दंगल मूवी रिव्यु


जानिये कैसी है फिल्म दंगल


दंगल

  • कलाकार: आमिर खान, साक्षी तंवर, फातिमा सना शेख, सान्या ममल्होत्रा, ज़ायरा वसीम, सुहानी भटनागर
  • निर्देशक: नितेश तिवारी
  • मूवी टाइप: बायोग्राफी
  • अवधि: 2 घण्टे 49 मिनट

दंगल इस साल रिलीज़ होने वाली बेहतरीन मूवीज़ में से एक है। यह एक ऐसी मूवी है जिसका लोग तभी से इंतज़ार कर रहे हैं जबसे इसके बारे में उन्होंने सुना की ऐसी कोई मूवी आने वाली है। ऐसे अनेकों कारण हैं जिनके लिए आपको यह मूवी देखनी चाहिए।

यह मूवी आपके नज़दीकी थिएटर में 23 दिसम्बर यानी कल लग जाएगीऔर यह अमेरिका में 21 दिसम्बर को रिलीज़ की गयी  हालांकि इसकी स्पेशल स्क्रीनिंग 20 दिसम्बर को की गयी। बॉलीवूड की सभी जानी मानी हस्तियां यह मूवी देखने के लिए आयीं, साथ में महावीर फोगाट अपने पूरे परिवार के साथ यह मूवी देखने आये और सचिन तेंदुलकर ने भी मूवी की स्पेशल स्क्रीनिंग अटेंड की।

दंगल मूवी रिव्यु
दंगल

मूवी देखने के बाद इन सभी लोगों ने अपने ट्विटर एकाउंट्स पर मूवी की जमकर तारीफें की। करण जौहर ने मूवी के बारे में कुछ ऐसा कहा “Just saw DANGAL…haven’t seen a better film in a decade……speechless!!!!” शबाना आज़मी ने मूवी की तारीफ कुछ इस प्रकार की “watching #Dangal is d best birthday gift I could get. Thanku @aamir_khan  nitesh tiwari kiran rao fatima sana u r outstanding”

यह कहानी हरयाणा के एक छोटे से गांव में रहने वाले भूतपूर्व नेशनल रेसलिंग चैंपियन महावीर सिंह फोगाट, जिनका किरदार आमिर खान ने निभाया है, की। उसके घर की स्थिति आर्थिक दृष्टि से कमज़ोर होती है इसलिए उन्हें अपने रेसलिंग वाले करियर पर विराम लगाकर नौकरी करने का विकल्प चुनना पड़ता है। महावीर का गोल्ड मैडल जीतने का सपना उसके मन को भीतर से हमेशा खाता रहता है। अपनी इस चाहत को वह अपनी बेटियों से पूरी करवाता है। वह पुरुष प्रधान समाज में अपनी बेटियों से पहलवानी करवाता है और वे इंटरनेशनल लेवल पर गोल्ड मैडल जीतकर भी आती हैं यार ये सब इस मूवी को प्रेरणादायक और देखने योग्य बनाता है।

कहानी : महावीर फोगाट की शादी शोभा कौर(साक्षी तंवर) से होती है। उसकी चाहत है कि उसे एक बेटा हो जो उसके लिए इंटरनेशनल इवेंट से गोल्ड जीतकर ला सके। इसी चाहत में उसकी चौथी बार भी बेटी होती है और वह काफी दुःख में डूब जाता है। अचानक एक दिन उसकी दोनों बेटियाँ गीता(जायरा वसीम) और बबीता(सुहानी भटनागर) पड़ोस के बच्चों को बुरी तरह से पीटकर आती हैं। और उसी पल से महवीर के मन में अपनी बेटियों को बेटा बनाने की चाहत आती है। फिर महावीर पूरी लगन और मेहनत के साथ अपनी बेटियों को रेसलर बनाने में जुट जाते हैं। इस सब में काफी मुश्किलें आती हैं क्योंकि गाँव के लोग उसके इस फैसले का समर्थन नही करते पर ऐसी परिस्थितियों में भी महावीर पहाड़ की तरह भारी नज़र आते हैं।

क्यों देखे यह मूवी:-

  • स्क्रिप्ट: वैसे तो सभी बायोपिक लोगों को बहुत पसंद आती है परंतु इस मूवी में नारी चेतना पर बल है। मूवी में लड़कियाँ अपने पिता का सपना पूरा कर उसे गर्वोन्मत महसूस कराती हैं।
  • कास्टिंग : आमिर खान की हर मूवी देखने लायक होती हैं। और सभी लोग उनकी मूवी का बेसब्री से इंतज़ार करते हैं। परंतु यह फिल्म केवल आमिर खान की एक्टिंग पर बेस्ड नहीं हैं इसमें सभी ने अपना रोल बेहतरीन तरीके से निभाया।
  • पुरुषवादी सोच पर तमाचा : हरयाणा में लड़कियों को केवल रसोई तक रखा जाता है इसी सोच का विरोध करती ह यह मूवी। महिला सशक्तिकरण पर ज़ोर होने के साथ साथ यह पुरुषवादी सोच को एक करारा जवाब देती है।
  • संगीत : प्रीतम ने इसमें संगीत को बेहतरीन तरीके से पिरोया है। फिल्म के गीत केवल जगह भरने के लिए इस्तेमाल नहीं किये गए बल्कि सटीक जगह इस्तेमाल किये गए है जो अपने साथ कहानी कक भी आगे लेकर जाते हैं।
  • डायलाग :  इस मूवी के संवाद कभी आपकी आँखें नम क्र देंगे तो कभी आपको कुश्ती के आरती प्रोत्साह से भर देंगे। ये आपको मूवी में बांधे रखेंगे और मूवी से जोड़े रखेंगे।
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Story By : AvatarKajal Sumal
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