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LK ADVANI BIRTHDAY: बीजेपी को शुन्य से शिखर तक पहुंचने वाले लाल कृष्ण अडवाणी बना रह है अपना 92 वां जन्मदिन

आखिर क्यों बुलाते थे अडवाणी को आयरन मेन


LK Adwani birthday : देश के पूर्व ग़ृह मंत्री और भाजपा को शुन्य से शिखर पर पहुंचने वाले एल.के अडवाणी मना रहे है आज अपना 92वां जन्मदिन। अडवाणी जी ने अपने जीवन की शुरुआत सवयंसेवक कार्यकर्ता के रूप में की थी और इतना ही नहीं अडवाणी ही रामजन्म भूमि के आंदोलन का चेहरा भी बने थे।

आयरन मेन के नाम से भी जाने जाते हैं अडवाणी:

लाल कृष्ण अडवाणी का जन्म 8 नवंबर 1927 को कराची में हुआ था। उनके पिता का नाम केके अडवाणी था और बंटवारे के बाद उनका परिवार पाकिस्तान से भारत आ गया था। शुरआती शिक्षा अडवाणी की पाकिस्तान में ही हुई थी, लेकिन भारत आने के बाद उन्होंने मुंबई के गवर्नमेंट लॉ कॉलेज से कानून की शिक्षा हासिल की। इन सबके आलावा 1944 में अडवाणी जी ने कराची मॉडल हाई स्कूल में टीचर के तौर पर भी काम किया है। 1965 में अडवाणी जी ने कमला देवी से शादी की।

अडवाणी बीजेपी के तीन बार अध्यक्ष, चार बार राज्य सभा सदस्य और पांच बार लोक सभा सदस्य रह चुके हैं। अडवाणी को उनके कड़े फैसले और आक्रामक अंदाज़ की वहज से आयरन मेन भी कहा जाता है।

यथ यात्रा से बदली देश की राजनीति:

1989 में अयोधया में राम मंदिर के आंदोलन और बाबरी मस्जिद के खिलाफ कार सेवको को इक्कठा किया था और गुजरात के सोमनाथ मंदिर से ये रथ यात्रा शुरू हुई थी जिसने अडवाणी की लोकप्रियता को बड़ा दिया और वो हिंदुत्व के ‘न्यू पोस्टर बॉय’ के रूप में उभरे। अडवाणी की इस रथ यात्रा के ठीक 3 साल बाद ही, यानि 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद को गिरा दिया गया था।

और पढ़ें: रामजनम भूमि: वर्डिक्ट आने से पहले सख्त हुई लोगो की सुरक्षा, तैनात हुई RAF

इस रथ यात्रा ने राजनीति की दिशा ही बदल दी थी, क्यूंकि इस यात्रा के ठीक दो साल बाद यानि की 1991 में बीजेपी एक बार फिर से आम चुनाव में दूसरी बड़ी पार्टी बन कर सामने आई और महज़ 5 साल बाद ही सबसे बड़ी पार्टी के रूप में सत्ता में आई।

अटल बिहारी वाजपेयी के समय अडवाणी दो बार ग़ृह मंत्री बने और उप-प्रधानमंत्री का पद भी संभाला। इससे पहले 1997 में मोरारजी देसाई की सरकार गज्ज नेता मनहोर और अटल भयहारी वाजपेयी के साथ मागदर्शन मंडल में शामिल हो गये। इन सबके आलावा अडवाणी जी ने ‘माई कंट्री, माई लाइफ’ नाम से आत्मकथा भी लिखी है।

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बनें “मलहारी”, रणवीर सिंह की तरह थिरकते आ रहे है नज़र 

रणवीर सिंह के गाने पर डोनाल्ड ट्रंप का जबरदस्त डांस हो रहा है वायरल


अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का सोशल मीडिया पर एक ऐसा फनी वीडियो छाया हुआ है जो रणवीर के साथ-साथ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैंस को भी बहुत लुभा रहा हैं.सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल होने वाले इस वीडियो में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप  “मलहारी” बनकर रणवीर सिंह की फिल्म “बाजीराव मस्तानी ” के गाने ‘अरे, बजने दे धड़क-धड़क……. ढोलताशे धड़क-धड़क….. भंडारा छिड़क-छिड़क मल्हारी” पर नाचते हुए नजर आ रहे हैं.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (donald trump) का बॉलीवुड स्टार रणवीर सिंह के मशहूर गाने ‘मलहारी’ पर जबरदस्त डांस को देखकर मज़ा और हसीं दोनों आ रहे हैं.लोग इस फनी वीडियो को बहुत एन्जॉय कर रहे हैं। यह वीडियो कुछ समय पहले बना था जिसे एक बार फिर से शेयर किया गया है। इससे पहले इस वीडियो को साल 2016 में डोनाल्ड ट्रंप के सोशल मीडिया डायरेक्टर डैन स्कैविनो ने शेयर किया था.


क्या है इस फनी वीडियो में ? 

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (donald trump) के इस फनी वीडियो में ट्रंप डांस करते दिखाए दे रहे है और साथ ही रणवीर सिंह के चेहरे के बदले की डोनाल्ड ट्रंप का चेहरा लगा दिया गया है.कुछ लोग जो ट्रंप के फैन है और बाकी लोगों ने इस वीडियो पर 24 हजार से भी ज्यादा बार  हैं। इसी के साथ ट्रंप एक रॉकस्टार बन गए हैं। दीपिका और रणवीर की सुपरहिट फिल्म ‘बाजीराव मस्तानी’ का ये गाना साल 2015 में आया था और दर्शलों को उस वक़्त भी बहुत पसंद आया था


Donald trump funny video

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# ManKiBaatHighlights: पीएम मोदी ने जल सरंक्षण को बताया अहम मुद्दा 

पीएम मोदी ने चंद्रयान 2 की सफलता पर कही यह बात


पीएम मोदी ने लम्बे समय के बाद आज अपने रेडियो कार्यक्रम “मन  की बात” से सभी देशवासियो को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने चंद्रयान मिशन , जल सरंक्षण को लेकर और भी कई अहम मुद्दों पर बात की.

जाने मन की बात केयह सभी हाइलाइट्स :

1.पीएम मोदी ने जलसरंक्षण को अहम  मुद्दा बताया और कहा – हमारी सरकार जलनीति के लिए काम कर रही है.पानी के विषय ने इन दिनों हिन्दुस्तान के दिलों को झकझोर दिया है.

2.इसके अलावा उन्होंने अमरनाथ यात्रा की सफलता को लेकर कहा- कश्मीर के लोग अमरनाथ यात्रियों की सेवा और मदद करते हैं. इस बार अमरनाथ यात्रा में पिछले चार सालों में सबसे ज्यादा श्रद्धालु शामिल हुए हैं.

3. इस बार उन्होंने बच्चो के लिए भी नई प्रतियोगिताओं  के बारे में भी बताया कहा- क्विज कॉम्पीटिशन में जो बच्चे सबसे ज्यादा अंक हासिल करेंगे उनको 7  सितम्बर को श्री हरिकोटा ले जाकर चंद्रयान- 2 की लैंडिंग दिखाई जाएगी.

4. पीएम मोदी ने मेघालय सरकार को अपनी जल-नीति तैयार करने के लिए बधाई दी और कहा- मेघालय देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जिसने अपनी जल-नीति तैयार की है.

5. वही पीएम मोदी ने इसरो के चंद्रयान- 2 मिशन की सफलताक को लेकर कहा- मुझे पूरा विश्वास है कि आसमान के भी पार अंतरिक्ष में भारत की सफलता के बारे में जरूर गर्व हुआ होगा

6. उन्होंने सावन के अवसर के कांवड़ा यात्रा और अमरनाथ यात्रा के लिए लोगों शुभकामनाएं दीं साथ ही रक्षा बंधन के लिए भी बधाई दी.

7. पीएम मोदी ने देश के चैंपियंस को भी बधाई  दी और कहा- हमारे देश के दस चैम्पियन्स ने इस टूर्नामेंट में मैडल जीते. इनमें से कुछ खिलाड़ियों ने तो एक से ज्यादा खेलों में मैडल जीते.देश के लिए यह बहुत ही गौरव की बात  है.

8.उन्होंने  अपने एप्प में नए फीचर्स को लेकर कहा – क्यों ना हम नरेंद्र मोदी ऐप पर एक स्थाई बुक कॉर्नर बना दें और जब भी नई किताब पढ़ें, उसके बारे में वहां लिखे और चर्चा करें. आप इसके लिए कोई अच्छा सा नाम भी सुझा सकते हैं.

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कांग्रेस नेता जयपाल रेड्डी  का  77 की उम्र में हुआ निधन

जयपाल रेड्डी के निधन पर पीएम मोदी ने जताया शोक


पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के सीनियर नेता जयपाल रेड्डी का 77 साल की उम्र में निधन हो गया है.खबरों के मुताबिक जयपाल रेड्डी लम्बे समय से बीमार चल रहे थे.27  जुलाई की रात उनकी तबीयत  अचानक  ज्यादा खराब हो गई जिसके बाद उन्हें एआईजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इलाज के दौरान उनका निधन हो गया.

उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, दिल्ली के सीएम समेत कांग्रेस पार्टी ने शोक जताया. कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा, ‘पूर्व केंद्रीय मंत्री जयपाल रेड्डी के निधन की खबर सुनकर हम दुखी हैं. वो एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता थे, जिन्होंने 5 बार लोकसभा सांसद, 2 बार राज्यसभा सांसद और 4 बार विधायक के रूप में कार्य किया.’

जाने कांग्रेस नेता जयपाल रेड्डी से जुडी यह कुछ अहम बातें

आपको बता दे कि जयपाल रेड्डी यूपीए सरकार के दौरान केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री रह चुके हैं. जयपाल रेड्डी का जन्म 16 जनवरी 1942 को हैदराबाद के मदगुल में हुआ था. हालांकि, अब यह तेलंगाना राज्य के अंतर्गत आता है.साथ ही जयपाल रेड्डी ने 1998 में आईके गुजराल कैबिनेट में सूचना और प्रसारण के लिए केंद्रीय मंत्री के रूप में भी कार्य किया था.

इसके अलावा जयपाल रेड्डी 1969 से 1984 के बीच आंध्र प्रदेश के कलवाकुर्ती से चार बार विधायक रहे थे. वह कांग्रेस पार्टी के सदस्य थे लेकिन आपातकाल के दौरान उन्होंने पार्टी छोड़ दी और 1977 में जनता पार्टी में शामिल हो गए थे.

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#RIPSheilaDixit : अपने लम्बे कार्यकाल में बदल के रख दी दिल्ली की रूपरेखा 

फ्लाईओवर से लेकर मेट्रो निर्माण तक मे दिया शीला दीक्षित ने अपना योगदान


दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री  शीला दीक्षित का 81 साल की उम्र में निधन हो गया.आपको बता दे कि  वह लंबे समय से बीमार थीं. उनका एस्कॉर्ट हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था.  लेकिन दिल का दौरा पढ़ने से 3 बजकर 55 मिनट पर उनका निधन हो गया.वही आज अंतिम दर्शन के लिए उनका पार्थिव शरीर उनकी बहन के घर पर रखा गया है और 12 बजे आखिरी दर्शन के लिए कांग्रेस के मुख्यालय लेकर जाया जायेगा.

ऐसे किया लम्बे कार्यकाल में दिल्ली का पूर्ण विकास 

आपको बता दे कि शीला दीक्षित 3 दिसंबर 1998 को दिल्ली की मुख्या मंत्री चुनी गयी थी.इसी दौरान उनको कांग्रेस अध्यक्ष की कमान भी मिली थी.दिल्ली  एक ऐसा चहेरा था जब यहाँ सड़को पर सुबह से शाम तक गाड़ियों  से जाम लगा करता था. लेकिन 15  सालो तक लगातार मुख्यमंत्री बने रहने के साथ उन्होंने दिल्ली में विकास का कार्य किया और कई फ्लाइओवर भी तैयार किये. मेट्रो के  निर्माण से लेकर दिल्ली में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स तक सभी की कामयाबी का श्रेय शीला दीक्षित को ही दिया जाता है.
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आपको बता दे की शीला दीक्षित दिल्ली  की  पहली ऐसी मुख्यमंत्री रही है जो 15 साल तक लगातार मुख्य मंत्री  बनी .उनका जन्म 31  मार्च 1938  को पंजाब के कपूरथला में हुआ था.शीला दीक्षित 1984 में पहली बार कन्नौज से चुनाव लड़ा था और वह यूपी के कन्नौज संसदीय सीट से लोकसभा चुनाव जीत गई थीं.
इसके अलावा उन्हें कई अवार्ड्स से भी नवाज़ा गया जैसे – 2009 में  उन्हें  NDTV द्वारा बेस्ट चीफ मिनिस्टर का अवार्ड मिला , 2010  में इंडो- ईरान सोसाइटी द्वारा  दारा शिकोह के अवार्ड से सम्मानित किया गया और 2013 में जन सेवा के लिए भी अवार्ड से सम्मानित किया गया था.

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सुनंदा हत्याकांड की सुनवाई होगी 20 अगस्त को :  मौत के दस्तावेज किसी तीसरे से नहीं होंगे साझा

सुनंदा हत्याकांड की सुनवाई होगी 20 अगस्त को, केस मे आएगी तेज़ी


 दिल्ली की अदालत ने गुरुवार के दिन शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर के मर्डर में कांग्रेस नेता के खिलाफ संभावित आरोपों की दलील को 20 अगस्त को सुनने का एलान किया है। सुनंदा पुष्कर के मर्डर के बाद तरह-तरह से खुलासे सामने आ रहे हैं। इसी बीच शशि थरूर ने याचिका दायर कर अदालत से यह मांग की वे दिल्ली पुलिस और अभियोजन को यह निर्देश दे कि आरोप पत्र की गुप्त जानकारी किसी दूसरे या अनजान व्यक्ति से साझा न करें।

20 तारीख को सुनेगी दलील

कोर्ट ने इस याचिका को निपटाते हुए 20 अगस्त को आरोपों की दलील सुनने का एलान किया है। कोर्ट के विशेष न्यायधीश अरुण भारद्वाज ने आश्वासन देते हुए कहा कि क़ानून में पहले से कई ऐसे एक्ट हैं जिनके तहत दिल्ली पुलिस या अभियोजन इस केस से जुड़ी किसी भी गुप्त बातों को किसी तीसरे से नहीं शेयर कर सकती है क्योंकि, यह प्रावधान अभी तक पारित नहीं हुआ है कि पुलिस या अभियोजन किसी की खुफिया जानकारी को कोई अन्य को बता सके।

इसके अलावा अदालत ने यह भी कहा कि इस बात के लिए किसी नए आदेश को पारित करने की बिलकुल भी आवश्यकता नहीं है। क्योंकि, दिल्ली पुलिस या अभियोजन को किसी तीसरे सख्स से किसी भी जानकारी को साझा करने का बिलकुल भी अधिकार नहीं हैं। लेकिन अदालत ने यह भी कहा की अभियोजन को पूरी स्वतंत्रता है कि वह अपने बचाव के लिए किसी विशेषज्ञ की सलाह ले सकता है और दलील पेश करने के लिए सभी डाटा इकठ्ठा कर सकता है।

इतना ही नहीं अदालत ने यह भी कहा कि अभियोजन जिन विशेषज्ञ की सलाह लेता है उनके कागजात और रिकॉर्ड अपने साथ रखेगा साथ ही उसे पूरे मामले के भी रिकॉर्ड अपने पास ही रखने होंगे। अगर अदालत इन दस्तावेजों की मांग कर लेता है तो अभियोजन को इन्हें अदालत के समक्ष प्रस्तुत करना एक कर्तव्य है।

इस तरह से शशि थरूर की याचिका की सुनवाई करते हुए और उस पर फैसला सुनाते हुए अदालत ने पूरे मामले की दलील को सुनने के लिए 20 अगस्त की तारीख को सूचीबद्ध कर दिया है।

पूर्व केन्द्रीय मंत्री हैं रिहा

पूर्व केन्द्रीय मंत्री जेपी नड्डा को अदालत ने जमानत के तौर पर रिहा कर रखा है। जबकि, दिल्ली पुलिस ने उनके ऊपर धारा 498 ए और धारा 306 के तहत आरोप लगाया था। धरा 498 ए तक लगता है जब कोई पुरुष अपनी पत्नी या अन्य महिला के साथ अत्याचार करता है।

घर में चल रहा था काम

सुनंदा पुष्कर की मृत शरीर 17 जनवरी 2014 की रात होटल के एक कमरे पर पड़ी मिली थी। दरअसल, उन दिनों शशि थरूर के घर में मरम्मत का कार्य चालू था इसलिए वे अपने पत्नी सहित होटल पर ही थे।सुनंदा पुष्कर एक बड़ी और कामयाब बिजनेस वीमेन और शशि थरूर की पत्नी थीं।

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 कांग्रेस को लगा एक और झटका, नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने पद से दिया इस्तीफा

इस्तीफा  देने के पीछे नवजोत सिंह सिद्धू ने बताई यह बड़ी वजह


लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद मानो कांग्रेस सरकार पर काले बदल छा गए है जो छटने का नाम नहीं ले रहे. जी हाँ, हाल ही में उपाध्यक्ष राहुल गाँधी और महा सचिव ज्यातिरादित्य सिंधिया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया जिसके बाद सरकार में इस्तीफा देने की होड़ लग गई है.वही आज नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाब सरकार में मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है.जिसके बाद नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने इस्तीफा देने  की वजह मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह से चल रहे मतभेद को बताया है

10 जुलाई को ही सौप दिया था इस्तीफा 

आपको बता दे कि लोकसभा चुनाव में पंजाब में कांग्रेस सरकार को हार का सामना करना पड़ा. हारने का ज़िम्मा अमरिंदर सिंह ने सिद्धू पर फोड़ा था और केंद्रीय आलाकमान से उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी.फिर 6 जून को हुई कैबिनेट की पहली ही बैठक में मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने सिद्धू सहित कई मंत्रियों के विभाग बदल दिए थे.जिसके चलते उनके और सिद्धू के बीच मतभेद चल रहा था.

वही आज  नवजोत सिंह सिद्धू ने ट्विटर अपने इस्तीफे को सार्वजनिक करते हुए जानकारी दी कि उन्होंने 10 जुलाई को ही अपना इस्तीफा दे दिया था, लेकिन इसका खुलासा आज किया है.इसके अलावा सिद्धू ने अपने ट्वीट में कहा कि “कांग्रेस अध्यक्ष से मिला. उन्हें अपना पत्र सौंपा, हालात से अवगत कराया.” उन्होंने ट्वीट के साथ एक तस्वीर भी पोस्ट की थी, जिसमें वे राहुल गांधी, प्रियंका वाड्रा गांधी और अहमद पटेल के साथ खड़े दिखे.

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ये कहाँ  झाड़ू लगा रही है हेमा मालिनी, यहाँ देखिये वायरल वीडियो 

संसद के बाहर चलाया गया स्वच्छ भारत अभियान


देश को स्वच्छता की ओर जागरूक करने के लिए संसद के बाहर लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला की अगुवाई में सभी नेताओ  ने झाड़ू लगाया .जी हाँ, स्वच्छ भारत अभियान को चलाने  हेतु आज संसद के बाहर हेमा मालिनी झाड़ू लगाती हुई नज़र आई. जिसकी तस्वीर तेज़ी से  सोशल  मीडिया पर वायरल हो रही है. साथ ही हेमा मालिनी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला की तारीफ  करते हुए कहा  कि यह काफी सराहनीय है कि महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर संसद में ‘स्वच्छ भारत अभियान’ को पूरा करने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ने पहल की. मैं अगले सप्ताह मथुरा वापस जाऊंगी और वहां इस अभियान को आगे बढ़ाऊंगीं.’

हेमा मालिनी के साथ झाड़ू लगाते दिखे कई दिग्गज नेता  

आपको बता दे कि संसद में स्वच्छता अभियान सुबह 9 बजे शुरू हुआ. जिसमे स्पीकर ओम बिड़ला सहित भारतीय जनता पार्टी के कई दिग्गज मंत्रियों और सांसदों ने संसद के बाहर झाड़ू लगाया .साल 2014 में केंद्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की अगुवाई वाली सरकार बनते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता पर ख़ास ध्यान दिया था. उन्होंने इसके लिए देश में स्वच्छता अभियान को शुरू किया.

वही ओम बिड़ला को  19 जून को 17वीं लोकसभा के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया . उन्हें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने अपना उम्मीदवार बनाया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन में बजट सत्र के तीसरे दिन बिड़ला के समर्थन में प्रस्ताव पेश किया जिसके बाद उसे पारित कर दिया गया.

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#Ayodhya Case : मध्यस्थता से नहीं होगा काम , जाने क्या है वजह?

अयोध्या केस में हो सकती 25 जुलाई को सुनवाई


लम्बें समय से चल रहे अयोध्या – बाबरी मस्जिद विवाद पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई है. जिसमे याचिकाकर्ताओं का कहना है कि इस मसले पर अदालत ने मध्यस्थता का जो रास्ता निकाला था, वह अब काम नहीं कर रहा है. वही सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता पैनल से रिपोर्ट मांगी है.मध्यस्थता पैनल को यह रिपोर्ट 18 जुलाई तक कोर्ट को सौपनी होगी जिसे देखना के बाद कोर्ट यह फैसला लेगा कि इस मामले में रोजाना सुनवाई होनी चाहिए या नहीं?

25 जुलाई को होगी अगली सुनवाई

आपको बता दे कि मध्यस्थता पैनल से रिपोर्ट मांगने के बाद कोर्ट ने यह भी कहा है कि अगर मध्यस्थता कारगर नहीं साबित होती है तो ,इस केस अगली सुनावई 25 जुलाई को होगी जो रोजाना चलेगी.अयोध्या केस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, दीपक गुप्ता और अनिरुद्ध बोस की बेंच कर रही है. अदालत का कहना है कि अनुवाद में समय लग रहा था, इसी वजह से मध्यस्थता पैनल ने अधिक समय मांगा था. अब पैनल से रिपोर्ट मांगी गयी है. तब जाकर इस बात इस मामले पर जल्द फैसला लिया जायेगा

वही आज कि इस सुनवाई में वकील रंजीत कुमार ने कहा है कि अयोध्या और बाबरी मस्जिद का मामला 1950 से चल रहा है जो कि अभी तक सुलझ नहीं पाया है. मध्यस्थता से इस मामले पर फैसला नहीं हो पायेगा इसलिए अदालत को तुरंत फैसला सुना देना चाहिए. दूसरी और पक्षकार का कहना है कि जब ये मामला शुरू हुआ तब वह जवान थे, अब उम्र 80 के पार हो गई है. इस मामले का हल नहीं निकल रहा है लेकिन अदालत इस मामले पर अब जल्द फैसला ले.

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कांग्रेस पार्टी पर छाये संकट के बादल, 21 मंत्रियों ने दिया इस्तीफा

राजनीतिक संकट से गुजर रही कांग्रेस को एक और झटका


लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद राजनीति में कई नए बदलाव देखने को मिल रहे है. बीजेपी अपने पहले बजट को पेश कर अपने कार्य में जुट गयी है. कांग्रेस में आये दिन नेताओ की इस्तीफा देने की होड़ लग गयी है. लोकसभा चुनाव में मिली हार से कांग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष राहुल गाँधी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और उनके साथ ज्योतिरादित्य सिंध्या ने भी अपने महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया है.

कर्नाटका में कांग्रेस-JDS गठबंधन की सरकार चला रहे एच.डी. कुमारस्‍वामी के मंत्रिमंडल से कांग्रेस बाहर हो गई है. कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धारमैया ने कहा कि कांग्रेस के सभी 21 मंत्रियों ने इस्‍तीफा दे दिया है. इस बीच सीएम कुमारस्‍वामी ने कहा है कि ‘मसला सुलझ जाएगा. सरकार आराम से चलेगी.’

वही अब इसके अलावा निर्दलीय विधायक ने भी सरकार से समर्थन वापस लेकर भारतीय जनता पार्टी का समर्थन किया है. साथ ही कांग्रेस नेता और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने ट्वीट कर सभी विधायकों से अपील की है कि वह अपना इस्तीफा वापस ले लें. कांग्रेस मंत्रियों के साथ- साथ जेडीएस पार्टियों के मंत्रियों ने भी अपना इस्तीफा सौंप दिया है और कर्नाटक में जल्द ही नया मंत्रिमंडल बनाया जा सकता है

कर्नाटका में जितने भी मंत्रियों ने इस्तीफा दिया है और मुंबई चले गए है उन पर कांग्रेस पार्टी कड़े एक्शन लेंगी. अगर मंत्री पार्टी में वापस नहीं लौटते तो उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया जायेगा- कुमारस्वामी ने कहा

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