सेहत

क्या आप जानते है प्रोबियोटिक्स के ये फायदे ?

प्रोबियोटिक्स के 6 अद्भुत फायदे


आपने यह शब्द “प्रोबियोटिक्स” ज़रूर कही न कही सुना होगा आपके मस्तिष्क में इसके बारे में कोई एक हल्की सी परिभाषा भी होगी। आप जानते हैं कि इसका सम्बन्ध आपके पेट से होता है शायद । इसमें कोई शक नही की प्रोबियोटिक्स आपके पाचन तंत्र के लिए अच्छे होते हैं परंतु वैज्ञानिकों ने इसके अद्भुत फायदे पता कर लिए हैं ये कई तरह की एलर्जी ठीक कर सकते हैं और यहां तक की आपको पतली कमर भी दे सकते हैं।

आखिर प्रोबियोटिक्स हैं क्या? ये ऐसे जीवित बैक्टीरिया और यीस्ट होते हैं जो आपकी सेहत के लिए काफी अच्छे हिट हैं। हम बैक्टीरिया शब्द सुनकर एक धारणा बना लेते हैं कि यदि वो हमारे शरीर में प्रवेश कर गए तो बीमार होना तय है । हमारी देह अच्छे और बुरे दोनों तरह के बैक्टीरिया ये भरी है। और प्रोबियोटिक्स अच्छे और सहायक बैक्टीरिया होते है जो ख़ास तौर पर आपके पेट को स्वस्थ रखते हैं।

इसके और फायदों के बारे में जानने से पहले आपको ऐसे कुछ खानों के बारे में पता होना चाहिए जिनमें यह अच्छी मात्रा में होता है। ऐसे खाद्य पदार्थो के उदाहरण हैं दही, लस्सी, पनीर, केफिर, नाटो, मीसो। अगर आप प्रोबियोटिक्स के लिए पिल्स या कैप्सूल लेना पसंद नही करते तो आप इन्हें ट्राई कर सकते हैं ये स्वादिष्ट भी हैं और पेट ठीक करने के साथ साथ निम्नलिखित फायदे भी आपको देंगे।

क्या आप जानते है प्रोबियोटिक्स के ये फायदे ?

  1. वज़न कम करने में सहायक : शोधकर्ताओं ने पाया कि प्रोबियोटिक्स का प्रतिदिन सेवक आपके शरीर में मौजूद एक्स्ट्रा फैट को जल्दी जल्दी बर्न करता है। उन्होंने पाया कि जैसे ही आप अपने खाने में इन बैक्टीरिया की मात्रा बढाते हैं उतना ही ज़्यादा आपका शरीर वज़न कम कर पाता है। इसका सेवन पेरिफेरल सेरोटोनिन की उत्पादकता को घटाता है और आप यह जानते ही है कि सेरोटोनिन ही वह अद्भुत केमिकल है जो भूक कम कर ज़्यादा खाने की आदत को कम करता है।
  2. एलर्जी को कम करता है : आप माने या माने प्रोबियोटिक्स शरीर में होने वाली जेनेटिक एलर्जी को भी कम करते हैं। शोधकर्ताओं ने पाया की जिन बच्चो को अधिक एलर्जी होती है उनमें लैक्टोबसिल्ली और बीफीडोबैक्टीरिया की कमी होती है। लैक्टोबसिल्ली प्रोबियोटिक्स में काटी अछि मात्रा में पाया जाता है और यदि आप इसका अछि मात्रा में सेवन करते है यो भिन्न प्रकार की एलर्जी से खुद की रक्षा कर सकते हैं।
  3. एंटीबायोटिक्स से होने वाली आँखों में जलन को यह ठीक करते हैं : अगर आपका डॉक्टर आपको एंटीबायोटिक देता है तो वो आपको उसके साइड इफेक्ट्स के बारे में भी ज़रूर सावधान करेगा। ये दुष्प्रभाव कुछ भी हो सकते है और ऐसा ही दुष्प्रभाव होता है आँखों में जलन गले में सूखापन इत्यादि। वैज्ञानिकों का मानना है कि प्रोबियोटिक्स इन दुष्प्रभावों को भी खत्म कर सकते हैं। अगर आप भी एंटीबायोटिक्स ले रहे हैं तो उनके साथ प्रोबियोटिक फ़ूड भी लें।
  4. एंटीबायोटिक्स के प्रभाव को और बढाते हैं : प्रोबियोटिक्स का सेवन न केवल आपके एंटीबायोटिक्स के दुष्प्रभावों को कम करता है बल्कि ये उसके प्रभाव को और शक्तिशाली बनाकर और असरदार बना देते हैं। प्रोबियोटिक्स मई मौजूद अच्छे बैक्टीरिया ऐसे मॉलिक्यूल म्यूकस लिंनिग में सेक्रेट करते हैं जिससे बुरे जर्म्स हट जाते हैं और एंटीबायोटिक्स और भी जल्दी असर करने लगती हैं।
  5. यह आटिज्म के प्रभाव को मैनेज करने में सहायक होते हैं : जो बच्चे इस बीमारी से पीड़ित होते हैं उनका बर्ताव काफी अलग होता है और उन्हें अधिकतर पेट से सम्बंधित समस्या रहती हैं जैसे डायरिया, कॉन्स्टिपेशन आदि । ऐसी समस्या उनके बर्ताव को और ज़्यादा खराब करती है। प्रोबियोटिक्स इन समस्या को खत्म कर उनकी थोड़ी समस्या हल कर देते हैं।
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