सरकार भी मानती है इस जगह में हैं पारलौकिक शक्ति वास

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horror place

कई सारी दुर्घटनाओं ने बना दिया इस जगह को भूतिया


भारत में और दुनिया में कई सारी  भी मौजूद हैं जहाँ कोई न कोई ऐसी दुर्घटना हुई है जिसके कारण उस जगह को मनहूस मन जाने लगा.बचपन से ही हमने लोगों से भूत प्रेत की कहानियां जरूर सुनी है जहाँ लोगो ने वास्तविकता में परलौकिक शक्तियों को महसूस  किया है. इनमे से एक है राजस्थान का भानगढ़ किला.ये किला  एशिया की सबसे डरावनी जगह मानी जाता है.लगातार होती अनहोनियों के कारण इसे  सरकार द्वारा भी भूतिया घोषित किया जा चूका है.

क्या है भानगढ़ किले  की कहानी

कहा जाता है की इस किले में  रानी रत्नावती रहा करती थी,जो रूप से रंग से काफी खूबसूरत थी रानी की खूबसूरती से मोहित हो कर   व्यक्ति की कुदृष्टि रानी पर थी ,कहानी की अनुसार सिंधु देवड़ा महल के पास तंत्र मंत्र व जादू टोना किया करता था. एक दिन उसने भानगढ़ के बाजार में  देखा की रानी की दासी रानी के लिए इत्र खरीद रही है.सिन्दु देवड़ा ने उस इत्र को अपने तंत्र से ऐसा मंत्रमुग्ध किया की जो भी उसे लगाए वो तांत्रिक की और  खींचा चले आये.

रानी रत्नावती ने बचाव में क्या किया

इत्र देखते ही अपनी तेज़ दृष्टि के कारण रानी समझ गयी की सिंधु देवड़ा ने इसमें काला जादू किया है. रानी ने अपनी दासी से इत्र को फेकने का कहा.दासी ने इत्र को एक चट्टान में तोड़ दिया. मंत्र इतने तेज़ थे की चट्टान सिंधु देवड़ा की और तेज़ी से उड़ कर जाने लगा. चट्टान करीब आते देख तांत्रिक को लगा की रानी इस चट्टान में बैठ कर उसकी और आ रहीं हैं.वास्तविकता से परे  तांत्रिक ने रानी को अपनी छाती पर उतारने का हुक्म किया.मगर जैसे  करीब आया तांत्रिक समझ गया की उसके साथ छल हुआ है. मरने से पहले सिंधु देवड़ा ने श्राप दिया की ये नगर कभी नहीं बस पायेगा और यहाँ रहने वाला हर व्यक्ति मर जायेगा और इसी के साथ वह चट्टान के निचे दब कर मर गया.

श्राप से भानगढ़ हो गया वीरान

रानी ने पुरे भानगढ़ को जल्द से जल्द खाली करवा दिया ,और बचे हुए लोग धीरे धीरे मरने लगे. देखते ही देखते भानगढ़ एक वीराने में तब्दील हो गया.कहा जाता है की हर सूर्यास्त के बाद सिंधु देवड़ा की आत्मा यहाँ भटकती है और श्राप के कारण अब तक यहाँ जो भी सूर्यास्त के बाद गया वो वापस नहीं आया.

भारत सरकार की सख्त चेतावनी

भानगढ़ किले की चारो तरफ भारत सरकार की तरफ से चेतावनी के लिए बोर्ड लगाए गए हैं की यहाँ सूर्योदय के पहले और सूर्यास्त के बाद प्रवेश लेना वर्जित है.उल्लंघन करने  कार्यवाही के प्रावधान है

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