#CongratulationsHimaDas: एक महीने में जीते 5 स्वर्ण पदक, देखे exclusive pictures 

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hima das
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 भारतीय रेसर हिमा दास ने ऐथलीट  में रचा नया इतिहास


पूरे भारत में हो रही ‘ढिंग एक्सप्रेस’ के नाम से मशहूर ऐथलीट हिमा दास ने रच दिया है इतिहास.जी हाँ, चेक रिपब्लिक में जारी एक इंटरनैशनल इवेंट  नोवे मेस्टो नाड मेटुजी ग्रां प्री में अपने शानदार प्रदर्शन से एक और गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है. हिमा दास ने महिलाओं की 400 मीटर रेस लगा कर पहला पायदान हासिल किया है और इसी के साथ उन्होंने 5व स्वर्ण पदक भी जीत लिया.

आपको बता दे कि हिमा दास एक महीने में अब तक 5  स्वर्ण पदक जीत चुकी है. पहले उन्होंने दो जुलाई को पोलैंड में 200 मीटर की रेस लगाई थी,फिर सात जुलाई को पोलैंड में कुंटो एथलेटिक्स मीट में, 13 जुलाई को क्लाइनो और 17 जुलाई को चेक रिपब्लिक में ही टाबोर ग्रां प्री में स्वर्ण पदक जीता. हिमा दास ने अपने पाँचवे स्वर्ण पदक के जीत की  खबर अपने ट्विटर अकाउंट से दी  और लिखा – चेक गणराज्य में 400 मीटर स्पर्धा में टॉप स्थान पर रहते हुए रेस खत्म की.’

जाने हिमा दास से जुडी यह कुछ ख़ास बातें : 

हिमा दास असम के एक किसान परिवार से है. उनका जन्म 9 जनवरी 2000 में असम के नागांव  के ढिंग जिले में हुए था.इसलिए हिमा भारत में ढिंग एक्सप्रेस के नाम से मशहूर हो गयी है. भारत की नई उड़ान हिमा दास का बचपन से ही स्पोर्ट की ओर झुकाव था.स्कूल में वो पढ़ाई के साथ लड़को के साथ फुटबॉल  खेला करती थी जिसके चलते उनका स्टामिन काफी  बढ़ गया था और वो दौड़ने से बिल्कुल नहीं थकती थी.

हिमा ने 2017  में अपने कोच से दौड़ने की ट्रेंनिंग लेनी शुरू कर दी.फिर इतने कम समय में हिमा ने वो मुकाम  हासिल कर लिया जो लोग सालों  में भी हासिल नहीं कर पाते है. इसके लिए उन्होंने कई रेस कम्पीटीशन में भाग लिया.सिर्फ सस्ते से जूते पहनकर हिमा  ने रेस में भाग लिया और पहला स्थान भी हासिल किया. हिमा दास को इस मुकाम तक पहुँचाने में उनके कोच  निपुण दास का बहुत बड़ा योगदान है. हिमा इतने गरीब परिवार से थी की  उनके पास फ़ीस  देने के भी पैसे नहीं थे लेकिन उनके कोच ने उनको ट्रैंनिंग देने के दौरान उनका रहना का सारा  खर्चा  कोच  ने किया.

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अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर भी किया  भारत का नाम रोशन   

हिमा ने अपने अन्तर्राष्ट्रीय करियर में कई जीत अपने नाम की है. उन्होंने बैंकॉक  में हुए एशियाई  यूथ चैंपियनशिप में 200  मीटर की रेस लगा कर साँतवा  स्ताहन हासिल किया था. इसके  अलावा  उन्होंने ऑस्ट्रेलिया  में हुए कामनवेल्थ गेम्स में भारत की रेपेरेसेन्ट किया और 400 मीटर की रेस लगाकर छठां स्थान हासिल किया था.

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