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क्या है हरियाली तीज? आइए जानते हैं इस पर्व की मुख्य बातें….

क्या है हरियाली तीज?


हरियाली तीज का त्योहार प्रत्येक वर्ष श्रावण मास में शुक्ल पक्ष तृतीया को मनाया जाता है। वैसे तो इस त्यौहार को पूरे भारत में ही बहुत उत्सव के साथ मनाया जाता है परंतु पूर्वी उत्तर प्रदेश में इस त्यौहार को लेकर बहुत मान्यताएं हैं। यह उत्सव महिलाओं द्वारा मनाया जाता है जब सावन की छटा छा जाती है उस समय चारों ओर हरियाली छा जाती है। तब महिलाएं मोर की तरह नाचती और डालो पर झूला डाल कर झूलती हैं। कुछ महिलाओं के लिए इस उत्सव पर व्रत की बहुत अत्यधिक मानता है। ऐसा कहा जाता है कि यह उत्सव शिव पार्वती के पुनर्मिलन का प्रतीक है। शिव और पार्वती में आस्था, उमंग, सौंदर्य और प्रेम को दर्शाने वाला यह उत्सव बड़े प्रेम भाव से महिलाओं द्वारा मनाया जाता है।

परंपरा

वैसे इसे कई नामों से जाना जाता है जैसे उत्तर प्रदेश में इसे कजली तीज के नाम से मनाते हैं और चारों तरफ हरियाली फैलाने की वजह से इसे हरियाली तीज भी कहते हैं। महिलाएं इस दिन सुंदर श्रृंगार करती हैं और मेहंदी लगाती हैं। हरे रंग की चूड़ियां धारण कर बुजुर्ग महिलाओं से आशीर्वाद भी लेते हैं। भारतीय संस्कृति में इस दिन औरतें हरे रंग की साड़ी या फिर लहरिया साड़ी भी धारण करती हैं। सदियों से इस त्यौहार को लेकर परंपरा चली आई है स्त्रियां सजती है, तैयार होती हैं घर में अलग-अलग प्रकार के पकवान बनाती हैं, और साथ ही झूले का भी आनंद लेती है।

उत्सव में सहभागिता

यह उत्सव महिलाओं द्वारा बड़े ही प्रेम भाव से मनाया जाता है। इस उत्सव को मनाने के लिए कुछ रस्मो का पालन भी किया जाता है। परंपराओं के अनुसार सांस अपनी बहू को तीज का सिंजारा देती है। सिंजारा में बहू के लिए साड़ी श्रृंगार का सामान खाने-पीने की वस्तुएं आदि भिजवाई जाती हैं। लड़की के मायके की तरफ से भी उसकी मां उसके लिए बहुत सारा सामान तीज के सितारे के रूप में भिजवाती हैं। यह त्योहार सुहागन स्त्रियों के लिए बहुत ही मुख्य त्योहार है परंतु यदि किसी लड़की का विवाह तय हो गया हो और उससे पहले यह त्यौहार आए तो उसमें भी होने वाली सास अपनी होने वाली बहू को सिंगारे के रूप में कपड़े गहने श्रृंगार फल और मिठाई भिजवाती है।

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हरियाली तीज के इस उत्सव में सभी सुहागन महिलाएं अपने सुहाग के लिए पूजा पाठ करती हैं और व्रत भी करती हैं। ऐसा माना जाता है कि जिस तरह से शिव पार्वती का पुनर्मिलन उनके बीच प्रेम का भाव लेकर आया था ठीक उसी तरह से सभी विवाहित जोड़ों के बीच यह त्योहार प्रेम का भाव लेकर आता है। स्त्रियां हरी साड़ी पहनती है हरा श्रृंगार करती हैं और हरी चूड़ियां भी पहनती हैं जो प्रेम का और शांति का प्रतीक माना जाता है।

पौराणिक महत्व

इस प्रेम भरे उत्सव के पीछे एक पौराणिक कहानी भी है। ऐसा माना जाता है कि सैकड़ों वर्ल्डस की साधना के बाद भी माता पार्वती भगवान शिव को प्राप्त नहीं कर पा रही थी। ऐसा भी कहा जाता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को प्राप्त करने हेतु लगभग 107 बार जन्म लिया था फिर भी माता पार्वती उन्हें पति रूप में प्राप्त नहीं कर पाई थी। जब उन्होंने पार्वती रूप में जन्म लिया तब सावन मास की शुक्ल पक्ष तृतीया को बड़े ही भक्ति भाव से व्रत पूजन वंदन किया जिसके बाद माता पार्वती को भगवान शिव पति रूप में प्राप्त हुए। इसलिए इस दिन को माता शिव और पार्वती जी का प्रेम भाव के साथ पूजन वंदन करने वाली सुहागन स्त्रियों के वैवाहिक जीवन में आने वाली सभी विप अदाएं दूर हो जाती हैं और वे सुख की प्राप्ति करती हैं। साथ ही कुंवारी कन्या है अपना मन वांछित वर पाने के लिए इस दिन व्रत करके भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं।

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भारत के इस छोटे शहर में पानी के भीतर चलेगी ट्रेन, रेलवे की ख़ास परियोजना

भारत के किस शहर मे चलेंगी पानी के अंदर ट्रैन ?


कई देशों के मुकाबले तकनीकी रूप से भारत अभी भी बहुत पीछे है और भारत में तकनीकी विकास को बढ़ाने के लिए अब कोलकाता रेलवे कोलकाता के हुगली नदी में अंडरवाटर मेट्रो की परियोजना शुरू करने वाली है। जी हाँ, आप भी पानी के भीतर चलने वाली ख़ास मेट्रो ट्रेन का अभूत अनुभव उठा सकेंगे। चलिए इसके बारे में थोड़ा ज्यादा जानते हैं।

इतनी तेजी से चलेगी मेट्रो

मेट्रो का विकास शुरू कर दिया गया है। इसके लिए मेट्रो रेल लाइन का निर्माण कार्य पूर्ण रूप से संपन्न हो गया है। यह मेट्रो पानी के भीतर बनाए गए एक पारदर्शी टनल के अंदर चलेगी। पानी के भीतर चलने वाली इस मेट्रो की गति 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहेगी। कुछ ही दिनों में उठा सकेंगे लुफ्त पता चला है कि कमिश्नर रेलवे सेफ्टी ने इस टनल और ट्रेन की जांच पूरी कर ली है और उसे सुरक्षित भी बताया है। इस ट्रैक की दूरी लगभग ५ किलोमीटर की ही है। जल्द ही यहाँ पर ट्रेन दौड़ने की मंजूरी मिलेगी और आम जनता भी इस ट्रेन में सफ़र कर अंडरवाटर ट्रेन का लुफ्त आसानी से उठा सकेंगे। इस सफ़र में कोई भी खतरा नहीं होगा क्योंकि, इसका निर्माण अच्छे इंजीनियर की निगरानी में किया जा रहा है जो पूरी तरह से सुरक्षित होगा।

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कोलकाता में दौड़ेगी यह ट्रेन

यह ट्रेन भारत में अंडरवाटर चलने वाली पहली ट्रेन है। यह ट्रेन कोलकाता में पानी के नीचे बनाए गए टनल ट्रैक के ऊपर चलेगी।
विश्व की सर्वोत्तम तकनीक वाली होगी यह ट्रेन रेलमंत्री पियूष गोयल के बयान के अनुसार भारत में यह ट्रेन ऐसी पहली ट्रेन है जो पानी के भीतर दौड़ेगी जिसका निर्माण कोलकाता मेट्रो ने कराया है। यह ट्रेन पानी के भीतर 5 किलोमीटर की सफ़र तय करने के बाद आम मेट्रो ट्रैक पर दौड़ना शुरू करेगी। पियूष बताते हैं कि ट्रैक और टनल का निर्माण करने के लिए विश्क की सर्वोत्तम तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है। इस बात से यह सुनिश्चित हो जाता है कि इस टनल के भीतर रेल की सवारी करने से किसी भी तरह का खतरा नहीं है। क्योंकि, इसका निर्माण सर्वोत्तम तकनीक का प्रयोग कर बड़ी कड़ी निगरानी के साथ किया गया है।

2021 तक शुरू कर दिया जाएगा

इस ट्रेन को दौडाने की परियोजना का कार्य 2009 से ही कार्यरत है। रेलवे कर्मचारी के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा यह कहा जा रहा है कि 2021 तक यहाँ पर ट्रेन चलने लगेगी और आम जनता उसमे सफर कर सकेगी। इस ट्रैक से नियमित रूप से लगभग 10 लाख जनता रोज सफर करेगी।

हुगली नदी के नीचे चलेगी ट्रेन

ट्रैक का निर्माण कोलकाता के हुगली नदी पर किया गया है जिसे तैयार करने में कुल 5000 करोड़ की लागत लगी है। कोलकाता भी विश्व के उन देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है जहां अंडरवाटर ट्रेन चलती है।लंदन, न्यूयार्क, सैन फ्रांसिस्को, सिंगापुर और हांगकांग जैसे विश्व के कई बड़े शहर अंडरवाटर ट्रैक के लिए प्रसिद्ध हैं।

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#InternationalTigerDay: कब हुई थी टाइगर डे की शुरुआत ? यहाँ जाने विस्तार से

पीएम मोदी ने बाघों की संख्या पर की रिपोर्ट जारी


देश में आज बाघों की घटती संख्या और इसके संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने  के लिए हर साल 29 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय टाइगर डे मनाया जाता है. बाघ की आबादी हर साल विश्व में तेज़ी से बढ़ रही है.जिसको लेकर एक सर्वे भी किया जा चुका है. पहला सर्वे 2006  में किया गया था, दूसरा सर्वे 2010  में किया गया था और तीसरा सर्वे 2014 मे किया गया था.  

यहाँ जाने कब हुई थी टाइगर डे की शुरुआत 

आपको बता दे कि  देश में  बाघों  की संख्या कम  होने पर लोगो को  जागरूक करने के लिए  2010 में रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित एक शिखर सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस मनाने की घोषणा हुई थी.इस सम्मेलन में मौजूद कई देशों की सरकारों ने 2020 तक बाघों की आबादी को दोगुना करने का लक्ष्य तय किया था. इसलिए हर साल 29  जुलाई को अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस  मनाया जाता है. 

पीएम ने बाघों कि संख्या पर की रिपोर्ट जारी  

अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर पीएम मोदी ने ऑल इंडिया टाइगर एस्टीमेशन 2018 की रिपोर्ट जारी की है. जिसमे यह बताया गया है कि देश में बाघों की संख्या 2967 पहुंच गई हैं 2014 के मुकाबले इनकी संख्या में 741 की बढ़ोत्तरी हुई है. इस पर पीएम मोदी ने ट्वीट कर के  कहा –  मैं इस क्षेत्र से जुड़े लोगों से यही कहूंगा कि जो कहानी ‘एक था टाइगर’ के साथ शुरू होकर ‘टाइगर जिंदा है’ तक पहुंची है, वो वहीं न रुके. केवल टाइगर जिंदा है, से काम नहीं चलेगा.  Tiger Conservation से जुड़े जो प्रयास हैं उनका और विस्तार होना चाहिए, उनकी गति और तेज की जानी चाहिए

दुनिया मे अब तक बाघों  की संख्या 3  हजार से ज्यादा है. वही 20वीं सदी की शुरुआत के बाद से अंतरराष्ट्रीय स्तर  तक 95 फीसद से अधिक बाघ की आबादी कम हो गई है. बाघों कि आबादी कम होने की सबसे बड़ी  वजह  हैं पेड़ो  का काटना  और जलवायु परिवर्तन. वही भारत दुनिया का ऐसा आदर्श  देश बन चुका है जिसने पिछले कुछ सालों में अन्य देशों की तुलना में बाघ संरक्षण पर काफी मेहनत की है. 

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चाँद की यह बेहद खूबसूरत तस्वीरें देख कर आप रह जायेंगे दंग

चंद्रयान जल्द बदलेगा तीसरी बार अपना कक्षा


 भारत का दूसरा सबसे बड़ा मिशन यानी की चंद्रयान मिशन  अब पूरा हो चुका है. 22 जुलाई को दोपहर 2  बजकर 56  मिनट पर चंद्रयान- 2  को लांच  किया गया था जिसे इसरो की सबसे बड़ी सफलता मानी गयी थी. वही अब चंद्रयान -2  सफलतापूर्वक चंद्रमा के करीब पहुँच गया है.जिसकी तस्वीरें अब तेज़ी से सोशल मीडिया पर वायरल हो  रही है.

आपको बता दे की चंद्रयान 2 ने  रात एक बजकर आठ मिनट पर दूसरी बार उपग्रह की कक्षा को बदलते हुए उसे पृथ्वी की अगली कक्षा में प्रवेश कराया है .
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन  ने बताया कि कक्षा बदलने की यह प्रक्रिया लगभग 15 मिनट तक चली.

चंद्रयान जल्द बदलेगा तीसरी बार अपना कक्षा 


चंद्रयान-2 अब पृथ्वी की कक्षा में 251 गुणा 54,823 किलोमीटर की ऊंचाई पर पहुंच गया है. इस कक्षा में उपग्रह 29 जुलाई तक परिक्रमा करेगा.29 जुलाई को ही दिन में 3 बजे चंद्रयान-2 की कक्षा को तीसरी बार बदला जाएगा और उसे प्रणोदन प्रणाली से पृथ्वी की अगली कक्षा में प्रवेश कराया जाएगा. इसके  अलावा चंद्रयान -2  चाँद पर पता लगाएगा कि वहां का  मौसम और रेडिएशन कैसा है ? कब-कब रोशनी होती है और कब-कब अंधेरा छाया रहता है .

 भारत बनेगा  चाँद  पर लेंडिंग करने वाला चौथा देश

भारत के चंद्रयान -2  मिशन पर दुनिया भर की नज़र है. चाँद पर अभी तक तीन देश रूस, अमेरिका और चीन ही उतर पाए है. वही भारत चाँद पर उतरने   वाला चौथा देश बन जायेगा. भारत के इस मिशन पर अमेरिका की ख़ास नज़र है क्योंकि अमेरिका 2024  तक  चाँद के साउथ पोल  पर अपना मानव मिशन भेजने वाला है, इसलिए उसे चंद्रयान-2 से मिलने वाली सभी जानकारियों का बेसब्री से इंतजार है, ताकि वो अपने मिशन में उस हिसाब से बदलाव कर सके.

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पीएम की आलोचना करने पर कंगना समेत इन 69 नामी हस्तियों ने दिया मोदी का साथ

पीएम की आलोचना पर समर्थन मे आगे आये ये स्टार्स


कुछ दिनों पहले 49 बॉलीवुड दिग्गजों ने पीएम मोदी को एक पत्र लिखा था जिसमें सरकार की आलोचना की गई थी।इन लोगों ने देश में हो रहे मॉबलिंचिंग और धर्म के बीच हो रही हिंसा को लेकर प्रधानमंत्री को खत लिखा और आलोचना की।पत्र के माध्यम से इन्होंने दलितों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ रही मारपीट की घटनाओं का जिक्र भी किया और इस पर चिंता जाहिर की।पत्र में लिखा गया कि “सरकार इन सभी घटनाओं पर ठोस कदम नहीं ले रही है जिससे सभी शांतिप्रिय लोगों को चिंता बनी रहती है”।  अब इन 49 पत्रों के जवाब में 69दिग्गजों ने प्रधानमंत्री मोदी को एक पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने मोदी जी के साथ खड़े रहने की बात की।

कंगना रनौत,प्रसून जोशी, और मधुर भंडारकर जैसे बड़े दिग्गजों ने पत्र लिखकर पीएम मोदी का समर्थन किया।अपने पत्र के माध्यम से उन्होंने बताया कि,गलत तथ्यों को प्रयोग में लाकर सभी को भड़काया जा रहा है और सरकार की छवि भी बदनाम की जा रही है।
तीन तलाक का हुआ जिक्रपत्र में लिखा गया कि, “तीन तलाक महिलाओं के लिए हक का सवाल है जिस पर कभी किसी ने बात नहीं की और ना ही इस मुद्दे को गंभीरता से लिया गया।जब किसी के हक का सवाल आता है तो सभी खामोश हो जाते हैं लेकिन सरकार की आलोचना किसी भी हद तक कर देते हैं।प्रधानमंत्री मोदी नेअपने मंत्र में  सबका साथ, सबका विकास के अलावा सबका विश्वास भी शामिल किया है”।

अन्य बातों के बजाय लिंचिंग की निंदा करें

इन 69 जानी-मानी हस्तियों का कहना है कि,भीड़ की हिंसा भारत में एक बड़ी समस्या बनती जा रही है और प्रधानमंत्री मोदी इसकी कई बार आलोचना कर चुके हैं। इसके अलावा राज्य सरकार भी भीड़ हिंसा पर ठोस कदम ले रही है। सभी लोगों से यह गुजारिश है कि अन्य बातों पर वह अपना गुस्सा ना दिखाएं तथा मॉबलिंचिंगऔर धार्मिक घृणाजैसी बातों की निंदाकरें। आगे से इस तरह की घटनाएं ना हो इसके लिए सभी देशवासियों को साथ मिलकर जागरूकता फैलाना चाहिए।

इन नामी हस्तियों ने दियाप्रधानमंत्री मोदी का साथ

जब 49 लोगों ने पत्र के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी से देश में हो रही गलत घटनाओं का जवाब मांगा, तो उसके जवाब में 69 लोगों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर उनका साथ दिया।कंगना रनौत के समेत सोनलमानसिंह,प्रसून जोशी, मधुर भंडारकर,पंडित विश्व मोहन भट्ट और विवेक अग्निहोत्री जैसे बड़ी हस्तियों ने मोदी जी का साथ दिया।मधुर भंडारकर ने देश में वैकल्पिक राजनीति चलने का दावा किया और कहा कि“जब जय श्री राम बोलने पर जेल भेज दिया जाता है और दिल्ली में मंदिरों को तोड़ा जाता है तब लोग कुछ नहीं बोलते”।
प्रसून जोशी का कहना है कि “कुछ लोग जानबूझकर झूठी कहानियां बना रहे हैं और यह दिखाने की कोशिश कर रहे कि देश में सब कुछ गलत चल रहा है”।
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#KargilDiwas: भारत के वीर सपूतों को हमारा सलाम !

जाने 20 साल पहले कैसे भारत ने दी थी पाकिस्तान को सरहद पर शिकस्त?


आज का दिन कोई भी भूल नहीं सकता जब भारत के वीर सपूतो ने दुश्मनो को सरहद पर शिकस्त दी थी .जी हाँ, आज से ठीक 20 साल पहले सरहद पर भारत ने पाकिस्तान के ना पाक इरादों को नाकाम किया था और घुसपैठियों को करगिल की पहाड़ियों से वापस खदेड़ दिया था. आज का दिन कारगिल दिवस के नाम से मनाया जाता है जब भारत के जवानों ने पाकिस्तान पर फतह हासिल की थी.

20 साल पहले सरहद पर भारत के वीर सपूतो की जीत

आपको बता दे की 20 साल पहले 26 जुलाई, 1999 को भारत और पाकिस्तान के बीच में करगिल युद्ध हुआ था. इस युद्ध की शुरुआत हुई थी 8 मई 1999 से जब पाकिस्तानी फौजियों और कश्मीरी आतंकियों को कारगिल की चोटी पर देखा गया था. पाक सेना ने तक़रीबन अपने 5 हज़ार जवानों को कारगिल पर चढ़ाई करने के लिए भेजा था.

जब भारत को इस बात की खबर हुई तो उन्होंने अपने 30 हजार सेना को युद्ध के लिए तैयार किया और सरहद पर भेजा.भारतीय सेना और वायुसेना ने पाकिस्तान के कब्ज़े वाली जगहों पर हमला किया और धीरे-धीरे अंतर्राष्ट्रीय सहयोग से पाकिस्तान को सीमा पार वापिस जाने को मजबूर किया. इस युद्ध में पाकिस्तान ने अपने 2700 जवान खोये थे और भारत ने 527 जवान खोये थे.लेकिन 18 हजार फीट की ऊँचाई पर कारगिल में लड़ी गयी इस जंग में भारत ने पाकिस्तान पर फ़तेह हासिल की थी.जिसे आज भारत की बहुत बड़ी जीत के तौर पर मनाया जाता है.

वही आज कारगिल दिवस के ख़ास मौके पर पीएम मोदी ने अपने ट्विटर अकाउंट से ट्वीट कर भारत के वीर सपूतो का नमन किया और लिखा- कारगिल विजय दिवस पर मां भारती के सभी वीर सपूतों का मैं हृदय से वंदन करता हूं. यह दिवस हमें अपने सैनिकों के साहस, शौर्य और समर्पण की याद दिलाता है। इस अवसर पर उन पराक्रमी योद्धाओं को मेरी विनम्र श्रद्धांजलि, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। जय हिंद!

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भारतवंशी प्रीति पटेल बनी ब्रिटेन की गृहमंत्री बनीं , यह देखे exclusive pictures

यहाँ जाने प्रीति पटेल से जुड़ी कुछ ख़ास बातें


गीता गोपीनाथ के बाद भारत की और एक बेटी ने विदेश में भारत का नाम रोशन किया है.जी हाँ, भारतीय मूल की बेटी प्रीति पटेल को ब्रिटेन का ग्रह मंत्री नियुक्त किया गया है.उनके साथ ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री  बोरिस जॉनसन ने अपनी कैबिनेट मीटिंग में पाकिस्तानी  मूल के साजिद जावीद को वित्तमंत्री नियुक्त किया है.

आपको बता दे कि प्रीति पटेल भारत  की पहली ऐसी महिला है जिनको ब्रिटेन का गृहमंत्री बनाया गया है. उनका ग्रहमंत्री पद पर नियुक्त होना भारत के लिए गर्व की बात है. प्रीति ने ब्रिटेन का ग्रहमंत्री नियुक्त होने के  बाद अपने ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया कर ख़ुशी भी ज़ाहिर की और लिखा – ‘ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन द्वारा गृहमंत्री नियुक्त किए जाने पर बहुत सम्मानित महसूस कर रही हूं. अब ब्रिटेन के गृह विभाग कार्यालय के साथ काम करने का बेसब्री से इंतजार कर रही हूं, ताकि नेशनल सिक्युरिटी, पब्लिक सेफ्टी और सीमाओं को सुरक्षित करने के मामले में अपने देश को यूरोपीय संघ से अलग करने के लिए तैयार कर सकूं.’

यहाँ जाने कौन है प्रीति पटेल और उनसे जुड़ी कुछ  ख़ास बातें:

प्रीति पैटल का जन्म लंदन में हुआ लेकिन है वो गुजराती मूल की. वह हमेशा से ब्रिटेन की संसद में भारतीय की आवाज को उठाती रही हैं.प्रीति पहली बार 2010 में एसेक्स में विथम के लिए कंजर्वेटिव सांसद के रूप में चुनी गयी थी और उसके बाद उन्हें 2014 में जूनियर मिनिस्टरियल पोस्ट दी गयी थी. 2015 में उन्हें रोजगार मंत्री की कमान सौंपी गयी.

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फिर उसके बाद उन्हें अंतरराष्ट्रीय विकास मंत्री के तौर पर भी नियुक्त किया गया.लेकिन पीएम टेरीजा से मतभेद के उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था.क्योंकि उन पर यह आरोप लगाए गए थे कि इन गुप्त बैठकों को लेकर उन्होंने राजनयिक प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया है.

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दिल्ली: साइबर सुरक्षा के लिए अध्यापकों को दी जाएगी ट्रेनिगं

सुरक्षा बहुत बड़ी आवश्यकता है। फिर चाहे, सुरक्षा शरीर की करनी पड़े या कंप्यूटर या इम्पोर्टेन्ट ऑनलाइन डाटा की। इसी सिलसिले में दिल्ली में एक नई पहल शुरू होने जा रही है और वो है शिक्षकों को साइबर सुरक्षा के कई पहलू से अवगत कराना।राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की नई पहल साइबर क्राइम की जानकारी को शिक्षकों को अवगत  करना है।एससीईआरटी द्वारा दिल्ली के अध्यापकों की साइबर सुरक्षा देने की पहल अब चालू हो चुकी है। सूत्रों की माने तो दिल्ली में 3847 टीचर्स और प्रिंसिपल को ट्रेनिंग सफलतापूर्वक दी जा चुकी है और इन्हें ट्रेनिंग का सर्टिफिकेट भी दिया जा चुका है।

इन शिक्षकों को मिलेगी ट्रेनिंग

“दिल्ली में ऑनलाइन कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम एससीईआरटीद्वारा पीआरटी (प्राइमरी) अध्यापक और एनडीएमसी, दिल्ली कैंटेनमेंट बोर्ड, ईडीएमसी, एसडीएमसी और एनडीएमसी के अध्यापकों जैसे शिक्षा निर्देशालय के अंतर्गत आने वाले सभी अध्यापकों को साइबर सुरक्षा के लिए अलग-अलग तरीकों से ट्रेनिंग दी जाएगी है।”

1 अगस्त से शुरू होना नामांकन

एससीईआरटी के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा यह सूचित किया गया है कि दिल्ली में कुल 2,530 अध्यापक और एनडीएमसी, डीसीबी और एमसीडी के तकरीबन 18 हजार शिक्षकों को साइबर क्राइम की ट्रेनिंग दी जाएगी और इसे ग्रहण करना हर अध्यापक का कर्तव्य है। इस ट्रेनिंग के लिए टीचर्स को नामांकन करना होगा। नामांकन की तारीख एक अगस्त राखी गई है जो 6 अगस्त तक जारी रहेगा।

6 अगस्त से जरूर करवाना पड़ेगा नामांकन

एससीईआरटीके वरिष्ठ अधिकारी का यह कहना है कि इसका नामांकन हर अध्यापकों को कराना अत्यंत आवश्यक है। इसलिए वे हर हालत में 6 अगस्त से पहले-पहले अपना नामांकन करा लें। इतना ही नहीं अगर वे नामांकन करा पाने और ट्रेनिंग के लिए जाने में किसी कारणवश असमर्थ हैं तो वे ऑफिसियल मेल ‘एससीईआरटी ओसीबीपी एट द रेट जी मेल डॉट कॉम’ पर कारण बताते हुए एक मेल कर सकते है। लेकिन, अगर अध्यापक स्वस्थ हैं या कोई विशेष परेशानी में नहीं हैं तो उन्हें प्रशिक्षण में पहुंचना बहुत जरूरी है।

8 अगस्त से शुरू होगी ट्रेनिंग

एससीईआरटी का कहना है कि सभी अध्यापक को नामांकन कराने के बाद 8 अगस्त से ट्रेनिंग पूरी सहूलियत के साथ दी जाएगी। ट्रेनिंग के दौरान शिक्षकों को साइबर सुरक्षा के कई पहलू के बारे में जानकारी दी जाएगी। यह ट्रेनिंग 8 अगस्त से 17 अगस्त तक चलेगी। इन दिनों के बीच सभी अध्यापकों को ट्रेनिंग पूरी करनी पड़ेगी।

क्या होती है साइबर सुरक्षा?

साइबर सुरक्षा इन्टरनेट और सिस्टम को सुरक्षा प्रदान करने से जुडी हुई है। इसमें विशेष प्राकार की तकनीक का इस्तेमाल कर सभी ऑनलाइन या कंप्यूटर में सेव किए गए ऑफलाइन डाटा को एक विशेष तकनीक की मदद से सुरक्षित रखा जाता है।

इस विषय को लेकर कई साइबर सुरक्षा कम्पनी कई तरह के एंटी-वायरस का निर्माण करती हैं जो सिस्टम को फिशिंग (Phishing), रेनसमवेएर(Ransomware), मालवेएर (Malware), और सोशल इंजीनियरिंग (Social engineering) आदि कई हैकिंग (Hacking) तकनीक से बचाते हैं। ये सभी हैकिंग तकनीक किसी भी कंप्यूटर से डाटा (Data) चुरा पाने में सक्षम होते हैं।

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चंद्रयान-2 का काउंटडाउन हुआ शुरू, रिहर्सल हुआ  पूरा 

आज 2:43 बजे होगी चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग


बीती 15 जुलाई को इसरो द्वारा चंद्रयान-2 के लॉन्च को रोक दिया गया था। लॉन्च से कुछ देर पहले ही क्रायोजेनिक इंजन में खामी के चलते चन्द्रायण-2 के लॉन्च को रोक दिया गया था। इसरो वैज्ञानिकों द्वारा अब चंद्रयान-2 में मौजूद सभी खामियों को ठीक कर लिया गया है जिसके बाद आज 22 जुलाई के दिन लॉन्च होना निर्धारित है। खामी के चलते जब 15 जुलाई को चंद्रयान लॉन्च रोक देने के बाद कुछ समय पश्चात उसके अगले लांच की तारीख व समय तय कर लिया गया था।

इसरो वैज्ञानिकों द्वारा चंद्रयान-2 में मौजूद सभी खामियों को ठीक कर दिया गया है। उनका कहना है कि हम लॉन्च करने से पहले ही सभी खामियों को पूरी तरह से जांच लेते हैं उसके बाद ही लॉन्च करते हैं। 15 जुलाई को इंजन से हुए रिसाव को लेकर उन्होंने सभी जांच पड़ताल करने के बाद उन सभी खामियों को ठीक कर लिया है जिसके बाद उस चंद्रायण की पूरी तरह से रिहर्सल भी कराई गई है।

Chandrayaan-2 की रिहर्सल हुई पूरी

इसरो के पूर्व चीफ एएस किरण कुमार का कहना है कि जब हम किसी अभियान पर काम कर रहे होते हैं तो उसकी जांच हम कई स्तरों पर करते हैं जिसके बाद ही उस अभियान का लांच किया जाता है। वैसे तो चंद्रयान-2 की भी पूरी जांच की गई थी परंतु उसमें खामी निकलने के बाद हमने उसकी पूरी तरह से दोबारा जांच पड़ताल कई स्तरों पर की है। अब सभी खामियों को दूर करने के बाद आज 22 जुलाई के दिन दोपहर 2:43 पर चंद्रायण-2 का लॉन्च कर दिया जाएगा।

लॉन्च की तैयारियां जोरों शोरों पर है और लगभग पूरी कर ली गई है। पूर्व चीफ किरण कुमार ने यह भी बताया कि 22 जुलाई को लॉन्च हो जाएगा जिसके बाद 14 अगस्त से चंद्रमा की यात्रा शुरू कर दी जाएगी। इन सभी तैयारियों के साथ मून पर लैंडिंग की भी तारीख तय कर ली गई है जो कि 6 सितंबर है। उनके अनुसार लॉन्च से जुड़ी सभी एक्टिविटीज बहुत जबरदस्त चल रही हैं। उन्होंने बताया कि चन्द्रायण-2 की ओर ले जाने वाले जीएसएलवी मार्क III-एम 1 की रिहर्सल पूरी कर ली गई है। आज इसे आश्वस्त होकर लॉन्च की और आगे बढ़ाया जा सकता है।

वे लोग जो इस लॉन्च को लेकर बेहद उत्साहित है लेकिन 15 जुलाई के दिन उन्हें इस लांच को लेकर निराशा हाथ लगी थी। परंतु आज इसरो विशेषज्ञों के अनुसार इसकी सभी रियासतों को पूरा करने के बाद अमूमन इसका लॉन्च सफलतापूर्वक संपूर्ण हो ही जाएगा। देखना दिलचस्प होगा कि चंद्रयान 2 का लांच कितना जबरदस्त होने वाला है। इसरो वैज्ञानिकों  की कड़ी मेहनत आज दोपहर 2:43 पर सफल होने वाली है।

15 जुलाई को लॉन्च रुक जाने की वजह से भारत सरकार को 1000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ परंतु इससे भी कहीं बड़ा नुकसान होने से बच गया था। परंतु आज इस लॉन्च के बाद उस सभी नुकसान की भरपाई हो जाएगी।  सही मायने में देखा जाए तो आज काउंटडाउन शुरू हो चुका है और जल्द ही चन्दर्यायन-2 चंद्रमा की यात्रा पर निकल जाएगा।

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10th Jagran Film Festival : रोहित शेट्टी ने वीरू देवगन को श्रद्धांजलि देते हुए कही यह बड़ी बात

अवेंजर्स जैसी फिल्म बनाने के लिए भारत के पास नहीं है बजट


10th जागरण फिल्म फेस्टिवल जो दिल्ली के सिरी फोर्ट ऑडिटोरियम में आयोजित किया जा रहा है. यह फिल्म फेस्टिवल दिल्ली से चलकर कई राज्यों में आयोजित किया जा रहा है.इस फिल्म फेस्टिवल में 400 से भी ज्यादा फिल्मो की स्क्रीनिंग दिखाई जा रही है. इसके अलावा इस फिल्म फेस्टिवल में कई अभिनेता और बड़े डायरेक्टर्स शामिल हो रहे है .इस दौरान उन्होंने इस क्षेत्र में अपने अनुभव को भी शेयर किया.

बात जब एक्शन फिल्म की हो तो रोहित शेट्टी का ज़िक्र जरूर होता है.रोहित शेट्टी ने बॉलीवुड में कई एक्शन फिल्म डायरेक्ट की है. उनसे जब फिल्म फेस्टिवल में एक्शन फिल्म के तकनीक को लेकर पूछा गया तो उन्होंने बताया कि पहले एक्शन फिल्म्स करने में काफी रिस्क था क्योंकि उस दौर में न तो बेहतर तकनीक थी और न ही संसाधन लेकिन अब टेक्नोलॉजी के चलते यह सब आसान हो गया है.

वीरू देवगन को मानते थे अपने पिता सामान

वही जागरण फिल्म फेस्टिवल में रोहित शेट्टी ने वीरू देवगन को श्रद्धांजलि अर्पित की और बताया कि कैसे उन्होंने एक्शन फिल्मों की एबीसीडी उन्होंने वीरु देवगन से ही सीखी थी.उनके पिता वीरु देवगन के दोस्त थे. ‘वीरू देवगन और उनके पिता एक ही क्षेत्र में काम करते थे. रोहित 16 वर्ष की उम्र में वीरू देवगन के साथ काम करने लगे थे. वीरू देवगन उनसे अपने बेटे की तरह बर्ताव करते थे और रोहित हमेशा से एक्शन डायरेक्टकर बनना चाहते थे लेकिन एक्सीकडेंटली निर्देशक बन गए’.

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अवेंजर्स जैसी फिल्म के लिए भारत के पास नहीं है बजट

रोहित शेट्टी से जब पूछा गया कि वो इतनी बड़ी एक्शन्स फिल्म बनाते है तो अवेंजर्स जैसी फिल्म बनाने के बारे में क्यों नहीं सोचते ? रोहित शेट्टी ने बड़ी ही सहजशीलता से कहा की हम अवेंजर्स जैसी फिल्म बनाने के बारे में सोचते है लेकिन वैसी फिल्म बनाने के लिए भारत के पास अभी बजट नहीं है.

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