Heart touching story: 12 साल की बच्ची ने अपनी पॉकेट मनी बचाकर लोगों को बांटे मास्क  

0
169

कचरा उठाने वाले की बेटी ने बांटे महिलाओं और बच्चों को मुफ्त मास्क


12 साल की भारती कुमारी अपने घर सिलाई मशीन से मास्क बनाती है. भारती रोज अपने घर पर दो घंटे मास्क बनाती है. इन सभी मास्क को वह मुफ्त में लोगों को बांटती है. भारती अभी तक 120 मास्क बना चुकी है. ये सभी मास्क उन्होंने महिलाओं और बच्चों को कोरोना वायरस से बचने के लिए बांटे हैं. आपको बता दे कि भारती कुमारी NGO चिंतन इन्फॉर्मल लर्निंग सेंटर में पढ़ती है. यह NGO में कचरा उठाने वालों  बच्चों को शिक्षा देता है. भारती मूल रूप से दिल्ली की रहने वाली है. भारती के माता पिता रामजीत तिवारी और मां माया देवी दोनों ही दिल्ली की भलस्वा डेयरी में एक एग्रीगेटर के लिए कचरा उठाते हैं. भारती ने इस NGO में हाइजीन सेशन जॉइन किया, जिसके कारण उन्हें कोरोना वायरस से बचाव के तरीकों के बारे में जाना.

और पढ़ें: चेन्नई की बैंकर निसारी महेश ने महिलाओं को आर्थिक रूप से स्ट्रांग बनाने के लिए शुरू किया ‘वन स्टॉप फाइनेंशियल प्लेटफार्म’

कैसे आया भारती को मुफ्त मास्क बांटने का ख्याल 

भारती को मुफ्त मास्क बाटने का ख्याल अपने पड़ोसियों और परिवार वालों को देख कर आया. क्योकि वो ना तो मास्क लगा रहे थे, और ना ही सोशल डिस्टेसिंग का पालन कर रहे थे. इसी लिए उसके दिमाग में मास्क बनाने का ख्याल आया. भारती के इस काम में लिए उसके 15 साल के भाई दीन बंधु ने उसका साथ दिया. भाई दीन बंधु ने मास्क बनाने के लिए ऑनलाइन रिसर्च की. साथ ही उसने कपड़े, सुई, धागे और सिलाई मशीन का जुगाड़ किया. दीन बंधु ने भी अपनी पॉकेट मनी से लगभग 500 रुपये खर्च किए. इस बारे में दीन बंधु का कहना है कि उसे अपनी बहन पर बहुत गर्व है. मुझे इस बात की बेहदे खुश हूं कि मेरी बहन लोगों को अवेयर कर रही है.

लोग भारती को मास्क बनाने वाली दीदी के नाम से बुलाते है

भारती फिलहाल अभी अपने परिवार के साथ अपने गांव भलस्वा में रह रही है. वह वो सर्वोदय कन्या विद्यालय में क्लास 8 में पढ़ती है. भारती के आस पास के लोग उनको ‘मास्क बनाने वाली दीदी’ के नाम से जानते हैं. जबकि कुछ लोग उसको कोरोना वॉरियर भी बुलाते है.

अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com