ईपीएफ वापसी पर दोबारा गरमाई सियासत, मोदी सरकार ने टैक्स प्रस्ताव को लिया वापिस


कुछ ही समय पहले मोदी सरकार ने ईपीएफ पर टैक्स लगाने की मुहिम जारी की थी परंतु विपक्ष दल के द्वारा इसका विरोध प्रदर्शन होने पर मोदी सरकार ने टैक्स प्रस्ताव को वापिस ले लिया है। लोकसभा में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने यह बयान दिया कि ईपीएफ निकासी पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।

वर्ष 2016-2017 के बजट प्रस्ताव में 1 अप्रैल 2016 को यह निर्देश पारित किया जाना था कि इम्प्लॉई प्रॉविडेंट फंड के 60 फीसदी हिस्से पर टैक्स लगाया जाएगा, लेकिन अब इस मुहिम को वापिस ले लिया गया है। इस प्रस्ताव का विभिन्न कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। शायद हम ये कह सकते है की कहीं ना कहीं उस विरोध प्रदर्शन का नतीजा यह निकला है।

arunjaitley

हालांकि अरुण जेटली ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय पेंशन योजना से जुड़े लोगों को राशि निकालते समय 40 प्रतिशत की छूट बनी रहेगी ।

पहले बजट में यह प्रस्ताव रखा था की “इपीएफ़ की 40 प्रतिशत राशि निकालना कर मुक्त होगा और शेष राशि भी इसी श्रेणी में आएगी अगर उसे पेंशन योजना में निवेश किया जाता है।”

सरकार के टैक्स वापसी के नतीजे पर राजनीतिक माहौल गरमाना शुरू हो गया है। टैक्स वापसी पर विरोधी नेता राहुल गाँधी ने ट्वीट करके अपनी पीठ थपथपाते हुए लिखा है कि “आखिरकार सरकार पर बनाया गया दबाव काम आ ही गया।” राहुल का कहना है कि वह मोदी सरकार के इस फैसले से खुश है क्योंकि अगर इपीएफ पर टैक्स वसूला जाता तो यह निम्न वर्ग के लोगों के लिए परेशानी की बात होगी।

कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने भी सरकार के इस बयान पर कहा कि यह प्रस्ताव वापिस लिया जाए। सरकार ने अच्छा कदम उठाया है।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि ‘इपीएफ़ पर टैक्स प्रस्ताव को वापस लेना आम लोगों की जीत है। मैं खुश हूँ कि उनकी पार्टी ने यह मुद्दा सबसे पहले उठाया।’

Have a news story, an interesting write-up or simply a suggestion? Write to us at
info@oneworldnews.in
Story By : AvatarEditorial Staff
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments
%d bloggers like this: