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जुलाई में आएगा हैरी पॉटर का आठवां पार्ट!

हैरी पॉटर के फैंस के लिए एक खुशखबरी है, वह जल्द ही हैरी पॉटर के नए प्ले को पढ़ सकेंगे। हैरी पॉटर की इस नई किताब का नाम है, “हैरी पॉटर एंड द कर्स्ड चाइल्ड” है।

जेके रॉवलिंग की यह नई किताब लिटिल ब्राउन यूके द्धारा 31 जुलाई को पब्लिश की जाएगी। वहीं इसके साथ-साथ इसकी ई-बुक एडिशन भी जारी की जाएगी।

2007 में आए सातवें पार्ट ‘हैरी पॉटर एंड डेथली होलोज’ पुस्तक के प्रकाशित होने के बाद यह कहानी 19 साल आगे से शुरू होगी और इसमें हैरी, रॉन और हेरमोनी शामिल होंगे।

खबरों के अनुसार हैरी जादू मंत्रालय के एक कर्मचारी, एक पति और स्कूल जाने वाले तीन बच्चों के पिता के किरदार में किताब में होंगे।

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सचिन गर्ग ला रहे हैं अपनी पांचवी नॉवेल!

उभरते लेखकों में अपनी पहचान बनाने को तैयार सचिन गर्ग, अब अपनी नई किताब के साथ पाठकों का दिल जीतने आ रहे हैं। जी हां, सचिन गर्ग वही लेखक हैं, जिन्होंने अब तक सिर्फ चार नॉवेल लिखी हैं। लेकिन यह चारों ही नॉवेल उनकी बेस्ट सेलर रही हैं। जो हैं, ‘इट्स फर्स्ट लव… लाइक द लास्ट’, ‘नेवर लेट मी गो’, ‘कमओन इनर पीस.. आइ डॉन्ट हेव होल डे’ और ‘आइ एम नॉट ट्वेंटी फॉर. आइ हेव बिन नाइनटिंन फॉर फाइव ईयर्स’।

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अपने इन चार बेस्ट नॉवल्स के बाद अब सचिन गर्ग अपने फैंस के लिए अपनी पांचवी नॉवल ‘वी नीड अ रेवलियूशन’ ले कर आएं हैं। इस नॉवल की कहानी एक्शन प्लस जोखिम भरी है, जोकि अंडमान और निकोबार द्धीप के कुछ लड़को व लड़कियों पर आधारित है।

वैसे तो यह किताब एक फिक्शन है, लेकिन इस कहानी के कुछ भाग सत्य घटनाओं पर आधारित हैं।
सचिन गर्ग की यह फिक्शन नॉवल कल कनॉट प्लेस के ऑक्सफोर्ड बुक स्टोर में शाम को 6 बजे लॉन्च की जाएगी।

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करन जौहर : ‘फ्रीडम ऑफ एक्स्प्रेसन भारत में सबसे बड़ा मजाक’

बॉलीवुड के मशहूर निर्देशक और निर्माता करन जौहर ने अब असहिष्णुता को लेकर बड़ा बयान दे दिया है। करन ने कहा की मन की बात कहना भारत में सबसे मुश्किल है। उन्होंने कहा ‘फ्रीडम ऑफ एक्स्प्रेसन भारत में सबसे बड़ा मजाक है और डेमोक्रेसी उससे भी बड़ा मजाक है।’

करन जौहर ने ये बाते जयपुर में चल रहे साहित्य सम्मेलन में कही। साथ ही करन नें कहा ‘मुझे तो लगता है जैसे हमेशा कोई लीगल नोटिस मेरा पीछा करता रहता है। किसी को पता नहीं कब उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज़ हो जाये।’ करन जौहर ने यहाँ अपनी जीवनी ‘एन अन्स्युटेबल बॉय’ के बारे में लेखिका शोभा डे और जीवनी लिखने वाली पूनम सक्सेना से बातचीत की। उन्होंने समलैंगिकता से लेकर बोलने की आज़ादी, फिल्मों और शाहरुख़ खान के साथ अपने सम्बन्धों को लेकर कई अलग-अलग विषयों पर अपने विचार रखे।

गुरुवार को जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का पहला दिन था। इस लिटरेचर फेस्टिवल में असहिष्णुता के मुद्दे पर अवार्ड लौटने वाले लेखकों ने एक बार फिर विरोध में अपनी आवाज़ बुलंद की तो उनके साथ में कई और लेखक भी खड़े दिखे। इसी मुद्दे पर सीनियर राइटर रस्किन बॉन्ड ने लेखकों के विरोध का जवाब देते हुए कहा कि इस तरह के व्यवहार से असहिष्णुता ही बढ़ेगी।

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नयनतारा सहगल और नंद भरद्वाज ने वापस लिए अपने अकादमी पुरुस्कार

भारत में असहिष्णुता के खिलाफ लेखकों द्वारा लौटाए जा रहे साहित्य अकदामी अवॉर्ड का चलन अब शायद थमता दिख रहा है। साहित्य अकदामी अवॉर्ड को लोटने वाले कुछ लेखक अब अपने अवार्ड वापस लेने लगे है, इनमें नयनतारा सहगल और नंद भरद्वाज का नाम शामिल है। इन दोनों ने ही हाल में ही अपना अवॉर्ड वापस ले लिया है।

इन दोनों लेखकों ने इस बात की पुष्टि अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स से साथ बातचीत में की। पंडित जवाहर लाल नेहरू की भांजी नयनतारा सहगल अवॉर्ड लौटाने वाले पहले साहित्यकारों में से एक थीं।

नयनतारा सहगल और नंद भरद्वाज, ये दोनों साहित्यकारों का अवार्ड वापस लेना, शायद साहित्य जगत में सभी साहित्यकारों के लिए आदर्श बने। लेकिन इसी के साथ लेखक नंद भारद्वाज ने बताया की इस पूरे मसले पर साहित्य अकादमी की प्रतिक्रिया से वह संतुष्ट हैं। इसलिए उन्होंने अपना अवॉर्ड वापस ले लिया है।

नयनतारा सहगल ने बताया की अकादमी की तरफ से उन्हें एक पत्र मिला है इसमें लिखा गया है की “लौटाया हुआ अवॉर्ड रिसीव करना हमारी नीति के खिलाफ है. इसलिए हम यह अवॉर्ड आपको वापस भेज रहे हैं।”

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पुस्तक मेला 2016

नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 9 जनवरी से शुरू हो चुका है। हर साल की तरह यह मेला इस बार भी प्रगति मैदान में ही आयोजित किया जायेगा। इस बार इस मेले की थीम ‘भारत की सांस्कृतिक धरोहर’ रखी गयी है। जिसे पुस्तकों के जरिये पाठकों के बीच प्रस्तुत किया जायेगा। थीम मंडप में प्राचीन काल से वर्तमान तक की संस्कृति यात्रा को भोज-पत्र से ई-बुक्स तक प्रस्तुत किया जायेगा।

इस साल मेले में मुख्य अतिथि देश, चीन देश होगा। नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी) के अध्यक्ष बलदेव भाई शर्मा ने 8 जनवरी, शुक्रवार को कॉन्स्टीट्यूश क्लब, नई दिल्ली में आयोजित पत्रकार समेलन में यह जानकारी दी थी, की इस बार इस थीम में अनेक प्रकार के कार्यक्रम भी आयोजित किये जायेंगे। जिसमें पैनल चर्चायें, सिंधी ग्रंथ, तथा भारतीय शास्त्रीय ग्रंथों पर आधारित नाट्य प्रदर्शन आदि शामिल है।

जब से यह मेला शुरू हुआ है तब से ही लोगों की बहुत ही अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है, तो देरी किस बात की अगर आप अभी तक नहीं गये है तो जल्द ही जाइये और अपनी मनपसंद किताबें खरीद कर लाइए।

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देखिये.. कुमार विश्वास का विरोधियों के लिए शायराना अंदाज !

4TH दिल्ली लिटरेचर फेस्ट के दौरान आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता और लोकप्रिय कवि व लेखक कुमार विश्वास से One World News से खास बातचीत की। इस बातचीत में कुमार विश्वास से कई मुद्दों पर सवाल किये गये, जिसका जवाब विश्वास ने काफी सहज और सरल अंदाज में दिया।

बातचीत लिटरेचर फेस्टिवल से जुड़े सवालों से लेकर राजनीति मुद्दों तक की गई, जिसमें कवियों और लेखकों की स्थित के सुधार से लेकर दिल्ली में चल रहे ऑड-ईवन फॉर्मूले तक उन्होंने अपनी राय दी। राय के साथ-साथ अपने विरोधियों के लिए अपनाया उन्होंने कवि वाला अंदाज।

आइए पेश हैं, आपके लिए कुमार विश्वास के साथ One World News की खास बातचीत…

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4TH दिल्ली लिटरेचर फेस्टीवल का समापन, खूब पसंद आया कुमार विश्वास का शायराना अंदाज!

पुस्तक प्रेमियों के लिए आयोजित किया जाने वाला लिटरेचर फेस्टीवल, इस साल दिल्ली के आईएनए स्थित दिल्ली हाट में आयोजित किया गया था। इस इवेंट को नाम दिया गया था, 4th दिल्ली लिटरेचर फेस्टीवल। तीन दिवसीय इस कार्यक्रम का आयोजन 8 जनवरी 2016 से 10 जनवरी 2016 तक किया गया था।

4TH दिल्ली लिटरेचर फेस्टीवल

इस पूरे समारोह में कई बड़े नामी-ग्रामी हस्तियों ने शिरकत की, इन हस्तियों में कई राजनीतिक पार्टी के सदस्य तो कई बड़े लेखक मौजूद थे।

इस तीन दिवसीय कार्यक्रम की शुरूआत जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के बैंड “आंच” के लाइव शो से हुई। जिसमें बैंड ने सूफी और इंडियन गानों के मिक्स एंड मैच से दर्शकों का दिल जीता।

लाइव प्रर्फोमेंस के बाद कई साहित्य और भाषा पर आधारित चर्चाएं की गई, जिस पर कई मशहूर हस्तियों की राय सुनने को मिली।

कुमार विश्वास भी 4th दिल्ली लिटरेचर फेस्टीवल का पात्र रहे थे।

गंभीर बातों से हल्का और तरोताजा महसूस कराने के लिए कुमार विश्वास का शायराना अंदाज लोगों को काफी पसंद आया, जिसमें उनकी कविताएं और शायरी लोगों का दिल जीत गई। जैसे कि…

कुमार विश्वास

नहीं हमारे बीच कोई अनबन नहीं है, बस अब वो मन नहीं है

सुलझा रहा हूं मैं खुद को, तुम्हें लेकर कोई उलझन नहीं है- कुमार विश्वास

इस कविता को सुनाते हुए कुमार ने कहा कि यंगस्टर अपने आप को इन लाइनों से जरूर जोड़ सकेंगे, क्योंकि कई लड़के-लड़कियां यह एक-दूसरे से कहना चाहते हैं, लेकिन कह नहीं पाते।

इसके अलावा जब विश्वास से यह पुछा गया कि, क्या कविता लिखने का हुनर सिखाया जा सकता है? इसपर उनका जवाब था… नहीं, अगर यह हुनर है किसी के पास तो उसपर धार लगाई जा सकती है, लेकिन सिखाई नहीं जा सकती। ठीक उस तरह जिस तरह मार्बल पर धार नहीं लग सकती वो सिर्फ लोहे पर ही लग सकती है।

Picture Credits : Kuldeep Pundhir

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