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शिवसेना के चप्‍पलमार सांसद ने दी आज अपनी सफाई

शिवसेना सांसद रविंद्र गायकवाड़ पहुंचे आज संसद


गुरुवार को शिवसेना के चप्पलमार सांसद ‘रविंद्र गायकवाड़’ संसद पहुंचे. रविंद्र गायकवाड़ ने अपनी सफाई देते हुए संसद में कहा, कि मेरे साथ इस मुद्दे पर अन्याय हो रहा है, साथ ही कहा, यह एक जनप्रतिनिधि के साथ अन्याय हुआ है.

गायकवाड़ ने मीडिया पर निशाना साधते हुए कहा कि बिना जांच पड़ताल के मेरे साथ मीडिया ट्रायल हुआ है. इस सब के बीच शिवसेना के सांसदों ने उड्यन मंत्री गजपति राजू के खिलाफ नारेबाजी भी की. ये मामला धक्का-मुक्की तक पहुंच गया और बचाव के लिए राजनाथ सिंह और स्मृति ईरानी जैसे मंत्रियों को उतरना पड़ा.

रविंद्र गायकवाड़ लोकसभा में

सांसद ने लगाया एयर इंडिया के अफसर पर आरोप

सांसद ने एयर इंडिया के एक अफसर पर आरोप लगते हुए कहा, कि कर्मचारी ने मुझसे कहा, कि मैं एअर इंडिया का बाप हूं. सांसद ने कहा, कि मेरे संवैधानिक अधिकार की संसद रक्षा करे. साथ ही गायकवाड़ ने दिल्‍ली पुलिस के द्वारा चलाए जा रहे केस पर सवाल उठाते हुए कहा, कि दिल्ली पुलिस इस मुद्दे पर ‘अटेम्प्ट टू मर्डर’ का केस कैसे चला सकती है. रविंद्र ने एयर इंडिया कंपनी पर भी आरोप लगया और उन्‍होंने कहा, कि कंपनी ने इस विवाद के बाद मेरे नाम से सात टिकट निकाले गये, उन्होंने कहा, कि जब मैं गया ही नहीं तो मेरे नाम से टिकट कैसे निकाले गये.

सांसद ने कहा, मेरा मीडिया ट्रायल हो रहा है

रविंद्र गायकवाड़ ने अपनी सफाई देते हुए कहा, कि सत्य की विजय तो संसद में ही नहीं सब जगह होनी चाहिए. मेरे लिए तो आप (स्पीकर) मां जैसी हैं. सांसद ने कहा, मैंने क्या बुरा किया है? मेरा क्या अपराध है? जो मेरा मीडिया ट्रायल हो रहा है? शिवसेना सांसद ने कहा, सदन में उपस्थित रहने के लिए मैं 24 मार्च को आ रहा था. मैंने सीट के लिए झगड़ा किया, मार पीट भी किया था. ये कहना गलत है. इकोनॉमी क्लास रहने के बाद मैं दिल्ली पहुंचा. शांति से क्रू को कहा, कि शिकायत ले लो, मैं लिखकर देने को तैयार था. पर उन्होंने विवाद खड़ा किया.

हवाई कंपनी ने टिकट नहीं दिया तो चॉर्टर्ड प्लेन से आये दिल्ली

दरअसल, चप्पलमार सांसद रविंद्र गायकवाड़ को अभी भी कोई भी हवाई कंपनी टिकट नहीं दे रही है. जिसके बाद गायकवाड़ बुधवार को चार्टर्ड प्लेन से दिल्ली आये और इस से पहले भी वह ट्रेन और कार से दिल्ली आ चुके हैं.

आज संसद में हुआ हंगामा, बचाव में उतरे राजनाथ, स्‍मृति

आज लोकसभा में सांसद के बयान के बाद शिवसेना सांसदों ने लोकसभा में बहुत हंगामा किया. शिवसेना सांसदों ने उड्डयन मंत्री अशोक गजपति राजू के साथ धक्का-मुक्की करने की कोशिश की और इस के बचाव में गृहमंत्री राजनाथ सिंह, स्मृति ईरानी के साथ कई सांसदों को बचाव में उतरना पड़ा.

आइए जानिए क्‍या था पूरा मामला?

महाराष्ट्र के उस्मानाबाद से लोकसभा सदस्य रविंद्र गायकवाड़ ने पिछले ही महीने एअर इंडिया के एक 60 वर्षीय ड्यूटी प्रबंधक से दुर्व्यवहार किया था. उस अफसर को कई बार चप्पल से पीटा था. पीटने वाली यह बात उन्होंने खुद मीडिया से बातचीत में कही थी, पिटाई के वक्‍त वहां मौजूद विमान परिचारिका एक वीडियो में गायकवाड़ से यह कहती सुनी जा रही है, कि सर, छोड़ दीजिए, मर जाएगा.. आपको सजा हो जाएगी. मगर, उसने दो दिन बाद कहा, “गायकवाड़ का व्यवहार अच्छा था, वह ऐसा कर ही नहीं सकते हैं.

चार बार कैंसिल हुई हवाई टिकट

एअर इंडिया के 60 साल के कर्मचारी को चप्पल से पीटने के बाद ‘फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस’ की ओर से उनकी हवाई यात्रा पर रोक लगाई गई थी. इसी वजह से ही रविंद्र गायकवाड़ की अब तक चार से ज्यादा बार हवाई टिकट कैंसिल हो चुकी है.

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बिज़नस

आज जियो ऑफर का आखिरी दिन

आज से जियो ऑफर खत्म हो जायेगा


आज 31 मार्च है यानि वित्तीय वर्ष का आखिरी दिन है. 1 अप्रैल यानि कल ‍से नया वित्तीय वर्ष शुरू होने वाला है. बीते कई दिनों से कई ऐसे ऑफर्स चल रहे हैं, जो कि आज खत्म होने वाले हैं. इन ऑफर का फायदा उठने के लिए बस अब कुछ ही घंटे बचे हैं. आज से जियो ऑफर भी ख़त्म हो जायेगा.

जियो ऑफर

आइए जाने कौन-से हैं वो ऑफर्स जो आज खत्‍म होने वाले हैं.

1. जियो सिम का हैपी न्‍यू ईयर ऑफर जियो ऑफर

1 अप्रैल 2017 से रिलायंस जियो सिम यूज करने के लिए आप को पैसे देने होंगे. आज हैपी न्यू ईयर जियो ऑफर आधिकारिक तौर पर खत्म होने जा रहा है. रिलायंस जियो 1 अप्रैल से Jio Prime की शुरुआत करने वाला है. दूसरी कंपनियों की तरह ही जियो के लिए भी स्टैंडर्ड टैरिफ शुरू हो जाएंगे. दरअसल, काफी महीनों से लोग जियो के फ्री इंटरनेट का फायदा उठा रहे थे, मगर अब यह ऑफर सिर्फ चंद घंटे के लिए ही बचा हैं.

आप की जानकारी के लिए बता दें, जियो के ऑफर भले ही खत्म होने जा रहे हैं, मगर 1 अप्रैल से सरकारी टेलीकॉम कंपनी MTNL और बीएसएनएल ने जियो प्राइम से भी बेहतर प्लान लॉन्च करने का ऐलान किया है. बीएसएनएल ने अपने नए प्लान के बारे में पहले ही जानकारी दे दी है, मगर MTNL का स्टेटमेंट अब आया है.

2. कालेधन से बचने का आप के पास आखिरी मौका

8 नवंबर 2016 से 500 और 1000 रूपये के नोट बंद कर दिए गए थे और इन नोटो को जमा करवाने और अपने कालेधन की जानकारी देने की आखिरी तारीख 31 मार्च दी गई थी. मतलब, कि कालेधन के खिलाफ केन्द्र सरकार की मुहिम में 31 मार्च अहम तारीख है. अगर आपके पास अघोषित पैसा जमा है या फिर कालाधन दबा पड़ा है तो आज शाम तक उसकी सूचना इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को दे दें. यदि आप खुद से सूचना देते हैं, तो आपके ऊपर एक बड़ी पेनाल्टी लगाई जाएगी और उस कालेधन का कुछ अंश आपको मिल भी जाएगा.

कालाधन

फिर आप का कालाधन देश से गरीबी हटाने के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में डाला जाएगा. अगर आज और आप कालेधन की सूचना नहीं देते हैं तो इनकम टैक्‍स विभाग अपने पास उपलब्ध जानकारी के आधार पर टैक्स, सरचार्ज और सेस लगाने की प्रक्रिया शुरू कर देगा. अकेले ये सभी टैक्स, सरचार्ज और सेस आप के कालेधन का कुल 77.25 % ही होगा और इसके ऊपर बची हुई रकम पर जुर्माना भी इनकम टैक्स ही लगाएगी. साथ ही इसके अलावा आप को जेल तक भेजने के लिए विभाग कानूनी लड़ाई की शुरुआत भी कर सकता है.

3. BS-III वाहनों पर आज आखिरी छूट

देश में लगातार बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 1 अप्रैल से बीएस-3 वाहनों के निर्माण, बिक्री और रजिस्ट्रेशन को पूरी तरह से बैन कर दिया है. 1 अप्रैल से देश में सिर्फ बीएस-4 वाहन ही बनाए और बेचे जाएंगे. इस मामले में एक्सपर्ट्स का कहना है, कि ऑटो सेक्टर इस फैसले से बहुत ज्‍यादा प्रभावित नहीं होगा. जिन कंपनियों के पास बीएस-3 का स्टॉक है, उनपर थोड़ा दबाव बनेगा मगर इस फैसले से नई डिमांड भी पैदा होगी.

बीएस-III वाहनों की खरीद-बिक्री पर पाबंदी के आदेश के बाद से ही टू-व्हीलर कंपनियां ने इन मॉडल पर भारी छूट देने शुरू कर दी है. टू-व्हीलर पर 22 हजार रूपये तक की छू दी जा रही है. मगर छूट सिर्फ BS-III मॉडल दुपहिये वाहनों पर 31 मार्च तक के लिए ही है. मतलब अब आप के पास सिर्फ चंद घंटे ही बचे हैं.

आप को बता दें, ऑटो मैन्युफैक्चरर्स ने BS-III वाहनों की बिक्री में एक साल की छूट देने के लिए अर्जी लगाई थी. सुप्रीम कोर्ट ने इस अर्जी पर सुनवाई करते हुए, यह फैसला सुनाया है. सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स अनुसार, कंपनियों के पास इस वक्त बीएस-3 के लगभग 8.2 लाख गाड़ियां हैं.

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भारत

नव वर्ष की झलक इस बार संसद में भी

नए साल शुरूआत में डूबा देश


इस साल जब पूरा देश ‘भारतीय नव वर्ष’ के जश्‍न में डूबा होगा तो हमारे देश की संसद भी इससे अछूती नहीं रहपाएगी. इस साल गुड़ी पड़वा, वर्ष प्रतिपदा, उगाड़ी और चेटी-चंड जैसे नामों से मनाए जाने वाले नव वर्ष की झलक सांसद में नजर आएगी.

संसद में नव वर्ष के मौके पर ‘नूतन संवत्सर समारोह’ का आयोजन

इस साल संसदीय इतिहास में पहली बार हिंदू पंचांग के नव वर्ष के मौके पर ‘नूतन संवत्सर समारोह’ का आयोजन हो रहाहै. इस कार्यक्रम में सांसदों के लिए खास भोज होगा साथ ही गुड़ी पड़वा की प्रतीक गुड़ी भी टांगी जाएगी. ‘नूतन संवत्सर समारोह’ के आयोजन की मेज़बानी लोकसभा की अध्यक्ष‘सुमित्रा महाजन’ कर रही हैं. लोकसभा और राज्‍यसभा केसांसद और संसद का पूरा स्टाफ को कार्यक्रम का शामिल होने का न्यौता दिया गया है.

सचिवालय के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आयोजन के लिए संसद में एक तरफ महाराष्ट्र शैली में जहां गुड़ी टांगी जाएगी, तो वहीं दूसरी तरफ खास दक्षिण भारतीय रंगोली की सज्जा भी होगी. इस कार्यक्रम के लिए संसद के कोर्टयार्ड 9के पास एक विशेष प्रांगण को कलशों से भी सजाया जा रहा है. मगर यह कार्यक्रम एक कामकाजी आयोजन होगा. इसलिए उत्सव भोज का वक्‍त संसद के किसी रोजमर्रा दिन की तरह दोपहर के भोजनावकाश के समय रखा गया है.

ख़बरों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कार्यक्रम में शामिल होंगे. वर्ष प्रतिपदा के साथ ही शुरू हो रही चैत्र नवरात्रि पर पीएम नरेन्‍द्र मोदी उपवास रखते हैं, इसलिएउनके और अन्य उपवासी सांसदों के लिए सात्विक भोज, नींबू पानी और फलाहार की भी खास व्यवस्था की गई है.

पीएम मोदी और सीएम योगी रखते हैं पूरे नवरात्रों में व्रत

मंगलवार यानी आज से चैत्र नवरात्रि‍ की शुरूआत हो रही हैं. भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के सीएमयोगी आदित्यनाथ दोनों पूरे नवरात्रों में व्रत रखते हैं, साथ हीविधि विधान से पूजा करते हैं. पीएम नरेंद्र मोदी साल के दोनों नवरात्रों में व्रत रखते हैं. पीएम मोदी नौ दिन कुछ भी नहीं खाते, सिर्फ नौ दिन नींबू पानी या सादा पानी पीते हैं. नौ दिनों तक दुर्गा सप्‍तशती का पाठ करते हैं. पीएम मोदी ने पिछले40 साल में अपना व्रत कभी नहीं तोड़ा है.

उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी नवरात्रि मेंखूब पूजा-अर्चना करते हैं. खबरों के माने तो इस दौरान वे दिन में दो बार फल खाते हैं. योगी आदित्यनाथ सुबह उठकर मांकी पूजन करते हैं. उनके बारे में ये प्रख्‍यात है, कि वे सुबह जल्‍दी उठते हैं, मगर नवरात्रि के दौरान वे सुबह तीन बजे उठ जाते हैं और फिर मां की पूजा-अर्चना आरंभ करते हैं.

ऐसे कहते हैं, कि आदित्‍यनाथ, चैत्र नवरात्रि से अधिक शारदीय नवरात्रि में तप करते हैं. शारदीय नवरात्रि को वे नाथ परंपरा के मुताबिक मनाते हैं. वही गोरखनाथ मठ के लोग कहते हैं, कि वह उस दौरान अपने कमरे में ही रहते हैं. पूरेविधान के साथ मां की पूजा करते हैं. फिर वह अष्‍टमी को अपने कक्ष से बाहर निकलते हैं. चूंकि वे इस दौरान नाथ संप्रदाय के अनुसार पूजन करते हैं, इसलिए अपने गुरु जैसी एक टोपी पहने रहते हैं. अष्‍टमी को कन्‍या पूजन भी करते हैं,फिर दक्षिणा देकर हवन करते हैं.

पीएम मोदी के व्रत से बराक ओबामा हो गए थे हैरान

आप को बात दें, कि साल 2014 में अमेरिका यात्रा में भी पीएम मोदी ने अपना व्रत नहीं तोड़ा था. तत्कानलीनराष्‍ट्रपति बराक ओबामा के साथ डिनर पर सिर्फ सादा पानी ही पीया था. सिर्फ पानी पीकर और एक समय फल खाकरपीएम नरेन्‍द्र मोदी को इतनी एनर्जी में देखकर बराक ओबामा परेशान हो गए थे और उस व‍क्‍त मोदी ने इसे योग का कमाल बताया था.

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मनोहर पर्रिकर होंगे गोवा के मुख्‍यमंत्री

मनोहर पर्रिकर बनेगे गोवा के मुख्‍यमंत्री


11 मार्च को गोवा के विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से नई सरकार के गठन को लेकर पणजी से राजधानी दिल्ली तक सियासत गर्मा गई है. ये मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा है. कांग्रेस पार्टी ने पूर्व केन्‍द्रीय रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के सीएम शपथ ग्रहण पर रोक लगाने की मांग भी की है. मगर कोर्ट ने पर्रिकर के शपथ पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है.

14 मार्च को इस याचिका पर सुनवाई करते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने मनोहर को 16 मार्च को गोवा में बहुमत परीक्षण कराने को कहा है. साथ ही कोर्ट ने राज्यपाल से इससे पहले सभी प्रक्रिया पूरी करने को कहा है.

मनोहर पर्रिकर

17 विधायक के साथ राजभवन पहुंचे दिग्विजय सिंह

इस सब के बीच कांग्रेस पार्टी ने गठन के लिए कोई भी कसर नहीं छोड़ रही है. कांग्रेस के 17 विधायक के साथ महासचिव दिग्विजय सिंह बस से राजभवन पहुंचे हैं. दरअसल, कांग्रेस मांग कर रही है, कि सिंगल लार्जेस्ट पार्टी होने की वजह से पहले उन्हें सरकार बनाने का मौका मिलाना चाहिए. कांग्रेस इस मामले को सुप्रीम कोर्ट लेकर गई, जहां कोर्ट ने कांग्रेस को इसी बात के लिए फटकार लगी, कि अगर आपके पास संख्याबल है तो आप पहले राज्यपाल के पास क्यों नहीं गए थे?

सुप्रीम कोर्ट से कांग्रेस को कड़ी फटकार मिली

मनोहर पर्रिकर आज शाम पांच बजे गोवा के मुख्‍यमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं. कांग्रेस इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी, मगर कोर्ट ने कांग्रेस से ही कई सवाल पूछ डाले थे. सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस से पूछा, कि अगर आपके पास संख्या है, तो संख्याबल के साथ गवर्नर के पास क्यों नहीं गए?. साथ ही कोर्ट ने कांग्रेस से कहा, कि अगर आप पहले गवर्नर के पास अपने संख्याबल के साथ जाते और फिर सुप्रीम कोर्ट आते तो हमारे लिए फैसला लेना आसान हो जाता.

इस सुनवाई के दौरान कांग्रेस पार्टी के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट में कहा, कि हम गोवा में सरकार बना सकते हैं. चुनाव में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनी है. राज्यपाल को इस मामले में सबसे बड़ी पार्टी से पहले चर्चा करनी चाहिए थी.

दरअसल, कांग्रेस का आरोप है, कि गोवा के राज्यपाल को सबसे बड़े दल को पहले मौका देना चाहिए था. बीजेपी को सरकार बनाने से विधायकों की खरीद-फरोख्त को बढ़ावा मिलेगा.

लोकसभा से किया वॉकआउट

कांग्रेस सरकार ने मणिपुर और गोवा राज्‍य को लेकर लोकसभा में मुद्दा उठाया था और कहा, कि वहां पर जो हो रहा है वह ठीक नहीं है. इस मुद्दे पर कांग्रेस और एनसीपी ने लोकसभा से वॉकआउट किया. कांग्रेस सरकार का आरोप है, कि दोनों राज्‍य में डेमोक्रेसी का मर्डर किया गया है.

मनोहर पर्रिकर को सरकार बनाने का न्योता

गोवा के राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने मनोहर पर्रिकर को सरकार बनाने का न्योता दिया है और उन्‍होंने रक्षा मंत्री पद से इस्तीफा भी दे दिया है. दरअसल, बीजेपी ने गोवा में 21 विधायकों का समर्थन होने का एक पत्र राज्यपाल को सौंपा था. वहीं कांग्रेस ने गोवा की राज्यपाल को पत्र लिखकर कहा है, कि सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते उसे सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाए. 16 मार्च को सुबह 11 बजे विधानसभा बुलाई जाएगी, जिसमें भाजपा अपना बहुमत साबित करेगी.

आइए जानें किस पार्टी के पास है, कितनी सीटें दोनों राज्‍य में.

गोवा राज्‍य 40 सीटें

कांग्रेस- 17 सीटें
बीजेपी- 13 सीटें
महाराष्ट्रवादी गोमांतक- 3 सीटें
गोवा फॉरवार्ड पार्टी- 3 सीटें
नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी- 1 सीट
निर्दलीय- 3 सीटें

मणिपुर राज्‍य 60 सीटें

कांग्रेस के पास 28 सीटें
बीजेपी के पास 21 सीटें
नागालैंड पीपुल्स फ्रंट के पास 4 सीटें
नेशनल पीपुल्‍स पार्टी के पास 4 सीटें
तृणमूल कांग्रेस के पास 1 सीट
लोक जन शक्ति पार्टी के पास 1 सीट
निर्दलीय के पास 1 सीट

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पूरा उत्‍तर प्रदेश रंगा केसरिया रंग से, चला मोदी का जादू

के‍सरिया रंग में रंगा भारत देश


उत्‍तर प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों के रुझान आज आ चुके हैं. रुझानों के अनुसार, उत्‍तर प्रदेश में बीजेपी बहुमत के साथ अपनी सरकार बना रही है. समाजवादी पार्टी – कांग्रेस पार्टी गठबंधन और मायावती की पार्टी बसपा काफी पीछे नजर आ रहे है. एक बार फिर यूपी में पीएम नरेन्‍द्र मोदी की लहर दौड़ी गई है और उस लहर ने विपक्ष को धराशायी कर दिया है.

आइए जानें यूपी में किस को कितनी सीटें मिली.

उत्‍तर प्रदेशः 403 सीटें
बीजेपी – 309 सीटें
सपा-कांग्रेस गठबंधन – 62 सीटें
बीएसपी – 18 सीटें
अन्‍य – 14 सीटें

यूपी में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत

इस बार यूपी के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 300 सीटों का आंकड़ा पार कर लिया है. इस जीत के बाद यूपी के लखनऊ बीजेपी दफ्तर में बीजेपी के समर्थकों में जश्न का माहौल बना हुआ है. केसरिया रंग से होली खेली जा रही है. अगर बीजेपी का यूपी में इतिहास देखा जाए तो साल 1991 बाद बीजेपी की ये बड़ी जीत है. 1991 में 221 सीटों से बीजेपी ने जीत दर्ज की थी.

बीजेपी नेताओं की जीत पर प्रतिक्रिया

  • बीजेपी की मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा, कि यह पीएम मोदी के नेतृत्व और अमित शाह की कड़ी मेहनत की जीत है.
  • योगी आदित्‍यनाथ ने कहा, कि लोगों ने सपा-कांग्रेस के गठबंधन को नकार दिया है. जनता ने विकास के लिए वोट किया है.
  • अमित शाह ने ट्वीट करके भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं और प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी को बधाई दी है.

आइए जानते हैं साल 1980 से साल 2012 तक का यूपी में बीजेपी का सीटों का इतिहास.

साल 1980 – 11 सीटें
साल 1985 – 16 सीटें
साल 1989 – 57 सीटें
साल 1991 – 221 सीटें
साल 1993 – 177 सीटें
साल 1996 – 174 सीटें
साल 2002 – 88 सीटें
साल 2007 – 51 सीटें
साल 2012 – 47 सीटें

जनता को पसंद नहीं आया यूपी के लड़कों का साथ

दरअसल, उत्‍तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव और कांग्रेस पार्टी के उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी ने एक साथ मिलकर चुनाव लड़ा और कई नारे लिखे गए, कि यूपी को ये साथ पसंद है. दोनों ने अपने आप को यूपी के लड़के बताया. चुनावी रैलियों में पीएम नरेन्‍द्र मोदी ने दोनों के गठबंधन को दो कुनबों का गठबंधन कहा, मगर अखिलेश ने इस बात पर जोर दिया, कि ये गठबंधन दो कुनबों का नहीं, दो युवाओं का है.

यूपी में नहीं चली भैय्या-भाई की जोड़ी

चुनावी रैलियों में अखिलेश यादव की पत्‍नी डिंपल यादव का जादू भी बहुत देखने को मिला. मगर चुनाव परिणाम में वो जादू नहीं दिखा. दरअसल, ऐसा माना जा रहा था, कि अखिलेश भैय्या और डिंपल भाभी की जोड़ी यूपी में युवाओं और महिलाओं के सपनों को साकार करेगी और यूपी की जनता इस जोड़ी पर विश्‍वास करेगी. मगर ऐसा कुछ नहीं हुआ.

मायावती के वोटबैंक पर सवाल

बसपा ने इस चुनाव में मुस्लिम वोटरों को लुभान की जमकर कोशिश की और पार्टी ने अबतक के अपने विधानसभा चुनावों के इतिहास में सबसे ज्यादा 97 मुसलमान उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था. साल 2017 के चुनावों में मायावती की सीटें कुछ इतना नीचे पहुंच गई हैं, कि उन्‍हें देखते हुए सवाल उनके वोटबैंक पर उठना तय हो गया है. सवाल ये है, कि क्या लोकसभा चुनावों 2014 के बाद, एक बार फिर उत्‍तर प्रदेश के दलित वोटरों ने किसी का वोटबैंक बनने से साफ इंकार कर दिया है.

आप को बता दें, यूपी में सात चरणों में चुनाव हुए थे. पहले चरण के लिए 1 फरवरी को वोट डाले गए थे. दूसरे चरण के लिए 15 फरवरी को, तीसरे चरण के लिए 19 फरवरी को, चौथे चरण में 53 सीटों पर 23 फरवरी को वोटिंग हुई. पांचवें चरण के लिए 27 फरवरी को, छठे चरण के लिए 4 मार्च को, सातवें चरण में 40 सीटों पर 8 मार्च को वोट डाले गए थे.

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सपा- कांग्रेस गठबंधन ने जारी किया, साझा घोषणा पत्र

सपा- कांग्रेस गठबंधन ने जारी किया, साझा घोषणा पत्र


यूपी के विधानसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पार्टी ने गठबंधन की साझा न्यूनतम प्रतिबध्ताएं घोषित कर दी है. शनिवार को लखनऊ के ताज होटल में उत्‍तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और कांग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने मीडिया संवादादाताओं के सामने यूपी में सरकार बनने पर अपनी दस बड़े वादे पेश किए हैं.

आइए जानें साझा घोषण पत्र में किए गए वादेः-

  • किसानों को कर्ज से राहत, सस्‍ती बिजली और फसलों के उचित दाम दिए जाएंगे
  • युवाओं को फ्री स्मार्टफोन और 20 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण से रोजगार की गारंटी दी है
  • महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 33% और पंचायत व स्‍थानीय चुनावों में 50% आरक्षण दिया जाएगा
  • कक्षा 9वीं से 12वीं के सभी छात्राओं और मेधावी छात्रों को मुफ्त साइकिल मिलेगी
  • 1 करोड़ गरीब परिवारों को 1000 रुपये मासिक पेंशन और शहरी गरीबों को 10 रूपये में दिन का भोजन दिया जाएगा
  • 10 लाख से ज्‍यादा दलितों व पिछड़े वर्ग के परिवारों को मुफ्त घर देंगे
  • 5 साल में हर गांव को बिजली पानी और सड़क देने का वादा किया है
  • तेज और असरदार कार्यवाई के लिए पुलिस का आधुनिकीकरण और डायल 100 योजना का विस्तार होगा
  • प्रदेश के सभी जिलों को 4 लेन रोड से और 6 प्रमुख शहरों को मेट्रो जोड़ेगे
  • लाभकारी योजनाओं में अल्‍पसंख्‍यक व पिछड़ों को जनसंख्‍या के अनुपात में हिस्‍सेदारी

राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, कि उत्‍तर प्रदेश में विजन की सरकार आएगी, भाईचारे और मोहब्बत की सरकार होगी. ये दस प्वाइंस विकास की नींव बनेंगे. हम किसानों की मदद करेंगे और युवाओं को रोजगार देंगे.

लखनऊ के ताज होटल में घोषणा पत्र जारी करने के बाद दोनों ने मीडिया से बातचीत भी की. बातचीत के दौरन राहुल और अखिलेश ने जमकर प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी पर निशाना साधा. राहुल गांधी ने मोदी के मनमोहन सिंह और कांग्रेस पर हमले का तीखा जवाब देते हुए कहा, कि मोदी जी को गूगल सर्च करना, लोगों के बाथरूम में झांकना, जन्‍मपत्री पढ़ना अच्‍छा लगता है, यह सब वो करें मगर अपने फ्री टाइम में करें.

दरअसल, पीएम मोदी ने संसद में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर कटाक्ष किया था, कि बाथरूम में भी रेनकोट पहनकर नहाना डॉक्टर साहब से सीखें. साथ ही शुक्रवार को उत्तराखंड की सभा में पीएम मोदी ने कहा था, कि गूगल पर चेक करो तो सबसे ज्यादा चुटकुले कांग्रेस नेता यानी राहुल गांधी पर ही मिलते हैं.
साथ ही राहुल ने कहा, कि मोदी जी अपने वादे पूरे करें, जो उन्‍होंने नहीं किए हैं, मोदी जी हर साल दो करोड़ लोगों को रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन सिर्फ एक लाख लोगों को ही रोजगार दे पाए हैं. राहुल गांधी ने कहा, कि अगर प्रधानमंत्री का काम होता है, रोज़गार देना, security देना और किसानों को उनका हक़ देना तो इन सब में हमारे प्रधानमंत्री 100% फेल हो गए हैं. सीटों पर विवाद को लेकर सवाल पूछने पर राहुल गांधी ने कहा, कि उत्‍तर प्रदेश की 99 फीसदी सीट पर कोई समस्‍या नहीं है, सिर्फ 6-7 सीट को लेकर थोड़ा विवाद है.

वहीं सीएम अखिलेश यादव ने भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, कि कुछ लोग गठबंधन से डर गए है, साथ ही कहा, कि बहुत गुस्सा होना अच्छी बात नहीं है, इससे यह पता चलता है, कि पैरों के नीचे से ज़मीन सरक रही है. अखिलेश ने पीएम मोदी को जवाब देते हुए कहा, कि यह गठबंधन दो कुनबों का नहीं दो युवाओं का है.
दरअसल, उत्‍तरप्रदेश के बिजनौर में विजय शंखनाद रैली को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने कहा था, कि ये गठबंधन दो पार्टी का नहीं दो कुनबों का है.
आप को बता दें, आज यूपी में 73 विधानसभा सीटों के लिए पहले चरण का मतदान हो रहा है. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से के 15 जिलों की 73 विधानसभा सीटों पर मतदान होना है. इस पहले चरण में 2,60,17,128 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करने वाले हैं, जिसमें 1,42,76,128 पुरुष और 1,17,76,308 महिलाएं हैं.

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पॉलिटिक्स भारतीये पॉलिटिक्स

पीएम मोदी बोले,’ अखिलेश मेरे भाषण की नकल करते है, मेरी तरह सवाल पूछते हैं’

पीएम मोदी बोले,’ अखिलेश मेरे भाषण की नकल करते है, मेरी तरह सवाल पूछते हैं’


शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के बदायूं में एक जनसभा को संबोधित किया. इस जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम नरेन्‍द्र मोदी ने समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, मुलायम सिंह, मायावती, अखिलेश यादव और राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा.

अखिलेश मेरे भाषण की नकल करते हैं

पीएम मोदी ने कहा, कि ‘अखिलेश यादव मेरे भाषण की नकल करते हैं. वो मेरे तरह सवाल-जवाब पूछने लगे हैं. अखिलेश पूछते है, कि क्या अच्छे दिन आ गए? ‘ मोदी ने कहा, कि ‘मैं कहता हूं कि उत्‍तर प्रदेश के अच्छे दिनों की जिम्मेदारी अखिलेश यादव की है. 5 साल से अखिलेश सरकार में हैं.’ पीएम मोदी ने कहा, कि ‘जहां भी ये नेता जाते हैं वहां जा कर सिर्फ नरेन्‍द्र मोदी की बात करते हैं, कहते हैं मोदी जी ने ये किया, मोदी जी ये करते है, लेकिन कोई अपने काम का हिसाब नहीं देते है.’

पीएम मोदी ने कहा, बदायूं तो वीआईपी जिला है, फिर विकास क्‍यों नहीं

पीएम नरेन्‍द्र मोदी ने बदायूं के लोग से कहा, कि ‘साल 2014 में मैं नहीं आ पाया था, उसके लिए क्षमा याचना, लेकिन इस बार आया हूं तो ब्याज समेत लौटा देना मुझे’. साथ ही कहा, कि बदायूं इतना बड़ा जिले होने के बाद भी क्या कारण है, कि हिन्दुस्तान में सबसे बुरे जिलों में से एक बदायूं है, सबसे बुरे 100 जिलों में बदायूं का नाम आता है. बदायूं तो वीआईपी जिला है, क्योंकि यह तो मुलायम सिंह यादव और मायावती का कार्य क्षेत्र रहा है, फिर भी बदायूं का विकास नहीं हुआ है. बदायूं के लोगों ने जिसे अपना आशीर्वाद दिया, उसी ने इस जिले का क्या हाल बना दिया है.

अखिलेश का काम नहीं कारनामें बोलते हैं

पीएम मोदी ने जनसभा में कहा, कि साल 2014 में बदायूं से मेरा सांसद नहीं जीता था, मगर बदायूं के लोग मेरे ही थे. मायावती और मुलायम सिंह को जहां पहुंचना था वह पहुंच गए, मगर आजादी के बाद इतने सालों भी यहां बिजली नहीं पहुंच पाई है. अखिलेश यादव बोलते हैं, कि काम बोलता है, जबकि यूपी का बच्चा-बच्चा जानता है, कि अखिलेश का काम नहीं कारनामें बोलते हैं.

18 हजार गांव में बिजली नहीं थी

आजादी के 70 सालों के बाद 18 हजार गांव ऐसे थे, जहां पर बिजली नहीं थी और ये आजाद भारत में ये सबसे बड़ा कलंक था. तो मैंने कहा, कि 1000 दिनों के भीतर बिजली पहुंचानी है, ये काम पूरा हो गया है. अकेले यूपी में 1500 गांव ऐसे थे, जहां बिजली नहीं थी, लेकिन बिजली पहुंच गई है.
मेरी लड़ाई में एक दिन इनको भी फेरे में लेगी

पीएम नरेन्‍द्र मोदी ने कहा, कि सपा और बसपा जानती है, कि मेरी भ्रष्टाचार के खिलाफ की लड़ाई में एक दिन इनको भी फेरे में लेगी. पीएम ने कहा, कि जिन्होंने गरीबों का लुटा है, मैं उन गरीबों को लौटा के रहूँगा. अगर यूपी की जनता कहती है, कि उनके हाल ठीक नहीं है, तो उसके लिए पांच साल समाजवादी पार्टी, पांच साल बहुजन समाजवादी पार्टी और 50 साल कांग्रेस के कारनामे इसके जिम्मेदार है.

मेरी सरकार जो भी करेगी , देश के लिए करेगी

पीएम मोदी अपनी सरकार के बारे बताते हुए कहा, कि मेरी सरकार जो भी करेगी, इस देश के गरीब लोगों के लिए, दलित के लिए , किसान, पीड़ित, शोषित और वंचित वर्ग के लोगों के लिए ही करेगी. मायावती और अखिलेश पर निशाना साधते हुए कहा, कि मायावती –अखिलेश मिले हुए हैं और अखिलेश सरकार ने भ्रष्ट अधिकारियों को मायावती सरकार से भी बेहतर सीटों पर बिठाया है

विपक्ष सबूत मांगता है

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा, कि मैं आप सब को एक खुशखबरी देना चाहता हूं, हमारे देश के वैज्ञानिकों ने एक बड़ा ही पराक्रम कर दिखाया है. अगर कोई मिसाइल देश के आसमान में आती है तो हम उसे सफलता पूर्वक खत्म कर सकते हैं. मगर ये लोग सबूत मांगते हैं, अगर सबूत चाहिए तो ढेढ़ सौ किलोमीटर ऊपर जाओ. मोदी ने चुटकी लेते हुए कहा, कि अभी नहीं जाएंगे, एक महीने बाद जाएंगे क्‍योंकि जब कुछ करने को नहीं होगा.

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पीएम मोदी की रेनकोट की टिप्‍पणी पर बरसा विपक्ष

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की रेनकोट की टिप्‍पणी पर बरसा विपक्ष


राज्यसभा में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के अभिभाषण पर धन्‍यवाद प्रस्‍ताव के दौरन बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कांग्रेस पार्टी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर जमकर निशाना साधा. पीएम मोदी ने कहीं मनमोहन सिंह की तारीफ की तो कहीं उनपर तंज कसे. प्रधानमंत्री के इस वक्तव्य को सदन के कई विपक्षी सांसदों ने चुनाव भाषण तक करार दिया है. पीएम मोदी के भाषण के कई हिस्से ऐसे थे, जिन्हें प्रधानमंत्री अपनी चुनावी रैलियों के बोलते रहे हैं. इस वक्‍तव्‍य में ऐसी बातें, ऐसे तथ्य रहे जो धन्यवाद औऱ सांसदों के प्रश्नों का जवाब न होकर राजनीतिक वक्तव्य थे.

नरेन्‍द्र मोदी

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आइए जानें बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्‍द मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्‍यवाद प्रस्‍ताव के दौरन क्‍या बोलाः-

पीएम मोदी ने कहा, कि ‘पिछले सत्र में मनमोहन सिंह जी ने अपने विचार रखे थे और अभी शायद एक किताब भी निकली है. उसकी फॉरवर्ड डॉक्टर साहब ने लिखी है. पता चला है, कि किताब उन्होंने नहीं किसी और ने लिखी है और मुझे उनके भाषण में भी ऐसा कुछ ही लगा है. शायद…(इतना कहा कर पीएम मोदी रुक गए और विपक्षी पार्टी कांग्रेस के सदस्यों ने हंगामा करना शुरू कर दिया). इस पर पीएम मोदी ने चुटकी लेते हुए कहा, कि जो शब्द मैं बोला भी नहीं वे ये समझ गए. ये गजब की बात है.

साथ ही पीएम नरेन्‍द्र मोदी ने कहा, कि मनमोहन सिंह जी पूर्व प्रधानमंत्री हैं, आदरणीय हैं. बीते 30-35 साल से भारत के आर्थिक फैसलों के साथ उनका सीधा संबंध रहा है. आधा समय मनमोहन सिंह जी का ही दबदबा था, ऐसा देश में कोई नहीं रहा होगा. मगर हम राजनेता मनमोहन सिंह जी से सीख सकते हैं. मनमोहन पर कभी कोई दाग नहीं लगा है. बाथरूम में रेनकोट पहन कर नहाना ये कला मनमोहन जी के अलावा कोई नहीं जानता है. पीएम मोदी के इस बयान के बाद कांग्रेस पार्टी के सदस्‍यों ने राज्यसभा से वॉकआउट कर दिया.

जब नरेन्‍द्र मोदी मनमोहन सिंह पर निशाना साध रहे थे, तो वे राज्यसभा में बैठे थे. पीएम मोदी की इस टिप्पणी पर कांग्रेस पार्टी ने कड़ी आपत्ति जताई, फिर इस पर मोदी ने कहा, कि आप हमला बोलते हैं तो आप को हमला सहने की क्षमता भी रखनी चाहिए. साथ ही पीएम नरेन्‍द्र मोदी ने कहा, कि इंदिरा गांधी के समय में काला धन के ख़िलाफ़ एक कमेटी बनाई गई थी. इस कमेटी ने नोटबंदी की सिफारिश की थी, मगर इंदिरा जी ने कहा था, कि उन्हें चुनाव लड़ना है. यह गोड़बोले की किताब में लिखा है. इस बात पर जब कांग्रेस नेता ग़ुलाम नबी आजाद ने कड़ा ऐतराज जताया तो मोदी ने कहा, कि अगर यह ग़लत था तो आप ने गोड़बोले पर केस क्यों नहीं किया. तब क्या आप सो रहे थे. मैं होता तो जरूर केस करता.

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने नोटबंदी के मुद्दे पर जवाब देते हुए कहा, कि नोटबंदी का फ़ैसला भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ था, किसी राजनीति पार्टी के ख़िलाफ़ नहीं था. मोदी ने बताया, कि नोटबंदी की वजह से आतंकवाद और नक्सलवाद पर लगाम लगी है और माओवादियों ने सरेंडर करना शुरू कर दिया है.

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पीएम मोदी के भाषण का विपक्ष ने विरोध किया

कांग्रेस पार्टी के मीडिया सेल के प्रमुख ‘रणदीप सुरजेवाला’ ने कहा, ‘प्रधानमंत्री का पद एक व्यक्ति नहीं होता, एक व्यवस्था होता है और इस पद का एक शिष्टाचार होता है. देश के प्रधानमंत्री की भाषा में मर्यादा, नैतिकता और अनुशासन होते हैं. मगर दुखद है, कि नरेन्‍द्र मोदी जी इस बात को भूल जाते हैं, कि वह भारत के प्रधानमंत्री हैं.’

मनमोहन सिंह

वहीं पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस पूरे मामले पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया और उन्होंने कहा, कि वे इस पर बोलना नहीं चाहते हैं.
राज्यसभा सांसद और कांग्रेस पार्टी के नेता आनंद शर्मा ने कहा, कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने इंदिरा गांधी और मनमोहन सिंह का अपमान किया है.
वहीं कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने कहा, कि उनके पास निंदा करने के लिए शब्द नही हैं और कुछ गिरना शुरू करते हैं तो वे लगातार नीचे जाते हैं.

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पंजाब में चुनाव प्रचार थमा, आइए जानें चुनाव प्रचार में क्‍या रहा खास

आइए जानें पंजाब चुनाव प्रचार में क्‍या रहा खास


पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव प्रचार गुरुवार को पांच बजे थम गया. प्रचार के दौरान सभी पार्टियों ने मतदाता को लुभाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी हैं. पंजाब में मतदान चार फ़रवरी को होने वाला हैं और इसमें करीब दो करोड़ मतदाता वोट देने वाले हैं. 22615 मतदान केंद्रों पर वोट डाले जाएंगे.


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पंजाब चुनाव के मैदान में उतराने वाली बड़ी पार्टीः-

  • शिरोमणी अकाली दल-बीजेपी का गठबंधन
  • कांग्रेस
  • आम आदमी पार्टी

अलग-अलग राजनीतिक दलों के कुल 1145 उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा है.


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पंजाब चुनाव प्रचार के दौरान कई दिलचस्प किस्से हुए. किसी नेता की जुबान फिसली तो किस पर आरोप लगा. आइए जानें, पंजाब में चुनाव प्रचार के दौरन हुए किस्‍सों के बारे में.

  • पंजाब के सीएम प्रकाश सिंह बादल 11 जनवरी को लंबी विधानसभा के रत्ता खेड़ा में चुनाव के तहत आयोजित संगत दर्शन कार्यक्रम में शामिल होने आए थे. तभी उन पर एक व्‍यक्ति ने जूता फेंका दिया. वो जूता एक सुरक्षाकर्मी से टकराकर सीएम के सिर में जा लगा था. जूता फेंकने वाले व्‍यकित को सुरक्षाकर्मियों ने फौरन ही गिरफ्तार कर लिया था.
  • चुनाव प्रचार के दौरन पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल की फिसल गई थी जुबान. दरअसल, जलालाबाद में उपमुख्‍यमंत्री जनसभा को संबोधति कर रहे थे, उस दौरन वह बोले, पंजाब में तीनों पार्टियों में सबसे बुरी पार्टी अकाली दल है. लेकिन बाद में उन्होंने अपनी गलती को सुधार कर लिया था.
  • आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान पर शराब पीकर जनसभा संबोधित करने पहुंचने के आरोप लगे थे. भगवंत मान जलालबाद से सुखबीर बादल के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं, वह ए‍क दिन मोगा की पुरानी अनाज मंडी में जनसभा को संबोधित करने पहुंचे, जब मान बोलने के लिए उठे तो वह 5 मिनट तक ऑडियंस को फ्लाइंग किस ही देते रहे और फिर लड़खड़ाकर गिर गए.
  • पंजाब के उपमुख्‍यमंत्री सुखबीर सिंह बादल 9 जनवरी को जलालाबाद के कंदवाल गांव में रोड शो कर रहे थे, वहां उनके काफिले पर कुछ लोगों ने पथराव कर दिया. सुखबीर और संबंधित अधिकारियों की गाड़ियां तेजी से आगे निकलने की वजह से उनका बचाव हो गया, मगर उनके समर्थकों की गाड़ियों में लोगों ने तोड़-फोड़ की. इसमें चार लोग जख्मी भी हो गए थे.
  • दिल्‍ली के उपमुख्‍यमंत्री मनीष सिसोदिया 10 जनवरी को पंजाब के मोहाली में जनसभा करने पहुंचे थे. जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, कि पंजाब के मतदाता ये मानकर वोट करें, कि अरविंद केजरीवाल को मुख्यमंत्री बनाना है. इस बयान के बाद जबदस्‍त राजनीति शुरू हो गई थी और आखिर में खुद अरविंद केजरीवाल ने यह कहा, कि पंजाब का ही कोई नेता यहां का सीएम होगा. मैं दिल्‍ली का मुख्‍यमंत्री हूं.

अब अगर हम पिछले कुछ हफ्तों में हुई घटनाओं पर नज़र डालें तो चुनाव के नतीज़े दिलचस्प आने की उम्मीद है. आम आदमी पार्टी पहली बार पंजाब के चुनावी मैदान में उतरी है और ऐसा लग रहा है, कि इसी वजह से पुरानी पार्टियों शिरोमणी अकाली दल-बीजेपी गठबंधन और कांग्रेस का चुनावी गणित बिगाड़ गया है. दरअसल, अकाली दल-बीजेपी गठबंधन और कांग्रेस के नेताओं ने आम आदमी पार्टी के ख़िलाफ़ आक्रमक बयानबाजी की. इस बयानबाजी से ये साफ हो रहा है, कि आप पुरानी पार्टियों को कड़ी चुनौती दे रही है.

राजनीतिक पार्टियों ने विरोधी दल की छवि को बिगाड़ने के लिए समर्थकों ने स्टिंग ऑपरेशन के वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग का सहारा भी लिया. साथ ही चुनाव प्रचार के दौरान सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर ग़लत ख़बरों भी चलाई गई.

बात घोषणा पत्र की

राजनीतिक पार्टियों ने अपने घोषणा पत्र में मतदाताओं को आटा, चावल, दाल, देसी घी, चीनी और दूध जैसी चीजें और लाखों नौकरियां देने का वादा किया है, साथ ही राज्य से नशे का कारोबार ख़त्म करने और किसानों की कर्ज माफी की बात भी की. हर पार्टी का घोषणा पत्र करीबन एक जैसा ही रहा. घोषणा पत्र से ऐसा लगा, कि पंजाब बहुत गरीब राज्‍य है.

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मनोरंजन मूवी-मस्ती

फरवरी में रिलीज होंगी ये बड़ी फिल्मे

फरवरी महीने में रिलीज होंगी ये बड़ी फिल्मे


साल 2017 का दूसरा महीना यानि फरवरी में हिन्‍दी जगत आप का कैसे मनोरंजन करने वाला है और क्‍या नया दे रहा है। मतलब है, कि फरवरी महीने में कौन- कौन सी बड़ी फिल्मे, बड़े पर्दे पर रिलीज होने जा रही है। आप को नहीं मालूम की कौन-सी फिल्‍म कब रिलीज होने जा रही है, तो कोई बात नहीं, हम आप को बताते है, कि बसंत के महीने में कौन -कौन सी फिल्‍में आप का मनोरंजन करने वाली है।

फिल्म ‘रनिंग शादी डॉट कॉम’

रनिंग शादी डॉट कॉम

फरवरी महीने की शुरूआत में पहले शुक्रवार यानि तीन फरवरी को फिल्म ‘रनिंग शादी डॉट कॉम’ रिलीज होने जा रही है। इस फिल्‍म में आप को दिखेंगी पिंक फिल्‍म की अभिनेत्री तापसी पन्‍नू और उनके साथ नज़र आएंगे अभिनेता अमित साध भी। यह पहली बार है, जब दोनों की जोड़ी रोमांटिक और कॉमिक अंदाज में सिल्‍वर स्‍क्रीन पर नजर आएगी। इस फिल्‍म का निर्देशन अमित रॉय ने किया है।

यह फिल्‍म ‘राइजिंग सन फिल्म’ और ‘क्राउचिंग टाइगर मोशन पिक्चर्स’ के बैनर तले बनी है। फिल्म की कहानी कुछ यूं है, कि तापसी और अमित मिल कर ऐसे जोड़ों की शादी कराएंगें, जिनके घर वाले उनकी शादी के लिए राजी नहीं हो रहे है। यह फिल्म एक ऐसे अजीब आइडिया के बारे में है, जिसे अमित, आईटी टेक्नीशियन सरबजीत और तापसी जो निम्मी नाम का किरदार निभा रही हैं, वो मिल कर इस आइडिया को हकीकत में तब्दील करने के बारे में सोचते हैं।

फिल्‍म ‘जॉली एलएलबी2’

जॉली एलएलबी2

फिल्‍म ‘जॉली एलएलबी2’ 10 फरवरी को रिलीज हो रही है। इस फिल्‍म में आप को अभिनेता अक्षय कुमार और उनके साथ अभिनेत्री हुमा कुरेशी नजर आएगीं। साथ ही नज़र आएंगे नेशनल अवॉर्ड विनर अनु कपूर, जो एक वकील भी भूमिका निभा रहे हैं। यह फिल्‍म एक कोर्ट ड्रामा है और यूपी में रहने वाले एक मिडिल क्लास आदमी की कहानी है, जो वकालत करके अपना घर चलाता है और इस फिल्म में मिडिल क्लास आदमी की हर छोटी बड़ी मिडिल क्लास दिक्कतों से भी दर्शक को रूबरू किया जाएगा। इस फिल्म में आप को एक्शन, कॉमेडी और इमोशन का पूरा तड़का देखने को मिलेगा। यह फिल्म ‘जॉली एलएलबी2’ 2013 में आई फिल्‍म ‘जॉली एलएलबी’ का सीक्वल है। इस फिल्म का ट्रेलर और गाने रिलीज हो गए हैं, जो दर्शकों को काफी पसंद आ रहे हैं। इस फिल्‍म के निर्देशिक है, ‘सुभाष कपूर’।

फिल्म ‘द गाजी अटैक’

द गाजी अटैक

द्विभाषी फिल्म ‘द गाजी अटैक’ 17 फरवरी को बड़े पर्दे पर रिलीज होने जा रही है। इस फिल्‍म में आप को अभिनेता राणा दग्गुबाती और फिल्म ‘पिंक’ से सब का दिल जीतने वाली तापसी पन्नू अहम भूमिका में नजर आएंगी। इस फिल्‍म की कहानी भारत और पाकिस्‍तान के बीच हुए एक युद्ध की है, दोनों देशों के बीच कई युद्ध हुए, मगर साल 1971 में एक ऐसा युद्ध हुआ, जिसे गुप्‍त रखा गया है। इस फिल्म में 18 दिनों तक पानी के अंदर चल रहे युद्ध और एक नैसेना अधिकारी की टीम की कहानी दिखाई जाएगी। फिल्‍म में राणा नौसेना एक अधिकारी का किरदार निभाते नज़र आएंगे, वहीं तापसी शरणार्थी की भूमिका में नजर आएंगी।

फिल्‍म ‘रंगून’

रंगून

बॉलीवुड के तीन स्‍टार शाहिद कपूर, सैफ अली खान और कंगना रनौत की फिल्‍म ‘रंगून’ 24 फरवरी को रिलीज होने जा रही है। इस फिल्‍म के डायरेक्‍टर हैं, ‘विशाल भारद्वाज’। फिल्‍म ‘रंगून’ की कहानी साल 1944 की है। इस फिल्म में आपको एक्शन, रोमांस, कुछ हॉट सीन भी देखने को मिलेंगे। अभिनेता शाहिद कपूर इस फिल्‍म में ए‍क आर्मी ऑफिसर की भूमिका निभा रहे हैं और वहीं कंगना रनौत वर्ष 1940 के दशक की एक्शन डीवा मिस जूलिया के किरदार में नज़र आएंगीं। इस फिल्‍म के तीन गाने जारी हो गए हैं। पहला गाना ‘ब्लडी हेल’, दूसरा गाना ‘ये इश्क’ और तीसरा गाना हैं, ‘मेरे मियां गए इंग्लैंड’। इस फिल्‍म का तीसरा गाना ‘मेरे मियां गए इंग्लैंड’ विशाल भारद्वाज की पत्नी रेखा भारद्वाज ने गाया है और गुलजार साहब ने बोल लिखे हैं। इस गाने में आप को कंगना रनौत का एक बबली अंदाज देखने को मिलेगा।

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