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जाने ‘अप्रैल फूल’ से जुड़े कुछ रोचक किस्से..

“अप्रैल फूल बनाया… उनको गुस्सा आया” अप्रैल के महीने में हम ये लाइन हमेशा गुनगुनाते रहते है। 1 अप्रैल को हम सब ‘अप्रैल फूल डे’ यानी मुर्ख दिवस को दुनियाभर में मौज-मस्ती और हंसी मजाक के साथ एक दूसरे को मुर्ख मनाते हुए मनाया जाता है। 1 अप्रैल को अपने दोस्तों, परिवार वालो के साथ प्रैंक करने के आइडियाज़ लोगो को पहले से आने लगते है। लेकिन, क्या आप जानते है कि इस दिन को मनाने का वास्तविक कारण क्या है, दुनियाभर में आज का दिन कैसे मनाया जाता है। हम आपको बताते है अप्रैल फूल डे से जुडी कुछ रोचक बाते।

मुर्ख दिवस के संबंध में विभिन्न देशो के कई ऐसे रोचक किस्से प्रचलित हैं और ऐसे ही कुछ रोचक किस्से यहां हम आपको बता रहे हैं-

  • मुर्ख दिवस के संबंध में पहला संबंध चॉसर के कैंटरबरी टेल्स (1392) में पाया जाता है। ब्रिटिश लेखक चॉसर की किताब ‘द कैंटरबरी टेल्स‘ में कैंटरबरी नाम के एक कस्बे का जिक्र है। इसमें इंग्लैंड के राजा और बोहेमिया की रानी एनी की सगाई की तारीख 32,मार्च 1381 को होने की झूटी घोषणा 1 अप्रैल को होती है जिसे कस्बे के लोग सही मानकर मुर्ख बन जाते है। तभी से 1 अप्रैल को मूर्ख दिवस मनाया जाता है।
  • फ्रांस में अप्रैल फूल डे की शुरूआत 1582 में उस वक्त हुई, जब पोप चार्ल्स ने पुराने कैलेंडर की जगह नया रोमन कैलेंडर शुरू किया। क्या आप जाने है कि पहले नया साल 1 अप्रैल को मनाया जाता था, 1582 के बाद इसे 1 जनवरी कर दिया गया। लेकिन कुछ लोग पुरानी तारीख पर ही नया साल मनाते आ रहे हैं और उन्हें ही अप्रैल फूल करार कर दिया गया।
  • चीन में सनन्ती नामक एक संत थे, जिनकी दाढ़ी जमीन तक लंबी थी। एक दिन उनकी दाढ़ी में अचानक आग लग गई तो वे बचाओ-बचाओ कह कर उछलने लगे। उन्हें इस तरह उछलते देख कर बच्चे जोर-जोर से हंसने लगे। तभी संत ने कहा, मैं तो मर रहा हूं, लेकिन तुम आज के ही दिन खूब हंसोगे, इतना कह कर उन्होंने प्राण त्याग दिए।
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जाने अप्रैल फूल डे दुनिया भर में कैसे मनाया जाता है

  • लंदन में अप्रैल फूल डे मनाने के पीछे एक  कहानी है। 1 अप्रैल 1698 को बड़े पैमाने पर वहां रहने वाले लोगों को एक साथ टावर ऑफ लंदन के पास धोखे से बुलाया गया। ये कहकर कि ‘वॉशिंग ऑफ द लायन’ यानी शेर की धुलाई देखने चलते है। तब जो लोग वहां पहुंचे, वो बुद्धू बने और तभी से इसकी पारंपरिक रुप से मनाने की घोषणा हुई। इसमें भी रोचक बात ये है कि साल 1857 से वॉशिंग द लायंस का टिकट भी जारी होने लगा।
  • कनाडा, इटली और बेल्जियम में 1 अप्रैल मनाने की परंपरा थोड़ी अलग है। यहां पर लोग कागज़ की मछलीयां बनाकर चुपके से एक दूसरे की पीठ पर चिपका देते है और मजाक बनाते है।
  • यूरोप में तो ये और भी दिलचस्प है। वहां 1 अप्रैल के दिन मालिक नौकर की भूमिका में होता और नौकर मालिक बन हुकुम चलाता। उस दिन नौकर बनने वाले मालिक को मालिक बने नौकर की हर बात माननी पड़ती है। उसे कपड़े धोने से लेकर खाना बनाना जैसे सभी काम विनम्रता पूर्वक  करने होते थे।
  • फ्रांस के नारमेडी में एक जुलूस निकाला जाता है। जिसमें एक बेहद मोटा आदमी घोड़े की पीठ पर बैठकर सारे शहर में घूमता है, जिसे देखते ही लोग खिलखिला कर हंस पड़ते हैं और नाचने-गाने लगते हैं।
  • डेनमार्क में अप्रैल फूल 1 मई को मनाया जाता है इस शहर में अप्रैल फूल डे को माज-काट डे भी कहा जाता है।
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