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यूपी चुनाव में आरएलडी हुआ महागठबंधन से अलग

यूपी चुनावसे पहले महागठबंधन को लेकर चल रहा पेंच आजहुआ खत्म

यूपी चुनाव से पहले महागठबंधन को लेकर चल रहा पेंच आज खत्म हो गया है। आने वाले चुनाव में आरएलडी अकेले ही मैदान में उतरेंगी. महागठबंधन में आरएलडी ने अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।

सीटें के बंटवारे के लेकर है सारा मामला

सारा मामला सीटों को लेकर शुरु हुआ है। दरअसल आरएलडी यूपी में होने वाले चुनाव के लिए 30 सीटों के मांग कर रही है। लेकिन सपा उसे 17-20 तक सीट देने की बात कर रही है।

वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के साथ भी गठबंधन को लेकर सीटों के बंटवारे की बात पर अटक रही है।

अजीत सिंह
अजीत सिंह

कांग्रेस 100 से कम सीटों पर लड़ने को तैयार नहीं है। वहीं दूसरी ओर सपा सिर्फ 85 सीटें देने को तैयार हैं। इस बीच कांग्रेस अपनी परम्परागत सीट अमेठी-रायबरेली की सभी सीटें चाहती है। जबकि रामपुर की सीट को लेकर भी पेच फंसा हुआ है। अन्य दलों को लेकर भी महागठबंधन में शामिल करने को लेकर दिक्कतें हैं। इन सबके बीच अखिलेश सिंह यादव सपा की तैयारियों और रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं। अखिलेश यादव गुरुवार को लखनऊ में सपा विधायकों से मुलाकात की।

विधायकों से मिलने के मद्देनजर कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। लेकिन इस पर सहमति बनी हुई है। सारी बात सीटें के बंटवारे को लेकर अटकी हुई है।

राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से की मुलाकात

 इससे पहले कांग्रेस महासचिव गुलाम नबी आजाद ने कहा कि वैसे तो इसका फैसला 24 से 36 घंटे में होना था, लेकिन कभी-कभी ये 100 घंटे भी हो सकते हैं। इससे पहले सपा के महागठबंधन की तैयारियों के बीच कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाधी ने प्रदेश के नेताओं के साथ बैठक की । इसमें प्रियंका भी शामिल हुई।

इससे पहले कांग्रेस की मुख्यमंत्री उम्मीदवार शीला दीक्षित ने कहा है कि अगर सपा और कांग्रेस का गठबंधन हो जाता है तो वह मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवारी छोड़ देगी। उनका कहना है कि एक राज्य में दो मुख्यमंत्री उम्मीदवार नहीं हो सकते हैं।

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