Citizenship Amendment Bill in Hindi: नागरिकता संशोधन विधेयक – क्या होता है ये?

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Citizenship Amendment Bill in Hindi

Citizenship Amendment Bill in Hindi: नागरिकता संशोधन विधेयक


Citizenship Amendment Bill in Hindi:

नागरिकता संशोधन बिल 2019 अब एक कानून बन गया है और संसद के निचले सदन लोकसभा में गृहमंत्री अमित शाह की कार्यवाही में यह बिल बहुमत से पारित हो गया है। इसके बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने वीरवार को नागरिकता (संशोधन) विधेयक 2019 को अपनी मंजूरी दे दी, और अब यह एक कानून बन गया है जो लागू होगा। बिल के पास होने के बाद से भारतीय नागरिकों की मिली-जुली प्रतिक्रियाये हैं। कुछ लोग इस बिल का विरोध तो कुछ लोग अपनी खुशी व्यक्त कर रहे है।

नागरिकता संशोधन विधेयक क्या होता हैं?

भारतीय नागरिकता बिल में बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए हिंदुओं के साथ ही सिख, बौद्ध, जैन,
पारसी और ईसाइयों के लिए भारतीय नागरिकता लेना आसान हो जायेगा। उन्हें अब इसके लिए कोई वैध दस्तावेज
नहीं होंगे।

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जानिए क्या कहता हैं नागरिकता संशोधन विधेयक कानून

इस कानून के अनुसार हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के जो सदस्य 31 दिसम्बर 2014 तक
पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आए हैं और जिन्हें उनके देश में धार्मिक उत्पीडऩ का सामना
करना पड़ा है, उन्हें गैरकानूनी प्रवासी नहीं माना जाएगा, बल्कि भारतीय नागरिकता दी जाएगी।
नागरिकता अधिनियम के अनुसार भारत की नागरिकता इन पांच विधियों से प्राप्त की जा सकती है:
1. जन्म
2. वंशानुगत क्रम
3. पंजीकरण

4. प्राकृतिक रूप से नागरिकता
5. यदि कोई व्यक्ति जिस देश में रहता है वह देश भारत में मिल जाता है तो।

नागरिकता संशोधन विधेयक कानून के अंतर्गत कौन नहीं आता

नागरिकता संशोधन विधेयक कानून 2019 के प्रावधान के मुताबिक पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से
आने वाले मुसलमानों को भारत की नागरिकता नहीं दी जाएगी। जिन लोगों ने पहले से नागरिकता हासिल की हुई
है, उनपर कोई फ़र्क़ नहीं पड़ेगा।

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