वो सामने आने पर उसे खाने से इंकार के दे। ये हमारे स्वाद के अनुकूल तो  होते है और जेब पर भी भारी चोट नही पहुँचाते तो क्या हम इसे अपना दोस्त समझना शुरू के दें? यदि हम ऐसा करें तो यह ख़ुद को ही भ्रम में रखने के समान होगा। हम हमेशा सलाद की जगह बर्गर खाना पसन्द करते हैं। क्या यह उचित है की हम सिर्फ़ कुछ क्षण के जीभ के स्वाद के लिए अपने पूरे शरीर को ही दाव पर लगा दें? जंक फ़ूड में कैलोरी, फ़ैट, शुगर इत्यादि बहुत अधिक मात्रा में होते हैं परंतु इसमें कोई पोषक तत्व मोजूद नही होते। जहाँ तक बात कैलोरी, शुगर व फ़ैट की है वे अत्यधिक मात्रा में होने के कारण इसे और अस्वस्थ बनाते हैं। जंक फ़ूड के कुछ उदाहरण हैं- बर्गर, पिज़्ज़ा, सैंड्विच, हॉट-डॉग, फ़्रेंच-फ़्राइज़ इत्यादि। इन्हें खाने के बाद आपको ये तो महसूस होगा की आपका पेट भर गया है परंतु इससे आपके शरीर की पोषक तत्वों की माँग पूरी भी होती।

जंक फ़ूड : दोस्त या दुश्मन
जंक फ़ूड : दोस्त या दुश्मन

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जंक फ़ूड खाने के बाद नींद आनी शुरू हो जाती है। विशेषज्ञों की माने तो नींद तब आनी शुरू होती है जब रक्त परिसंचण धीमा हो जाता है। जंक फ़ूड से होने वाली सबसे बड़ी परेशानी मोटापा है। एक अनुसंधान के अनुसार दिल्ली के स्कूल जाने वाले बच्चों में से 25% बच्चों का वज़न ज़्यादा है अर्थात् उतना जितनी उनकी उम्र की माँग नहीं है। जंक फ़ूड में परिरक्षकों(preservatives) की मात्रा बहुत अधिक होती है जिसके कारण बच्चों की एकाग्रता की शक्ति कम होती है। इसे खाने के बाद यदि आपको पाचन से सम्बंधित परेशनियाँ होती हैं तो चोंकिएगा मत क्योंकि इस खाने में तेल की भी मात्रा ज़रूरत से अधिक होती है जिससे पेट की परेशानियाँ जन्म लेती हैं। इससे हमारे शरीर में कलेस्टरॉल का स्तर भी बढ़ जाता है जो दिल की बीमारियों का एक मुख्य कारण होता है। शुगर व फ़ैट से युक्त फ़ास्ट फ़ूड से कैन्सर की संभावना भी बढ़ जाती है।

दूसरी ओर फल, सब्ज़ी व दाल से युक्त भोजन में पोषक तत्वों का भंडार होता है। स्वस्थ खाना खाने से आपका तन व मन दोनों स्वस्थ रहते हैं। स्वस्थ व अच्छे भोजन से दिमाग़ के काम करने की शक्ति भी बढ़ायी जा सकती है। यह रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाकर बीमारियों का ख़तरा भी कम करता है। बच्चों को हरी सब्ज़ियाँ और फल ज़रूर खाने चाहिए। तो अब हम जान गये है की जंक फ़ूड चाहे सस्ता व स्वादिष्ट क्यों ना हो परंतु है तो हमारा दुश्मन ही। और इसके सस्ते होने का कारण हमारे सामने ही है। हम जो खाना खाते हैं वो हमारे स्वास्थ्य, व्यवहार और मन सब पर असर करता है इसलिए हमें अपने खाने के लिए सोच समझकर भोजन चुनना चाहिए।

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