सेहत

जाने ‘Respiratory System’ को बूस्ट करने वाली ब्रीथिंग एक्सरसाइज के बारे में

जाने कोरोना काल में फेफड़ों या रेस्पिरेटरी सिस्टम को मजबूत बनाने वाली एक्सरसाइज के बारे में


एक्सरसाइज हमारे लिए कितनी फायदेमंद होती है ये शायद हमें आपको बताने की जरूरत नहीं है। यह हमारे शरीर को स्वास्थ्य रखने में हमारी मदद करती है। अगर हम बात करें फेफड़ों के स्वास्थ्य की तो हमारे लिए फेफड़ों की अच्छी देखभाल करना हमेशा महत्वपूर्ण होता है और आज के समय में तो ये और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है। इस समय हम सभी लोग कोरोना महामारी से जूझ रहे हैं जो हमारी श्वसन पथ को प्रभावित करती है। सभी लोग से ये बार बार कहा जा रहा है कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए सामाजिक दूरी और हर समय मास्क पहनना बेहद जरूरी है। क्योंकि अगर आपके फेफड़े हेल्दी हुए तो आप इस कोरोना महामारी से आसानी से लड़ सकते हैं। इसलिए इस बुरे वक़्त में आपको अपने फेफड़ों या रेस्पिरेटरी सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए एक्सरसाइज करना जरूरी है। तो चलिए आज हम आपको कुछ ऐसे ब्रीथिंग एक्सरसाइज के बारे बताएंगे जिसे आपका रेस्पिरेटरी सिस्टम मजबूत बनेगा।

Respiratory System

ओसियन ब्रीथ: ओसियन ब्रीथ को उज्जायी प्राणायाम के नाम से भी जाना जाता है। यह एक संस्कृत के शब्द “उज्जायी” से लिया गया है। जिसका अर्थ होता है जितना। आपका इस तरह से सांस लेने का अभ्यास आपकी एकाग्रता में सुधार कर सकता है। आपके पूरे शरीर से तनाव को कम कर सकता है और शरीर के आंतरिक तापमान को नियंत्रित कर सकता है। साथ ही साथ आपके फेफड़ों के कार्य को बढ़ावा भी दे सकता है। इस उज्जायी प्राणायाम में आपको नासिका और अर्ध-बंद दोनों ग्लोटिस से गहरी सांस लेनी होगी है।

और पढ़ें: गर्मियों में वर्कआउट के दौरान ध्यान रखें ये चीजे, न करे ये कॉमन मिस्टेक्स

एब्डोमेन ब्रीथिंग: डायाफ्रामिक श्वास को पेट की श्वास या पेट श्वास के नाम से भी जाना जाता है। जो आपके पूर्ण ऑक्सीजन विनिमय को प्रोत्साहित करता है। इस तरह की श्वास हृदय की धड़कन को धीमा कर देती है और हमारे ब्लड प्रेशर को स्थिर भी रखता है। साथ ही साथ पेट की सांस लेने से तनाव में कमी भी आती है। आपकी स्ट्रेचिंग में वृद्धि की दक्षता और बेहतर शरीर जागरूकता को बढ़ावा देने में मदद करती है।

Respiratory System

लिप्स को सिकोड़कर ब्रीथिंग करना: इस तरह की एक्सरसाइज में आप अपनी नाक से सांस लेते हैं और अपने लिप्स को थपथपाकर धीरे-धीरे सांस छोड़ते हैं। ऐसे में सांस की कमी महसूस होने पर आपके सिकोड़े हुए लिप्स आपके फेफड़ों में अधिक ऑक्सीजन प्राप्त करने में मदद करते है और आपको शांत करने में मदद करते है। इससे आप नियंत्रित तरीके से सांस ले सकें है।

अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com

Back to top button
Hey, wait!

अगर आप भी चाहते हैं कुछ हटके वीडियो, महिलाओ पर आधारित प्रेरणादायक स्टोरी, और निष्पक्ष खबरें तो ऐसी खबरों के लिए हमारे न्यूज़लेटर को सब्सक्राइब करें और पाए बेकार की न्यूज़अलर्ट से छुटकारा।