छह सालों में पहली बार दिल्ली में सबसे कम डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के मामले हुए दर्ज

कोरोना वायरस के कारण, मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया की जांच हुई प्रभावित


इस बार पिछले छह सालों में पहली बार दिल्ली में मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया के सबसे कम मामले देखने को मिल रहे है. अभी पूरा देश कोरोना वायरस से परेशान है. इसी के चलते अभी लोगों में अस्पतालों के प्रति पैदा हुए खौफ भी मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया के आंकड़ों को कम करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. हालांकि इस बार कोरोना वायरस के कारण अस्पतालों में इस बीमारियों की जांच काफी ज्यादा प्रभावित हो रही है. जिसके कारण इस रोगों को लेकर नगर निगम के आंकड़ें भी सवालों के घेरे में हैं.

क्या कहना है इस पर सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों का

डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया को ले कर सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि हर साल इन दिनों डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के काफी केस ओपीडी और आपातकालीन वार्ड में देखने को मिलते थे. दिल्ली में लम्बे समय से ही डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया का असर देखने को मिलता रहा है. ऐसे में हमारा यह कहना कि अचानक से डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया का असर कम हो गया, वह गलत होगा. क्योकि कोरोना वायरस के कारण इन दिनों मरीजों की पहचान में काफी ज्यादा दिक्कत रही है. साथ ही साथ लोग इस समय अस्पतालों में जाने से भी कतरा रहे हैं.

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क्या कहते है इस पर नगर निगम के आंकड़ें

दिल्ली नगर निगम के आकड़ो के अनुसार इस साल 19 सिंतबर तक दिल्ली में मलेरिया के 138 मामले दर्ज किए गए हैं. जबकि अगर हम साल 2019 के 19 सिंतबर तक की बात करें तो इस दिन तक आंकड़ा 304 पहुंच चूका था. इसी तरह अगर हम इस साल के डेंगू केस की बात करें, तो अब तक इसके 172 मामले दर्ज किए गए हैं. जबकि पिछले साल 1 जनवरी से 19 सिंतबर के बीच यह आंकड़ा 217 था. और अगर हम दिल्ली में चिकनगुनिया की स्थिति देखें तो अभी तक दिल्ली में इसके 54 मामले दर्ज किए जा चुके हैं जबकि पिछले साल तक यह आंकड़ा 74 दर्ज किया गया था.

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