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जाने कैसे कोरोना की तीसरी लहर से बच्चों को बचाने में मददगार है तुलसी का काढ़ा

तुलसी का काढ़ा कैसे फायदेमंद है कोरोना की 
तीसरी लहर के लिए


पिछले साल से फैला कोरोना वायरस आज भी रुकने का नाम नहीं ले रहा है। कोरोना वायरस की दूसरी लहर की तबाही के बाद अब सभी लोगों को कोरोना वायरस की तीसरी लहर का डर सताने लगा है। अगर हम विशेषज्ञो की माने तो उनके अनुसार कोरोना की तीसरी लहर बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है इसलिए कोरोना की तीसरी लहर से अपने बच्चों को
बचाने के लिए अभी से माता पिता कोशिशों पर लगे हुए है। विशेषज्ञों ने जब से कोरोना की तीसरी लहर की
भविष्यवाणी की है जब से ही लोगों में डर और ज्यादा बढ़ गया है। जबकि अभी तक इस बात का कोई पुख्ता सबूत सामने नहीं आया है कि कोरोना की तीसरी लहर आएगी या नहीं। लेकिन विशेषज्ञों की भविष्यवाणी के अनुसार तीसरी लहर का शिकार बच्चें हो सकते है। इसलिए बच्चों को हिफाजत में रखना बेहद जरूरी है। बच्चों को इस बीमारी से बचाने के लिए उनकी इम्यूनिटी को स्ट्रॉन्ग करना बेहद जरूरी है। ताकि वो आसानी से इस बीमारी का सामना कर सकें। बच्चों की इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए बच्चों को तुलसी का काढ़ा पीलाएं। तो चलिए जानते है कोरोना की तीसरी लहर से बच्चों को बचाने में तुलसी का काढ़ा कैसे मददगार है।

जाने तुलसी के फायदों के बारे में

ये बात तो हम सभी लोग जानते है कि तुलसी अपने
औषधीय गुणों के लिए जानी जाती है। औषधीय गुणों से भरपूर तुलसी में विटामिन और खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। आपको बता दे कि तुलसी ना सिर्फ इम्यूनिटी को बूस्ट
करती है बल्कि साथ ही साथ कई बीमारियों का उपचार भी करती है। तुलसी के पत्तों का सेवन करके आप बुखार,पेट दर्द,
मलेरिया, दिल से जुड़ी बीमारियों और बैक्टीरियल से बच सकते है। इतना ही नहीं अगर आपको  सर्दी खांसी या फिर सिर
दर्द होता है तो भी आप तुलसी के सेवन से इनसे निजात पा सकते है। आप चाहे तो तुलसी का काढ़ा पीला कर अपने बच्चों की इम्यूनिटी को बूस्ट कर सकते है। साथ ही साथ आपको बता दे कि तुलसी की पत्तियों में
रोग प्रतिरोधक क्षमता होती है। अगर कोई व्यक्ति इसका रोज सेवन करें तो उससे इसके कई सकारात्मक फायदे मिलेंगे।

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जाने कैसे बनाए तुलसी का काढ़ा

1. काली मिर्च

2. शहद

3. तुलसी की चार पत्तियां

4. अदरक के टुक्ड़े

आपको एक कटोरी में काली मिर्च, तुलसी की पत्तियों
और अदरक को एक साथ पीस लेना होगा। उसके बाद आपको एक कप पानी को उबालना होगा। और उसमे पीसी हुई काली मिर्च, तुलसी की पत्तियों और अदरक को डाल कर उबालना होगा। और उसके बाद शहद मिलाकर थोड़ा ठंडा होने के बाद अपने बच्चों को पिलाना होगा।

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जाने योग कोरोना के माइल्ड इंफेक्शन को दूर करने में कैसे है बेहद फायदेमंद

कोरोना के माइल्ड इंफेक्शन को दूर करने के लिए ये 3 योगासन है बेहद फायदेमंद


हर साल हमारे देश में 21 जून को अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर हर कोई सुबह उठकर योग करता है। योग को और उसके महत्व को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए साल 2015 में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत की गई थी। इस साल सातवां अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। आज के समय में हम में से ज्यादातर लोगों की जिंदगी में योग एक अहम हिस्सा बन चुका है। जैसा की हम सभी लोग जानते है कि आज के समय में हमारा लाइफस्टाइल काफी ज्यादा भागदौड़ भरा हो गया है। इस भागदौड़ भरी जिंदगी में हमे खुद को स्वस्थ बनाए रखने के लिए हम सभी लोगों को योग की आवश्कता पड़ती है। अभी चल रहे कोरोना काल में तो योग का महत्व पहले से और भी ज्यादा बढ़ गया है। कोरोना से ठीक होने के बाद भी योग ने लोगों को मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

कोरोना के माइल्ड इंफेक्शन को दूर करने में योग है बेहद फायदेमंद

क्या आपको पता है कोरोना के माइल्ड इंफेक्शन को दूर करने में योग बेहद फायदेमंद है सिर्फ हमने ही नहीं बल्कि मेडिकल एक्सपर्ट्स ने भी इस बात को माना है कि योग के द्वारा माइल्ड इनफेक्शन कॉम्प्लिकेशंस और पोस्ट इनफेक्शन कॉम्पेक्सिटी को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। इतना ही नहीं इसके साथ ही साथ नार्मल डे में भी योग इम्युनिटी बढ़ाने के साथ ही कोरोना से बचाव में भी हमारी मदद करता है। इसलिए उन योग व एक्सरसाइज टेक्नीक्स के बारे में जाने जो इंफेक्शन फेज, पोस्ट इंफेक्शन कॉम्प्लीकेशन फेज में शरीर को क्योर करने में हमारी मदद करते है।

अनुलोम-विलोम: आपको बता दे कि अनुलोम विलोम करते हुए नाक के एक नथुने से सांस छोड़ते हैं और फिर जिससे सांस छोड़ी है उसी से वापस सांस लेते है। अगर आप अनुलोम विलोम करना चाहते है तो इसके लिए सबसे पहले आपको अपनी सुविधानुसार पद्मासन, सिद्धासन, स्वस्तिकासन अथवा सुखासन में बैठना होगा। उसके बाद आपको अपने हाथ के अंगूठे से नासिका के दाएं छिद्र को बंद करना होगा। उसके बाद नासिका के बाएं छिद्र से 4 तक की गिनती में सांस भरें और उसके बाद दूसरे नासिका के छिद्र से छोड़ दे। आपको लगातार कुछ समय तक यह करते रहना है।

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कपालभाति: अगर आप रोजाना कपालभाति करते है तो इससे आपके फेफड़ों की क्षमता में सुधार आएगा। साथ ही साथ यह आपके सांस लेने के रास्ते से बलगम को साफ करता है और आपको राहत देता है। इसके लिए आपको सबसे पहले आराम से बैठना होगा उसके बाद अपनी कमर को सीधा और आँखे बंद करनी होगा। उसके बाद आपको अपनी हथेलियों को अपने घुटनों पर रखना होगा और नाक के द्वारा तेजी से सांस लेनी और छोड़नी होगी।

साई से आपको मिलती है राहत: आपको बता दे कि यह प्राणायाम का ही हिस्सा है। इसलिए यह ब्रीदिंग टेक्नीक कई मामलों में कारगर है। यह आपके शरीर में ऑक्सीजन के फ्लो को बढ़ाता है साथ ही साथ आपके शरीर को हल्का महसूस करने में मदद करता है। इस योगासन को करने के लिए सबसे पहले आपको नाक के अंदर सांस भरनी है। उसके बाद आपको ज्यादा से ज्यादा सांस को अंदर लेने के बाद सांस छोड़ते हुए पाउट बनाना होगा। उसके बाद आपको अपने लिप्स को सिकोड़ कर एक चोंच जैसा बनाना होगा। उसके बाद आपको थोड़ी सी हा की आवाज के साथ सांस को बाहर छोड़ना होगा।

अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.comगुड टच और बैड टच

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जाने क्या होता है गुड टच और बैड टच, क्यों जरूरी होता है इसके बारे में बच्चों को बताना

जाने बच्चों को क्यों समझना जरूरी है गुड टच और बैड टच के बारे में


जैसा की हम सभी लोग जानते हैं कि हमारा समाज धीरे धीरे विकसित हो रहा है समाज के विकास के साथ-साथ मनुष्य की आपराधिक भावना का भी विकास हो रहा है। अगर हम पहले और अभी के समय को देखें तो हमें इसमें काफी ज्यादा अंतर दिखता है। पहले के समय पर आपराधिक दिमाग वाले लोग समाज की वस्तुओं को अपना निशाना बनाते थे लेकिन आज के समय पर ऐसे लोग समाज की वस्तुओं को नहीं बल्कि छोटे बच्चों और शिशुओं को अपना निशाना बनाते है। आज के समय पर ऐसे लोगों को देख कर लगता है कि मानवता पशुता में ढ़लती जा रही है। ऐसे लोग छोटे बच्चों को अपना निशाना बनाते है और अपनी यौन आकर्षण के लिए इनका गलत इस्तेमाल करते हैं क्योंकि ऐसे लोग जानते है कि छोटे बच्चे कमजोर व नासमझ होते है। और किसी से भी जल्दी घुल मिल जाते हैं। और जल्दी विश्वास कर लेते है। इस तरह के ज्यादातर अपराधी घर के लोग या फिर आस पड़ोस के लोग होते है। तो चलिए आज जानते है बच्चों को क्यों समझना जरूरी है गुड टच और बैड टच के बारे में।

जाने बच्चों के प्रति बढ़ते अपराध का मुख्य कारण

आज के समय पर बच्चों के प्रति बढ़ रहे अपराध का मुख्य कारण बच्चों में जागरूकता की कमी होती है। आज के समय पर हम सभी लोगों का लाइफस्टाइल इतना ज्यादा भाग दौड भरा हुआ है कि आज हमारे पास खुद के लिए समय नहीं होता है। आज के समय पर माता पिता अपना कर्तव्य केवल अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देना, खाना पीना देना, कपड़े पहनना, अच्छे संस्कार और बड़ों का सम्मान करने तक ही समझते है। लेकिन आज समय बदल चुका है आज के समय पर माता पिता के कर्तव्य भी बढ़ चुके है। आज के समय पर माता पिता को अपने बच्चे को यौन शिक्षा देने के साथ उन्हें गुड टच और बैड टच के बारे में भी बताना चाहिए। कुछ माता पिता अपने बच्चों को संकोच के कारण चीजे नहीं बता पाते। जिसके कारण उनके बच्चे यौन शोषण के शिकार हो जाते है।

बच्चों को अपने साथ सब-कुछ शेयर करना सिखाएं

एक बार जब आप माता पिता बन जाते है तो अपने कर्तव्य और ज्यादा बढ़ जाते हैं ऐसे में आपको अपने बच्चे के बदलते व्यवहार के बारे में जानकारी रखनी चाहिए। अपने छोटे बच्चे के साथ आपको विश्वास का रिश्ता कायम करना चाहिए। बच्चों का अपने माता पिता पर विश्वास होना बेहद जरूरी होता है। जिसे वो बिना डरे आपको अपनी सारी बारे बता पाए। अपने बच्चों के साथ ऐसा रिश्ता रखें की वो आपके साथ सब कुछ शेयर करें।

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अपने बच्चों को उनकी शारीरिक संरचना के बारे में बताएं

आपको अपने बच्चों को समय रहते सीखना चाहिए कि हमारे शरीर में कुछ पार्ट्स ऐसे होते हैं जो सब को दिखते हैं लेकिन वही कुछ पार्ट्स ऐसे होते हैं जिन्हें सिर्फ और सिर्फ हम देख या छू सकते हैं। जिन्हे हम प्राइवेट पार्ट्स कहते हैं। बच्चों को समझाना चाहिए उनके प्राइवेट पार्ट्स कौन से है। बच्चों को समझाएं शरीर के इन पार्ट्स को किसी को न छूने दें।

अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.comगुड टच और बैड टच

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अगर आप भी कराते रहे है अपने बेबी को फीड, तो रोजाना इतना पानी जरूर पीएं

स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना है बेहद जरूर


किसी भी महिला के लिए माँ बना बेहद खुशी की बात होती है. लेकिन गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में बहुत सारे बदलाव आते है. जिनको वो खुशी से अपना लेती है. इतना ही नहीं डिलीवरी के बाद भी महिलाओं में होने वाले बदलावों के कारण भी महिलाओं को दो चार होना पड़ता है. इसलिए महिलाओं को गर्भावस्था और उसके बाद भी अपने खानपान और सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए. इसी स्वास्थ्य की देखभाल में पानी पीना भी शामिल होता है. जिसे अक्सर महिलाएं अनदेखा कर देती है. लेकिन क्या आपको पता है स्तनपान कराने वाली महिलाओं को पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद जरूर होता है. तो चलिए आज हम आपको बतायेगे की आपको कितना पानी पीना चाहिए.

एक दिन में कितना पानी पीना चाहिए

अगर आप अपने बच्चे को फीड कराते है. तो आपको फीड करने से पहले और फीड करने के बाद एक गिलास पानी जरूर पीना चाहिए. लेकिन अगर आपके शरीर में पानी की कमी हो रही है. तो आप उसे कैसे पहचानेगे? शरीर में पानी की कमी है या नहीं. इस बात को जानने के लिए सबसे पहले आपको अपने यूरिन के कलर की जांच करनी चाहिए. क्योंकि अगर शरीर में डिहाइड्रेटेड होगा, तो यूरिन का रंग गहरा पीला हो जाएगा. ऐसी स्थिति में आपको कई तरफ की परेशानिया हो सकती है. इसलिए आपको इन परेशानी से बचने के लिए दिनभर में कम से कम ग्यारह से बारह कप पानी पीना चाहिए.

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में पानी की कमी के लक्षण

1. यूरिन का रंग गहरा होना

2. थकान

3. त्वचा में रूखापन और फटना

4. चिड़चिड़ापन

5. कब्ज

6. तनाव और सिरदर्द

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ये बात तो हम सभी लोगों को पता है कि एक बच्चों के

लिए सबसे अधिक पोषक माँ का दूध ही होता है. माँ के दूध में 90 प्रतिशत पानी होता है. इसलिए फीड करने वाली महिलाओं को पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद जरूरी है. साथ ही साथ फीड करने वाली महिलाओं को चाय, कॉफी, सोडा और शराब जैसी चीजों से भी दूर रहना चाहिए. क्योंकि ये सारी चीजें आपके शरीर में पानी की कमी पैदा कर सकते हैं.

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अगर आप एसिडिटी से पाना चाहते है छुटकारा, तो ये योगासन करेंगे आपकी मदद

एसिडिटी के लिए बेहद फायदेमंद है ये योगासन


ऐसे तो हम सभी लोगों के पास खाने के बहुत सारे विकल्प होते है जैसे हेल्दी फूड, फास्ट फूड आदि। लेकिन अक्सर हमारे खाने में स्वादिष्ट भोजन ही शामिल होता हैं। जो हमारे सिस्टम में पोषण मूल्य नहीं जोड़ने देते। इन्हें खाने से हमें कई बार पेट और पाचन संबंधी समस्याएं हो जाती है। जिनमें से एसिडिटी होना एक आम बात है। एसिडिटी एक ऐसी समस्या है जिसका हम में से ज्यादातर लोग नियमित रूप से सामना करते रहते है।

आपने देखा होगा कि जिन लोगों को अक्सर एसिडिटी की समस्या होती है उनके पेट में अक्सर दर्द या फिर जलन होती रहती है। एसिडिटी भोजन को ठीक से न चबाने, अच्छी मात्रा में पानी न पीने, गलत खान पान और धूम्रपान के कारण हो सकती है। अगर आप उन लोगों में से है जो एसिडिटी से राहत पाने के उपाय तलाश रहे हैं तो चलिए आज हम आपको कुछ योगासन के बारे में बतायेगे जो आपको एसिडिटी से राहत पाने में आपकी मदद करेंगे।

प्रपादासन: प्रपादासन एक ऐसा योगासन है जो आपको एसिडिटी से छुटकारा पाने में बेहद फायदेमंद होता है। इस योगासन में आपको अपने दोनों पैरों को समानांतर रखना है उसके बाद धीरे धीरे अपनी एड़ी को फर्श से ऊपर उठाना होगा है। उसके बाद आपको अपने शरीर को अपने पैर की उंगलियों पर संतुलित करना होगा। उसके बाद आपको अपनी पीठ को सीधा करना होगा। और अपनी बाहों को घुटनों पर फैलाना होगा। उसके बाद आपको अपने दिमाग को अपनी भौहों के बीच केंद्रित करना होगा। यह आपको रोजाना 3 सेट के लिए दोहराना होगा।

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पश्चिमोत्तानासन: पश्चिमोत्तानासन योगासन भी एसिडिटी की समस्या में बेहद फायदेमंद मानी जाती है। इस योगासन में आपको अपने पैरों को अपने सामने और हाथों को बगल में फैलाकर फर्श पर बैठकर शुरु करना चाहिए। इस योगासन को करते हुए ध्यान रखें आपका कोर लगा हुआ हो और आपकी रीढ़ सीधी हो। उसके बाद आपको अपने हाथ को आगे बढ़ाना होगा और अपने पैर की उंगलियों को छूने की कोशिश करनी चाहिए। आपको लगभग 5 मिनट तक इस स्थिति में रहना होगा उसके बाद आपको अपनी मूल स्थिति में लौटना होगा।

भेकासना: यह योगासन भी एसिडिटी की समस्या में बेहद फायदेमंद होता है। इस योगासन को करने के लिए आपको अपनी हथेलियों और घुटनों को टेबलटॉप स्थिति में लाना होगा। उसके बाद आपको अपने घुटनों को फैलाना होगा और अपनी एड़ी को अपने घुटनों के पीछे संरेखित करना होगा। उसके बाद आपको अपने पैरों को मोड़कर अपने पैर की उंगलियों को बाहर की ओर इंगित करना होगा। उसके बाद आपको अपने हाथों को आगे बढ़ाना होगा और अपने अग्रभागों को जमीन पर टिकाना होगा। उसके बाद आपको अपने पेट को जमीन से दूर उठाने की कोशिश करनी चाहिए।

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अगर फिट रहने के लिए आप घर पर कर रहे है ट्रेडमिल वर्कआउट, तो इन बातों का रखें ध्यान

ट्रेडमिल वर्कआउट के दौरान इन बातों का ध्यान रखें


 

पिछले साल से फैला हुआ कोरोना वायरस आज भी रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है इस कोरोना वायरस ने लाखों लोगों की जान ले ली है। अभी इस कोरोना महामारी की दूसरी लहर चल रही है जो की पहली वाली से भी ज्यादा खतरनाक है। इस कोरोना महामारी के कारण ही लम्बे समय से जिम, स्कूल, कॉलेज सभी चीजे बंद हैं। जिसके कारण सभी लोगों को काफी ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय से जिम बंद होने के कारण कई लोगों ने अपने घरों पर ही वर्कआउट करना शुरू कर दिया है। कई लोग तो ऐसे भी है जिन्होंने इस कोरोना काल में अपने घर पर ही एक छोटा जिम तैयार कर लिया है ताकि उनके वर्कआउट सेशन्स में कोई दिक्कत न आए। जो भी लोगों ने अपने घर पर नया नया जिम तैयार करते है वो अपने घर पर ही कसरत करना शुरू करते है। वो लोग अक्सर ट्रेडमिल वर्कआउट को ज्यादा तवज्जो देते हैं क्योंकि उसके अपने अलग फायदे भी हैं। तो चलिए आज जानते है अगर आप ट्रेडमिल वर्कआउट शुरू करने जा रहे है तो आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

1. घर पर जिम तैयार करने के लिए जरूरी नहीं है कि हर व्यक्ति नया ही ट्रेडमिल खरीदे। कई लोग सेकंड हैंड यानी की पुराना ट्रेडमिल भी खरीदते हैं। ऐसे लोगों के लिए बहुत जरूरी है कि वो ये सेकंड हैंड ट्रेडमिल खरीदने से पहले इसके मोटर और शॉकर को अच्छे से एक बार देख लें। ताकि आगे चलकर उनको कोई परेशानी न हो।

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2. जो भी लोग घर पर नया जिम तैयार करते है उन्हें कभी भी कसरत करने के लिए सीधा ट्रेडमिल पर नहीं चढ़ना चाहिए। क्योंकि ये आपको परेशानी में डाल सकता है। कसरत के दौरान हमारे घुटनों पर जोर पड़ता है। इसलिए अगर आप ट्रेडमील एक्सरसाइज करने जा रहे हैं तो कोशिश करें कम से कम 10 मिनट का वर्कआउट सेशन तो पहले ही कर ही लें

3. आपको एक्सरसाइज करते हुए ट्रेडमिल से डरना नहीं चाहिए। ऐसा करने से आपका पोश्चर प्रभावित होगा साथ ही साथ आपके घुटने, पैरों या शरीर के किसी भी अन्य अंग पर चोट लग सकती है। इसलिए आपको सेफ्टी बार को पूरी तरह और पूरे समय पकड़ कर कसरत नहीं करना चाहिए।

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44 की उम्र में भी दिखना चाहते हैं हॉट, तो पूजा बत्रा से लें इंस्पिरेशन

जाने पूजा बत्रा के योगासन के बारे में


योगा हमारे लिए कितना जरूरी है और इससे हमेंकितने फायदे मिलते हैं ये शायद हमेंआपको बताने की जरूरत नहीं है। योग हमारे ज़िन्दगी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है बॉलीवुड सेलेब्स से लेकर आम लोगों तक सभी इससे अपने रोजाना के रूटीन में शामिल करते है। अगर हम बॉलीवुड सेलेब्स की बात करें तो हमारे बॉलीवुड सेलेब्स भी अपने सोशल अकाउंट पर अक्सर योग करते हुए फोटो और वीडियो शेयर करते रहते है। शिल्पा शेट्टी और मलाइका के योगा पोज़ के बारे में भला कौन नहीं जानता। लेकिन आज हम आपको बताने वाले है पूजा बत्रा के योगासन के बारे में। जिनके कारण वो 45 की उम्र में भी बेहद हॉट और सेक्सी लगती है।

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त्रिकोणासन: त्रिकोणासन खड़ी मुद्रा में करने वाला एक बेहद ही महत्वपूर्ण योगाआसन है। इस योगासन को करते हुए आपका शरीर त्रिकोण की आकृति का हो जाता है। यह त्रिकोणासन योगासन कमर दर्द से हमें छुटकारा दिलाने के साथ हमे मोटापा घटाने में भी मदद करता है। इतना ही नहीं, इस त्रिकोणासन योगासन से डायबिटीज पर भी काबू किया जा सकता है।

पादांगुष्ठासन: पादांगुष्ठासन एक बेहद ही कठिन योगासन है लेकिन पूजा बत्रा अपने चेहरे पर मुस्कान के साथ इस कठिन आसन को भी कर लेती है। इस पादांगुष्ठासन योगासन में पैर के अंगूठे पर पूरे शरीर का भार होता है। आपको बता दे कि इस योगासन से पैरों की मांसपेशियों को मज़बूती मिलती है।

पद्मा मयूरासन: पद्मा मयूरासन योगासन को करना भी कोई आसान आम नहीं है। आपको बता दे कि पद्मा मयूरासन योगासन करते हुए हमारा शरीर मोर की तरह हो जाता है। यह एक हैंड बैलेंसिंग आसन है। इस योगासन से आपको पेट और पाचन संबंधी सभी विकारों से जड़ से छुटकारा मिल जाता है। यह पद्मा मयूरासन योगासन शरीर तो फिट रखता है। साथ ही साथ यह योगासन चेहरे की चमक दमक को बनाए रखने में भी फायदेमंद होता है।

सेतुबंधासन: यह बात तो आप जानते ही होंगे कि पुल को सेतु भी कहा जाता है। यह हम इसलिए पूछ रहे है क्योंकि अब हम सेतुबंधासन योगासन के बारे में बात करने वाले है इस योगासन में हमे अपने शरीर को सेतु यानी की ब्रिज के आकार में करना होगा। इसलिए इसे योगासन को सेतुबंधासन कहा जाता है। इस योगासन से पीठ की मासपेशियों को मज़बूती मिलती है साथ ही साथ फेफड़ों और थायरॉइड के लिए भी इसके बड़े फायदे होते है।

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क्या आप जामुन के ऐसे अनोखे फायदों के बारे में जानते हैं..

दांत दर्द से भी देता है निजात


गर्मी के दिन आते ही हम सबके दिमाग में फलों के नाम पर सबसे पहले आम और जामुन ही आता है। यह दोनों ही ऐसे फल हैं जो गर्मी में मिलते हैं। यात्रा के दौरान भी आपने ट्रेन में कई बार देखा होगा कि जामुन बिक्री होने के लिए आते हैं। कई लोग इसे चाव से लेते हैं। काले रंग का यह छोटा फल जितना खाने में टेस्टी होता है उतना ही फायदेमंद भी है। अगर आप भी अभी तक जामुन को पसंद नहीं करते हैं तो आज ही खाना शुरु कर दें इसके कई फायदे हैं जो आपको डॉक्टर के पास जाने से बचा सकते हैं। तो चलिए जानते हैं जामुन के कुछ फायदों के बारे में….

पथरी को गलाता है

कई लोगो को किडनी में स्टोन हो जाता है। जिसके कारण उन्हें असहनीय दर्द भी होता है। लेकिन क्या आपको पता है जामुन इस स्टोन को गला सकता है। इसके लिए आपको रोज इसका जूस बनाकर पीना होगा। इसका  बनाना भी बहुत आसान है। छोटे साइज की पथरी गलाने के लिए 10 मिली जामुन के रस में 250मिग्रा सेंधा नमक मिलाकर दिन में 2 से 3 बार पीएं। इससे आसानी से पेशाब के रास्ते पथरी बाहर निकल जाएगी।

पीलिया में मददगार’

पीलिया के दौरान अक्सर लोगों को खाने की इच्छा नहीं होती है। ऐसे समय में अगर आप जामुन के 10-15 मिली रस में 2 चम्मच शहद मिलाकर पीते है। तो पीलिया का असर तो कम होता ही है साथ ही बल्ड की कमी भी दूर हो जाती है।

डायबिटीज के मरीजों के फायदेमंद

डायिबिटीज के मरीजों को अक्सर कई तरह की परेशानी होती है। अगर आप इस परेशानी से राहत पाना चाहते हैं तो जामुन नहीं बल्कि जामुन के पेड़ की जड़ आपके लिए बहुत फायदेमंद हैं। इसके लिए आपको जामुन के 100ग्राम जड़ को साफ करके उसे 250 मिली पानी के साथ मिलाकर पीस लेना है। अब इसमें 20 ग्राम मिश्री डालकर सुबह-शाम खाने पीना होगा। इससे आपको शुगर में फायदा मिलेगा।

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त्वचा और आंखे के लिए फायदेमंद

कोई फल खाने में भी स्वादिष्ट हो और साथ ही उससे खूबसूरती भी मिले तो सोने पे सुहागा जैसी बात हो जाती है। जामुन के पत्ते और छाल को पीसकर लगाने से त्वचा में कई तरह के फायदे मिलते हैं। जामुन का रस फेस पर लगाने से पिम्पल्स नहीं होते हैं। इतना ही नहीं यह जूस आंखों की बीमारी से भी निजात दिलाता है।

दांत दर्द से निजात

दांत की दर्द इतनी असहनीय होते हैं कि उस वक्त लोगों को लगता है कि कुछ भी मिल जाए जिससे वह दर्द से राहत पा सके। ऐसी  ही दर्द के लिए जामुन के पत्ते बहुत ही फायदेमंद हैं। इसके लिए आपको जामुन के पत्ते का राख बनाकर दांत और मसूड़े पर मसलना होगा। इससे मसूड़े भी मजबूत होते हैं। इतना ही नहीं जामुन के रस से कुल्ला करना से पाइरिया भी ठीक हो जाता है।

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जाने गुलाब जल और ग्रीन टी के अनोखे फायदे…

जाने ग्रीन टी से घरेलू फेसिअल पैक बनाने के तरीके

आज के समय में आपने देखा होगा की ज्यादातर लोग चाय कॉफ़ी की जगह ग्रीन टी पीना ज्यादा पसंद करते हैं। जादारत लोग ग्रीन टी का सेवन सेहतमंद रहने के लिए करते हैं। लेकिन क्या आपको पता है या आपने कभी सुना है कि ग्रीन टी का इस्‍तेमाल त्‍वचा की खूबसूरती को बढ़ाने के लिए भी किया जाता है। अगर हम ग्रीन टी के फेशियल पैक की बात करें तो ग्रीन टी के फेशियल पैक उन लोगों के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद होते है जिनकी ऑयली स्कीन होती है। आपको बता दे कि ग्रीन टी का इस्‍तेमाल ब्‍यूटी प्रोडक्‍ट के तौर पर भी किया जाता है। अगर आप मार्किट में निकलोगे तो आपको मार्किट में बहुत तरह के ग्रीन टी से बने ब्‍यूटी प्रोडक्‍ट मिल जाएंगे। लेकिन अगर आप चाहे तो अपने घर पर भी ग्रीन टी से ब्‍यूटी प्रोडक्‍ट्स तैयार कर सकते हैं। आप घर पर गर्मियों के मौसम में त्‍वचा को हाइड्रेटेड रखने वाला ग्रीन टी फेशियल पैक बना सकते है वो कैसे, तो चलिए आज हम आपको बताएंगे ग्रीन टी फेशियल पैक के बारे में।

1. ग्रीन टी फेशियल सामग्री: एक बड़ा चम्‍मच दही, एक छोटा चम्‍मच नींबू का रस और एक बड़ा चम्‍मच ग्रीन टी का पानी।

ग्रीन टी फेशियल विधि: आपको रात भर एक ग्रीन टी बैग को पानी में डुबो कर रखना होगा। उसके बाद सुबह उस पानी को आप एक बोतल में भर सकते है क्योकि हमे तो बस एक बड़ा चम्‍मच पानी चाहिए। आप इस ग्रीन टी के पानी से कई ब्‍यूटी प्रोडक्‍ट बना सकते हैं। उसके बाद आपको एक कटोरी में  बड़ा चम्‍मच दही डालना होगा और उसमें एक छोटा चम्‍मच  नींबू का रस डाल कर उससे अच्छे से मिलाना होगा। उसके बाद इस मिश्रण से अपने चेहरे को साफ करें। अंत में मुँह धोने के लिए ठंडे पानी का ही इस्‍तेमाल करें।

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2. ग्रीन टी फेशियल सामग्री: एक बड़ा चम्‍मच ग्रीन टी का पानी, एक बड़ा चम्‍मच कॉफी पाउडर।]

ग्रीन टी फेशियल विधि: ग्रीन टी के इस फेशियल को बनाने के लिए आपको एक कटोरी में ग्रीन टी के पानी और कॉफी पाउडर को लेना है उसके बाद आपको इससे अच्छे से मिलाना है। इस मिश्रण को 2, 4 मिनट के लिए अपने चेहरे और गर्दन को स्‍क्रब करना है। उसके बाद आपको इससे ठंडे पानी से धोना है। आपको बता दें कि ग्रीन टी के साथ कॉफी मिक्‍स करके चेहरे को स्‍क्रब करने से हमारी त्‍वचा में ग्‍लो आता है। साथ ही साथ यह डेड स्किन भी रिमूव करता है।

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जाने वर्क प्लेस पर पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को क्यों होता है ज्यादा स्ट्रेस

जाने पुरुषों के मुताबिक महिलाओं को क्यों करना पड़ता है अधिक तनाव और डिप्रेशन का सामना


जैसा की हम सभी लोग जानते हैं कि आज के समय में ज्यादातर लोग काम के कारण स्ट्रेस से गुजर रहे होते है। लेकिन अक्सर देखा जाता है कि ऑफिस में लड़कों के मुकाबले लड़कियां ज्यादा स्ट्रेस में रहती हैं। इसका एक बड़ा कारण है कि लड़कों को तो बस आपका ऑफिस संभालना होता है लेकिन महिलाओं को ऑफिस और घर दोनों ही चीजें संभालनी होती है। जिसके कारण कई बार उनको डिप्रेशन और तनाव का सामना भी करना पड़ता है। हाल ही में हुए एक शोध के अनुसार, ऑफिस में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को अधिक स्ट्रेस झेलना पड़ता है। जिसके कारण उन्हें कई सारी मानसिक समस्याओं का सामना भी करना पड़ता है। ऐसे में महिलाओं के लिए बहुत जरूरी होता है कि वो समय रहते खुद को स्ट्रेस से दूर रखें।

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जाने महिलाओं को क्यों होता है ज्यादा स्ट्रेस

ये बात तो हम सभी लोग जानते है कि अक्सर महिलाएं भावनात्मक तौर पर कमजोर और अस्थिर होती हैं। जिसके कारण उनको अक्सर वर्क प्लेस पर वर्क प्रेशर का दवाब महसूस होने लगता हैं। अक्सर महिलाओं के साथ देखा जाता है कि उनको उनके काम के अनुसार प्रमोशन और पगार नहीं मिलती जबकि हमेशा उनसे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जाती है। वही दूसरी तरफ कुछ महिलाओं को तो अपने ऑफिस और घर के बीच संतुलन भी बिठाना पड़ता है, जिसके कारण कई बार उनको काफी पीड़ा का सामना भी करना पड़ता है। जिसके कारण कई बार महिलाएं स्ट्रेस का शिकार भी हो जाती है।

वर्क प्लेस पर कर्मचारियों का सहयोग

वर्क प्लेस पर मैनेजमेंट को अपनी महिला कर्मचारी के साथ सहयोग करना चाहिए। मैनेजमेंट को अपने महिला कर्मचारी को जरूरत पड़ने पर हमेशा उससे सहयोग करना चाहिए। जब भी उनसे घर से काम करने की जरूरत हो, उससे वर्क फ्रॉम होम की अनुमति दी जानी चाहिए। इतना ही नहीं हर कंपनी में मैनेजमेंट को महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव को भी कंट्रोल करना चाहिए। जिसे की महिलाएं फ्री माइंड होकर काम कर सके और उनको अपने वर्क प्लेस पर स्ट्रेस भी फील न हो।

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