B R Ambedkar Jayanti 2020: ट्विटर ने बाबासाहेब आंबेडकर को दिया स्पेशल हैशटैग और इमोजी वाला ट्रिब्यूट

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14 अप्रैल को मनाई जाती है भीम राव आंबेडकर की जयंती।


डॉ. भीमराव अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू में सूबेदार रामजी शकपाल एवं भीमाबाई की चौदहवीं संतान के रूप में हुआ था। उनके व्यक्तित्व में बुद्धिमत्ता, ईमानदारी, सच्चाई, नियमितता का स्वभाव का मणिकांचन मेल था। बाबा साहेब के नाम से मशहूर अंबेडकर अपना पूरा जीवन सामाजिक बुराइयों जैसे छुआछूत और जातिवाद के खिलाफ संघर्ष में लगा दिया। इस दौरान बाबा साहेब गरीब, दलितों और शोषितों के अधिकारों के लिए संघर्ष करते रहे।

आंबेडकर जयंती के लिए ट्विटर ने शेयर किया स्पेशल हैशटैग और इमोजी।

आपको बता दे की हर साल 14 अप्रैल को आंबेडकर जंयती मनाई जाती है। क्योंकि इस दिन भीमराव अंबेडकर का जन्म हुआ था | इस साल आंबेडकर जयंती को देखते हुए केंद्र सरकार ने सभी सरकारी कार्यलयों में छुट्टी की घोषणा की है। और साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर ने भारत के संविधान निर्माता भीम राव आंबेडकर की जयंती के लिए उनके सम्मान में कुछ हैशटैग और इमोजी शेयर किया है। 14 अप्रैल से पहले ही ट्विटर ने स्पेशल हैशटैग #AmbedkarJayanti #JaiBhim #अंबेडकरजयंती #जयभीम और इमोजी तैयार किया है। जैसा की ट्विटर हर साल उनके जन्मदिन पर उनके सम्मान के लिए करता है। ट्विटर ने लोगों से अपील है कि इस स्पेशल हैशटैग और इमोजी का इस्तेमाल कर सकते हैं।

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आंबेडकर जयंती को क्या क्या चीजे रहेगी बंद।

14 अप्रैल को आंबेडकर जंयती के मोके पर केंद्र सरकार ने सभी सरकारी कार्यलयों में छुट्टी की घोषणा की है। केंद्र सरकार के कार्मिक मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में इसकी जानकारी दी गई है। की केंद्र सरकार ने बैंको के लिए भी यह छुट्टी अधिसूचित की है। इसलिए केंद्र सरकार के कार्यालय एवं बैंकों में 14 अप्रैल, मंगलवार को छुट्टी रहेगी।

किस किताब को पूरा करने के तीन दिन बाद हो गई थी। आंबेडकर की मृत्यु।

आपको बता दे की भारत के संविधान निर्माता भीमराव अंबेडकर को इसको लिखने में 2 साल 11 महीने और 17 दिन लगे थे। अंबेडकर ने अपनी मृत्यु से 3 दिन पहले ‘द बुद्ध एंड हिज़ धम्म’ नामक किताब लिखी थी इस किताब को पूरा करने के तीन दिन बाद 6 दिसंबर 1956 को दिल्ली में आंबेडकर का निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार मुंबई में बौद्ध रीति-रिवाज के साथ हुआ। ‘द बुद्ध एंड हिज़ धम्म’ पुस्तक आंबेडकर की मृत्यु के बाद 1957 में प्रकाशित हुई।

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