Categories
मनोरंजन

एक ऐसा हादसा जिसने बदल दी एक्टर्स नरगिस की जिंदगी को…

जाने क्यों नरगिस ने राज कपूर का हाथ छोड़कर सुनील दत्त का हाथ थामा


हम सभी लोग जानते हैं बॉलीवुड सितारों की जिंदगी आम लोगों से थोड़ी हटकर होती है। उनको कुछ भी करने और बोलने से पहले कई बार सोचना पड़ता है। फिल्मी सितारों को शूटिंग के दौरान साथ के कलाकार से प्यार होना आम बात है। कई सारे ऐसे बॉलीवुड सितारे हैं जिन्हें फिल्म की शूटिंग के दौरान एक दूसरे से प्यार हुआ है। इन्ही में से एक प्रेम कहानी है अभिनेत्री नरगिस और सुनील दत्त की। दोनों का प्यार सूटिंग के दौरान ही परवान चढ़ा। लेकिन ये बात बहुत कम लोग जानते हैं कि नरगिस, सुनील दत्त से पहले बॉलीवुड अभिनेता राज कपूर से बेहद प्यार करती थी और उस समय पर राज कपूर शादीशुदा थे लेकिन नरगिस राज कपूर के प्यार में इस कदर पागल थी कि वो उनकी दूसरी पत्नी बनने को भी तैयार थीं। लेकिन क्या आपको पता है फिर ऐसा क्या हुआ कि नरगिस ने सुनील दत्त का हाथ थाम लिया। तो चलिए आज हम आपको बतायेगे आखिर क्यों नरगिस ने राज कपूर का हाथ छोड़कर सुनील दत्त का हाथ थामा।

राज कपूर ने किया अपनी पहली पत्नी को छोड़ने से इनकार

एक समय पर नरगिस और राज कपूर की लव स्टोरी काफी ज्यादा चर्चा में थी। लेकिन राज कपूर पहले से ही शादीशुदा थे और ये बात नरगिस अच्छे से जानती थी। उसके बाद भी नरगिस ने आरके प्रोडक्शन की सारी फिल्में साइन कर दी । यहाँ तक की नरगिस तो राज कपूर की दूसरी पत्नी बनने के लिए भी तैयार हो गई थी। लेकिन फिर अचानक राज कपूर ने अपनी पहली पत्नी को छोड़ने से इनकार कर दिया था।

राज कपूर का अपनी पहली पत्नी को छोड़ने से इनकार करने वाली बात से नरगिस पूरी तरह टूट गयी और फिर धीरे-धीरे वो डिप्रेशन में जाने लगी थी।  उसी समय नरगिस की जिंदगी में सुनील दत्त आये। वैसे तो सुनील दत्त नरगिस के काफी अच्छे दोस्त थे लेकिन उन्हें नरगिस से पहली नजर में प्यार हो गया था। हालाकि, सुनील दत्त ने इस बात को नरगिस से कभी नहीं कहा।

Read more: क्या आपको भी लगता है Waxing करवाने से डर ?

जानें नरगिस से पहली बार कब और कैसे मिले सुनील दत्त

नरगिस से सुनील दत्त की मुलाकात के वक़्त सुनील दत्त रेडियो में बतौर रेडियो जौकी काम किया करते थे। उस समय उनको नरगिस का इंटरव्यू लेने का काम सौंपा गया था। लेकिन इस इंटरव्यू के दौरान सुनील दत्त नरगिस से एक भी सवाल नहीं पूछ पाए थे। जिसके बाद उनकी नौकरी जाते-जाते बची थी। उसके बाद सुनील दत्त और नरगिस की दूसरी मुलाकात ‘मदर इंडिया’ के सेट पर हुई। इस फिल्म में सुनील दत्त और नरगिस साथ काम करने वाले थे। इस फिल्म की शूटिंग के दौरान एक घटना ऐसी घटी, जिसने इन दोनों को हमेशा के लिए करीब कर दिया।

नरगिस और सुनील दत्त ने कैसे किया अपने प्यार का इजहार

हुआ कुछ यूं था कि फिल्म के एक सीन को शूट करने के लिए चारों ओर पुआल बिछाए गए थे। और उनके बाद सीन को फिल्माने के लिए उसमें आग लगाई गई। लेकिन धीरे धीरे आग तेज हो गई और नरगिस उसमें फंस गईं। उस समय सुनील दत्त ने अपनी जान की परवाह किये बिना नरगिस को बचाने के लिए उस आग में कूद गए। हालांकि उनके बाद वो काफी ज्यादा घायल हो गए थे। और उसके बाद उनको अस्पताल ले जाना पड़ा था वहां नरगिस ने दिन रात उनकी देखभाल की। इस घटना के बाद नरगिस और सुनील दत्त ने एक दूसरे के काफी करीब आ गये थे और उसके बाद  ही दोनों ने एक दूसरे के नाम खत लिखकर अपने प्यार का इजहार किया।

अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com

Categories
सेहत

अगर आपका बच्चा भी कर रहा है परीक्षा की तैयारी, तो ये चीजे करे उसकी डाइट में शामिल, दिमाग बनेगा तेज

दिमाग तेज करने के लिए इन चीजों को करे अपने बच्चे की डाइट में शामिल


 

अपने देखा होगा कि जब भी बच्चों के परीक्षा आने वाली होती है तो उससे पहले वो बहुत ज्यादा परेशान हो जाते है कि इतना कुछ कैसे याद करें। इसके लिए वो रात-रात भर जगकर पड़ते रहते है। उनके मन में भी एक अजीब सा डर रहता है। अपना सारा सिलेबस याद करने के लिए वो दिन रात मेहनत करते है साथ ही अपने दिमाग को तेज करने के लिए तमाम कोशिशें करते हैं जिनसे उन्हें लाभ मिल सके। लेकिन बच्चे ये नहीं समझ पाते कि कुछ भी याद करने और पढ़ाई करने के लिए उनका तंदुरुस्त होना बेहद जरूरी है। लेकिन आपको माता पिता होने के नाते अपने बच्चे का ध्यान रखना चाहिए और उसकी डाइट में ऐसी चीजे शामिल करनी चाहिए जिसे उसका दिमाग तेज हो। तो चलिए आज हम आपको कुछ चीजों के बारे में बताने जा रहे है जिसे डाइट में शामिल करने के बाद आपके बच्चे का दिमाग तेज बनेगा।

 

सेब: अगर आपका बच्चा स्कूल में है और उसकी परीक्षा आने वाली है तो आपको आपने बच्चे की डाइट में डेली एक सेब को शामिल करना चाहिए। क्योकि जब भी बच्चे एग्जाम के लिए तैयारी करते हैं, तो कई बार वो कई चीजें याद नहीं हो पाती है ऐसे में रोजना एक सेब का सेवन आपके बच्चे के दिमाग को तेज बनाएगा। क्योकि सेब में क्यूरसेटिन नाम का एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है जो हमारे दिमाग की कोशिकाओं को नुकसान से बचाने में मदद करता है।

 

और पढ़ें: इम्यूनिटी बढ़ाने के चक्र में न ले जरूरत से ज्यादा विटामिन-सी, वरना झेलने पड़ेगे ये साइड इफेक्ट

 

Image source – pressurecookrecipes

अड़ा: अगर आपको अंडे खाना पसंद है तो ये आपके लिए एक अच्छी चीज है। क्योकि अंडे आपके दिमाग को तेज करने में आपकी काफी मदद कर सकते हैं। अंडे में बहुत सारे पोषक तत्व मौजूद होते है। शायद इसी लिए अंडे को प्रकृति के मल्टीविटामिन के रूप में जाना जाता है। अंडे में विाटमिनबी6, बी12, कोलीन, और फोलिक एसिड पाया जाता है।

 

सोया: सोया बच्चों के दिमाग को तेज बनाने में हमारी मदद करता है। इसके सेवन से बच्चों को चीजें याद रखने में काफी मदद मिलती है। सोया में पॉलीफेनोल्स नाम का एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है। सोया बच्चों की याददाश्त को सही रखने में भी हमारी मदद करता है। इतना ही नहीं सोया में आइसोफ्लेवोन्स नाम का पॉलीफेनोल्स होता है, जो केमिकल एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करने के लिए जाना जाता है।

 

मांसाहारी खाना: अगर आपकी फॅमिली मांसाहारी है तो इसका फायदा आपके बच्चे को भी मिलेगा। क्योकि मछली खाने से आपके बच्चे का दिमाग तेज होगा। इससे आपके बच्चे को परीक्षा के समय चीजे याद करने में मदद मिलेगी। इतना ही नहीं मछली में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है, जो हमारे बच्चे के दिमाग की हेल्थ को दुरुस्त करने के लिए काफी जरूरी होता है।

 

अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com

Categories
हॉट टॉपिक्स

गरीबों, मुस्लिमों, शोषितों के खिलाफ UAPA का इस्तेमाल कर रही है बीजेपी – ओवैसी

मुस्लिमों को राजनीति से दूर रखना चाहते हैं.


अपने बेबाक बयानों को कारण हमेशा खबरों में रहने वाला हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन औवेसे ने एक बार फिर केंद्र को अड़े हाथों लिया है. बीजेपी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा है कि गरीबों, शोषितों और मुस्लिमों के खिलाफ बीजेपी सरकारें UAPA कानून का इस्तेमाल कर रही है ताकि उन्हें कैद में रखा जाए. .

संघ नहीं चाहता मुस्लिम राजनीति में आए

दरअसल सारा मामला शनिवार ट्विटर का है. शिवम विज नाम शख्स ने द प्रिंट की खबर  ‘The BJP doe not want Owaisi, the BJP does not need Owaisi. इस बात का जवाब देते हुए औवेसी ने कहा कि हिंदुत्व इस झूठ पर बना है कि केवल एक समुदाय के पास सभी राजनीतिक शक्ति होनी चाहिए और मुसलमानों को राजनीति में भाग लेने का अधिकार नहीं होना चाहिए. संसद और विधानसभाओं  में हमारी अधिकारिक उपस्थिति हिंदुत्व संघ के खिलाफ चुनौती का काम करेगी. अगर अपनी मौजूदगी कायम कर पाए तो जश्न मनाएंगे. इतना ही नहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(आरएसएस) पर हमला करते हुए कहा कि संघ नहीं चाहता है कि मुस्लिम भी देश की राजनीति में आएं संसद और विधानसाओं की में बैठे.

और पढ़ें: केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो का बयान तृणमूल कार्यकर्ताओं से निपटने के लिए संविधान में प्रवधान मौजूद है

मॉब लिचिंग का किया जिक्र

एक के बाद एक औवेसी ने लगातार तीन ट्वीट किए हैं. दूसरे ट्वीट में मॉब लिचिंग का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी के सांसद तो मॉब लिचिंग के आरोपी को फूल माला पहनाते हैं. गांधी के हत्यारे के लिए उनकी सांसद श्रद्धा भाव प्रकट करती है.

तीसरे और आखिरी ट्वीट में उन्होंने लिखा- चलिए अब यह साफ कर देते हैं कि UAPA कानून का इस्तेमाल बीजेपी सिर्फ मुस्लिम, दलित और गरीब पर कर रही है. सदियों से मुस्लिमों और दलित युवाओं को प्रताड़ित किया जा रहा है. यह विश्वास करना अब मुश्किल हो रहा है यह सब सामान्य हो गया है.

आपको बता दें हाल ही हुए बिहार विधानसभा चुनाव में औवेसी की पार्टी एआईएमआईएस ने सीमांचल पर पांच सीटों पर फतह पाई थी. जिसके बाद यह माना जा रहा है कि आने वाले बंगाल चुनाव में भी मैदान में उतर सकते हैं. ऐसे समय में औवेसी का यह बयान राजनीति गलियारे में कुछ नया संदेश दे रहा है.

अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com

Categories
बिना श्रेणी

How to cure migraine? माइग्रेन से चाहते है निज़ात तो फॉलो करे ये आसान टिप्स!

How to cure migraine? योग करने से मिल सकता है आपको माइग्रेन से निजात, यहाँ जाने कैसे?


माइग्रेन  –  योग

Cure migraine with yoga: माइग्रेन एक ऐसा रोग है जो हर दूसरे इंसान को होना आम बात है और इसके पीछे कारण है उनकी व्यस्त और भागदौड़ वाली जीवनशैली। इस रोग की चपेट से कोई भी अछूता नहीं है चाहे वो बच्चे हो, वयस्क या वृद्ध हो। इस रोग की प्रमुख वजह मानसिक तनाव है। आइये जानते है इससे बचने के लिए क्या करें।

माइग्रेन के लक्षण-

माइग्रेन में सिर के एक भाग में तेज और असहनीय दर्द होता है जो चार घंटे से लेकर 72 घंटे की अवधि तक रहता है। इसके लक्षण  – उल्टी  आना, प्रकाश, गंध या शोर के प्रति अत्यधिक संवेदनशीलता, जी मिचलाना तथा शारीरिक कमज़ोरी आदि होते है|

इससे बचने के लिए क्या करें?

माइग्रेन से बचने के लिए आप योग का सहारा ले सकते हैं। पुराने समय में लोग माइग्रेन का इलाज योग प्रक्रियाओं द्वारा करते थे। योग से शरीर, मन और आत्मा का शांति मिलती है। माइग्रेन से लड़ने के लिए योग विधि एक अति प्रभावी उपाय है। एक शोध के अनुसार, योग के जरिये आप माइग्रेन से मुक्ति पा सकते है। माइग्रेन के उपचार में योग की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती हैं।

और पढ़ें: क्या आप भी पहले बार इंटरव्यू के लिए जा रहे है ? तो ये है कुछ ख़ास टिप्स

माइग्रेन को दूर करने के योगासन

1. कपालभाति – इस योगासन में पद्मासन या सुखासन की स्थिति में सीधे बैठकर गहरी साँस खींचे तथा साँस को भी बाहर छोड़े। इसको नियमित 10 से 15 मिनट करने से माइग्रेन की समस्या से निजात पाया जा सकता है।

2. अलोम-विलोम – ये योगासन करने के लिए अपने दायें हाथ के अंगूठे से नाक के दाये छिद्र को बंद करें और बायें नाक के छिद्र से अंदर साँस खीचें। फिर बायें छिद्र को अंगूठे के पास वाली दो उंगलियों की मदद से बंद करें तथा दायें छिद्र से अंगूठे हटाकर साँस को बाहर निकालें। अब इस प्रक्रिया को बायें नाक के छिद्र के साथ दोहराये। इसको करने से माइग्रेन की समस्या से निजात पाया जा सकता है।

3. योग मुद्रा – इस आसान को करने के लिए पद्मासन की मुद्रा में बैठ जाएं। दोनों हाथों को पीछे ले जाकर अपनी कलाइयां पकड़ लें। फिर धीरे-धीरे कमर को आगे की ओर झुकाते हुए अपनी ठोड़ी को जमीन पर लगाने की कोशिश करें। यह आसन करने से पहले अपनी शारीरिक क्षमता का ध्यान रखें। उतनी ही कमर झुकायें जितना आप कर सकें।

4. हस्तपदासन –
इस आसान में पैरों को एक साथ रखते हुए सीधे खड़े हो जाएँ और हाथों को शरीर के साथ रखें। अपने शरीर के वजन को दोनो पैरों पर संभलकर साँस अंदर लें और हाथों को सिर के ऊपर ले जाएँ। साँस छोड़ते हुए आगे और नीचे की ओर झुकते हुए पैरों की तरफ जाएँ। ऐसा करने से आपको सर दर्द में आराम आएगा।

5. अधोमुखश्वानासन
 – इस आसान को करने के लिए घुटनों के बल खड़े हो जाएं और दोनों हाथों को जमीन पर रखें। पंजों पर जोर देते हुए घुटने सीधे करें। अब अपनी कमर और नितम्भ का हिस्सा ऊपर उठाएं। हाथों को आगे करके सिर नीचे झुकाये। सांस छोड़ते हुए आराम से बैठ जाएँ।

अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com

Categories
सेहत

सर्दियों मे छोटे बच्चों का ख्याल रखने के लिए फॉलो करे कुछ ख़ास टिप्स

सर्दियों मे छोटे बच्चों का ख्याल कैसे रखें ?


सर्दियों के आते ही सर्दी, कोल्ड, फ्लू, वायरल आदि बीमारियां  घेर लेती हैं। इससे बड़ों के साथ-साथ बच्चे भी ठंड के मौसम में बहुत सी बीमारियों से झूंझते हैं। बड़े  लोगों के लिए तो अपने आप को ठण्ड से बचाकर रखना आसान होता है लेकिन जहाँ बात छोटे बच्चों की आती है तो माँ-बाप की परेशानी बढ़ जाती हैं। एक तरफ उन्हें जहाँ बच्चों को को बीमारियोंसे बचाना होता है वही दूसरी और उन्हें ठंड से भी दूर रखने क लिए कई बातों का ध्यान रखना होता हैं। आइये जानते है सर्दियों में छोटे बच्चों का ध्यान कैसे रखें?

Read more: भारतीय सिनेमा का सबसे बड़ा सम्मान ‘दादा साहब फाल्के’ – अमिताभ बच्चन को मिलेगा

सर्दियों में छोटे बच्चों का ध्यान रखने के लिए जरूरी बातें –

•ठंड का  मौसम आने से पहले एक दस्तक देता है और इसी को ठंड के आने का इशारा समझकर छोटे बच्चों को गर्म कपड़े और वार्मर पहनाना शुरू कर दें।

•बच्चें को हमेशा ठंड सर या पैरों से चढ़ती हैं।  ध्यान रहें कि बच्चें हमेशा सर व पैर ढक कर रखे। उन्हें पैरों में सॉक्स और सर पर स्कार्फ़ या टोपा पहना कर रखें।

•छोटे बच्चें की मालिश करने के लिए गर्म तेल का उपयोग करें और साथ ही बंद कमरें या तेज धुप में बिठाकर मालिश करें। ध्यान रहें मालिश करने के एकदम बाद बच्चें को ना नहलाएं।

•बच्चे को थोड़ी देर के लिए धूप में जरूर लेकर जाएँ, उससे शरीर को ताजी हवा और विटामिन डी दोनों मिलता हैं।

•अगर बच्चें को आप स्वेटर पहना रहें तो ध्यान रहें स्वेटर के नीचे एक कॉटन का कपडा या वार्मर पहनाये, वूलेन से कभी-कभी बच्चें की त्वचा पर कब ही-रशेस या एलर्जी हो जाती है।

छोटे बच्चों को सर्दियों में संक्रमण से बचाने के लिए उनके हाथों की सफाई का विशेष ध्यान रखें। साथ ही बच्चों को दोदूध में लौंग, इलाइची, केसर आदि डालकर पिलायें। इससे वो ठंड और बिमारियों से बचें रहेंगे।

•अगर आपके बच्चें को सर्दी,जुखाम, बुखार 3 दिन से ज्यादा से हो रहा है तो ये ये नीमोनिया या वायरल हो सकता है, इसीलिए बच्चे के साथ लापरवाही न दिखाएं और सही समय पर डॉक्टर से सलाह करें।

अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com

Categories
मनोरंजन

बहुचर्चित रोमांटिक एक्शन कॉमेडी “Avane Srimannarayana” फिल्म के ट्रेलर को पुष्कर फिल्म्स द्वारा पूरे भारत में जारी किया गया

Avane Srimannarayana


Avane Srimannarayana: नवीनतम अवने शेट्टी की फिल्म के ट्रेलर को “एवन श्रीमन्नारायण” के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसे एच के प्रकाश और पुष्कर मल्लिकार्जुन ने आज रिलीज़ किया। फिल्ममेंअभिनेत्री शानवीश्रीवास्तवकेसाथ रक्षित शेट्टी धनोयालीडरोलमेंहै। फिल्म का पहला आधिकारिक टीज़र 6 जून 2018 को रिलीज़ किया गया,जिसने 2.6 मिलियन व्यूज़ को पार कर लिया और दूसरे टीज़र को 2019 के मध्य में रिलीज़ किया गया,जिसमें 2.5 मिलियन व्यूज़ आए।

यह फिल्म सचिन रवि के निर्देशन की पहली फिल्म है। जाने-माने तमिल अभिनेता, निर्देशक, निर्माता, गीतकार धनुष, ”ईगा” प्रसिद्धि तेलुगु अभिनेता- नानी, और “प्रेमम” प्रसिद्धि, युवा मलयालम अभिनेता निविन पॉली ने फिल्म का ई-ट्रेलर जारी किया। फिल्म 70 और 80 के दशक में सेट है और इसे बनाने में लगभग दो साल लगे। फिल्म को 5 भाषाओं-कन्नड़,तेलुगु, तमिल,हिंदी और मलयालम में डब किया गया है।

और पढ़ें: Panipat Promotion: अर्जुन को नहीं पसंद किसी भी एक्टर को कॉपी करना

फिल्म में लोकप्रिय कलाकार जैसे बालाजी मनोहर,अच्युत कुमार,प्रमोद शेट्टी और कई अन्य लोग सहायक भूमिकाओं में दिखाई देते हैं,जबकि संगीत चरण राज और बी ने दियाहै। अज़नेश लोकनाथ ने बैक ग्राउंड म्यूज़िक दिया है।

इस फिल्म की अन्य खासियत यह है कि टैक और अन्य प्रमुख फिल्मों के पटकथा लेखक इसका एक हिस्सा थे। फिल्म के निर्माताओं ने अन्य राष्ट्रव्यापी रिलीज के विपरीत इसे मौलिकता देने के लिए विभिन्न भाषाओं के स्क्रिप्ट लेखकों को काम पर रखा।

अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com

Categories
मनोरंजन

Made in china promotion : प्रमोशन के दौरान मीडिया के साथ मस्ती करते नजर आये राजकुमार राव

‘मेड इन चाइना’- कॉमेडी या सेक्स-कॉमेडी


मौनी रॉय अपनी ज़बरदस्त एक्टिंग से फिल्मो में अपनी एक अलग पहचान बना चुकी है। मौनी रॉय अपनी आने वाली फिल्म ‘मेड इन चाइना’ के प्रोमशन के लिए दिल्ली के ‘ले मेरिडेरन’ पहुंची जहाँ वो राकुमार और बोमन ईरानी के साथ मस्ती करते हुए नजर आयी। प्रमोशन में मौनी रॉय काफी स्टन्निंग लुक में नज़र आई और वहीं राजकुमार भी हमेशा की तरह स्टाइलिश अंदाज में नज़र आए।

अगर मौनी रॉय के लुक की बात करे तो वो एथनिक लुक में नज़र आयी। उन्होंने ग्रीन रंग का अनारकली सूट पहना था और उनके लॉन्ग एयरिंग्स उनके लुक को कम्पलीट कर रहे थे। इस लुक में वो काफी सुन्दर लग रही थी। इस लुक के साथ मौनी ने हैवी मेकअप किया हुआ था। वहीं अगर राजकुमार रॉय की बात करे तो वो काफी सिंपल लेकिन स्टाइलिश लुक में दिखे। उन्होंने ब्लैक कलर की शर्ट और ग्रे कलर की जैकेट पहनी हुई थी।

और पढ़ें: बी-टाउन की सक्सेसफुल एक्ट्रेसस जिन्होंने लांच किया अपना खुद का ब्रांड 

वैसे फिल्म का ट्रेलर तो काफी दिलचस्प लग रहा है और राजकुमार रॉय फिल्म में एक गुजराती बिज़नेसमैन का रोल निभा रहे है। फिल्म को लेकर काफी अनुमान लगाए जा रहे हैं की फिल्म एक कॉमेडी मूवी होगी पर जब लोगों ने राजकुमार से पूछा की मूवी कैसी है तो उन्होंने कहा की यह फिल्म एक कम्पलीट पैकेज है जिसे आप फैमिली के साथ आराम से एन्जॉय कर सकते है।

अब यह तो रही प्रमोशन की बात लेकिन फिल्म कितने लोगों को इम्प्रेस कर पायेगी ये 25 अक्टूबर को ही पता चल पायेगा। यह सेक्स-कॉमेडी लोगों को कितनी पसंद आती है और लोगों को मौनी और राजकुमार की जोड़ी कितनी पसंद आती है इसका जवाब 25 ऑक्टोबर को ही मिल पाएगा।

अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com

Categories
लाइफस्टाइल

भारतीय साहित्यकारों द्वारा रचित पाँच अद्भुत उपन्यास

हिन्दी उपन्यास जो हर साहित्य प्रेमी को पढ़ने चाहिए


विश्वभर में जहाँ अंग्रेजी भाषा अपना स्वामित्व जमाती जा रही है वहीं भारतीय भाषाओं ने भी अपनी प्रतिमा बनाये रखी है, हम भारतीयों का विदेशी भाषाओं और संस्कृतियों की ओर चाहे जितना भी रुझान हो, लेकिन हमारा लगाव अपनी भाषा और संस्कृति के प्रति कभी कम नहीं होता। भारत ने विश्वभर में लंबे समय से अपनी गरिमा और पहचान बनाई हुई है, फिर चाहे विषय विज्ञान का हो, औद्योगिकी का हो या कला का, भारत पूरे विश्व  में अपनी प्रतिभाओं के लिए जाना जाता है।

इसमें कोई संदेह नहीं की अंग्रेजी उपन्यास खूबसूरत और सराहनीय होते हैं लेकिन जिस देश में प्रेमचंद, हरिवंशराय, जयशंकर प्रसाद, मोहन राकेश जैसे साहित्यकारों ने जन्म लिया हो, ऐसा हो ही नहीं सकता की उस देश की भाषाओं में लिखे साहित्य विश्वप्रसिद्ध न हो। हिंदी भाषा में कई ऐसे उपन्यास हैं जो लिखे तो हिंदी में गए हैं लेकिन विश्व की अनेक भाषाओं में अनुवादित किये गए हैं और विश्वभर की पुस्तकालयों में संरक्षित हैं तथा बड़ी दिलचस्पी के साथ पढ़े जाते हैं। भारतीय उपन्यासों से भारत की संस्कृति की महक और चित्रण की झलकियां खूब उभरती हैं। हालांकि इक्कीसवीं सदी में हम सभी खुद को पश्चिमी संस्कृति में लिप्त पाते हैं और कहीं न कहीं हिंदी रचनाओं को अनदेखा कर चुके हैं। लेकिन सिर्फ अंग्रेजी ही नहीं हिंदी में भी ऐसी अनेक रचनाएं हैं जो आपको रोमांचित कर देंगी और अपनी खूबसूरती से तृप्त। आइए नज़र डालते हैं भारतीय रचनाकारों द्वारा लिखे गए कुछ ऐसे उपन्यासों पर जिन्हें हम सभी को अपने जीवन में एक बार तो अवश्य पढ़ना चाहिए।

गोदान (प्रेमचंद)

प्रेमचंद की किसी एक रचना को किसी एक श्रेणी के लिए चुन पाना बहुत कठिन है। अपने उपन्यासों द्वारा समाज की परिस्थितियों और समस्याओं को प्रदर्शित करने में प्रेमचंद ने पुस्तक प्रेमियों के बीच एक अलग जगह बना रखी है। भारत में शायद ही कोई ऐसा होगा जिसने प्रेमचंद का नाम और कहानियां न सुनी हो।

‘होरी और धनिया’ की जीवनी द्वारा प्रेमचंद ने अपने अंतिम दिनों में लिखी ‘गोदान’ में किसानों के जीवन का जो रूपांतरण दर्शाया है वह वास्तव में उल्लेखनीय है। ‘गोदान’ प्रेमचंद की सर्वश्रेष्ठ कृतियों में शामिल है। गोदान किसानों के जीवन पर लिखा उपन्यास है जिसने किसानों के जीवन का बिल्कुल सटीक रूपांतरण किया है। एक किसान किस तरह समाज की परिस्थितियों, जमीनदारों, राजनीति तथा नेताओं के शोषण का शिकार बनता है गोदान उसका सही दर्शन कराती है।

प्रेमचंद ने अपनी रचनाओं में जिस तरह से भावों को पिरोया है वह वास्तव में सराहनीय है।

आसाढ़ का एक दिन (मोहन राकेश)

कालिदास, जिनका नाम संस्कृत काव्यशास्त्र में विख्यात है तथा जिनकी रचनाएं ‘मेघदूतम्’ और ‘अभिज्ञानशाकुन्तलम्’ विश्वप्रसिद्ध है, ‘आसाढ़ का एक दिन’ उन्हीं के जीवन से प्रेरित होकर लिखा गया एक नाट्य है। मोहन राकेश द्वारा लिखी गयी यह रचना सन् १९५८ को प्रकाशित हुई।

‘आसाढ़ का एक दिन’ एक नाट्यशास्त्र है जो कालिदास और कालिदास की धर्मपत्नी मल्लिका के प्रेम और वियोग पर आधारित है। कहानी तीन खण्डों में बटीं हुई है, कहानी में कालिदास जो की एक लेखक के रूप में ही दर्शाए गए हैं, अपने गाँव से दूर दूसरे शहर जाकर ख्याति पाते हैं तथा प्रियंगुमंजरी नामक युवती से दूसरी शादी कर लेते हैं।  मोहन राकेश का नाम भारतेंदु तथा प्रसाद जिसे विख्यात नाट्यशास्त्रकों के साथ गिना जाता है जो अपनी ‘आधे-अधूरे’ और ‘लहरों के राजहंस’ जैसी रचनाओं के लिए भी प्रसिद्ध हैं।

‘आसाढ़ का एक दिन’ के लिए मोहन राकेश को ‘संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार’ से भी सम्मानित किया जा चुका है।

काशी का अस्सी (काशीनाथ सिंह)

काशी के घाटों पर बैठकर सीधा, सरल और सटीक अनुवाद, यही कारण इस उपन्यास को बेहतरीन रचनाओं की सूची में शामिल करता है। काशीनाथ की यह रचना राजनीति और समाज की परिस्थितियों पर सीधे और तीखे तौर से तंज कसती है। कहानी को वास्तविक बातचीत और वार्तालाप की हथेली पर रखा गया है, और काशी की खड़ी बोली का प्रयोग कर खरापन और रोजमर्रा के जीवन का स्वाद दिया गया है। कहानी ‘राम मंदिर आंदोलन’ जैसे कई सामाजिक विषयों पर जोर देती है, तथा राजनेताओं की खिल्ली उड़ाने वाले वार्तालापों के इर्दगिर्द घूमती रहती है। ‘काशी का अस्सी’ आपको अपने साथ काशी के अस्सी घाट की सैर पर जरूर ले जाएगी और एक बार काशी के घाटों को अपनी नज़र से देखने को प्रेरित करेगी।

कामायनी (जयशंकर प्रसाद)

सन् 1936 में प्रकाशित हुई ‘कामायनी’ जयशंकर प्रसाद का अंतिम महाकाव्य है। कामायनी 14 सर्ग (अध्याय) में रचित महाकाव्य है जिसमें चिन्ता, आशा, श्रद्धा, काम, वासना, लज्जा, कर्म, ईर्ष्या, बुद्धि, स्वप्न, संघर्ष, त्याग, दर्शन, रहस्य और आनन्द सम्मिलित हैं। कामायनी मनोविज्ञान और दर्शनशास्त्र का अद्भुत मेल है, चिंता से शुरू होकर आंनद तक मनुष्य के विकास का अनोखा चित्रण प्रसाद जी के इस काव्यशास्त्र में देखते ही बनता है। भौतिक जगत की चिंता से आध्यात्मिक आनंद तक का सफर इस काव्यशास्त्र में क्रमिश रूपांतित किया गया है।

निर्मला (प्रेमचंद)

प्रेमचंद द्वारा लिखा गया एक और अत्यंत उत्कृष्ट उपन्यास। ‘निर्मला’ उस 14 वर्ष की बाल वधु की जीवनी पर आधारित है जिसका पति उससे उम्र से उसके पिता समान बड़ा है। ‘निर्मला’ की कहानी ग्रामीण और पूर्ण औद्योगिक भारतीय समाज की कठोर और काली हक़ीक़त से परिचित कराती है। प्रेमचंद के इस उपन्यास द्वारा उन्होंने दहेज प्रथा और अनमेल विवाह जैसी कुरीतियों को दर्शाया है तथा विरोध प्रकट किया है। प्रेमचंद की सभी रचनाओं ने भारतीय समाज की जो छवी प्रकट की है उसको झुठलाया नहीं जा सकता, साथ ही प्रेमचंद द्वारा लिखा हरेक उपन्यास, कहानी खुद में इतने भाव लिए फिरते हैं की एक और रचना पढ़ने में रूचि आप ही जाग जाती है। अगर अगला हिंदी उपन्यास पढ़ने की सोच रहे हैं तो ‘निर्मला’ को जरूर अपने संस्करण में जोड़े।

और पढ़ें: छोटा सा बदलाव ले जायेगा आपको फिटनेस की ओर

हिंदी भाषा निश्चित और निसन्देह एक बेहद खूबसरत भाषा है जिसमें रस और भाव के मधु की नदियां बहती हैं। आधुनिक जगत चाहे जितना आगे निकल जाए, लेकिन काव्य, उपन्यास और नाट्य हमेशा मुनष्य के दिलों के तारों से संगीत उपजता रहेगा, और हिंदी काव्यशास्त्र इसका एक बेहतरीन उदाहरण है।

अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com

Categories
लेटेस्ट

हिंदू ह्दय सम्राट अशोक सिंघल की याद में दिया गया वैदिक शिक्षा पुरस्कार

वैदिकों ने एक सुर में कहा, “वेद धर्म से ऊपर, ज्ञान का अनमोल खजाना”


भारतात्मा अशोक सिंघल वैदिक पुरस्कार समारोह समारोह के मुख्य अतिथि और पद्मभूषण पुरस्कार विजेता परमपूज्य स्वामी तेजोमयानंद जी ने कहा, वेदों से ही भारत की भारतीयता राष्ट्रीय स्तर पर वैदिक शिक्षा को बढ़ावा देने वाला पुरस्कार है, इस बार 1000 से ज्यादा  विद्यालयों ने चयन प्रक्रिया में भाग लिया।
सर्वश्रेष्ठ छात्र के रूप में तेलंगाना के रहने वाले श्री अजय जोशी का चुनाव किया गया,  शिक्षक दिवस पर सर्वश्रेष्ठ शिक्षक का पुरस्कार श्री गगन कुमार चटोपाध्याय जी को दिया गया , सर्वश्रेष्ठ वैदिक स्कूल के रूप में राजस्थान के भीलवाड़ा स्थित मुनिकुल ब्रह्मचर्य वेद संस्थान ,का चयन किया गया, पुरस्कार समारोह में विशिष्ट वेदार्पित जीवन पुरस्कार (वेदों के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार) आर  आर वेंकटरमन जी को दिया गया।
नई दिल्ली : विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष और हिंदुत्व के प्रखर पुरोधा अशोकजी सिंघल की याद में सिंघल फाउण्डेशन  की ओर से भारतात्मा अशोक सिंघल वैदिक पुरस्कार के तीसरे संस्करण का आयोजन गुरुवार, 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर लोधी एस्टेट स्थित चिन्मय मिशन ऑडिटोरियम में किया गया। पूर्व राष्ट्रपति, प्रख्यात शिक्षाविद और महान दार्शनिक सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्णन की जयंती शिक्षक दिवस पर हिंदू ह्दय सम्राट अशोक सिंघल की याद में वैदिक शिक्षा के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन करने वाले छात्र, शिक्षक और वैदिक स्कूल को सम्मानित किया गया और उन्हें लाखों के पुरस्कार भी प्रदान किए गए। गौरतलब है कि यूं तो वैदिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्रीय स्तर पर कई पुरस्कारों का गठन किया गया है, लेकिन यह राष्ट्रीय स्तर पर वेद की शिक्षा को बढ़ावा देने वाला  पुरस्कार है। इस वर्ष  यह पुरस्कार प्राप्त करने के लिए करीब 1000 वैदिक स्कूलों ने चयन प्रक्रिया में भाग लिया है और शार्टलिस्टिंग की कठोर प्रक्रिया से गुजरे हैं।  समारोह के मुख्य और सम्मानित अतिथि परम पूज्य स्वामी तेजोमयानंद जी ने कहा कि वेद को धर्म की नजर से नहीं देखा जाना चाहिए। यह धर्म से बहुत ऊपर है। वेदों से ही भारत की भारतीयता है। वेदों के अध्ययन से आत्मज्ञान,  ब्रह्माज्ञान  , जीवन ज्ञान और सर्व विज्ञान का अध्ययन हो जाता है। देश में वेद आधारित शिक्षा प्रणाली लागू होनी चाहिए। गौरतलब है कि आध्यात्मिकता के क्षेत्र में 2016 में स्वामी तेजोमयानंद को पद्मभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। भारतीय आध्यात्मिक नेता स्वामी चिन्मयानंद 1994 से 2017 तक चिन्मय मिशन के अध्यक्ष रह चुके हैं।
पद्मभूषण पुरस्कार विजेता स्वामी तेजोमयानंद जी ने कहा,” जैसे राम के लिए हमेशा लक्ष्मण जी रहा करते थे उसी प्रकार अशोक जी रामभूमि के लिए लक्ष्मण समान थे इसलिए यह पुरस्कार निः संदेह उचित है | वेद हमें हमारे जीवन का लक्ष्य भी बताते है , और उन्हें पाने का मार्ग भी बताते है , इसलिए हमें वेदों का ज्ञान प्राप्त करना चाहिये ”
वैदिक शिक्षा के प्रचार और प्रोत्साहन के लिए सिंघल फाउण्डेशन की ओर से “भारतात्मा अशोक सिंघल वैदिक पुरस्कार” के लिए सर्वश्रेष्ठ छात्र के रूप में तेलंगाना के रहने वाले श्री अजय जोशी का चुनाव किया गया, जिन्हें 3 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई | वे ऋग  वेद के विद्यार्थी है | शिक्षक दिवस पर सर्वश्रेष्ठ शिक्षक का पुरस्कार श्री गगन कुमार चटोपाध्याय जी को दिया गया जो कोलकत्ता के निवासी है , जिन्हें पुरस्कार राशि के तौर पर 5 लाख रुपये प्रदान किए गए। आचार्य श्री गगन कुमार चटोपाध्याय सामवेद  के विद्वान है |  सर्वश्रेष्ठ वैदिक स्कूल के रूप में राजस्थान के भीलवाड़ा स्थित मुनिकुल ब्रह्मचर्य वेद संस्थान ,का चयन किया गया, संस्थान को सिंघल फाउण्डेशन की ओर से सात लाख रुपये की राशि प्रदान की गई। ये  राजस्थान के छोटे से गांव  में 139 साल पहले की गई थी। समारोह में  स्वामी तेजोमयानंद  ने विजेताओं को पुरस्कारों का वितरण किया। पुरस्कार समारोह में विशिष्ट वेदार्पित जीवन पुरस्कार (वेदों के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार) आर  आर वेंकटरमन जी को दिया गया।
सिंघल फाउण्डेशन के ट्रस्टी सलिल सिंघल ने कहा, “श्रद्धेय अशोक जी सिंघल हिंदुत्व के अग्रणी जननायक थे। उन्हें वेदों के पठन-पाठन में गहरी रुचि थी। वह वेदों के संपूर्ण ज्ञाता थे। उनके प्रयास से देश में कई वैदिक विद्यालयों की स्थापना की गई। वेदों के प्रति उनके लगाव को देखते हुए फाउंडेशन ने उनकी याद में वैदिक पुरस्कार देने का फैसला किया।“
सिंघल फाउण्डेशन के एक अन्य ट्रस्टी संजय सिंघल ने बताया, “पुरस्कार समारोह के लिए उम्मीदवारों का चयन करने के लिए विशेष समिति का गठन किया गया था। इसके लिए देश के सभी वैदिक स्कूलों से तीनों श्रोणियों में अपनी प्रविष्टि भेजने के लिए कहा गया था। समारोह के आयोजन का मूल उद्देश्य भारत में वैदिक शिक्षा को प्रोत्साहित करना और इस काम में जुड़े लोगों की सराहना करना है। वैदिक शिक्षा के प्रचार प्रसार और वैदिक संस्थानों के उत्थान में सिंघल फाउण्डेशन की ओर से हर संभव सहयोग प्रदान किया जाता रहेगा।“

और पढ़ें: लता मंगेशकर की जिंदगी का सबसे बड़ा सच, जो किसी को नहीं मालूम

अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com

Categories
बिना श्रेणी

यह है कुछ बेहतरीन हेयरस्टाइल्स ,इन्हे अपना कर आप भी दिख सकती है पार्टी में अट्रैक्टिव

अपनाए हिरोइनों के ये 4 ट्रेंडी और क्लासी लुक्स


पूरी तरह से तैयार होने के बाद, किसी भी लड़की कि सबसे बड़ी समस्या होती है की वो बालो पर कौन सा स्टाइल रखे। अगर आप भी इसी दुविधा में  है तो आज हम आपको बताएँगे कि बॉलीवुड की कुछ खूबसूरत एक्ट्रेस के बालों के स्टाइल के बारे में जो आपको खूबसूरत दिखने में जरूर मदद करेगा। 

करीना कपूर

Kareena Kapoor


करीना कपूर का ये लुक लाइट-वेवी लुक शॉर्ट हेयर की लड़कियों के लिए बिल्कुल परफेक्ट है। इस लुक कि खास बात ये है की इस लुक को बनाने में आपको ज्यादा मेहनत भी नही करनी पड़ेगी और साथ ही ये लुक आपको खूबसूरत और अट्रैक्टिव बनाएगा। 

अनुष्का शर्मा 

Anushka Sharma


चाहे साड़ी हो या वेस्टर्न लुक अनुष्का का हेयर ‘बन’ स्टाइल दोनो ही लुक के लिऐ परफेक्ट है। चाहे फेस्टिव हो या कोई पार्टी खूबसूरत दिखने के लिए जरूर ट्राई करें ये हेयरस्टाइल  

माधुरी दीक्षित

Madhuri Dixit

माधुरी हमेशा से ही स्टाइल आइकॉन मानी जाती है। हमेशा अपनी साड़ी और हेयरस्टाइल को लेकर सुर्खियां बटोरती है तो अगर आप भी माधुरी का यह लुक पाना चाहते है तो जरूर ट्राई करे यह पारंपरिक स्टाइल। 

शिल्पा शेट्टी

Shilpa Shetty

अब क्लासी दिखने कि बात है तो ऐसे में शिल्पा शेट्टी को कैसे भूल सकते है। स्टाइलिश साड़ी के साथ ट्रेडिशनल जूड़ा बहुत ही अट्रैक्टिव लगता है। अगर आप सोचती हैं कि नेट की साड़ी पर जूड़ा कैसा लगेगा तो शिल्पा का ये लुक आप जरूर कॉपी कर सकती है।

और पढ़ें: लता मंगेशकर की जिंदगी का सबसे बड़ा सच, जो किसी को नहीं मालूम