हॉट टॉपिक्स

शांतिपूर्ण पर रहा चक्का जाम, तीन घंटे देश के अलग-अलग हिस्सों में किसानों के समर्थन में हुए चक्का जाम

दिल्ली में पचास हजार फोर्स को किया गया तैनात


किसान आंदोलन को लगभग दो महीने से ज्यादा हो गया है. इस दौरान किसानों द्वारा कई बार विरोध प्रदर्शन किया गया. 26 जनवरी की ट्रैक्टर परेड के बाद आज किसानों द्वारा चक्का जाम का आह्वान किया गया. इस दौरान उत्तराखंड और यूपी को छोड़ देश के सभी राज्यों में दोपहर 12 से लेकर तीन बजे तक चक्का जाम रहा. दोपहर तीन बजे एक मिनट तक हॉर्न बजाकर इस चक्का जाम को खत्म किया गया.

चक्का जाम पर पूरे देश का हाल

चक्का जाम का दौरान एंबुलेंस और स्कूल बस जैसी सेवाओं को नहीं रोका गया था. देश के अलग-अलग हिस्सों में किसानों ने अपने-अपने तरीके से इस चक्का जाम का समर्थन किया. इस दौरान कोलकाता-रांची हाइवे पर सन्नाटा छाया रहा.

Chakka Jam
Image Source – Aaj Tak

 

फरीदाबाद के पास पलवल-आगरा हाइवे पर अटोहन चौक पर किसानों ने प्रदर्शन किया. दिल्ली-अमृतसर हाईवे पर किसानों  गोल्डन गेट के पास इकट्ठे हुए.

 दिल्ली की शहीदी पार्क में प्रदर्शन कर रहे किसानों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. दिल्ली को चारों तरफ से सुरक्षा बलों द्वारा घेर कर रखा गया था ताकि किसान दिल्ली के अंदर प्रवेश न करने पाएं. गाजियाबाद में दिल्ली-यूपी के बॉर्डर पर रेपिड एक्शन फोर्स को तैनात किया गया. दिल्ली की सभी बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस सहित पारा मिलिट्री और रिजर्व फोर्स के 50,000 जवान तैनात किए गए है. दिल्ली में आठ मेट्रो स्टेशन लाल किला, जाम मस्जिद, जनपथ, सेंट्रल सेक्रेटिएट और विश्वविद्यालय का एंट्री और एग्जिट गेट बंद है. किसानों द्वारा आह्वान किया गया चक्का जाम के बीच कर्नाटक में किसानों ने बनकापुर टोल पर नेशनल हाइवे पर चक्का जाम किया. दक्षिण में मैसूर- बैंगलूर हाइवे पर भी किसानों ने चक्का जाम का समर्थन किया. नेशनल हाइवे पर गांव बड़ोपल में डबवाली-दिल्ली नेशनल हाइवे पर दरी बिछाकर किसानों ने जाम लगाया. यहां सैकड़ों की संख्या में किसानो ने सड़क जाम लगाया है. इस बीच सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई. इतना ही नहीं किसानों ने कहा जब तक यह कानून वापस नहीं होगा ऐसे ही आंदोलन जारी रहेगा.

 

राकेश टिकैत ने कील पर की खेती

इन सबके बीच गाजीपुर बॉर्डर पर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि आज चक्का जाम हर जगह शांतिपूर्ण ढंग से किया जा रहा है. अगर कोई भी अप्रिय घटना होती है तो दंड दिया जाएगा. इतना ही नहीं पुलिस द्वारा गाजियाबाद बॉर्डर पर कील लगाकार किसानों की रोकने की कोशिश को भी नाकाम कर दिया. राकेश टिकैत ने कील वाली जगह पर मिट्टी डालकर फव्वाडे से खेती करनी शुरु कर दी. वहीं पूर्व कैबिनेट मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने 26 जनवरी की हिंसा को लेकर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि यह सबकुछ कैप्टन की नालायकी के कारण हो रहा है. बिल 2019 में बना था, तब किसी ने कुछ नहीं कहा, उस वक्त अगर कुछ किया होता तो आज ये दिन नहीं आता. कैप्टन अपने फॉर्म हाउस बाहर निकले और लोगों की परेशानियों का दूर करने का काम करें.

 

अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Hey, wait!

अगर आप भी चाहते हैं कुछ हटके वीडियो, महिलाओ पर आधारित प्रेरणादायक स्टोरी, और निष्पक्ष खबरें तो ऐसी खबरों के लिए हमारे न्यूज़लेटर को सब्सक्राइब करें और पाए बेकार की न्यूज़अलर्ट से छुटकारा।