नहीं रहे बॉलीवुड के मशहूर एक्टर गिरीश कर्नाड

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girish karnad

लम्बे अर्से से चल रहे थे बीमार ,81 वर्ष में मृत्यु


मशहूर लेखक ,एक्टर ,डायरेक्टर रहे  गिरीश कर्नाड का सोमवार सुबह निधन हो गया ,गिरीश कर्नाड ने पिछले महीने अपना 81 वां जन्मदिन  मनाया था.   बताया जा रहा है की गिरीश लम्बे समय से बीमार चल रहे थे .

लेखक के रूप में किया करियर की शुरुवात

गिरीश का जन्म 1938 को माथेरान में हुआ था , माथेरान अब महाराष्ट्र का हिस्सा है. शुरुवाती शिक्षा गिरीश ने मराठी भाषा में ही की थी. उन्होंने अपना पहला कन्नड़ नाटक ‘ययाति’ लिखा था  जिसके बाद इसे अंग्रेजी भाषा में भी अनुवादित किया गया. गिरीश के चर्चित नाटक -ययाति ,तुगलक ,हयवदना ,अन्जुमुल्लिगे, अग्निमतु माले ,नगा मंडला और अग्नि और बरखा हैं.  इनकी सभी रचनाओं में इतिहास और मिथोलॉजी का मिश्रण होता है .

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ऑक्सफ़ोर्ड यूनियन के प्रेजिडेंट  भी रह चुके हैं

गिरीश ने धारवाड़  कर्नाटक आर्ट्स कॉलेज से गणित और सांख्यिकी में BA  ग्रेजुएशन किया था,जिसके बाद उन्होंने इंग्लैंड  ऑक्सफ़ोर्ड से फिलोसोफी ,पॉलिटिक्स और इकोनॉमिक्स की पढ़ाई की. 1963  में उन्हें  प्रेजिडेंट चुना गया वे सात साल तक वहीँ रहे. ऑक्सफ़ोर्ड के बाद गिरीश अमेरिका जा कर युनिवर्सिटी ऑफ़ शिकागो में पढ़ाने लगे.  अध्यापन में मन न लगने  के कारण वे भारत लौट आये  और अपना पूरा ध्यान एक्टिंग और लेखन में लगाने लगे .

गिरीश ने किया है इन बॉलीवुड मूवीज़ में काम

निशांत – 1975

मंथन – 1976

स्वामी -1977

पुकार -2000

इक़बाल – 2005

आशाएं – 2010

एक था टाइगर – 2012

टाइगर ज़िंदा है -2017

पद्मभूषण और पद्मश्री गिरीश कर्नाड

सन 1976  में गिरीश को पद्मश्री से नवाज़ा गया ,और  साल बाद उन्हें 1992 में पद्मभूषण की उपाधि दी गयी .

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